शुक्रवार, 31 मार्च 2017

पोलियो जागरूकता रैली आज, अभियान दो को
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय पोलियो अभियान के तहत इस बार दो अप्रेल को पोलियो दवा पिलाई जाएगी। हर बार की तरह पांच वर्ष तक के बच्चों को बूथ स्तर पर एवं वंचितों बच्चों को घर-घर जाकर यह दवा पिलाई जाएगी। शनिवार को विभाग की ओर से जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसे सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा एवं नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी हरी झण्डी दिखाएंगी। शहरी क्षेत्र के प्रभारी डॉ. संजय राठी ने बताया कि पोलियो अभियान को लेकर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने स्कूल बूथ को लेकर सख्त आदेश जारी किए हैं। बूथ वाले स्कूल हर हाल में सुबह सात बजे खुलेंगे एवं टीम के लिए पेयजल, बिजली व बैठने आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। टीम सुबह नौ बजे से पांच बजे तक बच्चों को दवा पिलाएगी। वहीं तीन अप्रेल को टीमें घर-घर पहुंचेंगी और चार अप्रेल को वंचित बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। पोलियो कार्यक्रम के राकेश कुमार शिब्बू के अनुसार विगत चरण में जिले के लक्षित बच्चों में से 99.6 बच्चों को पिलाई गई थी। 

मंगलवार, 28 मार्च 2017

ह्रदय पीडि़तों को मिल रही राहत
-आरबीएसके के तहत हर माह मनाया जा रहा ह्रदय दिवस, मिले सात मासूम मरीज
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह मनाए जाने वाले ह्रदय दिवस के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मासूम मरीज न केवल चिन्हित हो रहे हैं बल्कि उनकी सतही जांच करवा उन्हें इलाज भी मुहैया करवाया जा रहा है। मंगलवार को भी विभाग की ओर से जिला अस्पताल में हृदï्य दिवस मनाया गया, जिसमें करीब 29 बच्चों की जांच हुई। विभाग की ओर से अब तक सैंकड़ों बच्चों की हृदï्य संबंधी जांच की जा चुकी है, जिनमें 193 बच्चों की बकायदा इकोकॉर्डियोग्राफी करवाई गई है।
आरबीएसके के डॉ. सुनील बिश्रोई ने बताया कि आरबीएसके के जरिए ऐसे मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है जो अब तक गंभीर बीमारियों को भी सामान्य समझ कर अनदेखी कर रहे थे। ऐसी बीमारियों उनके लिए कभी भी घातक साबित हो सकती थी, लेकिन विभाग ने ऐसे बच्चों को चिन्हित कर इलाज करवाया है और कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में जिला अस्पताल में शिविर लगाया गया, जहां 29 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 12 बच्चों को इको जांच के लिए स्थानीय डॉ. प्रेम मित्तल के यहां रैफर किया गया। जहां डॉ. मित्तल में बच्चों की ह्रदय  जांच कर उनकी नि:शुल्क इकोकॉर्डियोग्राफी की। जिनमें से सात बच्चे हृद्य संबंधी बीमारी की पुष्टि हुई। अब इन बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक विभाग ने अब तक 193 बच्चों की इकोकॉर्डियोग्राफी की और 23 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया। वहीं 20 बच्चों का दवाओं के जरिए उपचार करवाया, वहीं अन्य का उपचार करवाया जाएगा। मंगलवार को दस वर्षीय अमन पुत्र गुरमीत, नौ वर्षीय राहुल पुत्र भजनलाल, 11 वर्षीय सहजवीर पुत्री साहबसिंह, छह वर्षीय नरेंद्र पुत्र नरसीराम, ढाई वर्षीय जीया पुत्री राकेश, नौ वर्षीय साजविंद्र सिंह पुत्र अंग्रेजसिंह, दस वर्षीय मदनलाल पुत्र बीरबलराम, दा वर्षीय प्रदीप पुत्र छगनलाल, 12 वर्षीय गीना पुत्री बबलू, प्रवीण कौर पुत्री जगतार सिंह, दस वर्षीय अनीशा पुत्री बलवीर कुमार और तीन वर्षीय रिम्पी पुत्री रमेश कुमार की ह्रदय जांच की गई। 
नववर्ष पर जांचा स्वास्थ्य
-महिलाओं की जांच, दी कैंसर संबंधी जानकारी

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को नववर्ष के उपलक्ष में महिलाओं व बुुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की। महिला योग समिति की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से कैंसर जागरूकता सेमीनार भी आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को होने वाले कैँसर पर विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं 97 महिलाओं की शुगर व उच्च रक्तचाप की जांच की गई। 

डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से नववर्ष पर लगाए गए इस शिविर में आमजन को कैंसर संंबंधी जानकारी के साथ ही उन्हें जागरूकता सामग्री भी उलपब्ध करवाई गई। शिविर के दौरान डॉ. सोनिया व अर्शदीप बराड़ ने कैंसर के बचाव व उपचार संबंधी जानकारी दी। उन्होंनेे बताया कि महिलाएं न केवल कैंसर के प्रति खुद सजग रहे, बल्कि खान-पान व रहन-सहन के जरिए अपने परिवार को भी बचाए। क्योंकि महिलाएं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने परिवार को सहेज सकती है, उन्हें जागरूक कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी मे सुकून से रहना भी बहुत जरूरी है और बेहतर खान-पान की सख्त आवश्यकता है। थोड़ी सी लापरवाही कैंसर को आमंत्रित कर सकती है। डॉ. सोनिया ने बताया कि सामान्य आयु के बाद महिला व पुरुष दोनों को नियमित जांच करवानी चाहिए और इसके बाद एक निर्धारित समय के बाद आवश्यक जांचे करवानी चाहिए। यदि किसी तरह के शारीरिक बदलाव नजर आए तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।  इस दौरान अर्षइंद्रपाल, गगनदीप कौर, रणजीत व निशा भादू आदि मौजूद रहे।


सोमवार, 27 मार्च 2017

बेटी बचाओ, पुण्य के साथ ‘लक्ष्मी’ भी पाओ
-आशाओं को दी मुखबिर योजना की जानकारी, करेंगी आमजन को जागरूक
श्रीगंगानगर। नवरात्रा पर्व शुभारंभ की पूर्व संध्या पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ अभियान को और आगे बढ़ाते हुए अब आशा सहयोगिनियों को प्रशिक्षित देने का निर्णय लिया है ताकि वे बतौर मुखबिर कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने में अपनी भूमिका अदा कर सकें। सोमवार को जिला स्वास्थ्य भवन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने आशाओं को मुखबिर योजना की जानकारी दी। उन्होंने आशाओं को प्रेरित किया कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे कुकर्मियों पर नजर रखें जो भू्रण लिंग जांच का दावा करते हैं या जो कन्या भू्रण हत्या में लिप्त हैं। आशाओं ने भी एकजुट होकर कहा कि वे बेटियां होने के नाते, बेटियों को बचाने में अपनी भूमिका निभाएंगी।
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि कोई भी आशा सहयोगिनी या अन्य व्यक्ति विभाग के टोल फ्री नंबर 104 पर इस संबंध में सूचना दे सकता है। विभाग की ओर से सूचना की पुष्टि होने और कार्रवाई के बाद अलग-अलग किस्तों में अब तक दो लाख रूपए दिए जा रहे हैं। वहीं इस एक अपे्रल से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीकरण सराफ ने बेटियों को बचाने के लिए मुखबिर योजना की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब अढाई लाख रूपए मुखबिर योजना के तहत मिलेंगे। जिसमें एक लाख रूपए मुखबिर को, एक लाख रूपए गर्भवती महिला और पचास हजार रूपए सहयोगी महिला को मिलेंगे। डॉ. बंसल ने कहा कि बेटियां बचाना पुण्य का कार्य है, इसलिए पुण्य भी कमाओ और मुखबिर योजना का लाभ उठाते हुए ढाई लाख रूपए भी पाओ। निश्चित ही यदि समाज का हर तबका बेटी बचाओ अभियान में अपनी भूमिका निर्वहन करे तो वो दिन दूर नहीं जब बिगड़ा लिंगानुपात समान होगा और बेटियां सुरक्षित होंगी। कार्यक्रम के दौरान पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएसी रायसिंह सहारण, डीपीएम विपुल गोयल, अमनदीप सिंह, हेमंत शर्मा आदि मौजूद रहे।

