सीबीनॉट के जरिए ही होगी टीबी की जांच
- निजी लैब संचालकों व चिकित्सकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

श्रीगंगानगर। सीबीनॉट मशीन टीबी मरीजों के लिए वरदान साबित हुई है। इसके जरिए स्पूटम जांच कर रिपोर्ट केवल दो घण्टों में मिल रही है, जबकि इससे पूर्व सैंपल जोधपुर भेजना पड़ता था जिस कारण रिपोर्ट एक-डेढ़ माह बाद आती थी। सीबीनॉट के कारण जहां मरीजों व उनके परिजनों को राहत मिली है, वहीं चिकित्सकों को भी फायदा हुआ है क्योंकि वे अब मरीज का इलाज समय पर शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि जिले के सभी निजी लैब संचालकों को भी इस मशीन के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में निजी चिकित्सकों भी सीबीनॉट के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि अब तक राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों से ही स्पूटम जांच के लिए आ रहे हैं, जबकि निजी लैब से बेहद कम स्पूटम आ रहा है। लिहाजा अब निजी लैब संचालकों और चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रथम चरण में जिला मुख्यालय पर स्थित निजी लैब संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है जबकि आगामी दिनों में खण्ड मुख्यालयों पर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी तरह निजी चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित कर उन्हें सीबीनॉट की जानकारी देते हुए शत-प्रतिशत स्पूटम टीबी क्लीनिक में भिजवाने के लिए पाबंद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीबीनॉट में टीबी की नि:शुल्क जांच की जा रही है, जिस कारण मरीज को अनावश्यक खर्च नहीं करना पड़ता। वहीं टीबी इलाज के लिए सरकार नि:शुल्क दवा व उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। सीबीनॉट के जरिए पीएल एचआईवी रोगी, संभावित एक्सट्रा पल्मोनरी व संभावित शिशु टीबी रोगी की जांच की जा रही है।
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