सोमवार, 28 मई 2018

‘दस्त से होने वाली मासूमों की मौत को रोका जा सकता है’’
-जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण ने की ‘गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा’ की शुरुआत , नौ जून तक चलेगा

श्रीगंगानगर। ‘‘पांच वर्ष तक की आयु में बच्चों की होने वाली असमय मौत के पीछे एक बड़ा कारण दस्त व निर्जलीकरण भी है और यदि परिजन, समाज व हम सामूहिक रूप से प्रयास करें तो मासूमों की इन मौतों को रोका जा सकता है। बस जरूरत है हमें जागरूक होने की एवं अपने आस-पास के लोगों को जागरूक करने की, तभी ये प्रयास सार्थक होंगे।’’ ये विचार सोमवार को जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण ने रखे, जो ‘गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा’ की विधिवत शुभांरभ अवसर पर संबोधित कर रही थीं। इसके साथ ही नौ जून तक चलने वाले इस पखवाड़े की शुरुआत पूरे जिले में एक साथ हुई। 

जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण ने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू किया है। इस दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों वाले घरों में आशा सहयोगिनियों के जरिए ओआरएस पैकेट पहुंचाए जाएंगे। वहीं जरूरत होने पर जिंक गोलियां भी दी जाएंगी। सभी चिकित्सा संस्थानों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओरआएस व जिंक कॉर्नर स्थापित कर घोल तैयार करने व उपचोग करने की विधि परिजनों को बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान सामूहिक जिम्मेदारी है जिसमें हर किसी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त तथा कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने व आमजन को जागरूक के उद्देश्य से गहन दस्त नियंत्रण अभियान शुरु किया गया। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि इस दौरान जनसमुदाय को स्वच्छता, पौष्टिक आहार, हाथ धोने के सही तरीके बताने के साथ ही चिकित्सा संस्थानों की ओपीडी/आईपीडी व आंगनबाडी केंद्रों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर की स्थापित किए गए हैं। दस्त एवं कुपोषण से होने वाली बीमारियों के प्रति आमजन में जनजागृति लाने के लिए जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम, व आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार करवाया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि दस्त व निर्जलीकरण से होने वाली मृत्यु को ओआरएस व जिंक की गोली के साथ ही पर्याप्त पोषण देकर रोका जा सकता है। साथ ही दस्त की रोकथाम के लिए साफ पानी पीना, समय-समय पर हाथों को साफ पानी व साबुन से धोना, स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान व पोषण का अहम योगदान होता है।

बुधवार, 23 मई 2018

स्वास्थ्य विभाग की अहम बैठक आज
-जिला प्रमुख की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधि होंगे शामिल, स्वास्थ्य मुद्दों पर होगी चर्चा
श्रीगंगानगर। जिले के स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य मिशन की अहम बैठक होगी। जिला प्रमुख प्रियंका श्योराण की अध्यक्षता में होने वाली इस अहम बैठक में जिले के जनप्रतिनिधिगण मुख्यत: सासंद, विधायक आदि शामिल होंगे। वहीं जिला कलेक्टर ज्ञानाराम सहित सीएमएचओ सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल एवं अन्य विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, ओजस, जेएसवाई, राजश्री, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, एम्बुलेंस, टीकाकरण, निर्माण कार्य, मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना सहित अन्य मुद््दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठक भी होगी। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सभी जिला एवं ब्लॉकस्तरीय अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़े पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी। पखवाड़ा 28 मई से शुरू होकर जून माह तक चलेगा। 

रविवार, 20 मई 2018

केंद्रीय स्वास्थ्य दल ने किया जिले में सघन टीकाकरण सर्वे
बेहतर जिलों में हमारा श्रीगंगानगर, देश में संपूर्ण टीकाकरण को लेकर इसी आधार पर बनेगा प्लान
श्रीगंगानगर। देश में संपूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए इन दिनों केंद्रीय टीमें सघन सर्वे में जुटी है ताकि प्लान बना जल्द ही लक्षित महिलाओं व बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण हो सके। इसी कड़ी में पांच दिवसीय दौरे पर श्रीगंगानगर जिले में नई दिल्ली से आठ सदस्यीय टीम पहुंची और जिले के दो ब्लॉकों में सघन सर्वे किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आईटीएसयू की इस टीम ने सादुलशहर व रायसिंहनगर में सीएचसी, पीएचसी, सबसेंटर एवं गांवों सहित श्रीगंगानगर शहरी क्षेत्र में सर्वे किया।
दरअसल, राज्य के चार जिलों को सर्वे के लिए केंद्रीय स्तर पर चयनित किया गया है, जिनमें टीकाकरण में दो उच्च प्रदर्शन एवं दो निम्न प्रदर्शन वाले जिले हैं। हमारा श्रीगंगानगर जिला बेहतर प्रदर्शन के कारण चयनित हुआ और टीम यहां पहुंची। हमारे जिले के साथ टोंक भी शामिल है। वहीं दो अन्य जिलों में भरतपुर व जैसलमेर हैं। केंद्र की टीमें अन्य राज्यों में इसी तरह सर्वे करने में जुटी है। जिला टीकाकरण प्रभारी आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि पांच दिन में टीमों ने रायसिंहनगर की गंगूवाला और सादुलशहर की लालगढ़ पीएचसी एवं इनके अधीन आने वाले सबसेंटरों व तीन-तीन गांवों का सर्वे किया। टीम जिला मुख्यालय पर झुग्गी-झोंपडिय़ों में भी पहुंची। इस दौरान टीम सदस्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, आशा, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों व लाभार्थियों से मुखातिब हुए। टीम ने टीकाकरण संबंधी समस्याओं, समाधान व बेहतर कार्य को लेकर तथ्य जुटाए। मुख्यत: सेवा में गेप, माइक्रोप्लान, संसाधन की उपलब्धता, प्रशासनिक ढांचा, रखरखाव, कोल्ड चैन, यातायात व्यवस्था, संचार माध्यम आदि के बारे में चर्चा की। वहीं जिलास्तर पर उन्होंने टीकाकरण प्रभारी सहित डीपीएम, डीएनओ, आशा व आईईसी समन्वयक से टीकाकरण को लेकर चर्चा की और जिले में की जा रही विशेष गतिविधियां की तथ्यात्मक जानकारियां जुटाईं। उल्लेखनीय है कि हमारा जिला टीकाकरण में श्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में आता है।
क्या है आईटीएसयू -
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि भारत सरकार के सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) का लक्ष्य भारत में टीकों की उपलब्धता के जरिए लक्षित आयुवर्ग के सभी बच्चों और माताओं का सम्पूर्ण टीकाकरण कराना है। टीकाकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन (बीएमजीएफ) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र के निर्देशन में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएचएफआई) ने अन्य पार्टनर्स (भागीदारों) के सहयोग से सामूहिक रूप से एक टीकाकरण तकनीकी सहायता इकाई (आईटीएसयू) की स्थापना की है। यह प्रयास स्वास्थ्य व्यवस्था, सरकार और सामाजिक संगठनों सहित अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हुए वास्तविक बदलाव लाने और प्रभाव बनाने के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। आईटीएसयू, यूआईपी के विस्तार के लिए बीएमजीएफ की वित्तीय मदद से तकनीकी-प्रबंधकीय सहायता उपलब्ध कराती है, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए व्यवस्था को सशक्त बनाती है तथा टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की बहु-वर्षीय महत्वपूर्ण योजना के कार्यान्वयन में सहायता करती है। आईटीएसयू का प्रमुख उद्देश्य भारत में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की पहुंच, गुणवत्ता और कवरेज में सुधार (बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेष राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए) लाते हुए यूआईपी के कार्यान्वयन के लिए कारगर रणनीतियां तैयार करने के वास्ते संस्थागत क्षमता बढ़ाना और वर्तमान तथा भविष्य, दोनों के लिए कुशल वैक्सीन डिलिवरी सिस्टम तैयार करना है।
आईटीएसयू का विजन एवं मिशन 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक प्रत्येक बच्चे तक पहुंच, कवरेज और गुणवत्ता की असमानताओं में कमी लाने और प्रत्येक योग्य बच्चे का टीकों से रोकी जा सकने वाली बीमारियों से बचाव करने में सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की सहायता करना मुख्य विजन है। वहीं सम्पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम को बल प्रदान करने के लिए कार्यक्रम प्रबंधन को बेहतर बनाना,  कार्यकुशलता बढ़ाना, जवाबदेही तय करना एवं संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ बनाते हुए और प्रभावशाली नीतिगत निर्णय के लिए पुख्ता प्रामाणिक आधार तैयार कर एक समग्र ढांचा उपलब्ध कराना ही आईटीएसयू का मिशन है। आईटीएसयू सभी राज्यों के प्रदर्शन का आकलन, केंद्र एवं राज्य सरकारों की मौजूदा प्रक्रियाओं की समीक्षा और प्रमाणों पर आधारित नवीन पद्धतियों एवं कार्यनीतियों का निरूपण करते हुए टीकाकरण कवरेज को बेहतर बनाने में सहायता प्रदान करती हैै।

रविवार, 13 मई 2018

जिला अस्पताल में 52 कैंसर मरीजों की हुई जांच 
-कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर ने दी सेवाएं, दस को रैफर किया
श्रीगंगानगर। देश के प्रतिष्ठित कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर ने रविवार को श्रीगंगानगर जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने सुबह नौ बजे से 11 बजे तक 52 मरीजों को देखा और उनकी जांच के साथ ही उन्हें परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों का विगत दिनों पंजीकरण किया था। 
शिविर एवं कैंसर नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद चौधरी ने बताया कि डिटेक्शन एण्ड केयर प्रोग्राम के तहत जिला अस्पताल में रविवार को रोगियों के लिए कैंसर शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मुम्बई के एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर ने जांच कर उचित परामर्श दिया। डॉ. पेंढारकर ने 52 मरीजों की सघनता से जांच की, वहीं दस मरीजों को आगामी उपचार के लिए तत्काल बीकानेर रेडियोथैरेपी के लिए रैफर किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि सभी 52 मरीज कैंसर पीडि़त हैं एवं इनमें से 12 मरीज पहले से सेवाएं ले रहे हैं, जबकि अन्य मरीजोंं का भी अलग-अलग जगहों व तरीकों से उपचार चल रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. पेंढारकर आगामी दिनों में भी अपनी सेवाएं श्रीगंगानगर के मरीजों को देते रहेंगे। 
शिवपुर के ग्रामीणों को गांव में ही मिली दंत सुविधा
-आरबीएसके टीम पहुंची मोबाइल डेंटल वैन के साथ, हुआ नि:शुल्क उपचार
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित मोबाइल डेंटल वैन ने दो दिनों तक शिवपुर गांव में अपनी सेवाएं देकर बच्चों सहित अन्य जन को लाभान्वित किया। यहां प्राथमिक तौर पर आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों का उपचार किया, वहीं अन्य ग्रामीणों को भी सुविधा दी गई। अब सोमवार व मंगलवार को यह वैन चूनावढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं देकर ग्रामीणों को लाभान्वित करेगी। 
आरबीएसके प्रभारी डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि ग्रामीणों को गांव में ही बेहतर दंत एवं मुख स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभाग की ओर से मोबाइल डेंटल वैन शुरू की गई है, जो इन दिनों जिले में सेवाएं दे रही हैं। वैन के जरिए बच्चों, बड़ों व बुजुर्गों का पूर्णत नि:शुल्क उपचार के साथ ही आवश्यक होने पर उन्हें नि:शुल्क दवा भी दी जा रही है। दो दिन तक शिवपुर सीएचसी पर सेवाएं देने के बाद यह वैन सोमवार-मंगलवार को चूनावढ़ में होगी। शिवपुर सीएचसी में अनेक लोगों की जांच की गई जबकि 82 का नि:शुल्क उपचार किया गया। शिविर के दौरान मुख एवं दंत रोग की जांच कर नि:शुल्क उपचार, दवाओं के साथ ही उन्हें मुंह व दांतों संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूक किया गया। आरबीएसके टीम की डॉ. सोनल कथूरिया ने बताया कि वैन में दांतों में मसाला भरना, दांतों के कीड़े निकालना, दांतों की सफाई, हिलते हुए दांतों को निकालना एवं उन्हें सुरक्षित रखने का उपचार कर उपाय भी बताए गए। अत्याधुनिक व्यवस्थाओं सुसज्जित इस वैन में दांतों का एक्सरे भी किया जा रहा है। रूट  कैनाल, फिलिंग, स्केलिंग, डेंटल एक्सट्रेक्शन एंड इंफेक्शन सहित अन्य सुविधाएं भी हैं। वैन सुबह नौ बजे से पांच बजे तक संबंधित सीएचसी पर सेवाएं देती हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि 14 व 15 मई को चूनावढ़ के बाद 16 व 17 को केसरीसिंहपुर सीएचसी, 18 व 19 को रायसिंहनगर सीएचसी, 21 व 22 मई को अनूपगढ़ सीएचसी और 23 व 24 मई को घड़साना सीएचसी में मोबाइल डेंटल वैन शिविर लगाएगी। वैन में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. सचिन सारस्वत व डॉ. अल्केश चौधरी सहित जीएनएम विनोद पूनिया व सहायक कर्मचारी महेश भांभू सेवाएं दे रहे हैं। 

