मंगलवार, 26 जून 2018

‘दंपति संपर्क पखवाड़ा’ आज से, परिवार कल्याण के लिए चलेगी मुहिम
स्वास्थ्य विभाग ‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’ मनाएगा पखवाड़ा
श्रीगंगानगर। सीमित परिवार और स्थाई व अस्थाई परिवार कल्याण साधनों की जानकारी देने के लिए जिले में बुधवार से मोबिलाइजेशन (दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा) शुरू होगा। आगामी 10 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान जिलें के कस्बे, गांव-ढाणियों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अपने क्षेत्र में जन-जागृति पैदा करने के साथ ही वे योग्य दम्पत्तियों से घर-घर जाकर संपर्क करेंगी। इसके बाद 11 से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलेगा। जिसमें जिलास्तर सहित ब्लॉकस्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे, जिसकी मोनिटरिंग एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता करेंगे।  
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि दो चरणों में चलने वाले परिवार कल्याण अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा व आंगनाबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगे और योग्य दंपतियों को सीमित परिवार रखने के लाभ सहित विवाह की सही आयु, विवाह पश्चात कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चें में कम से कम तीन साल का अंतर, प्रसवोत्तर परिवार कल्याण सेवाएं, पुरूषों की परिवार नियोजन में सहभागिता, गर्भपात पश्चात परिवार कल्याण सेवाओं के बारें में संपूर्ण जानकारी देकर उन्हें इन सेवाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रथम पखवाड़े में कार्यकर्ता संभावित जोड़ों की ग्रामवार सूची तैयार कर संबंधित आशा, आयुष स्टाफ व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाएंगे। पखवाडे के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लक्षित दम्पत्ति से संपर्क कर उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करेंगे और आयूडी निवेशन की जानकारी भी देंगे। वहीं महिलाओं को ऑरल पिल्स और दम्पत्तियों को निरोध का वितरण करेंगे। दूसरे चरण में जिलास्तरीय कार्यक्रम के साथ ही खण्ड व स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर परिवार विकास मेलों का आयोजन किया जागएा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिलास्तर से एसीएमएचओ, डीपीएम, आईईसी व आशा समन्वयक मोनिटरिंग करेंगे। वहीं कार्यक्रम की मोनिटरिंग के लिए संभागस्तर पर राज्य से अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। 

बुधवार, 20 जून 2018

परिवार कल्याण के लिए ‘दंपति संपर्क पखवाड़ा’ 27 जून से
-‘‘एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ’’ नारे से गूंजेंगे कस्बे, गांव-ढाणियां
श्रीगंगानगर। योग्य दम्पत्तियों से संपर्क कर सीमित परिवार और स्थाई व अस्थाई परिवार कल्याण साधनों की जानकारी देने के लिए जिलेभर में 27 जनू से मोबिलाइजेशन (दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा) शुरू होगा। आगामी 10 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान जिलें के कस्बे, गांव-ढाणियों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अपने क्षेत्र में जन-जागृति पैदा करेंगी। इसके बाद 11 से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलेगा। जिसमें जिलास्तर सहित ब्लॉकस्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। इस बार द्वितीय जनसंख्या स्थितरता पखवाड़े के दौरान परिवार विकास मेलों का आयोजन भी किया जाएगा। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि दो चरणों में चलने वाले परिवार कल्याण अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा व आंगनाबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगे और योग्य दंपतियों को सीमित परिवार रखने के लाभ सहित विवाह की सही आयु, विवाह पश्चात कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चें में कम से कम तीन साल का अंतर, प्रसवोत्तर परिवार कल्याण सेवाएं, पुरूषों की परिवार नियोजन में सहभागिता, गर्भपात पश्चात परिवार कल्याण सेवाओं के बारें में संपूर्ण जानकारी देकर उन्हें इन सेवाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रथम पखवाड़े में कार्यकर्ता संभावित जोड़ों की ग्रामवार सूची तैयार कर संबंधित आशा, आयुष स्टाफ व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाएंगे। पखवाडे के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लक्षित दम्पत्ति से संपर्क कर उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करेंगे और आयूडी निवेशन की जानकारी भी देंगे। वहीं महिलाओं को ऑरल पिल्स और दम्पत्तियों को निरोध का वितरण करेंगे। दूसरे चरण में जिलास्तरीय कार्यक्रम के साथ ही खण्ड व स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर परिवार विकास मेलों का आयोजन किया जागएा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की मोनिटरिंग के लिए संभागस्तर पर राज्य से अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिलास्तर से एसीएमएचओ, डीपीएम, आईईसी व आशा समन्वयक मोनिटरिंग करेंगे। 