शुक्रवार, 24 मार्च 2017

‘‘एक जुट हो जाएं, आओ मिलकर टीबी रोग दूर भगाएं’’
-टीबी दिवस पर आयोजित हुए रक्तदान शिविर, रैली निकाली 
श्रीगंगानगर। टीबी दिवस पर शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जागरूक किया। विभाग की ओर से पोस्टर प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कठपुतली कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक व रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इससे पहले जिला मुख्यालय सहित सभी खण्डस्तर पर जागरूकता रैली निकाली गई। जिला मुख्यालय पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि टीबी एक सामाजिक बीमारी है, जिसे मिलकर समाप्त करना होगा। क्योंकि इस बीमारी के कारण कई लोगों के साथ छुआछूत जैसा व्यवहार किया जाता है, जो उचित नहीं है। उन्होंने संकल्प दिलाया कि ‘‘एक जुट हो जाएं, आओ मिलकर टीबी रोग दूर भगाएं’’। समारोह में आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल व टीबी अधिकारी डॉ. गुंजन खुंगर भी मौजूद रहे। 
डॉ. खुंगर ने बताया कि टीबी दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें चिकित्सा अधिकारियों सहित कार्मिकों ने रक्तदान किया। मुख्यत: यह रक्तदान टीबी मरीजों के लिए किया गया। वहीं विभाग की ओर से सुबह जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे स्वास्थ्य भवन से सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने हरी झण्डी दिखाकर रवानगी दी। इसके बाद रैली मुख्य मार्गों से होती हुई टीबी केंद्र पहुंची। यहां आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कठपुतली व नुक्कड़ नाटक के जरिए आमजन को टीबी के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. गुंजन खुंगर ने बताया कि वर्तमान में भारत में विभिन्न बीमारियों से होने वाली मौतों में एक मुख्य कारण टीबी भी है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में प्रतिवर्ष प्रति लाख जनसंख्या पर 167 नए रोगी सामने आते हैं। वहीं भारत में छह हजार लोग प्रतिदिन टीबी से ग्रसित होते हैं एवं छह सौ रोगी प्रतिदिन टीबी की बीमारी से मरते हैं। यही वजह है कि टीबी की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने 2025 तक पूर्णत: टीबी मुक्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में आमजन को भी भागीदारी दिखानी होगी तभी देश टीबी मुक्त होगा। 

गुरुवार, 23 मार्च 2017

बच्चों के लिए दवा की हर बूंद जरूरी - जिला कलेक्टर
-नियमित टीकाकरण में शामिल हुआ रोटा वायरस वैक्सीन, राज्य सहित जिले में शुभारंभ 
श्रीगंगानगर। बच्चों में रोटा वायरस के कारण लगने वाले दस्त की रोकथाम के लिए अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नि:शुल्क दवा देगा। यह दवा बच्चों को छह, दस एवं 14 सप्ताह की आयु में दी जाएगी। राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में शामिल किए गए रोटा वायरस वैक्सीन का गुरूवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने पुरानी आबादी डिस्पेंसरी से शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज, डिस्पेंसरी प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. नीरू बवेजा, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम प्रभारी नकुल शेखावत, सिवेंद्र एवं कुलदीप स्वामी मौजूद रहे। 
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों पर कार्मिक गंभीरता से इस कार्यक्रम को लेकर कार्य करें एवं नियमित रूप से बच्चों को दवा पिलाई जाए। उन्होंने कहा कि परिजन भी जागरूक होंं, क्योंकि बच्चों के लिए दवा की हर बूंद जरूरी है। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में 23 मार्च से दस्त रोग प्रतिरक्षक रोटा वायरस वैक्सीन भी शामिल हो गया है। इसी के साथ राज्य में बच्चों को रोटा वायरस वैक्सीन की पांच गुलाबी बूंदे 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में नियमित टीकाकरण के साथ पिलाई जाएगी। यह दवा ऑरल वैक्सीन है, यानी पोलियो बूंद की तरह बच्चों को मुंह के जरिए पांच बूंदें दवा के रूप में दी जाएगी। यह दवा जिले के सभी जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, सब सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र आदि पर पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि देश में 3.3 लाख बच्चों की डायरिया से मौत होती है, जिनमें 40 फीसदी बच्चों की मृत्यु रोटा वायरस से होती है। इसी तरह देश में करीब नौ लाख बच्चे रोटा वायरस की चपेट में आने से अस्पताल में भर्ती होते हैं। गुरूवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी खण्ड मुख्यालयों और सीएचसी व पीएचसी पर भी रोटा वायरस वैक्सीन की शुरूआत को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 
विश्व टीबी दिवस  पर निकाली जाएगी जागरूकता रैली
श्रीगंगानगर। शुक्रवार को जिले में विश्व टीबी दिवस को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुबह दस बजे रैली निकाली जाएगी। जो जिला स्वास्थ्य भवन से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरेगी। रैली को सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गुंजन खुंगर हरी झण्डी दिखाएंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे टीबी क्लीनिक में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि डॉ. नरेश बंसल एवं आईएएम अध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल मौजूद रहेंगे। इस मौके पर पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा
पोलियो अभियान को लेकर कार्मिक हुए प्रशिक्षित
-दो अप्रेल को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की
श्रीगंगानगर। जिले में दो अप्रेल को पोलियो दिवस मनाया जाएगा। इस दिन नौनिहालों को दो बूंद जिंदगी की दी जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने पोलियो अभियान को लेकर गुरूवार से प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान अभियान के तहत लगाए जाने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में 23 व 24 मार्च और 27 से 29 मार्च तक कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण शिशु रोग विशेषज्ञ एवं पोलियो अभियान के शहरी क्षेत्र के प्रभारी डॉ. संजय राठी देंगे। उन्होंने बताया कि यहां 115 बूथों पर 440 वैक्सीनेटर और 21 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। वहीं चार अधिकारी भी इन कार्मिकों की मोनिटरिंग करेंगे। वहीं पोलियो अभियान को लेकर विभाग ने अन्य तैयारियां भी प्रारंभ कर दी हैं और खण्ड स्तर के कार्मिकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शुक्रवार, 3 मार्च 2017

