शनिवार, 10 सितंबर 2016

मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क
-गांव-गांव, ढाणी-ढाणी हो रही है एंटीलार्वा गतिविधियां, आमजन भी बरते सावधानी
श्रीगंगानगर। मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। विभाग की ओर से प्राथमिक कदम उठाते हुए गांव-गांव, कस्बे-कस्बे व शहरी गली-मोहल्लों में नियमित एंटीलार्वा गतिविधियां की जा रही है। जहां भी मलेरिया या संभावित डेंगू आदि के मरीज सामने आ रहे हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही जिले के सभी आठों बीसीएमओ को फिल्ड में रहकर नियमित मोनिटरिंग करने के लिए निर्देेशित किया गया है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एमपीडब्ल्यू व अन्य स्टाफ गांवों-कस्बों में जाकर खड़े पानी में एमएलओ व गम्बूशिया मच्छलियां आदि डाल रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक गांव छह एलएनपी, नेहरा नगर और वार्ड नंबर 13 में सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। 
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों में एंटीलार्वा गतिविधियां की जाएंगी और इस बार पार्षदों का भी सहयोग लिया जाएगा। बकायदा उन्हें बताकर और राय करके उनके क्षेत्र में टीमें जाएंगी। तीन सदस्यीय इस तरह की पांच टीमें शहर में कार्य कर रही हैं। जो ठहरे हुए पानी में एमएलओ और पीने के पानी भण्डारण में टेमीफोस डाले रहे हैं। डॉ. सिंगला ने बताया कि जिन क्षेत्रों में डेंगू मरीज मिलेंगे, वहां पायराथ्रम का छिडक़ाव तत्काल प्रभाव से करवाया जाएगा। वहीं जिला कलेक्टर पीसी किशन द्वारा शिक्षा विभाग के दोनों जिलास्तरीय अधिकारियों को पाबंद किया गया है कि वे स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में डेंगू, मलेरिया आदि मौसमी बीमारियों के बारे में जानकारी दें। इसके साथ ही नगर परिषद को जिला प्रशासन की ओर से निर्देशित किया गया है कि जल्द ही शहरी क्षेत्र में फोगिंग करवाई जाए। 
दो मरीज, दोनों नेगेटिव
मौसमी बीमारियों के साथ ही डेंगू लक्षण दिखने वाले मरीज भी सामने आए हैं। विभाग को अभी तक दो मरीजों की सूचना मिली, जिनकी तुरंत प्रभाव से जांच करवाई गई। दोनों ही मरीजों का एनएस वन और एलाइजा नेगेटिव आया है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के अनुसार हनुमानगढ़ जिले के गांव थालडक़ा निवासी कंवरलाल और पंजाब के अबोहर निवासी कृष्णादेवी को स्थानीय निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। जिनकी सूचना मिलने पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला स्वयं मौके पर जाकर मरीजों की स्थिति देखी और दोनों जांचे करवाई जो नेगेटिव पाई गईं। दोनों मरीजों के पलेटï्लेïट्स में गिरावट आई थी और डेंगू लक्षण लगने पर जांच करवाई गई लेकिन दोनों ही मरीज डेंगू नेगेटिव पाए गए। डॉ. सिंगला ने बताया कि इनके अलावा अभी कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन सामान्य बुखार आदि के मरीज सामने आ रहे हैं इसलिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 
आप भी रहें सतर्क, बरतें सावधानी
डॉ. सिंगला ने बताया कि मौसमी बीमारियों के इस दौर में खासकर मच्छरों से बचना बेहद जरूरी है, जो अपने स्तर पर की गई सावधानियों के जरिए बचा जा सकता है। जरूरी है कि इन दिनों पूरी बाजू के कपड़े पहने जाएं और साप्ताहिक रूप से गमलों से, गमलों की ट्रे और फ्रिज की ट्रे का पानी साफ किया जाए। जो पौधे पानी में लगते हैंं उनका पानी भी हर दूसरे दिन बदला जाए। बुखार होने पर के
वल पेरासिटामोल लें और तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। झोलाछाप लोगों के पास न जाएं। नीम की पत्तियों का धुंंआ घर में फैलाएं, पानी के बर्तन को खुला न रखें, किचन एवं बाथरूम को सूखा रखें, कूलर का पानी सुबह-शाम बदलें। शरीर पर मच्छर को दूर रखने वाली क्रीम लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आस-पास मच्छर मारने वाली दवा का छिडक़ाव करवाएं। डेंगू के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज ठंड लगती है, भूख कम लगती है, सिरदर्द, कमरदर्द, चमड़ी के नीचे लाल धब्बे होना और आंखों में तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ ही उसे लगातार तेज बुखार रहता है। इसके अलावा, जोड़ों में दर्द, बेचैनी, उल्टियां, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। चूंकि डेंगू वायरस के कारण होता है इसलिए इसका उपचार किसी एक तरह से संभव नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि इन लक्षणों को पहचानकर व्यक्ति बिना देरी के चिकित्सक से मिले और इसका उपचार करवाए। इस दौरान अधिक से अधिक पानी व पेय पदार्थ लेना चाहिए और आराम करना जरूरी है। 





