सोमवार, 27 मार्च 2017

बेटी बचाओ, पुण्य के साथ ‘लक्ष्मी’ भी पाओ
-आशाओं को दी मुखबिर योजना की जानकारी, करेंगी आमजन को जागरूक
श्रीगंगानगर। नवरात्रा पर्व शुभारंभ की पूर्व संध्या पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ अभियान को और आगे बढ़ाते हुए अब आशा सहयोगिनियों को प्रशिक्षित देने का निर्णय लिया है ताकि वे बतौर मुखबिर कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने में अपनी भूमिका अदा कर सकें। सोमवार को जिला स्वास्थ्य भवन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने आशाओं को मुखबिर योजना की जानकारी दी। उन्होंने आशाओं को प्रेरित किया कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे कुकर्मियों पर नजर रखें जो भू्रण लिंग जांच का दावा करते हैं या जो कन्या भू्रण हत्या में लिप्त हैं। आशाओं ने भी एकजुट होकर कहा कि वे बेटियां होने के नाते, बेटियों को बचाने में अपनी भूमिका निभाएंगी।
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि कोई भी आशा सहयोगिनी या अन्य व्यक्ति विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर इस संबंध में सूचना दे सकता है। विभाग की ओर से सूचना की पुष्टि होने और कार्रवाई के बाद अलग-अलग किस्तों में अब तक दो लाख रूपए दिए जा रहे हैं। वहीं इस एक अपे्रल से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीकरण सराफ ने बेटियों को बचाने के लिए मुखबिर योजना की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब अढाई लाख रूपए मुखबिर योजना के तहत मिलेंगे। जिसमें एक लाख रूपए मुखबिर को, एक लाख रूपए गर्भवती महिला और पचास हजार रूपए सहयोगी महिला को मिलेंगे। डॉ. बंसल ने कहा कि बेटियां बचाना पुण्य का कार्य है, इसलिए पुण्य भी कमाओ और मुखबिर योजना का लाभ उठाते हुए ढाई लाख रूपए भी पाओ। निश्चित ही यदि समाज का हर तबका बेटी बचाओ अभियान में अपनी भूमिका निर्वहन करे तो वो दिन दूर नहीं जब बिगड़ा लिंगानुपात समान होगा और बेटियां सुरक्षित होंगी। कार्यक्रम के दौरान पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएसी रायसिंह सहारण, डीपीएम विपुल गोयल, अमनदीप सिंह, हेमंत शर्मा आदि मौजूद रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें