शनिवार, 27 मई 2017

राजश्री योजना के लिए भामाशाह कार्ड जरूरी, दूसरी किश्त एक जून से
-अब तक दस हजार से अधिक बेटियां लाभान्वित, योजना के तहत मिलेंगे 50 हजार रुपए
श्रीगंगानगर। बेटियों के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई राजश्री योजना एक जून 2017 को दूसरे वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। इसके साथ जिन बेटियों का टीकाकरण पूर्ण हो गया उन्हें दूसरी किश्त मिल सकेगी। वहीं राज्य सरकार ने किश्त का भुगतान ऑनलाइन कर इसे बेहद सुगम बना दिया है। साथ ही दस्तावेजी झंझट खत्म करते हुए योजना को भामाशाह कार्ड से जोड़ा गया है, इस कारण अब केवल भामाशाह कार्ड के जरिए ही योजना का लाभ दिया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में अब तक दस हजार छह सौ 20 बालिकाओं को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिन महिलाओं को जून 2016 में योजना की पहली किश्त मिली वे टीकाकरण कार्ड आदि लेकर दूसरी किश्त का लाभ अवश्य उठाएं ताकि उन्हें आगामी किश्त मिल सके।  

 सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीकाकरण कार्ड, बैंक खाता नंबर, भामाशाह कार्ड व स्थाई मोबाइल नंबर सहित अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दूसरी किश्त के लिए आवेदन करें ताकि निर्धारित समय पर ऑनलाइन भुगतान हो सके। इस संबंध में किसी भी तरह की समस्या आने पर जिलास्तर पर डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता से संपर्क (7597823003) किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बेटी जन्म को प्रोत्साहन देने वाली मुख्यमंत्री राजश्री योजना विगत एक जून 2016 को प्रारंभ हुई थी। जिसके तहत 12वीं उत्तीर्ण होने तक विभिन्न किश्तों में पच्चास हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भुगतान वर्तमान में ऑनलाइन ओजस सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है, जिसकी मोनिटरिंग स्वयं मिशन निदेशक नवीन जैन कर रहे हैं। योजना के तहत एक जून या उसके बाद जन्म लेने वाली बालिकाएं लाभ की पात्र हैं और योजना का लाभ केवल राजस्थान मूल की प्रसूताओं को दिया जा रहा है। बिश्रोई ने बताया कि राजकीय अथवा अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थान में जन्म लेने वाली बालिकाओं को जन्म पर 2500 रुपए और उसकी प्रथम वर्षगांठ पर पूर्ण टीकाकरण होने के बाद 2500 रुपए दिए जाते हैं। इसके बाद राजकीय विद्यालय में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने पर चार हजार रुपए, राजकीय विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश लेने पर पांच हजार रुपए और 10 में प्रवेश लेने पर 11 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को 25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। अब योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही का भामाशाह कार्ड होना अनिवार्य है। गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच के दौरान भामाशाह कार्ड व भामाशाह कार्ड से जुड़ा बैंक खाते का विवरण निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर एएनएम, आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा राजकीय चिकित्सा संस्थान में जमा करवाएं। जिन लाभार्थी महिलाओं ने भामाशाह नामांकन नहीं करवाया है वे अपने निकटतम ई-मित्र केंद्र से भामाशाह कार्ड बनवाकर विवरण चिकित्सालय में उपलब्ध करवाएं। 


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