बेटियांं बचाने के लिए तैयार हुए हजारों डेप रक्षक
-एतिहासिक रही बेटियां बचाने की मुहिम, जिले में एक साथ ली साढ़े आठ हजार युवाओं ने शपथ
-राजस्थान 773 संस्थाओं में एक लाख 58 हजार 220 युवाओं की भागीदारी
-बीकानेर संभाग रहा राज्य में द्वितीय, 139 संस्थाओं के 30 हजार 971 युवाओं ने निभाई भूमिका
श्रीगंगानगर। शुक्रवार को हम शुक्रगुजार हुए उन हजारों डेप रक्षकों का, जिन्होंने सामूहिक शपथ लेते हुए हुंकार भरी है कि वे बेटियों का न कोख में कत्ल होने देंगे और न ही बेटा-बेटी का भेद करेंगे। जोश, जज्बे व जुनून के साथ ये युवा सम्मिलित हुए बेटी बचाओ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित डॉटर्स आर प्रीसियस कार्यक्रम में, जो जिले के विभिन्न स्कूल, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में आयोजित किए गए। बेटियों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में यह पहला मौका था जब एक साथ पूरे राजस्थान के युवाओं ने इस कार्यक्रम में न केवल भाग लिया, बल्कि उन्होंने शपथ भी ली कि बेटियां बचाने के लिए हर पल, हर कदम पर तैयार रहेंगे। जिला मुख्यालय से लेकर घड़साना तक अभियान की गूंज रही और जिले के 43 संस्थाओं में साढ़े आठ हजार युवाओं ने इसमें शिरकत की। खास बात यह भी रही कि अभियान में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नखतदान बारहठ, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, पूर्व एसीएमएचओ डॉ. दीपिका मोंगा, बीसीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए और युवाओं को जागरूक किया। उधर, कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर एनएचएम एमडी नवीन जैन ने व्यक्तिगत रूप से जिलों की मोनिटरिंग की।
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि शुक्रवार को डॉटर्स आर प्रीसियस अभियान एतिहासिक रहा और हमारे गंगानगर जिले के युवा भी इस इतिहास का हिस्सा बने। इस दौरान भू्रण लिंग जांच, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, मुखबिर योजना, डिकॉय ऑपरेशन, इंम्पेक्ट सॉफ्टवेयर व लिंगानुपात आदि पर विस्तार से जानकारी दी गई। बेटा-बेटी में भेद क्यों हो रहा है, जिसमें मुख्यत: सुरक्षा, धार्मिक मान्यताएं, बेटों का बुुजुर्गों की देखभाल करने की धारणा व वंशवाद पर तथ्यात्मक व व्यवहारिक चर्चा की गई। उन्हें जागरूक किया गया कि वे न केवल आमजन को इस बारे में बताएं बल्कि कहीं भू्रण लिंग जांच की सूचना मिले तो विभागीय टॉल फ्री नंबर 104 व 108 शिकायत दर्ज करें। इस दौरान युवाओं को बताया गया कि जिले की एक दंपत्ति भू्रण लिंग जांच में गिरफ्त हुई, लेकिन उनके साथ तीन माह की बेटी व डेढ़ साल के बेटे ने भी जेल काटी। इसी तरह दिल्ली से पकड़ में आए चिकित्सक व दलाल आज भी गंगानगर जेल में बंद है, जो भू्रण लिंग जांच करने व बेटियों को मारने के कुकृत्य में शामिल थे। इस दौरान युवाओं को जागरूक किया कि वे इस मुहिम से जुड़ते हुए जिले से इस गंदगी को पूर्णत: मिटाने में अपनी अहम भूमिका अदा करें।
इन डेप रक्षकों ने बेटियों के लिए रचा इतिहास