मंगलवार, 5 जून 2018

‘‘कोख में कत्ल करने वालों का हम करेंगी बेनकाब’’
-आमुखीकरण कार्यशाला में आशा सहयोगिनियों व कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
श्रीगंगानगर। कोख में भू्रण लिंग जांच एवं कन्या भू्रण हत्या करने वालों को हम बेनकाब करेंगी, भले ही हमें इसके लिए कोई खतरा उठाना पड़े। क्योंकि बेटियों को आखिर बेटियां ही बचा सकती हैं। ये दृढ़ संकल्प मंगलवार को जिला मुख्यालय की आशा सहयोगिनियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया। वे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत स्थानीय राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर आठ में आयोजित आमुखीकरण कार्यशाला में भाग ले रही थीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेप कार्यक्रम के तहत विभिन्न जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बतौर अतिथि फ्लोरोसिस प्रभारी डॉ. सुनील बिश्रोई व 70 एलएनपी राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता सहित बतौर वक्ता आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व सीडीपीओ अनिल कामरा मौजूद रहे। मंच संचालन महिला पर्यवेक्षक सुमन वर्मा ने किया।  
आशा प्रभारी रायसिंह सहारण ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि भू्रण लिंग जांच करना, करवाना व साथ देना हर तरह से अपराध की श्रेणी में आता है। वहीं यह आध्यात्मिक एवं नैतिक रूप से भी घिनौना व घृणित कार्य है, जिसमें हर सहयोगी बराबर का भागीदार होता है। उन्होंने राजश्री योजना, बालिका सम्बल योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार बेटा-बेटी के भेद का मिटाने का हर संभव प्रयास कर रही है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि राज्य में मुखबिर योजना के तहत सूचना देने वाले, गर्भवती महिला व सहयोगी का बतौर प्रोत्साहन राशि कुल अढ़ाई लाख रुपए दे रही है। जिसके चलते राज्य में मंगलवार तक 118 डिकॉय हो चुके हैं, जबकि जिला टीम की ओर से दस डिकॉय ऑपरेशन कर अनेक दलाल व चिकित्सकों को जेल भिजवाया जा चुका है। ऐसे पापियों को सलाखों को पीछे भेजने में आशा सहयोगिनियों व कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका हो सकती है, क्योंकि हर गर्भवती महिला सबसे पहले आपके संपर्क में आती हैं। ऐसे में यदि आप निगरानी करें और सूचना दें तो न केवल आर्थिक लाभ होगा बल्कि पापियों को सजा दिलाकर समाज व देश के प्रति कर्तव्य भी निभा सकेंगी। प्रधानाचार्य पंकज गुप्ता ने शिक्षा विभाग से जुड़ी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर बेटी को पढ़ाने में परिजन अहम भूमिका अदा करें ताकि बेटियां बोझ न समझी जाए और कन्या भू्रण हत्या जैसा कलंक जिले से हट सके। सीडीपीओ श्री कामरा ने आईसीडीएस की ओर से चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डाला। अंत में इंद्रा कॉलोनी की महिला पर्यवेक्षक सुमन वर्मा ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। 

घर-घर पहुंच रही आशा, नौनिहालों को दे रही ओआरएस
-सवा दो लाख लक्षित बच्चों के लिए नौ जून तक चलेगा ‘गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा’
श्रीगंगानगर। भीषण गर्मी के चलते बच्चों में बीमारियों की संभावना के मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा के तहत घर-घर ओआरएस पहुंचा रहा है। वहीं जरूरत होने पर जिंक गोलियां भी दी जा रही है। विभाग की ओर से इस बार करीब सवा दो लाख बच्चों को इस अभियान के तहत लक्षित किया गया है। विगत 28 मई से प्रारंभ हुआ यह अभियान नौ जून तक चलेगा। इस दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों वाले घरों में आशा सहयोगिनियों दस्तक दे रही हैं। विभाग की ओर से सभी चिकित्सा संस्थानों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओरआएस व जिंक कॉर्नर स्थापित कर घोल तैयार करने व उपचोग करने की विधि परिजनों को बताई जा रही है। 
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त तथा कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने व आमजन को जागरूक के उद्देश्य से 28 मई से गहन दस्त नियंत्रण अभियान शुरु किया गया है। अभियान के तहत दस्त से पीडि़त पांच वर्ष तक के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें ओआरएस का पैकेट एवं जिंक टेबलेट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस तरह का अभियान एनएचएम के तत्वावधान में 2014 से मानसून व ग्रीष्म ऋ तु में आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष 2017 में प्रदेशभर के 67.26 लाख बच्चों व उनके परिवारों को ओआरएस व जिंक की गोलियां उपलब्ध कराई गई थी, वहीं इस बार जिले के करीब सवा दो लाख बच्चों को ओरआरएस पहुुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि अभियान में जनसमुदाय को स्वच्छता, पौष्टिक आहार, हाथ धोने के सही तरीके बताने के साथ ही चिकित्सा संस्थानों की ओपीडी/आईपीडी व आंगनबाडी केन्द्रों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। दस्त एवं कुपोषण से होने वाली बीमारियों के प्रति आमजन में जनजागृति लाने के लिए जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम, व आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार करवाया जा रहा है। अभियान की सफलता में पीएचईडी, शिक्षा व महिला एवं बाल विकास विभाग का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दस्त व निर्जलीकरण से होने वाली मृत्यु को ओआरएस व जिंक की गोली के साथ ही पर्याप्त पोषण देकर रोका जा सकता है। साथ ही दस्त की रोकथाम के लिए साफ पानी पीना, समय-समय पर हाथों को साफ पानी व साबुन से धोना, स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान व पोषण का अहम योगदान होता है।

