सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

नई टेबलेट में सभी साल्ट, टीबी रोगियों का इलाज होगा आसान
-जिलास्तर पर सीएमएचओ डॉ. बंसल ने की शुरुआत, रोजाना एक गोली खाएंगे टीबी रोगी
श्रीगंगानगर। जिले के टीबी मरीजों के लिए नई दवा, नई विधि जिला स्तरीय योजना की शुरुआत सोमवार को जिला स्वास्थ्य भवन में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने की। उन्होंने टीबी मरीज को दवा खिलाकर और उनके परिजनों को टेबलेट किट देकर यह शुरुआत की। इस मौके पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीटीओ डॉ. गुंजन खुराना, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीपीएम गरीमा परिहार, डीपीसी जगदीश इंदलिया व नरेश भदोरिया मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. बंसल बताया कि नई विधि में मरीजों को टीबी की दवा हर रोज खानी है। इससे पहले टीबी के रोगियों को सप्ताह में तीन दिन एक दिन छोडक़र एक दिन दवा खानी पड़ती थी। लेकिन इसके तहत रोज दवा खानी होगी। खुराक का निर्धारण मरीजों को वजन के आधार पर होगा। उन्होंने बताया कि नई विधि से पहले में प्रचलित सभी दवाओं का मिश्रण एक ही गोली में किया गया है, इससे मरीजों को अलग-अलग दवाएं नहीं लेनी पड़ेगी। यानी एक ही टेबलेट में सभी साल्ट होंगे।
बच्चों के लिए मैंगो, स्ट्रॉबेरी व रसबेरी फ्लेवर
नई टेबलेट में बच्चों के लिए मैंगो, स्ट्रॉबेरी और रसबेरी फ्लेवर में पानी में घुलनशील दवा मिलेगी। इससे बच्चों को खुराक लेने में आसानी हो। यही नहीं बच्चों को दवा वजन के हिसाब से दी जाएगी। यानी कि बच्चों में चार से सात किलोग्राम के बच्चे को दो टेबलेट, आठ से 11 किलोग्राम के बच्चे को चार, 12 से 15 किलोग्राम के बच्चे को छह, 16 से 24 किलोग्राम के बच्चे को आठ, 25 से 28 किलोग्राम के बच्चे को सात और 30 से 39 किलोग्राम के बच्चे को छह टेबलेट का सेवन प्रतिदिन करना होगा। इसी तरह बड़ों में भी टीबी के रोगियों को वजन के हिसाब से टेबलेट की संख्या तय होगी। यानी 25 से 39 किलोग्राम के व्यक्ति को प्रतिदिन दो टेबलेट, 40 से 54 किलोग्राम के व्यक्ति को तीन, 55 से 69 किलोग्राम के व्यक्ति को चार और 70 से ऊपर के व्यक्ति को पांच टेबलेट  प्रतिदिन के हिसाब से लेनी होगी। नई दवा, नई विधि से टीबी मरीजों को टीबी रोग से मुक्ति दिलाने में लाभदायक होगी।

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