सोमवार, 11 दिसंबर 2017

जनवरी के बाद नहीं मिलेगी शुभलक्ष्मी योजना की बकाया राशि
-बेटी जन्म को प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार अब राजश्री योजना के जरिए दे रही 50 हजार रुपए 
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से चलाई जा रही मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना को 30 मई 2016 से बंद कर दी गई है, जबकि अब योजना में परिवर्तन कर राजश्री योजना के जरिए बालिकाओं का लाभ दिया जा रहा है। हालांकि जिन बालिकाओं ने शुभलक्ष्मी योजना के तहत प्रथम किश्त ली थी उन्हें दूसरा व तीसरा लाभ बालिका के एक वर्ष पर पूर्ण टीकाकरण एवं जीवित होने के प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर बालिका के निवास स्थान के स्थानीय राजकीय स्वास्थ्य केंद्र से दिया जा रहा है। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि शुभ लक्ष्मी योजना के तहत प्रथम किश्त के लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से 31 जनवरी 2018 तक का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इस दौरान नियमानुसार आवेदन निवास स्थान के नजदीकी राजकीय चिकित्सा केंद्र पर किया जा रहा है। इसके बाद भी यदि कोई आवेदन नहीं आता है तो सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आमजन से अपील के साथ ही विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वंचित को लाभ मिले। वहीं आशाओं व एएनएम को निर्देशित किया गया है कि ऐसे वंचित लाभार्थियों को सूचित कर उन्हें किश्त लेने के लिए प्रेरित करें। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से बेटी जन्म को प्रोत्साहन देने के लिए राजश्री योजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत राजकीय अथवा अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थान में जन्म लेने वाली बालिकाओं को जन्म पर 2500 रुपए और उसकी प्रथम वर्षगांठ पर पूर्ण टीकाकरण होने के बाद 2500 रुपए दिए जाते हैं। इसके बाद राजकीय विद्यालय में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने पर चार हजार रुपए, राजकीय विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश लेने पर पांच हजार रुपए और 10 में प्रवेश लेने पर 11 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को 25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इस तरह कुल पचास हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही का भामाशाह कार्ड होना अनिवार्य है।

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