सोमवार, 8 जनवरी 2018

हजारों की जांच, अब मिल रही नि:शुल्क
-जिला अस्पताल में नि:शुल्क जांच सुविधा शुुरू, पीपीपी मोड में 36 प्रकार की हो रही जांच
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और नई सौगात नए साल में जिले को मिली है। नव वर्ष की शुरुआत के साथ ही जिला चिकित्सालय में 36 तरह की नई जांचें नि:शुल्क की जा रही है। इन जांचों में कई तरह की गंभीर बीमारियों के दौरान की जाने वाली जांचें भी शामिल हैं। वहीं ऐसी जांच भी है जिनके लिए अब तक मरीजों को हजारों रुपए खर्च करने पड़ते थे। पीपीपी मोड में शुुरु की गई इस जांच योजना से निश्चित ही मरीजों व उनके परिजनों को राहत मिलेगी। मरीज जिला अस्पताल के कमरा नंबर नौ में ये जांचे करवा सकते हैं। कुछ जांच ऐसी भी है, जो सामान्य लोगों को भी करवानी चाहिए ताकि समय रहते रोग के प्रति सतर्क हो सकें। 
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता सरदाना ने बताया कि पीपीपी मोड के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं क्रस्ना डायग्रोस्टिक्स के संयुक्त गठबंधन में 36 तरह की नई जांचे शुरु की गई हैं। सभी जांचे मरीजों के लिए पूर्णत: नि:शुल्क हैं, हालांकि पीपीपी मोड में संचालित इन जांचों का शुल्क प्रदेश सरकार वहन करेगी। राहत की बात यह भी है कि अपातकालीन जांच की सुविधा 24 घण्टे संचालित रहेगी। इन जांचों में ऐसी जांच भी है, जो अब तक जिले की बजाए अन्य बड़े शहरों से करवानी पड़ती थी। उन्होंने बताया कि इन जांचों में मुख्यत: कैंसर, थैलेसिमिया, हदï्य, थाईरायड, स्वाइन फ्लू, डेंगू व टाईफाइड की जांच शामिल हैं, वहीं ऑपरेशन में रोग जांच के लिए ली जाने वाली बॉयोप्सी की भी जांच होगी। इसके अलावा जीजीटी, एचबी एवनसी, चिकनगुनिया, लिपिड प्रोफाइल, यूरिन कल्चरल, ब्लड कल्चरल, एपीटीटी, एलएच, टार्च, आयरन, विटामिन डी लेवल, बी-12, एएनए, पीएसए, एफडीपी, पीएपी सहित 36 प्रकार की जांचें की जा रही हैं। योजना के तहत एलाइजा मैथड़ के जरिए जांच की जा रही है। जिससे रोग के होने व नहीं होने की पूरी पुष्टि होती है। फिलहाल, कंपनी ने सेम्पल लेने के लिए कर्मचारी नियुक्त किए हैं, जो दोपहर दो बजे तक सेम्पल समीपवर्ती कंपनी प्रयोगशाला में भेजते हैं। वहां से जांच पश्चात अगले दिन ऑनलाइन रिपोर्ट आने पर मरीज को रिपोर्ट दी जाती है। व्यवस्था सुचारु रखने के लिए जिला चिकित्सालय में तीन सदस्यीय मोनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है, ताकि आमजन को किसी तरह की कोई परेशानी या असुविधा हो तो त्वरित समाधान हो सके। उल्लेखनीय है कि नि:शुल्क जांच योजना के तहत वर्तमान में इनके अलावा 56 प्रकार जांचें नि:शुल्क की जा रही है। 

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