मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

शुरू हुए फिजियोथेरेपी शिविर, तीन दिन चलेंगे
-जिला अस्पताल सहित 14 सीएचसी पर चलेंगे परामर्श शिविर, पहले दिन 2608  हुए लाभान्वित
श्रीगंगानगर। जिले में पहली बार लग रहे विशाल फिजियोथेरेपी शिविरों का मंगलवार को जिला अस्पताल से शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही विभाग के दस चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित चार अन्य सीएचसी पर भी ये शिविर प्रारंभ हुए। पहले दिन इन शिविरों में 2608 लोग इलाज व परामर्श के जरिए लाभान्वित हुए। शिविर बुधवार व गुरूवार को भी आयोजित होंगे, जहां आमजन प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट के जरिए लाभान्वित हो सकते हैं। जिला अस्पताल में बतौर मुख्य अतिथि यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल ने शिविर की शुरुआत की। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डीसी डॉ. प्रेम बजाज, एनसीडी अनुभाग के डॉ. सोनिया चुग व अर्श बराड़, समाजसेवी तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा एवं विजय जिंदल आदि मौजूद रहे। जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट पूजा मिश्रा सचदेवा, गुरनाम सिंह व लवप्रीत कौर सेवाएं दे रहे हैं। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि शिविर जिला अस्पताल के साथ ही सादुलशहर, केसरीसिंहपुर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, श्रीविजयनगर व सूरतगढ़ सीएचसी में शिविर लग रहे हैं। इसी तरह शिवपुर, चूनावढ़, रिड़लसर व समेजा कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी शिविर लग रहे हैं, जहां निजी फिजियोथेरेपिस्ट नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. बंसल ने बताया कि 25 से 27 अप्रेल तक लगने वाले इन शिविरों में असंक्रामक बीमारियों जैसे कि डायबिटीज, हृदय रोग, पक्षाघात एवं तनाव से होने वाली जटिलताओं में कमी लाने के लिए परामर्श, गर्दन, कमर, जोड़ों, कोहनी, घुटनों, ऐडी, मांसपेशियों व पुरानी चोट का दर्द, रीढ़ की हड्डी के छल्लों का खिसकने का उपचार, फे्रक्टचर के बाद जोड़ों की जकडऩ, गठिया बाव, अस्थि रोगों के ऑपरेशन के बाद के विकार, कंधे का जाम होना, मुंह का टेढ़ापन, रिंगण बाव, सुन्नपन्न, बच्चों का समय पर विकास न होना, वृद्धावस्था की बीमारियां, पार्किसोनिज्म एवं चिकनगुनिया के बाद जोड़ों में दर्द आदि से संबंधित जागरुकता, परामर्श व चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। 
चौदह शिविरों में पहुंचे 2608
एनसीडी अनुभाग के अर्श बराड़ ने बताया कि जिला अस्पताल में 310, सूरतगढ़ में 257, पदमपुर में 352, सादुलशहर में 359, केसरीसिंहपुर में 88, श्रीकरणपुर में 125, गजसिंहपुर में 231, रायसिंहनगर में 226, अनूपगढ़ में 89, घड़साना में 205, श्रीविजयनगर में 220, समेजा कोठी में 50, चूनावढ़ में 39, रिड़मलसर में 28 व शिवपुर 29 लोगों ने इन शिविरों का लाभ लिया। इस तरह पहले दिन 2608 इन शिविरों के जरिए लाभान्वित हुए।  
अव्यवस्थित दिनचर्या ने दिया दर्द
जिला अस्पताल में शिविर में लाभ लेने के लिए अनेक बुजुर्ग नजर आए, लेकिन हैरत की बात ये भी रही कि कई युवा भी अपना ‘दर्द’ लेकर पहुंचे। वे दवाओं का साइडइफेक्ट जानते हैं, इसलिए दवाओं से परहेज करना चाहते हैं लेकिन उनके दर्द की जो दास्तां है वो कमोबेश हर युवा की समस्या है। असल में, अव्यवस्थित दिनचर्या सबको दर्द दे रही है। घण्टों एक पॉजिशन में बैठना, बिना खान-पान के काम करना, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रोनिक संसाधनों से लंबे अर्से तक जुड़े रहना आदि हर युवा से जुड़ी दिनचर्या है। यही वजह है कि बुजुर्गों के साथ ही अब युवा भी अनचाहे दर्द की चपेट में आ रहे हैं। इस दर्द से निजात दिलाने में फिजियोथेरेपी कारगर साबित हो रही है और राज्य सरकार ने भी इसी के मद्देनजर शिविर लगाकर आमजन को जागरूक करने का निर्णय लिया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आमजन शिविरों में अवश्य आएं, लेकिन वे सामान्य दिनों में भी जिला अस्पताल सहित चयनित दस सीएचसी पर कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेते रहें। 

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