पोलियो दवा पिलाने घर-घर पहुंच रही टीमें
-राज्य व संभागस्तरीय अधिकारियों ने किया निरीक्षण, आज वंचितों को पिलाई जाएगी पोलियो दवा
श्रीगंगानगर। पोलियो महाअभियान के तहत दूसरे दिन सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने के लिए घर-घर पहुंची। वंचित रहे बच्चों को मंगलवार के दिन भी पोलियो दवा पिलाई जाएगी। इससे पहले रविवार को आमजन ने जागरूकता का परिचय देते हुए बच्चों को बूथ पर लाकर पोलियो रोधी दवा पिलाई, जिसके चलते लक्षित बच्चों में से 68 फीसदी ने दवा गटकी। बूथ स्तर पर सर्वाधिक बच्चे सूरतगढ़ क्षेत्र में पहुंचे। विभाग मंगलवार को भी वंचित बच्चों को पोलियो दवा पिलाएगा।
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि जिले में दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 बच्चों को पोलियो दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें रविवार को ही एक लाख 96 हजार 761 बच्चों ने पोलियो दवा पिला दी गई। उन्होंने बताया कि सूरतगढ़ में 36501 (76.94), रायसिंहनगर में 21796 (74.23), श्रीगंगानगर ग्रामीण में 19025 (73.8), श्रीकरणपुर में 13472 (70.74), श्रीविजयनगर में 15611 (70.13), सादुलशहर में 16677 (69.2), घड़साना में 20224 (64.36), श्रीगंगानगर शहरी क्षेत्र में 21898 (62.45 फीसदी), पदमपुर में 13601 (61.83) एवं अनूपगढ़ में 16796 (53.34) फीसदी बच्चों को पोलियो दवा पिलाई गई। डॉ. असीजा ने बताय कि पहले दिन जिले में स्थापित 1200 बूथ पर पोलियो दवा पिलाई गई, जबकि सोमवार को डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमों ने कार्य किया। यही टीमें मंगलवार को कार्य करेंगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों व गतिविधियों की मोनिटरिंग कर रहे हैं।
राज्य व संभाग टीमों ने किया निरीक्षण, टीमों की सराहना
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि पोलियो अभियान का निरीक्षण करने जयपुर व बीकानेर संभाग से टीम भी पहुंची। जयपुर से डब्ल्यूएचओ की डॉ. आरती, बीकानेर से डॉ. मंजू लता एवं नोडल प्रभारी आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने अनूपगढ़, रायसिंहनगर व रामसिंहपुर आदि के क्षेत्र के हाईरिस्क एरिया में आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने घर-घर जाकर चेक किया कि कहीं कोई बच्चा पोलियो दवा से वंचित तो नहीं, जिसमें बेहतर सकारात्मक कार्य देखने को मिला। जिस पर अधिकारियों ने टीमों को सराहा। इसी तरह फील्ड में जाकर भी व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने रामसिंहपुर, रायसिंहनगर व अनूपगढ़ के ईंट भट्टों पर भी जाकर बच्चों को चेक किया।
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