‘‘तंबाकू मुक्त हो गंगानगर हमारा, गांव-गांव पहुंच रहा यह नारा’’
-जिले के तीन ब्लॉकों में लोककलाओं के माध्यम से हो रहे हैं जागरूकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले को तंबाकू मुक्त करने के लिए विभिन्न गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा लोक कलाकारों के माध्यम से सांस्कृतिक व नुक्कड़ नाटकों के जरिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान उन्हें तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों, गंभीर परिणामों से अवगत करवाते हुए जानलेवा बीमारी कैंसर के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। बहरहाल, ये कार्यक्रम जिले के तीन ब्लॉकों में चलाए जा रहे हैं और जल्द ही जिले के सभी ब्लॉकों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि तंबाकू के प्रति आमजन का जागरूक होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल आर्थिक, बल्कि सामाजिक, मानसिक व शारीरिक नुकसान हो रहा है। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विभाग के तंबाकू अनुभाग की ओर से चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को सादुलशहर के नेशनल पब्लिक स्कूल, श्रीगुरूनानक पब्लिक स्कूल एवं मालवीय स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं रविवार को सादुलशहर के ही बस स्टेण्ड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगामी 14 सितंबर को सादुलशहर के विभिन्न सरकारी व निजी स्कूलों सहित मुख्य स्थलों पर और 15 सितंबर को लालगढïï़ के विभिन्न स्कूलों में कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम की मोनिटरिंग तंबाकू सेल के सलाहकार अजयसिंह शेखावत, सामाजिक कार्यकर्ता निपेन शर्मा एवं डीईओ त्रिलोकेश्वर शर्मा कर रहे हैं। तीनों कार्मिक नियमित रूप से स्कूलों में बच्चों के बीच जाकर प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित करवा रहे हैं और साथ ही विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न स्कूलों में रैली निकालकर आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां रैली के दौरान ‘तंबाकू मुक्त हो गंगानगर हमारा, गांव-गांव पहुंचे यही नारा, तंबाकू को त्यागो, अपनों से न दूर भागो, तंबाकू छोड़ोगे तो घर को जोड़ोगे’ आदि नारों से बच्चे माहौल को तंबाकू विरोधी बना देते हैं। विभाग की ओर से अभी तक श्रीगंगानगर व श्रीकरणपुर में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, वहीं इन दिनों सादुलशहर में कार्यक्रम हो रहे हैं। 

गुरुवार, 8 सितंबर 2016


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तंबाकू सेल की ओर से जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से 22 अगस्त 2016 से शुरू किए गए ये जागरूकता कार्यक्रम आगामी 15 सितंबर तक निरंतर चलेंगे। इस दौरान नुक्कड़ नाटक एवं संगीत के जरिए जहां कार्यक्रम को मनोरंजक बनाया जाता है, वहीं प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता आदि के जरिए बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जाता है। अनुभाग के सामाजिक कार्यकर्ता नीपेन शर्मा, डीईओ त्रिलोकेश्वर शर्मा इस कार्यक्रम को सफल बनाने में नियमित रूप से जुटे हुए हैं। वहीं सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के निर्देशन में जिला सलाहकार अजय शेखावत कार्यक्रम की मोनिटरिंग कर रहे हैं।

शिविर में 29 कैंसर संभावित मरीज मिले
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में लगाए गए शिविर के दौरान 29 कैंसर के संभावित मरीज मिले। जिन्हें आगे के लिए जांच के लिए रैफर कर दिया गया। एनसीडी अनुभाग की ओर से लगाए गए इस शिविर में 65 मरीजों की जांच की गई, जिन्हें कैंसर की आशंका थी। इनमें से एक मुख कैंसर, 16 स्तन कैंसर, 12 गर्भाश्य कैंसर के संभावित मरीज सामने आएं हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि ज्यादातर मरीज सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से रैफर किए जा रहे हैं। इसके साथ ही सभी बीसीएमओ को आदेशित किया गया है कि मरीजों को जिला अस्पताल में हर माह के प्रथम बुधवार को आयोजित होने वाले कैंसर शिविर में रैफर करें। उन्होंने बताया कि शिविर को लेकर पूरी गंभीरता बरती जा रही है और ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभान्वित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक एमडी फिजीशियन, एनसीडी डीपीओ एवं नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देते हैं। डॉ. बंसल ने बताया कि महिलाओं को खासकर स्तन कैंसर की नियमित जांच करवानी चाहिए। विभाग की ओर से नि:शुल्क मेमोग्राफी की जा रही है।

शनिवार, 3 सितंबर 2016

‘मौसमी बीमारियों को लेकर रहें सतर्क, लापरवाही पर होगी कार्रवाई’ - चिकित्सा मंत्री
-जल स्रोतों में डालें गम्बूशिया मछलियां, स्वास्थ्य केंद्रों पर हो चिकित्सकों व स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हर स्तर पर गंभीरता बरती जाए, अन्यथा लापरवाही होने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खासकर, मलेरिया, डेंगू, स्क्रबटाईफस, चिकनगुनिया आदि की स्थिति पर कडी नजर रखने, जल स्रोतों में गम्बूशिया मछलियां डालने, नियमित रूप से एन्टीलार्वा गतिविधियां करने एवं आवश्यकतानुसार फोगिंग करवाने के निर्देश दिए। वे शनिवार को मौसमी बीमरियों की समीक्षा के लिए जिला कलेक्टर एवं चिकित्सा अधिकारियों से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए मुखातिब हुए। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने प्रदेश के सभी जिलों से मौसमी बीमारियों की जांच के लिए आवश्यक उपकरणों की स्थिति तथा उपचार के लिए आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति की विस्तार से जानकारी ली। चिकित्सा मंत्री ने निर्देशित किया कि मलेरिया, डेंगू आदि बीमारियों के आउटब्रेक होने की स्थिति में तत्काल सम्बन्धित क्षेत्रों में रेपिड रेस्पोन्स टीमें भेजें, जिनके पास जांच की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो। उन्होंने जल संग्रहण के सभी क्षेत्रों में गम्बूशिया मछलियां डालने के साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिये पानी एकत्रित हाने वाले सभी स्थानों पर नियमित रूप से एन्टीलार्वा गतिविधियां करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय निकायों से मिलकर फोगिंग करवाने के निर्देश दिए। 
पशुपालन विभाग के सहयोग से स्क्रबटाईफस रोकें
चिकित्सा मंत्री ने स्क्रबटाईफस के लिए पशुपालन विभाग के सहयोग से आवश्यकतानुसार क्षेत्रों में पशुओं पर निर्धारित लेप करवाने की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने स्क्रबटाईफस से प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के साथ ही इसकी रोकथाम के लिये जनसामान्य को आवश्यक जानकारियां देने के भी निर्देश दिए। स्क्रबटाईफस से प्रभावित मरीजों का भी तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश चिकित्सा मंत्री ने दिए। इस दौरान प्रमुख शासन सचिव श्रीमति गुप्ता ने कहा कि सीएमएचओ खराब पड़े उपकरणों को ईउपकरण के तहत तत्काल ठीक करवाएं और इन्सटॉल होने से शेष रहे उपकरणों को भी तुरंत प्रभाव से इन्सटॉल करवाएं। किसी भी स्थिति में चिकित्सा केंद्रों पर बंद एवं खराब उपकरण नहीं होने चाहिए। 
अधिकारी करें क्षेत्र में जाकर निरीक्षण
प्रमुख शासन सचिव ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमिति रूप से फील्ड विजिट कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने एवं समय पर चिकित्सा कर्मियों की उपालब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों-कस्बों में चिकित्सा कर्मी एवं अन्य स्टाफ समय पर पहुंचे और निर्धारित समय तक ड्यूटी पर रहें। 


ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समितियों का होगा पुनर्गठन
-जुड़ सकेंगे 15 या अधिक सदस्य, महिला होगी अध्यक्ष, बढ़ेगी भागीदारी
श्रीगंगानगर। ग्राम स्तर पर गठित होने वाली ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समितियों को जिले में पुनर्गठन होगा। इसे लेकर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिनकी अनुपालना अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग करवाएगा। इसके साथ ही समिति में आमूलचूल परिवर्तन होंगे और पहले से महिलाओं की भागीदारी अधिक होंगी। यही नहीं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) की अध्यक्ष भी महिला ही होंगी। वहीं सदस्य सचिव और संयोजक आशा होगी। निश्चित ही इस बदलाव के बाद समितियों में महिलाओं का योगदान बढ़ेगा और ग्रामीण स्तर पर कार्य भी बेहतर हो पाएगा।
विशिष्ट शासन सचिव एवं एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि समिति में अब सात की बजाए कम से कम  15 सदस्य होंगे और इन सदस्यों की संख्या इससे अधिक भी हो तो कोई एतराज नहीं होगा। इस संबंध में भारत सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि वीएचएसएनसी में अब तक अधिकतम सात सदस्य ही होते थे, लेकिन अब सदस्य संख्या 15 या इससे अधिक रखने का निर्देश राज्यस्तर से मिला है, जिसके बाद अब समितियों के पुनगर्ठन की प्रक्रिया प्रारंभी की गई है। समिति में अब महिलाओं के साथ ही उन लोगों को शामिल किया जाएगा जो स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहतर कार्य कर रहे हैंँ। साथ ही समुदाय के सभी समूहों के अलावा गरीब और अधिक कमजोर वर्ग के लोगों को भी बतौर सदस्य लिया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि अब गांव की सभी आशाओं को समिति में शामिल किया जाएगा और निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्कूल शिक्षक को भी नियमित सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पीएचईडी के हैण्डपम्प मैकेनिक व मनरेगा कार्यक्रम के क्षेत्र समन्वयक के साथ ही अन्य स्वयंसेवकों को बतौर सदस्य शामिल किया जा सकेगा। यदि किसी क्षेत्र में स्कूल शिक्षा, जल और स्वच्छता या पोषण पर अलग से समितियां बनी हुई हैं तो इन समितियों को वीएचएसएनसी के साथ एकीकृत किया जाएगा। यदि ऐसा संभव नहीं हो पाता है कि इन समितियों के प्रमुख पदाधिकारियों को वीएचएसएनसी में सदस्य के रूप में लिया जाएगा।
अब ये भी बैठक का हिस्सा बनेंगे
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं लेने वाले लोगों को हर संभव प्रयास कर बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। खासकर गर्भवती महिला, स्तनपान करवाने वाली मां, तीन साल तक के बच्चों की मां और गंभीर बीमारियों से ग्रसित रोगी को समिति बैठक् में बुलाया जाएगा। इसके साथ ही बैठक के दौरान एएनसी, पीएनसी, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मौसमी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की जाएगी। यहां मौजूद विभागीय प्रतिनिधि समिति सदस्यों को स्वास्थ्य विभाग की नई योजनाओं से रूबरू करवाएंगे और उन्हें जागरूक करेंगे ताकि वे भी अन्य ग्रामीणों को जागरूक कर सकें।
आमंत्रित किया जाएगा विशेष सदस्यों को
समिति के सामान्य सदस्यों के अतिरिक्त विशेष आमंत्रित सदस्यों की एक श्रेणी को भी सम्मिलित किया जा सकेगा, जो कि बैठक में भाग ले सकेंगे और जिनकी उपस्थिति एवं विचार प्रमुख होंगे। जरूरी नहीं कि ये सदस्य उसी गांव के हों, मसलन स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी, आशा फेसिलिटेटर, आशा समन्वयक, आईईसी समन्वयक, स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के सपुरवाइजर, पंचायत सचिव, पंचायत समिति के सदस्य आदि। चिकित्सा अधिकारी एवं ब्लॉक विकास अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक बार शामिल होना होगा, अधिक बार भी हो सकेंगे। वहीं आशा फेसिलिलेटर को हर बैठक में शामिल होने के लिए निर्देशित किया गया है।

JAI MATA DI