मोबाइल में गूंजेगी ‘किलकारी’ 
-किलकारी मोबाइल सेवा के तहत गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को मिल रहे वॉयस मैसेज
श्रीगंगानगर। अब गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को गर्भकाल के दौरान व बाद में सावधानी एवं अन्य जानकारियों से अपडेट होने के लिए किसी किताब या इंटरनेट का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। न ही उन्हें आस-पड़ोस की किसी बुजुर्ग या परिचित महिला से सलाह-मशवीरा करना पड़ेगा। न हीं उन्हें नवजात शिशु की देखभाल के लिए बार-बार चिकित्सालय जाने की जरूरत होगी। क्योंकि अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं के लिए मोबाइल सेवा ‘किलकारी’ के जरिए वॉयस मैसेज भेजना शुरू कर दिया। पीसीटीएस में पंजीकृत जिले के महिलाओं को ये वॉयस मैसेज प्राप्त भी होने लगे हैं। इससे पूर्व यह स्कीम केवल दस जिलों में ही संचालित थी, लेकिन मार्च माह से पूरे राज्य में योजना प्रारंभ कर दी गई है। इस कार्यक्रम की राज्यस्तरीय मोनिटरिंग एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन स्वयं कर रहे हैं।  
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विभाग की ओर से गर्भवती व प्रसूता महिला को नियमित स्वास्थ्य संदेश देने के लिए किलकारी सेवा प्रारंभ की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुरुकी गई है किलकारी सेवा से निश्चित ही महिलाएं लाभान्वित होंगी। उन्होंने बताया कि वॉयस मैसेज सेवा के जरिए राज्य की गर्भवती व नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित वॉयस मैसेज भेजे जा रहे हैं। किलकारी वॉयस मैसेज पीसीटीएस सॉफ्टवेयर पर दर्ज लाभार्थी महिला के मोबाइल नंबर पर गर्भकाल के चौथे माह से प्रत्येक सप्ताह एक वॉयस मैसेज प्राप्त होगा। इसी तरह शिशु की आयु एक वर्ष होने तक यानी गर्भकाल के बाद से लाभार्थी को 72 मैसेज भेजे जाएंगे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सभी वॉयस मैसेज 0124-3309999 नंबर से प्राप्त होंगे। ये मैसेज प्रसव काल, एएनसी, एचबीएनसी, परिवार कल्याण एवं शिशु के पूर्ण टीकाकरण किए जाने के संबंध में प्राप्त होंगे। यदि लाभार्थी पहला वॉयस मैसेज कॉल रिसीव नहीं करती हैं तो उसी दिन तीन अन्य मैसेज पुन: भेजे जाएंगे। यदि कॉल ड्रॉप हुई या लाभार्थी उस समय व्यस्त हैं तो बाद में टोल फ्री नंबर 1800-3010-1703 के जरिए नंबर डॉयल पुन: मैसेज सुन सकती हैं। इस संबंध में मिशन निदेशक नवीन जैन ने सभी आशा समन्व्यक को निर्देशित किया है कि आशाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं का यह जानकारी पहुंचाएं। यही नहीं पहली जांच के दौरान ही महिला को वॉयस मैसेज के बारे में अवगत करवाने के लिए सभी चिकित्सा अधिकारियों व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पाबंद किया गया है। बिश्रोई ने बताया कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट ‘एमसीटीएस’ पर किलकारी के संबंध में अनेक मैसेज एवं जानकारी दी गई हैं। वहीं अनेक तरह की प्रचार-प्रसार सामग्री भी किलकारी को लेकर दी गई है। यह कार्यक्रम मुख्यत: गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं व आशाओं के लिए हैं। प्राथमिक स्तर पर दस जिलों में सेवा सफल रहने पर अन्य जिलों में शुरू की गई है।