मासूमों की आंखों के लिए चार दिन लगाए शिविर
-आरबीएसके के तहत चलाया मिशन आंखें, २४४ बच्चों की हुई जांच, ९१ की आंखें कमजोर, पांच को कालामोतीया


जांच आंखों की, मिली गंभीर बीमारी
बच्चों को विभिन्न बीमारियों से राहत दिलाने में आरबीएसके टीमें अन्य अधिकारियों व कार्मिकों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हो रही हैं। अथक व लगन से जुटे ये लोग लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में डॉ. मोनिका भूटिया, डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. योगेश कालड़ा, डॉ. योगेंद्र, फार्मासिस्ट केसर भाटी व ममता, एएनएम सोभना दूबे एवं आयुष कपांउडर अनिल शर्मा शामिल हैं। इसी तरह अन्य ब्लॉकों की टीमें भी लगातार बेहतरीन कार्य करने में जुटी हैं, जिनकी प्रशंसा राज्यस्तर पर भी हो रही है।
-आरबीएसके के तहत चलाया मिशन आंखें, २४४ बच्चों की हुई जांच, ९१ की आंखें कमजोर, पांच को कालामोतीया

श्रीगंगानगर। मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए मिशन रूप में चलाया जा रहा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम नित-नए सकारात्मक नतीजे दे रहा है। इस बार मासूमों की आंखों के लिए मिशन आंखें चलाया गया जिसमें दो ब्लॉक के बच्चों के लिए चार दिन विशेष शिविर लगाए गए। जहां न केवल बच्चों की आंखें जांची गई बल्कि उन्हें चश्मे भी दिए जा रहे हैं और आवश्यकतानुसार ऑपरेशन भी करवाए जाएंगे। विगत दस मई से शुरू हुए शिविर शनिवार को संपन्न हुए। इन शिविरों में 244 बच्चों की जांच की गई, जिनमें 91 को चश्में लगेंगे, 24 को उच्च संस्थान में रैफर, 10 को भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्थानीय हॉस्पीटलों में ऑपरेशन और शेष को नि:शुल्क दवा के जरिए उपचारित किया गया।

आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि आरबीएसके के तहत जिलास्तर पर नवाचार करते हुए बच्चों के लिए मिशन आंखें चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लगातार सभी ब्लॉकों में शिविर लगाए जा रहे हैं और इसी कड़ी में श्रीगंगानगर व सादुलशहर ब्लॉक के बच्चों के लिए जिला मुख्यालय पर चार दिवसीय शिविर लगाए गए। डॉक्टर भारत भूषण ने बताया कि पहले दिन 101 बच्चों की नि:शुल्क जांच, की गई। जिनमें से 37 बच्चों को चश्में दिए जाएंगे। वहीं चार बच्चों को रैफर व दो को बीएसबीवाई के तहत चिन्हित किया गया। दूसरे दिन श्रीगंगानगर ए टीम ने 37 बच्चों की जांच, 12 के चश्मे, चार को रैफर व तीन को बीएसबीवाई का लाभ दिलवाया। इसी तरह तीसरे दिन श्रीगंगानगर टीम बी ने 46 की जांच, 13 को चश्मे, 11 को रैफर व तीन को बीएसबीवाई के जरिए लाभान्वित करवाया। आखिरी दिन शनिवार को सादुलशहर ए टीम ने 61 बच्चों की जांच करवाई, जिनमें 29 बच्चों को चश्मे दिए जाएंगे और पांच को रैफर किया जाएगा, जबकि दो को भामााशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। बच्चों की जांच बहल हॉस्पीटल में डॉक्टर पल्लवी सहारण ने की। इन चार दिनों में पांच बच्चे ग्लूकोमा (कालामोतीया) से पीडि़त मिले। सभी की आगामी जांच करवा उपचार करवाया जाएगा।
जांच आंखों की, मिली गंभीर बीमारी
इसे अच्छी कहें या बूरी खबर कि शिविर के दौरान एक मासूम बालिका के गंभीर बीमारी मिली। बूरी इस लिहाज से की इस छोटी उम्र में वह गंभीर बीमारी से पीडि़त है और अच्छी ऐसे कि शिविर में समय से उसकी बीमारी पता चली, जिसका अब नि:शुल्क इलाज भी सरकार करवाएगी। यानी मासूम को राहत मिलेगी और वो सामान्य जीवन जी सकेगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि शिविर में बबीता पुत्री कृष्णलाल को सादुलशहर टीम के डॉ. योगेंद्र ने चिन्हित किया। बालिका की आंखों में गंभीर भेेंगापन की समस्या थी। शनिवार को गहनता से जंाच के दौरान सामने आया कि बच्ची हाईड्रोसिफेलस बीमारी से भी पीडि़त है। डॉ. भारत भूषण के मुताबिक इस बीमारी से बच्चे के सिर में पानी भर जाता है, जिससे सिर सामान्य से बड़ा होने लगता है। यह ऑपरेशन के जरिए ही ठीक हो पाता है, लिहाजा बबीता को उच्च चिकित्सा संस्थान में रैफर कर नि:शुल्क इलाज करवाया जाएगा। बबीता भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभार्थी की श्रेणी में आती है, ऐसे में उसका स्थानीय हॉस्पीटल में भी उपचार का प्रयास किया जाएगा। वहीं उसकी आंखों का इलाज भी आरबीएसके के तहत नि:शुल्क करवाया जाएगा।
टीमें बनी प्रेरणास्रेातबच्चों को विभिन्न बीमारियों से राहत दिलाने में आरबीएसके टीमें अन्य अधिकारियों व कार्मिकों के लिए प्रेरणास्रोत साबित हो रही हैं। अथक व लगन से जुटे ये लोग लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में डॉ. मोनिका भूटिया, डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. योगेश कालड़ा, डॉ. योगेंद्र, फार्मासिस्ट केसर भाटी व ममता, एएनएम सोभना दूबे एवं आयुष कपांउडर अनिल शर्मा शामिल हैं। इसी तरह अन्य ब्लॉकों की टीमें भी लगातार बेहतरीन कार्य करने में जुटी हैं, जिनकी प्रशंसा राज्यस्तर पर भी हो रही है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें