ह्रदय पीडि़तों को मिल रही राहत
-आरबीएसके के तहत हर माह मनाया जा रहा ह्रदय दिवस, मिले सात मासूम मरीज
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह मनाए जाने वाले ह्रदय दिवस के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मासूम मरीज न केवल चिन्हित हो रहे हैं बल्कि उनकी सतही जांच करवा उन्हें इलाज भी मुहैया करवाया जा रहा है। मंगलवार को भी विभाग की ओर से जिला अस्पताल में हृदï्य दिवस मनाया गया, जिसमें करीब 29 बच्चों की जांच हुई। विभाग की ओर से अब तक सैंकड़ों बच्चों की हृदï्य संबंधी जांच की जा चुकी है, जिनमें 193 बच्चों की बकायदा इकोकॉर्डियोग्राफी करवाई गई है।
आरबीएसके के डॉ. सुनील बिश्रोई ने बताया कि आरबीएसके के जरिए ऐसे मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है जो अब तक गंभीर बीमारियों को भी सामान्य समझ कर अनदेखी कर रहे थे। ऐसी बीमारियों उनके लिए कभी भी घातक साबित हो सकती थी, लेकिन विभाग ने ऐसे बच्चों को चिन्हित कर इलाज करवाया है और कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में जिला अस्पताल में शिविर लगाया गया, जहां 29 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 12 बच्चों को इको जांच के लिए स्थानीय डॉ. प्रेम मित्तल के यहां रैफर किया गया। जहां डॉ. मित्तल में बच्चों की ह्रदय जांच कर उनकी नि:शुल्क इकोकॉर्डियोग्राफी की। जिनमें से सात बच्चे हृद्य संबंधी बीमारी की पुष्टि हुई। अब इन बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक विभाग ने अब तक 193 बच्चों की इकोकॉर्डियोग्राफी की और 23 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया। वहीं 20 बच्चों का दवाओं के जरिए उपचार करवाया, वहीं अन्य का उपचार करवाया जाएगा। मंगलवार को दस वर्षीय अमन पुत्र गुरमीत, नौ वर्षीय राहुल पुत्र भजनलाल, 11 वर्षीय सहजवीर पुत्री साहबसिंह, छह वर्षीय नरेंद्र पुत्र नरसीराम, ढाई वर्षीय जीया पुत्री राकेश, नौ वर्षीय साजविंद्र सिंह पुत्र अंग्रेजसिंह, दस वर्षीय मदनलाल पुत्र बीरबलराम, दा वर्षीय प्रदीप पुत्र छगनलाल, 12 वर्षीय गीना पुत्री बबलू, प्रवीण कौर पुत्री जगतार सिंह, दस वर्षीय अनीशा पुत्री बलवीर कुमार और तीन वर्षीय रिम्पी पुत्री रमेश कुमार की ह्रदय जांच की गई।