सोमवार, 30 जुलाई 2018

शहर से लेकर गांवों तक लाभान्वित करेगी मोबाइल डेंटल वैन 
-जिले के 10 स्थानों पर आयोजित होंगे शिविर, मुख व दांतों का होगा नि:शुल्क उपचार 
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की ओर से संचालित मोबाइल डेंटल वैन के जरिए सितंबर माह में गांव-कस्बों सहित जिला मुख्यालय पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों के न केवल दांतों व मुख की नि:शुल्क जांच होगी, बल्कि नि:शुल्क उपचार व दवा भी दी जाएगी। एक माह तक करीब दस स्थानों पर 20 से अधिक दिन तक शिविर लगेंगे और यहां आमजन को मुंह व दांतों के प्रति जागरूक भी किया जाएया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी जिले में शिविर लगाए जा चुके हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले को एक माह के लिए मोबाइल डेंटल वैन मिली है, जिसके जरिए आगामी दिनों में दस शिविर लगाए जाएंगे। शिविर के दौरान मुख एवं दंत रोग की नि:शुल्क जांच, नि:शुल्क दवाएं और बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। वहीं दांतों में मसाला भर, दांतों के कीड़े निकाल, दांतों की सफाई, हिलते हुए दांतों को निकाल एवं उन्हें सुरक्षित रखने का उपचार किया जाएगा। अत्याधुनिक व्यवस्थाओं सुसज्जित इस वैन में दांतों का एक्सरे भी किया जाएगा। वहीं रूट कैनाल, फिलिंग, स्केलिंग, डेंटल एक्सट्रेक्शन एंड इंफेक्शन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्रोई ने बताया कि चार व पांच सितंबर को सीएचसी सूरतगढ़, छह व सात सितंबर को सीएचसी लालगढ़, आठ व दस सितंबर को मिर्जेवाला, 11 व 12 सितंबर  को सीएचसी श्रीकरणपुर, 13 व 14 सितंबर सीएचसी पदमपुर, 15 व 17 सितंबर को सीएचसी रायसिंहनगर, 18 व 20 सितंबर को सीएचसी श्रीविजयनगर, 24 व 25 सितंबर को सीएचसी अनूपगढ़, 26 व 27 को सीएचसी रावला और 28 व 29 सितंबर को जिला अस्पताल श्रीगंगानगर में मोबाइल डेंटल वैन के जरिए शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्यत: आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों का उपचार किया जाता है। 

रविवार, 29 जुलाई 2018

स्वास्थ्य केंद्रों पर लग रहे शिविर, उपचारित होंगे मानसिक रोगी
चिकित्सकों को मिला प्रशिक्षण ताकि कर सकें बेहतर इलाज, कार्यकर्ता कर रहे रोगियों को चिन्हित
श्रीगंगानगर। मानसिक विकारों से पीडि़त लोगों और उनके परिजनों के लिए राहत की बात है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गांव-ढाणी व मोहल्लों में जाकर मानसिक रोगियों की न केवल तलाश कर रहा है बल्कि अब इन्हें उपचारित भी कर रहा है। विभाग ने जिले के चिकित्सकों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया भी दिया है ताकि मानसिक रोगियों को उपचार मिल सके। वहीं सी
एचसी व पीएचसी पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ओर से चिन्हित व रैफर किए गए मरीजों को विशेषज्ञों की देखरेख में इलाज हो सके। कार्यक्रम के नोडल प्रभारी डॉ. प्रेम प्रकाश अग्रवाल शिविरों में जा रहे हैं, वहीं राज्य सरकार ने जिला अस्पताल में दो कार्मिकों भी नियुक्त किया है। साथ ही अर्श बराड़ इसकी मोनिटरिंग कर रहे हैं।
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विभागीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र में मानसिक रोगियों को चिन्हित कर उनका डाटा तैयार कर रहे हैं और इस आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों पर शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सक व स्टाफ जांच करते हैं। आगामी दिनों में सभी सीएचसी व पीएचसी पर शिविर लगाए जाएंगे। वहीं श्रीगंगानगर जिले के अधिकांश मेडिकल ऑफिसर्स का प्रशिक्षण दिलवाया गया है और आगामी दिनों में शेष एमओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही आशा सहयोगिनियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे ऐसे मरीजों को पहचान कर चिन्हित कर सकें और उन्हें शिविर में भेज सकें। विभाग नियमित शिविरों में आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेगा। नोडल प्रभारी डॉ. प्रेम प्रकाश अग्रवाल बताते हैं कि गंभीर मानसिक विकारों में सिजोफ्रेनिया, हिस्टीरिया, पेनिक डिसऑर्डर, फोबिया, ऑर्गेनिक साइकोसिस, मिर्गी, मेनिया और गहन अवसाद से अनेक लोग पीडि़त हैं। इन पर निरंतर इलाज और नियमित ध्यान देने की आवश्यकता होती है। देश में लगभग एक करोड़ लोग मानसिक रूप से बीमार हैं। इसके लिए इलाज की उपलब्धता और इलाज के फायदे की जानकारी न होना महत्वपूर्ण कारण है। इसी के चलते राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया गया, ताकि निकट भविष्य में न्यूनतम मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सभी वर्गों खासकर जनसंख्या के सबसे असुरक्षित वर्गों को उपलब्ध और उस तक पहुंच हो। डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि देवी-देवताओं का प्रकोप, भोपों आदि से इलाज, मिर्गी में अनावश्यक क्रियाएं और ओपरी आदि की बातें अक्सर मानसिक रोगी से जोड़ ली जाती हैं, जबकि इन्हें उपचार की जरूरत होती है। 

शनिवार, 28 जुलाई 2018

सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सकों से लाभान्वित हो रहे जिले के मरीज
-अतिमहत्वाकांक्षी टेलीमेडिसिन सेवा जरिए जिला अस्पताल व अनूपगढ़ सीएचसी में मिल रही सेवाएं
श्रीगंगानगर। राज्य के प्रतिष्ठित एवं सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं श्रीगंगानगर बैठे मरीजों को मिल रही है। यह संभव हो रहा है टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए जो जिला अस्पताल एवं अनूपगढ़ सीएचसी पर दी जा रही है। जिले में जुलाई 2018 तक 1338 लोगों ने जिले में ही रहकर जयपुर के प्रतिष्ठित एवं सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सकों की सेवाएं ली और वे स्वस्थ हुए। जिला चिकित्सालय में आईसीयू के सामने स्थित कमरा नंबर 48 में यह सेवा नियमित दी जा रही है। इस संबंध में एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने निर्देशित किया है कि मरीजों को अधिकाधिक इस सेवा के जरिए लाभान्वित किया जाए।
दरअसल, पहले जहां सिर्फ रेफरल आधार पर ही सेवा का उपयोग हो रहा था वहीं अब खुद मरीज इस सेवा की मांग करने लगे हैं यही कारण है कि योजना के शुरूआती दौर के बाद अब सेवा की मंाग बढऩे लगी है। जिला अस्पताल में 705 और अनूपगढ़ में 633 मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इसमें चर्म, फिजिशियन, न्यूरो, ऑर्थाे, गायनी व शिशु रोग संबंधी सेवाएं ली जा सकती है। प्रदेश में मरीजों को कम समय और कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई टेलीमेडिसिन सेवा से आमजन को घर के नजदीक सुपर स्पेशलिटी सेवाएं मिल रही हैं। योजना के तहत दोनों चिकित्सालयों में एक अलग टेलीमेडिसिन कक्ष स्थापित किया गया है जिसमे मरीजों को जयपुर बैठे विशेषज्ञ से ऑनलाइन परामर्श मिलता है। 
दिन व समय निर्धारित हैं स्वास्थ्य सेवाओं के
प्रशिक्षित स्टाफ प्रमोद व सुनील यादव के अनुसार सेेन्ट्रल साइट पर निर्धारित समयानुसार विशेषज्ञ चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध करवायी जा रही हैं। सोमवार से शनिवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ व जनरल फिजिशियन की सेवाएं सुलभ हैं। सुबह 11 बजे से दोपहर चार बजे तक आर्थोपेडिशियन सेवाएं प्रत्येक सोमवार को, स्किन एवं वीडी सेवाएं प्रत्येक सोमवार व बुधवार को, गेस्ट्रोएन्ट्रोलोॅजिस्ट (उदर रोग)  व ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर रोग) मंगलवार को, एंडोक्राईनोलॉजिस्ट (थॉयराइड/मधुमेह रोग) बुधवार को, कार्डियोलॉजिस्ट की सेवाएं गुरूवार व शनिवार को, फिजियोथैरेपिस्ट गुरूवार को, नेफ्रोलॉजिस्ट(गुर्दा रोग विशेषज्ञ) व न्यूरोलॉजिस्ट शुक्रवार को तथा यूरोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की सेवाएं शनिवार को उपलब्ध हैं। टेलीमेडिसिन सेवा परियोजना वाले इन चिकित्सा संस्थानों पर स्थापित कक्ष में डिजिटल ईसीजी, स्टेथोस्कोप, डिजिटल डर्मोस्कोप, बीपी उपकरण, पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर व स्केनर इत्यादि उपकरण उपलब्ध करवाए गए हैं।
यूं मिलता है परामर्श 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि चिकित्सक मरीज के उपचार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाओं की लगने पर मरीज को टेलीमेडिसिन कक्ष में भेजते हैं। कक्ष में नर्सिंग स्टाफ मरीज की समस्त सूचनाएं व जांच रिपोर्ट पोर्टल में दर्ज कर विशेषज्ञ से सलाह के लिए वीडियो कॉन्फे्रंस करवाई जाती है। जयपुर स्थित विशेषज्ञ चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श सुलभता से मिल जाता है। परामर्श के दौरान विशेषज्ञ की सलाहनुसार टेलीमेडिसिन कक्ष में मौजूद उपकरणों की सहायता से मरीज की विभिन्न जांचे ऑनलाइन देखी जा सकती है एवं आवश्यक दवाओं सम्बन्धी प्रिस्क्रिप्शन भी ऑनलाइन दी जाती हैं और दवाएं नि:शुल्क दवा योजना में उपलब्ध करवा दी जाती हैं। इस तरह मरीज का समय पर खर्च दोनों बचता है। 

गुरुवार, 19 जुलाई 2018

भट्ठा कॉलोनी की मासूम प्रिया को मिली धडक़न
-जन्मजात हृद्य रोग से थी पीडि़त, स्वास्थ्य विभाग ने करवाया नि:शुल्क ऑपरेशन
श्रीगंगानगर। भट्ठा कॉलोनी रिको स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढऩे वाली मासूम प्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मुफीद साबित हुआ है। जन्म से ही हृद्य रोग से पीडि़त प्रिया के पिता निर्धन हैं, ऐसे में महंगा इलाज करवा पाना उनके लिए मुश्किल था लेकिन आरबीएसके से न केवल प्रिया का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ बल्कि टीम अब भी उनके संपर्क में है ताकि प्रिया हमेशा हसंती, खिलखिलाती रहे। 

श्रीगंगानगर ब्लॉक की आरबीएसके टीम प्रभारी डॉ. सोनल कथूरिया बताती हैं कि भट्ठा कॉलोनी स्कूल में नियमित जांच में जब हमने नौ वर्षीय प्रिया को देखा तभी महसूस हुआ कि उसे कोई गंभीर बीमारी है। जांच करने एवं उसके परिजनों से पूछने पर मालूम हुआ कि उसे सांस लेने में काफी परेशानी होती है, वह दौड़ नहीं सकती, सांस चढ़ता है और सामान्य बच्चों की तरह जिंदगी नहीं जी रही है। ऐसे में प्रिया का इलाज करवाना बेहद जरूरी लगा, लेकिन पता चला कि प्रिया के पिता रेहड़ी लगाते हैं और वे बेहद निर्धन है। तीन बच्चों, पति-पत्नी व परिजनों का जीवन यापन बमुश्किल हो रहा है। टीम ने बिना देरी किए प्रिया की स्थानीय निजी हॉस्पीटल में नि:शुल्क इको करवाई, जिसमें गंभीर हृद्य रोग की पुष्टि हुई। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि इसके बाद तुरंत प्रभाव से बच्चे की रिपोर्ट जयपुर भेजते हुए उसके ऑपरेशन की तारीख मांगी गई। आखिरकार जयपुर से भी त्वरित कार्रवाई हुई और जयपुर के प्रतिष्ठित सीकेएस हॉस्पीटल में प्रिया का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ। बहरहाल, प्रिया पूरी तरह से ठीक है और वह सामान्य बच्चों की तरह जीवन यापन कर रही है। प्रिया के पिता रामेश्वर कहते हैं कि उनकी लाडली की जिंदगी सरकार ने लौटाई है और वे बेहद खुश हैं, क्योंकि उनकी बेटी उनके लिए घर की देवी स्वरूपा है। 

वर्जन - 
‘हृद्य रोग से पीडि़त ऐसे 85 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जा चुका है, जो अब पूर्णत: स्वस्थ हैं। जिले के आठ ब्लॉकों में 16 टीमें लगातार कार्य कर रही हैं, जो सरकारी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर बच्चों की जांच करती हैं एवं बीमारी होने पर उन्हें चिन्हित कर उच्च संस्थान पर रैफर करती हैं, जहां उनका नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है।’
डॉ. वीपी असीजा, 
आरबीएसके प्रभारी

मंगलवार, 3 जुलाई 2018

जुलाई में 60 केंद्रों पर लगेंगे परिवार कल्याण शिविर
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई, जिला अस्पताल में चार, 10, 18 व 26 मार्च को शिविर 
श्रीगंगानगर। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जुलाई माह में दो 60 परिवार कल्याण शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान महिला एवं पुरुषों की नसबंदी की जाएगी। शिविरों के सफल व गुणवत्तापूर्ण आयोजन के लिए विभाग ने अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है एवं पाबंद किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। 
एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता ने बताया कि दो जुलाई को पीएचसी घमूड़वाली व सीएचसी शिवपुर, चार को जिला अस्पताल में, पांच को सीएचसी श्रीविजयनगर में, आठ को श्रीकरणपुर, हिंदुमलकोट, पतरोड़ा व रायसिंहनगर, नौ को सीएचसी अनूपगढ़, रोजड़ी व पदमपुर, दस को मोरजण्डा, सरदारगढ़ व जिला अस्पताल, 11 को सोमासर, केसरीसिंहपुर व महियांवाली, 12 को सीएचसी सादुलशहर व पीएचसी ख्यालीवाला, 13 को सीएचसी घड़साना, कोनी व मांझुवास, 14 को मिर्जेवाला व जैतसर, 15 को सीएचसी सूरतगढ़, रायसिंहनगर व पीएचसी रतेवाला, 16 को बीरमाना व लालगढ़, 17 को राजियासर, पीएचसी 17 जेड व डाबला, 18 को जिला अस्पताल व सीएचसी श्रीकरणपुर, 19 को पीएचसी कमरानिया, अरायण व रावला, 20 को पीएचसी सुखचैनपुरा व ढाबां, 21 को श्रीविजयनगर, चूनावढ़ व पीएचसी हाकमाबाद, 22 को सीएचसी सादुलशहर, 23 को अनूपगढ़, रायसिंहनगर, नाहरांवाली व चकमहाराजका, 24 को रामसिंहपुर व समेजा कोठी, 25 को पदमपुर, 26 को जिला अस्पताल व पीएचसी डूंगरसिंहपुरा, 27 को गजसिंहपुर व सूरतगढ़, 28 को घड़साना व श्रीकरणपुर, 29 सीएचसी रावला, 30 जुलाई को पीएचसी 365 आरडी व सीएचसी रायसिंहनगर में परिवार कल्याण शिविर लगाए जाएंगे।