मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

‘‘असंक्रामक रोगों की उपचार सेवाओं में गंभीरता बरतें’’
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय कैंसर, डायबीटीज, कार्डियोवेसक्लूयर एवं हृदयघात जैसी असंक्रामक बीमारियों के उपचार के प्रति विशेष गंभीरता बरतने और समय पर रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने संबंधित जिला प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इन बीमारियों की पहचान के लिए आयोजित किए जा रहे शिविरों में पॉजीटिव चिन्ह्ति मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा गया है ताकि आमजन को कोई परेशानी न हो। ये निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित एनपीसीडीसीएस की समीक्षा बैठक में दिए गए। जिलास्तर से डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला व डॉक्टर सुनील बिश्रोई ने भाग लिया। 
श्रीमती गुप्ता ने गैर-संचारी रोगों के लिए आयोजित शिविरों में स्क्रिन किये गये व रेफर रोगियों का समुचित फालोअप करने एवं पॉजीटिव रोगियों को उपयुक्त परामर्श सेवाएं देकर उपचार से लाभान्वित करना सुनिष्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित शहरी घनी बस्तियों में एनयूएचएम के आउटरीच कैम्पों में भी एनसीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जिलास्तर पर संचालित एनसीडी क्लिनिक पर आने वाले प्रत्येक मरीज की डायबीटिज एवं ब्लड प्रेषर जैसी आवष्यक जांचें करने एवं ग्लोकोस्टिक, ग्लूकोमीटर व लेनसेट इत्यादि सामग्री की यथासमय डिमाण्ड भिजवाने के निर्देश भी दिए गए।

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