टीबी मरीजों के घर-घर पहुंचेगी आशा सहयोगिनी
-वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त देश बनाने की कवायद, हर मरीज को मिल रहे प्रति माह 500 रुपए
श्रीगंगानगर। देश को वर्ष 2025 तक पूर्णत: टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जी-जान से जुटा है। विभाग हर दिन नए जोश व जुनून के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में एनएचएम एमडी नवीन जैन ने निर्देशित किया है कि सभी टीबी मरीजों के बैंक खाता नंबर व अन्य डिटेल लेते हुए उन्हें निक्षय पोषण योजना के तहत जोड़ा जाए ताकि मरीजों को प्रतिमाह 500 रुपए मिल सकें। जिले में इसे लेकर मंगलवार से टीम फील्ड में जाएगी और जल्द ही जिलास्तरीय वीडियो कॉन्फे्रंसिंग करवा आशा सहयोगिनियों को घर-घर जाकर टीबी मरीजों से बैंक डिटेल लेने के लिए प्रेरित करेंगे। जिले में करीब 1900 टीबी मरीज चिन्हित हैं, जिनमें 60 फीसदी की डिटेल अपडेट की जा चुकी है।
जिला टीबी अधिकारी डॉ. गुंजन खुंगर ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत जिले में तीन लाख 44 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। वंचित मरीजों की जैसे-जैसे बैंक डिटेल मिल रही है, उन्हें अपडेट करते हुए भुगतान प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभाग ने बकायदा इसके लिए निजी चिकित्सालयों, लैब संचालकों व चिकित्सा प्रभारियों को निर्देशित किया है ताकि सभी मरीजों को योजना का लाभ मिल सके और वे जल्द दुरुस्त हो सकें। विभाग का लक्ष्य है कि देश के साथ ही हमारा जिला भी वर्ष 2025 तक पूर्णत: टीबी मुक्त हो जाए। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीबी मरीज से बैंक खाता नंबर, ब्रांच नाम व आईएफएससी आदि की डिटेल ली जा रही है, जिसके अपडेट होने के बाद योजना का लाभ मिलना प्रारंभ हो जाता है। हाल ही में विभाग ने 344 मरीजों को भुगतान किया है, इन्हें दो माह के 1000-1000 रुपए मिले हैं। वहीं 700 अन्य मरीजों की डिटेल अपडेट हो गई है यानि जिले में करीब 60 फीसदी मरीजों की डिटेल अपडेट हो चुकी है। हालांकि जो मरीज निजी चिकित्सालयों, जिलों या राज्यों में उपचार करवा रहे हैं उनसे घर-घर जाकर जानकारी ली जा रही है। इस कार्य के लिए अब आशा सहयोगिनियों को निर्देशित किया गया है। मंगलवार को सूरतगढ़ खण्ड में डीपीएम विपुल गोयल, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई आशा सहयोगिनियों की बैठक लेंगे। इसके साथ ही टीबी अनुभाग के कार्मिकों व आशा सुपरवाइजर्स को भी इस कार्य के लिए पाबंद किया गया है। उल्लेखनीय है कि जिलास्तर पर सीबीनोट मशीन भी संचालित है जिसके जरिए टीबी जांच जल्द हो रही है।
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