गुरुवार, 10 मई 2018

कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर 13 को श्रीगंगानगर में
-जिला अस्पताल में देंगे नि:शुल्क सेवाएं, रजिस्ट्रेशन शुरू
श्रीगंगानगर। देश के प्रतिष्ठित कैंसर विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर 13 मई को श्रीगंगानगर जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। वे यहां सुबह नौ बजे से 11 बजे तक मरीजों को देखेंगे। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों का पंजीकरण करना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल के कमरा नंबर 18 में ओपीडी समय के दौरान पंजीकरण करवाया जा सकता है। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि डिटेक्शन एण्ड केयर प्रोग्राम के तहत जिला अस्पताल में रविवार को रोगियों के लिए कैंसर शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में मुम्बई के एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढारकर जांच कर उचित परामर्श देंगे। उन्होंने बताया कि जिले में कैंसर रोगियों एवं कैंसर संभावित रोगियों की स्वास्थ्य जांच एवं उचित परामर्श के पंजीकरण शुरू कर दिया गया है, जहां आमजन पंजीकरण करवा सकते हैं। शिविर में पंजीकरण के लिए डॉ. प्रमोद चौधरी (9983326137) से संपर्क कर सकते हैं। श्रीगंगानगर के अलावा डॉ. पेंढारकर 13 मई को दोपहर दो से चार बजे तक हनुमानगढ़ जिला अस्पताल, 14 मई को प्रात: 8 से 10 बजे तक चूरू जिला अस्पताल और दोपहर एक से तीन बजे तक झुंझनूं जिला अस्पताल में कैंसर रोगियों की जांच करेंगे।

एनएचएम टीम आशाओं से हुई मुखातिब
-वंचितों को राजश्री योजना का लाभ दिलवाने के किए जा रहे हर संभव प्रयास
श्रीगंगानगर। मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत पहली किश्त ले चुके लाभार्थियों में से दूसरी किश्त से वंचितों को शत-प्रतिशत भुगतान के लक्ष्य के साथ इन दिनों एनएचएम टीम आशा सहयोगिनियों से मुखातिब हो रही है। बुधवार को यह टीम जिले के दूर-दराज इलाके में स्थित अनूपगढ़, घड़साना, रोजड़ी व रावला में पहुंची। टीम में डीपीएम विपुल गोयल, डीएनओ कमल गुप्ता, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण एवं सीओआईईसी विनोद बिश्रोई शामिल रहे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में एनएचएम टीम के अथक प्रयासों, ब्लॉक स्तरीय कार्मिकों व आशा सहयोगिनियों की बदौलत राजश्री योजना का भुगतान 80 फीसदी से अधिक हो चुका है जबकि अन्य को भुगतान दिलाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य को लेकर एनएचएम टीम फील्ड में पहुंची और घड़साना ब्लॉक मुख्यालय, अनूपगढ़ सीएचसी, रोजड़ी आदर्श पीएचसी व रावला सीएचसी पर आशा सहयोगिनियों की बैठक कर उनसे विस्तार से चर्चा की। बैठक में सामने आया कि इस क्षेत्र से वंचित लाभार्थियों में से अनेक यहां से दूसरे जिलों व राज्यों में जा चुके हैं। कुछ लाभार्थी योजना का लाभ लेना नहीं चाहते, कुछेक मामलों में बच्ची की मृत्यु होना भी सामने आया। वहीं ज्यादातर मामले ऐसे हैं जिनका आगामी तीन दिवस में भुगतान हो जाएगा। आशा सहयोगिनियों ने बैठक के दौरान संकल्प लिया कि वे आगामी तीन दिनों में दस्तावेज तैयार कर वंचितों को भुगतान करवाने में अहम योगदान देंगी। वहीं जहां भुगतान संभव नहीं है उनकी स्थिति स्पष्ट की जाएगी ताकि ऐसे लाभार्थियों को वंचितों की श्रेणी में न माना जाए। डॉ. बंसल ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले का लक्ष्य है कि राजश्री योजना का लाभ हर लाभार्थी को अवश्य मिले। 

पीएमएसएमए पर लाभान्वित हो रही गर्भवतियां
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 1691 को मिली स्वास्थ्य सेवा
श्रीगंगानगर। जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जिले की 1691 गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं व सुविधाएं दी गईं। इस मौके पर निजी सहित सरकारी चिकित्सकों ने उत्कृष्ट सेवाएं दी। वहीं जिलास्तरीय अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कार्मिकों व चिकित्सकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि हर माह की नौ तारीख को जहां निजी चिकित्सक पूर्णत: नि:शुल्क सेवाएं देंगे, वहीं राजकीय चिकित्सक भी अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं को विभाग की ओर से हर संभव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिला चिकित्सालय सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक पीएमएसएमए का आयोजन किया जाता है। बुधवार को जिला मुख्यालय पर स्थिति केंद्रों पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं पहुंची। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं को उत्साह देखने लायक था। अभियान को सफल व उत्कृष्ट बनाने के लिए एनएचएम टीम में शामिल डीपीएम विपुल गोयल, डीएनओ कमल गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण एवं सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इसी तरह अन्य ब्लॉक व जिलाधिकारियों ने अभियान के तहत आयोजित पीएमएसएमए का निरीक्षण किया।