जिले की स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से पीएचएस व एमडी कर रहे ‘सीधा संवाद’
ताकि तालमेल बिठा आमजन को कर सकें लाभान्वित, करीब साढ़े तीन हजार से अधिक आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व एएनएम होंगी सम्मिलित
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के उदï्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी इन दिनों आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एएनएम से वीडियो कॉन्फे्रंसिंग के जरिए सीधा संवाद कर रहे हैं। विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता व एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन व्यक्तिगत रूप से इस मिशन से जुडक़र संवाद करने में जुटे हैं। जिले के करीब साढ़े तीन हजार से अधिक कार्मिक इसमें सम्मिलित होंगे, जिनसे अलग-अलग बैच के जरिए संवाद किया जाएगा। बुधवार को पहले बैच में जिले की करीब &50 कार्मिकों को अधिकारियों ने संवाद कार्यक्रम के जरिए प्रशिक्षित किया। जिलास्तर से सीएमएचओ, आरसीएचओ, डीपीएम व डीएसी सहित ब्लॉकस्तर से बीसीएमओ, बीपीएम, बीएचएस, सीडीपीओ व एलएस भी सम्मिलित हुए।
मिशन निदेशक नवीन जैन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वीसी का मुख्य उïद्देश्य आपमेंआपसी समन्वय स्थापित करना है, क्योंकि तीनों ही पद ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य की मुख्य धूरी हैं। हालांकि वर्तमान में आपसी तालमेल के अभाव में अनेक बार ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहते हैं या उन्हें व्यापक जानकारी नहीं मिलती। कुछ जगहों पर तालमेल में अभाव का ही नतीजा है कि तीनों कार्यकर्ताओं के पास गांव का एक जैसा डाटा तैयार नहीं मिलता, या अलग-अलग होता है। लिहाजा अब तीनों कार्यकर्ता एक साथ बैठकर पहले गांव का नक्शा तैयार करेंगी और उसके बाद घरों की मार्किंग करते हुए पूरा डेटा तैयार करेंगी। तीनों के पास हर रिकॉर्ड एक समान होगा तभी एकरूपता में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में तीनों कार्यकर्ता समन्वय से चलती हैं, वहां के स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर होंते हैं। ऐसे में यदि सभी गांवों में यह प्रयास किया जाए तो पूरे रा’य का स्वास्थ्य सूचकांक सुधरेगा। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं व नवजात शिशुओं को आपकी सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। यदि आपमें बेहतर तालमेल होगा तो इन्हें समय पर उचित सुविधा मिलेगी और मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु में भी कमी आएगी। आशा प्रभारी रायसिंह सहारण ने बताया कि जिले में 15 बैच तैयार किए गए हैं, जिनमें करीब साढ़े तीन हजार से अधिक कार्मिक शामिल हैं। आगामी ‘एएए’ संवाद कार्यक्रम 1& जनवरी, 15, 16 व 17 जनवरी का आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि जिलास्तर से भी नियमित मोनिटरिंग करते हुए तीनों कार्यकर्ताओं में बेहतर समन्वय के प्रयास किए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारू ढंग से मिल सके।

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