डिकॉय मामले के तीनों आरोपियों की जमानत याचिका ख़ारिज
-घड़साना में पीसीपीएनडीटी टीम की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए थे तीनों आरोपीश्रीगंगानगर। पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से रविवार को घड़साना में की गई डिकॉय कार्रवाई के तीनों आरोपियों की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी गई। आरोपियों की ओर से घड़साना- अनूपगढ़ केोर्ट म्ें याचिका दायर की गई थी। फ़िलहाल आरोपी आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम जेल में है।
एएसपी रघुवीरसिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिए मिली जानकारी के आधार पर रविवार को घड़साना में डिकॉय ऑपरेशन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम शामिल थे। टीम ने श्रीराम हॉस्पीटल की सोनोग्राफी सेंटर पर मशीन को सीज करते हुए टीम एक्टिव ट्रेकर जब्त किया था। पूछताछ में सामने आया कि दलाल हरपाल पूर्व में भ्रूण लिंग जांच करवाने के मामलों में लिप्त रहा है। राज्य में 83 डिकॉय ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जबकि श्रीगंगानगर टीम नौवीं कार्रवाई कर चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाईयों से न केवल दलालों मेें भय व्याप्त हुआ बल्कि सेंटर संचालक भी इन लोगों के जरिए आ रहे सोनोग्राफी करवाने वालों से परहेज करने लगे हैं।
-घड़साना में पीसीपीएनडीटी टीम की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए थे तीनों आरोपीश्रीगंगानगर। पीसीपीएनडीटी टीम की ओर से रविवार को घड़साना में की गई डिकॉय कार्रवाई के तीनों आरोपियों की जमानत याचिका शनिवार को खारिज कर दी गई। आरोपियों की ओर से घड़साना- अनूपगढ़ केोर्ट म्ें याचिका दायर की गई थी। फ़िलहाल आरोपी आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम जेल में है।
एएसपी रघुवीरसिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिए मिली जानकारी के आधार पर रविवार को घड़साना में डिकॉय ऑपरेशन करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें आरएमपी डॉक्टर हरपाल बावरी, उसकी नर्स पत्नी सिमरन व हॉस्पीटल स्टाफ बुधराम शामिल थे। टीम ने श्रीराम हॉस्पीटल की सोनोग्राफी सेंटर पर मशीन को सीज करते हुए टीम एक्टिव ट्रेकर जब्त किया था। पूछताछ में सामने आया कि दलाल हरपाल पूर्व में भ्रूण लिंग जांच करवाने के मामलों में लिप्त रहा है। राज्य में 83 डिकॉय ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जबकि श्रीगंगानगर टीम नौवीं कार्रवाई कर चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाईयों से न केवल दलालों मेें भय व्याप्त हुआ बल्कि सेंटर संचालक भी इन लोगों के जरिए आ रहे सोनोग्राफी करवाने वालों से परहेज करने लगे हैं।
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