चार दिसंबर से घर-घर जाकर करेंगे टीबी मरीजों की जांच, तुरंत शुरू होगा इलाज
-देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने की कवायद, श्रीगंगानगर जिला भी शामिल
श्रीगंगानगर। देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करने के लक्ष्य के तहत श्रीगंगानगर जिले में चार दिसंबर से घर-घर जाकर टीबी रोगी की तलाश होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जिले में ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ अभियान चलाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, कोटा, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर व झुंझुनूं जिले को चिन्हित किया गया है। इनमें विभाग की टीम संभावित टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग करेंगी। अभियान 18 दिसंबर तक चलेगा।
अभियान की तैयारियों की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है और प्रारंभिक स्तर पर गतिविधियों का आयोजन शुरु कर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि रोगी खोजने वाले टीम को प्रोत्साहन राशि के रूप में 500 रुपए प्रति केस देने का प्रावधान है। इसका मुख्य फायदा सब सेंटर स्तर पर गठित टीम सदस्य एएनएम, आशा, वॉलंटियर, एनजीओ, निजी चिकित्सक को मिलेगा। यह राशि जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी कर की जाएगी। डॉ. बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की मंशा है कि ऐसे संभावित टीबी रोगियों को उपचार के दायरे में लाया जाए, जिन्हें खुद को टीबी से ग्रसित होने की जानकारी नहीं है। सेंट्रल टीबी डिवीजन ने इन जिलों में विशेष गाइड लाइन तैयार की है। इसी के मुताबिक जिले में चार से 18 दिसंबर तक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले की कुल आबादी के 11 प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग कर जांच की जाएगी। टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों के घर से बलगम के सैंपल उसी दिन लेकर टीम नजदीकी माइक्रोस्कोपी सेंटर पर जांच करवाएगी। जांच में टीबी पाए जाने की स्थिति में मरीज का दो दिन के भीतर इलाज प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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