रविवार, 23 जुलाई 2017

स्टूडेंट्स बनेेंगे स्वास्थ्य योजनाओं के सारथी
-एनएचएम और आरबीएसके टीम चलाएगी जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य विभाग का नवाचार 
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य विभाग आमजन को जागरूक करने के लिए एक और नवाचार करने जा रहा है। जागरूकता की इस मुहिम के तहत विभाग की एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) एवं आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीमें स्कूलों में जाकर स्टूडेंट्स को योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगी ताकि वे अपने परिजनों व अन्य लोगों को जागरूक कर सके, यानी स्टूडेंट्स विभाग के स्वास्थ्य संचारक बनेंगे। इस संबंध में एनएचएम एवं आरबीएसके टीम प्रभारियों ने बैठक कर इसी माह सभी टीम सदस्यों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल एवं आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा जिलास्तरीय मोनिटरिंग करेंगे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनेक महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी योजनाएं आमजन के लिए चलाई जा रही है, जिनके बारे में हर नागरिक को जागरूक होना जरूरी है। हालांकि स्वास्थ्य केंद्रों, मीडिया, जागरूकता कार्यक्रमों व आशा सहयोगिनियों के जरिए विभाग लगातार जागरूकता पैदा कर रहा है लेकिन अब स्टूडेंट्स को स्वास्थ्य संचारक बनाकर आमजन को और अधिक जागरूक करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में आरबीएसके की 16 टीमें लगातार स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर स्टूडेंट्स का स्वास्थ्य जांच रही है और अब पहली बार जिले में नवाचार करते हुए जागरूकता पैदा करने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एनएचएम के डीपीएम विपुल गोयल, डीएसी रायसिंह सहारण, डीएनओ कमल गुप्ता, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह सहित आरबीएसके टीम के डॉ. पवन शर्मा व डॉ. शैलेंद्र नेहरा अभियान का जिलास्तर से नेतृत्व करेंगे। वहीं टीम के अन्य सदस्य ब्लॉकस्तर से अपनी टीमों को नेतृत्व कर अभियान को सफल बनाएंगे और बीपीएम आवश्यक सहयोग करेंगे। डॉ. बंसल ने बताया कि विभाग की कई योजनाएं सीधे तौर पर स्टूडेंट्स से जुड़ी हैं, जिनमें डिवार्मिंग डे, विप्स (विकली आयरन फॉलिक एसिड स्पलीमेंटेशन), निपी, बालिका संबल योजना आदि शामिल है। जबकि अन्य योजनाएं भी उनसे एवं उनके परिवार जनों से जुड़ी है जिनके बारे में उन्हें जागरूकता होना बेहद जरूरी है मसलन, पोलियो अभियान,  आईडीसीएफ (गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा), राजश्री योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मोबाइल रिचार्ज योजना, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, मिशन इदं्रधनुष, टीकाकरण, मुखबिर योजना, एमसीएचएन डे, डायल एन एम्बुलेंस, आरबीएसके आदि। निश्चित ही यह नवाचार जिले में जागरूकता पैदा करने में कारगर साबित होगा और स्टूडेंट्स स्वास्थ्य योजनाओं के सारथी बनेंगे। 

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