मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017



स्वास्थ्य विभाग ने ‘दिल’ के नाम किया वैलेंटाइन डे
वैलेंटाइन सप्ताह में करवाए ‘दिल’ के सात ऑपरेशन, 
अब तक 27 का ