गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

बीएसबीवाई में कम प्रगति और अनुपस्थित रहने पर दो चिकित्सकों को चार्जशीट
-हर मातृ एवं शिशु को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के जिला कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश 
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की महत्ती भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रति लापरवाही दो चिकित्सकों पर भारी पड़ी। कम प्रगति के चलते और बैठक में अनुपस्थित होने के कारण जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने केसरीसिंहपुर एवं राजियासर सीएचसी प्रभारी को चार्जशीट देने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि राज्य सरकार की किसी भी योजना के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कम प्रगति वाले अन्य स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को भी नोटिस देने के निर्देश दिए। वे गुरूवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलेभर के राजकीय चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों से मुखातिब हो रहे थे। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज, डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, सी
ओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, डीएनओ कमल गुप्ता व डीएसी रायसिंह सहारण आदि मौजूद रहे।
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि हर शिशु एवं माँ को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए और इस मामले में कभी कोई शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली जांच एवं टीकाकरण से कोई वंचित नहीं रहना चाहिए। वहीं प्रयास हो कि शत-प्रतिशत डिलीवरी चिकित्सा संस्थाओं पर ही हो ताकि शिशु एवं मातृ मृत्यु पर अंकुश लग सके। जिला कलेक्टर ने सभी बीसीएमओ सहित अन्य अधिकारियों को पाबंद किया कि वे मुखबिर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाएं और स्थानीय लोगों के सहयोग से इसकी जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं। वर्तमान में राज्य सरकार मुखबिर योजना के तहत अढाई लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। कुछ राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आरएमआरएस की नियमित बैठक नहीं होने की जानकारी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया कि नियमित बैठक करवाएं और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग प्राप्त नहीं होने पर अवगत करवाएं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि हर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास योजना के तहत लाभ लेने वालों की सूची होनी चाहिए। इसके अलावा उन्हेें योजना की पूरी जानकारी एवं अधिकृत हॉस्पीटलों की जानकारी भी होनी चाहिए। बैठक में भीषण गर्मी पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि इस संबंध में हर संस्थान में पूरी तैयारी होनी चाहिए और किसी भी तरह से अनहोनी नहीं हो। इस संबंध में किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तुरंत टीम मौके पर पहुंचे और केंद्र पर भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था हो। 
निजी चिकित्सकों की सराहना
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से जुडऩे वाले निजी चिकित्सकों की जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने सराहना की। उन्होंने कहा कि जनसेवा करने में कोई सरकारी या निजी नहीं होता, मौका मिलने पर हर चिकित्सक का दायित्व बनता है कि वह जनसेवा अवश्य करे। बैठक में ही एक निजी चिकित्सक ज्योति बंसल ने स्वेच्छा से श्रीकरणपुर खण्ड में सेवाएं देने के लिए सहमती दी, जिस पर जिला कलेक्टर ने उनकी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि हर माह नौ तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सरकारी सहित 13 निजी चिकित्सक भी जुड़े हैं।

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