रविवार, 12 अगस्त 2018

घर-घर पहुंचेगी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी
राज्य के नौ लाख परिवारों को मिलेगी, स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारियां, आशा बनेंगी सारथी
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की पॉलिसियां अब लाभार्थियों के घर तक पहुंचेगी। इससे लाभार्थियों को न केवल योजना की जानकारी मिलेगी बल्कि वे पॉलिसी पत्र को हॉस्पीटल में भर्ती होने के दौरान दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल भी कर सकेंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस माह के आखिर तक मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हस्ताक्षर युक्त ये पॉलिसियां ढाणी, गांव, कस्बों व शहर में रहने वाले लाभार्थियों तक पहुंचाएगा। इसे लेकर विगत दिनों विभाग के मुखिया एनएचएम एमडी नवीन जैन ने आशा व आईईसी प्रभारियों को प्रशिक्षण देकर पॉलिसी वितरण की कमान सौंपी है, अब पॉलिसी पत्र मिलते ही आशा सहयोगिनियां इसे लेकर घर-घर दस्तक देंगी। 
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के सीईओ एवं एनएचएम एमडी नवीन जैन ने बताया कि बीएसबीवाई के लक्षित लाभार्थियों को उपलब्ध इनडोर कैशलेस कवरेज के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पॉलिसी पत्र घर-घर पहुंचाए जाएंगे। जिस पर बीमा कवर रिन्यू जानकारी, भामाशाह में सम्मिलित प्रत्येक सदस्य का नाम, पॉलिसी नंबर के साथ-साथ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का संदेश भी होगा। ये पॉलिसी पत्र आशा सहयोगिनी के जरिए व्यक्तिगत रूप से लाभार्थी परिवार तक पहुंचाए जाएंगे और बकायदा हर परिवार से पहुंच रसीद भी ली जाएगी ताकि कोई भी परिवार इससे वंचित न रहे। जहां आशा पद रिक्त है वहां संबंधित एएनएम या एलएचवी इन पत्रों का वितरण करेंगी। एमडी श्री जैन ने बताया कि जिलास्तर से लेकर ब्लॉक, सीएचसी, पीएचसी व आशा स्तर का वितरण समय निर्धारित कर सबकी जिम्मेदारी तय की गई है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। इस संबंध में जिलास्तर से भी वीडियो कॉन्फे्रंसिंग कर ब्लॉक अधिकारियों, बीपीएम एवं आशा सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए हैं।
इनकी रहेगी जिम्मेदारी
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिलास्तर पर डीपीएम, आईईसी व आशा प्रभारी, ब्लॉक पर बीसीएमओ, बीपीएम व आशा फेसिलेटर, सीएचसी/पीएचसी स्तर पर चिकित्सा प्रभारी, एलएचवी व आशा सुपरवाइजर और इसके बाद एलएचवी, आशा सुपरवाइजर व आशा सहयोगिनियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में एनयूएचएम डीपीएम, शहरी पीएचसी प्रभारी अधिकारी, पब्लिक हेल्थ मैनेजर, एलएचवी व आशा सहयोगिनी की जिम्मेदारी रहेगी। 
जिले के पौने तीन लाख लाभार्थी परिवार होंगे लाभान्वित
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि श्रीगंगानगर में एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) के तहत सम्मिलित दो लाख 85 हजार 72 लाभार्थी परिवार हैं। जिसमें श्रीगंगानगर ग्रामीण के 38002, शहरी क्षेत्र के 30340, अनूपगढ़ के 25604, श्रीकरणपुर के 22401, घड़साना के 29767, पदमपुर के 24072, रायसिंहनगर के 26671, श्रीविजयनगर के 21233, सूरतगढ़़ के 38071, सादुलशहर के 24868, गजसिंहपुर के 1380 और केसरीसिंहपुर के 2663 लाभार्थी परिवार हैं। जबकि जिले में 11 लाख 47 हजार 119 लोग व्यक्तिगत रूप से एनएफएसए लाभार्थी हैं यानि ये लोग भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें