बुधवार, 17 जनवरी 2018

टेलीमेडिसिन से हो अधिकाधिक लाभान्वित - एमडी नवीन जैन
- वीसी के जरिए दिए दिशा-निर्देश, जिला अस्पताल व अनूपगढ़ सीएचसी पर मिल रही सुविधा
श्रीगंगानगर। राज्य में संचालित टेलीमेडिसिन परियोजना (टेली-हैल्थ) में व्यापक सुधार एवं आम मरीजों को सहज सुलभता को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन ने संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले ताकि जहां विशेषज्ञ नहीं है वहां भी मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। वीसी में जिला मुख्यालय से संयुक्त निदेशक डॉ. एचएस बराड़, सीएमएचओ डॉ. वीपी असीजा, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित अन्य अधिकारीगण शामिल हुए। 
वीसी के दौरान श्री जैन ने कहा कि सेंट्रल साइट के जरिए समय निर्धारित करते हुए विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं और इससे अनेक मरीज लाभान्वित भी हुए हैं। लेकिन अब इसे और अधिक विस्तार देने की जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिले। राज्य में अब तक करीब छह हजार मरीजों को लाभान्वित किया जा चुका है। वहीं उन्होंने कम प्रगति वाले संस्थानों को सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी वीसी से पहले व्यापक सुधार आना चाहिए अन्यथा टेलीमेडिसिन कक्ष दूसरे संस्थान में संथानांतरण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में यह योजना संचालित है, जहां अगस्त 2017 से बुधवार तक 98 मरीज लाभान्वित हुए हैं। एमडी नवीन जैन ने बताया कि टेलीमेडिसिन के जरिए मरीजों को कम समय और कम खर्च में गुणवत्तापुर्ण विशेषज्ञ चिकित्सीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। पहले जहां मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता होने पर उच्च चिकित्सा संस्थान रैफर होना पड़ता था, वहीं अब उसी चिकित्सा संस्थान पर इस परियोजना के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं मिल पा रही हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी फायदा हुआ है। मरीजों को अब विशेषज्ञ परामर्श के लिये उच्च चिकित्सा संस्थान जाने की आवश्यकता नहीं है। सेंट्रल साइट पर निर्धारित समयानुसार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन विशेषज्ञों की सेवाएं अब उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित दिवस में प्रात: 11 बजे से दोपहर चार बजे तक आर्थोपेडिशियन, पीएमआर, गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजिस्ट, आन्कोलॉजिस्ट, एंडोक्राईनोलॉजिस्ट, स्कीन एवं वीडी, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट व यूरोलाजिस्ट का परामर्श दिया जाता है। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा परियोजना वाले इन चिकित्सा संस्थानों पर स्थापित कक्ष में डिजिटल ईसीजी, डिजिटल स्टेथोस्कोप, डिजिटल डर्मोस्कोप, बीपी उपकरण, पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर व स्केनर इत्यादि उपकरण उपलब्ध हैं। 

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