गुरुवार, 25 मई 2017

‘‘एक खामी पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकती है’’
-जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में एडीएम और सीएमएचओ ने दिए सख्त निर्देश, जल्द होगा पूरे जिले का निरीक्षण 
श्रीगंगानगर। आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने और चिकित्सा व्यवस्था में किसी तरह की कोई कमी न रहे इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी जल्द ही पूरे जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। यह निर्णय गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में लिया गया। सीएमएचओ डॉक्टर नरेश बंसल ने सभी बीसीएमओ एवं अन्य प्रभारियों को भी निर्देशित किया कि वे भी अपने अधीन आने वाले चिकित्सा संस्थाओं का निरीक्षण कर वहां संपूर्ण व्यवस्था की जांच करें। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की एक खामी पूरी व्यवस्था, पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर सकती है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने जालौर जिले के नियमित निरीक्षण के दौरान बड़े स्तर पर खामियां व अव्यवस्थाएं पकड़ी थी, जिसे लेकर न केवल संबंधित कार्मिकों व चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है बल्कि आपराधिक मुकदमें भी दर्ज किए जाएंगे। जालौर में मिली खामियों के बाद बुधवार को मिशन निदेशक श्री जैन ने वीडियो कॉन्फें्रसिंग के जरिए इन अव्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की थी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी लापरवाही किसी जिले में मिली तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि प्रभारी खुद स्वास्थ्य केंद्र की मोनिटरिंग करें, ऐसा न हो कि केंद्र किसी कार्मिक के भरोसे ही चल रहा हो। उन्होंने एमएमयू व एमएमवी का निरीक्षण करने के लिए बीपीएम और बीसीएमओ को पाबंद करते हुए कहा कि यदि वहां कोई खामी मिली तो जिम्मेदारी आपकी होगी। साथ ही संबंधित ग्रामीणों को एक सप्ताह पहले शिविर की जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित करें। परिवार कल्याण कार्यक्रम के पिछडऩे पर चिंता जाहिर करते हुए एडीएम व सीएमएचओ ने कहा कि पहले जहां जिला पहले व दूसरे स्थान पर रहता था अब लगातार पिछड़ रहा है, जो सही नहीं है। इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है ताकि जिला फिर से अव्वल आ सके। बैठक में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस की सराहना हुई। वहीं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर चर्चा करते हुए एडीएम बारहठ ने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार की बदौलत आमजन योजना से लाभान्वित हो रहा है और वह संस्थानों पर लाभ लेने के लिए लगातार पहुंच रहा है। लेकिन मार्गदर्शक व अन्य स्टाफ की भूमिका व उपलब्धता प्रभारी अधिकारी सुनिश्चित करें ताकि राज्य सरकार की इस अतिमहत्वाकांक्षी योजना का शत-प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ मिल सके। पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने कहा कि जिला अस्पताल में रैफर केस ज्यादा आते हैं इसलिए गुरुवार से ही व्यवस्था की है हर रैफर केस की जानकारी हासिल करते हुए यह देखा जाएगा कि आखिर क्यों व किस आधार पर रैफर किया गया। एम्बुलेंस सेवा 108 व 104 में खामियों को लेकर चिकित्सकों ने कंपनी के प्रति गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों की व्यवस्था सुचारू नहीं है, जबकि आपातकाल सेवा 24 घण्टे उपलब्ध होनी चाहिए। इस पर एडीएम ने कंपनी प्रतिनिधि को हिदायत देते हुए एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। आशा भर्ती को लेकर एडीएम ने निर्देशित किया कि आगामी ग्राम सभाओं में वंचित पदों पर आशा सहयोगिनियों की भर्ती करें। डिकॉय पर चर्चा करते हुए सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कहा कि पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व आईईसी प्रभारी विनोद बिश्रोई की बदौलत जिले में लगातार छह डिकॉय हो चुके हैं जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। दोनों प्रभारियों की राज्यस्तर पर मिशन निदेशक नवीन जैन सहित अन्य अधिकारी सराहना कर चुके हैं। यही नहीं पंजाब में हुए डिकॉय के बाद वहां की टीम भी सक्रिय हुई है तो पंजाब में भी लगातार डिकॉय हो रहे हैं। डॉ. बंसल ने कहा कि आगामी दिनों में भी कार्रवाई जारी रहेगी। एडीएम नख्तदान बारहठ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह आदि मौजूद रहे। 
पूरे स्टाफ का होगा तबादला
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने आगामी दिनों में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से सुधार कर आमजन को हर संभव राहत देने के आदेश दिए हैं। वहीं लापरवाही अधिकारियों व कार्मिकों पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में हर जिले से पांच सबसे कमजोर पीएचसी की सूची मांगी है, जिस पर राज्य स्तरीय कार्रवाई होगी और संभवत: पूरे स्टाफ का तबादला किया जाएगा। डॉ. बंसल ने बताया कि जिले से पांच की बजाए दस पीएचसी की सूची राज्यस्तर पर भिजवाई गई है ताकि तुलनात्मक निर्णय के बाद लापरवाह अधिकारियों व कार्मिकों पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि इसी तरह जिलास्तर पर भी समीक्षा की जाएगी। 

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