जिले में आयोजित इस कार्यक्रम के समन्वय के लिए पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को लगाया गया, जिन्होंने सफल आयोजन में बखूबी भूमिका निभाई। वहीं बतौर डेप रक्षक डॉ. नरेश बंसल, डॉ. वीपी असीजा, डॉ. अजय सिंगला, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. सुनील बिश्रोई, प्रो. निकीता शर्मा, दुर्गा स्वामी, श्याम गोस्वामी, उपप्रधान सुरेंद्र जलंधरा, डॉ. हरीश सोनी, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विश्वास, डॉ. विकास सचदेवा, विपुल गोयल, रायसिंह सहारण, डॉ. सोनल कथूरिया, नीरज गुप्ता, हंसराज भाटी, पितरसेन शर्मा, सुनील कुमार, अर्ष बराड़, दिनेश सहवाग, संदीप जाखड़, हेमंत शर्मा, राकेश सचदेवा, पतराम चौधरी, बलराज जाखड़, रविंद्र शर्मा, परमजीत कौर, डिंपल यादव, सुखविंद्र वर्मा, कुलदीप स्वामी, नवल योगी, अमन वालिया, रितू सिंह, प्रियंका चौधरी, मयंक राजपाल, संजय वैद्य, नकुल शेखावत, अजीत शर्मा, शुभम भारती, कपिल गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, नीरज गुप्ता, भीमराज, शुभम भारती, अनिल शर्मा, कृपा शंकर, अनिता, कंचन राठौड़, सविंद्र, झबराराम, भीमराज, विनोद कुमार, शैलेस जाखड़, नीरज मुंजाल, अमन वालिया, दिनेश कुमार, उमेश कुमार व दर्शन गर्ग सहित अन्य सदस्य इसमें स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे।
इन संस्थाओं की रही अहम भागीदारी
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में जिला मुख्यालय पर सरस्वती शिक्षण सदन, टांटिया यूनिवर्सिटी, गोदारा गल्र्स कॉलेज, एसडी बिहाणी संस्थान, राधाकृष्णन कॉलेज, नोजगे स्कूल, टांटिया होम्योपैथिक कॉलेज, सरस्वती बीएड कॉलेज, एसएन नर्सिंग कॉलेज, राजकीय नर्सिंग स्कूल, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज, जुबिन नर्सिंग कॉलेज, भोपालवाला आर्य स्कूल, जैन गल्र्स कॉलेज, सरस्वती गल्र्स स्कूल, बीआर मॉडल स्कूल, भारती बीएड कॉलेज, बीडीआईएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज, अरोड़वंश स्कूल, श्रीकरणपुर के राजकीय बालिका विद्यालय व ज्ञान ज्योति स्कूल, सी.से. गल्र्स स्कूल रिड़मलसर, पदमपुर का बालिका स्कूल, घड़साना का सी.से. स्कूल व सूरतगढ़ के टेगोर स्कूल, जीतो जी कॉलेज व हर्ष कॉन्वेंट सी.से. स्कूल, अनूपगढ़ का लवली चिल्ड्रन सी.से. स्कूल, चुनादेवी बालिका स्कूल लालगढ़, सी.से. स्कूल मटीलीराठान, बालाजी शिक्षण संस्थान घड़साना, केआर गल्र्स कॉलेज घड़साना, एसजीएन खालसा कॉलेज, सी.से. स्कूल केसरीसिंहपुर, सरस्वती कॉन्वेंट स्कूल, रिको, मटका चौक गल्र्स स्कूल सहित अन्य स्कूल व कॉलेज इसमें भाग ले रहे हैं।
ये स्थिति है गंगानगर में
यह सवाल सहज ही उठता है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि इस तरह की मुहिम को अंजाम देना पड़ा। दरअसल, राज्य में लिंगानुपात 2001 से लेकर 2011 के बीच काफी बिगड़ गया और इस दौरान हमारे जिले में भी गिरावट जारी रही। राज्य में वर्ष 1991 में 916 बाल लिंगानुपात था, जो वर्ष 2001 में 909 और 2011 में 888 पहुंच गया। जो बेहद चिंताजनक स्थित है। हालांकि इसके बाद जागरूकता अभियानों और डिकॉय ऑपरेशनों के चलते हालात सुधरने लगे और अब 952 का आंकड़ा पहुंच गया, लेकिन फिर भी लिंगानुपात बराबर नहीं है। विभाग की ओर से राज्य में 95 डिकॉय ऑपरेशन किए गए, जबकि जिले में 10 डिकॉय ऑपरेशन कर चिकित्सकों व दलालों को जेल में पहुंचाया गया, जिससे आने वाले समय में सुधार की संभावना है। निश्चित ही यदि जागरूकता अभियान और डिकॉय ऑपरेशन जारी रहे तो आने वाला वक्त बेटियों के लिए सकारात्मक होगा।
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