शुक्रवार, 1 जून 2018

शहरी स्वास्थ्य केंद्र का नवाचार, मरीजों को मिलेगी सेहत डायरी
-पुरानी आबादी पीएचसी प्रभारी के प्रयासों से तैयार हुई डायरी, जिला प्रमुख ने किया विमोचन
श्रीगंगानगर। पुरानी आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब बीपी व शुगर मरीजों को सेहत डायरी दी जाएगी, जिसमें उनकी दवाओं से लेकर सेहत जांच तक का ब्यौरा शामिल होगा। संभवत: राज्य के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जिले का पुरानी आबादी स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां सेहत डायरी शुरू की गई है। शुक्रवार को इस केंद्र पर जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, समाजसेवी दुर्गा स्वामी, सुशील श्योराण, शंकर असवाल व केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा ने डायरी का विमोचन किया। इसी दौरान अतिथियों ने मरीजों को सेहत डायरियां बांटी। 
जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण ने कहा कि जिले के अन्य केंद्र प्रभारियों को डॉ. दीपिका मोंगा से प्रेरणा लेनी चाहिए और आमजन के हित में ऐसे कदम उठाने चाहिए। क्योंकि अक्सर सरकारी सिस्टम में खामियां बताकर नियमित कार्यों को भी कुछ लोग पूरा नहीं करते, जबकि डॉ. मोंगा ने साबित किया है कि यदि प्रभारी या कर्मचारी चाहे तो वह अपने दम पर हर सिस्टम में सुधार कर सकता है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि पीएचसी के नवाचारों को राज्यस्तर पर प्रजेंट किया जाएगा ताकि राज्य के अन्य केंद्रों तक यह तस्वीर पेश कर उन्हें भी सुधारा जा सके। उन्होंने कहा कि हर संभव प्रयास कर इस केंद्र की कुछ खास व्यवस्थाएं जिले में लागू की जाएंगी। इस मौके पर दुर्गा स्वामी ने कहा कि जिले का यह नवाचार काबिलेतारीफ है और स्वास्थ्य सेवाओं में हर व्यक्ति, समाज व संस्था को राजनीतिक सिस्टम से ऊपर उठकर आमजन के हित में कार्य करना चाहिए। क्योंकि बीमारियां जाति, धर्म या पार्टी देखकर नहीं आती और स्वास्थ्य केंद्र हर वर्ग के लिए बने होते हैं। समाजसेवी सुशील श्योराण ने कहा कि इस नवाचार को जिले के अन्य केंद्रों पर लागू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि मरीज लाभान्वित हो सके। इस मौके पर सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, राजेंद्र वर्मा, हरप्रीत कौर, सुखप्रीत कौर, कुलदीप स्वामी व सविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। 
बीपी व शुगर मरीजों को मिलेगी राहत
केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा ने बताया कि उच्च रक्तचाप (बीपी) व मधुमेह (शुगर) के मरीजों को यह डायरी दी जाएगी। इसमें दवा व जांच दोनों नियमित रूप से लिखी जाएगी, जिससे मरीजों को भविष्य में पर्ची रखने का झंझट नहीं होगा। साथ ही विगत उपचार क्या दिया, इसकी जानकारी भी डायरी के जरिए चिकित्सक को आसानी से मिलेगी जिससे मरीज की सेहत सुधार का तथ्य तैयार होगा। वहीं डायरी में बीपी व शुगर से बचने के उपाय बताए गए हैं। इनसे बचने के लिए मरीज क्या खाए, क्या नहीं खाए और कौनसा व्यायाम करे यह जानकारी भी दी गई है। मरीजों को स्वस्थ आदतों के बारे में बताया गया है।