विश्व स्तनपान सप्ताह का आगाज
-जिलास्तर से लेकर खण्डस्तर पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। 01-08-2017-हर वर्ष की भांति एक अगस्त से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों पर मनाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी बीसीएमओ को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सप्ताह के दौरान जिला अस्पताल में भी कार्यक्रम आयोजित कर गर्भवती एवं प्रसूताओं को स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि मां का दूध अमृत समान है, यह जानते हुए भी जन्म के बाद पहले एक घण्टे में माताएं पहला गाढ़ा पीला दूध पिलाती में परहेज किया जाता है। राजस्थान में मात्र 28.4 प्रतिशत माताएं ही पहले एक घण्टे में स्तनपान कराती है, जबकि यह दूध बच्चे के लिए बेहद फायदेमंद होता है। वहीं प्रथम छह माह के केवल स्तनपान करवाना जरूरी है लेकिन फिर भी कुछेक भ्रांतियों के चलते उपरी आहार दिया जाता है जो सही नहीं है बल्कि बच्चे के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया कि यदि मां का पहला दूध एक घण्टे में नही मिल पाता है तो बच्चों में बीमारियों का संक्रमण फैलने की सम्भावना अधिक रहती है। जिन बच्चों को मां का पहला दूध एक घण्टे में मिल पाता है उनमें दस्त व निमोनिया जैसी बीमारियोंं का खतरा नहीं रहता। डॉ. बंसल ने बताया कि स्तनपान के कई तरीके भी हैं जिनकी जानकारी महिलाओं को होना जरूरी है। इन्हीं विषयों पर आगामी दिनों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी जाएगी।

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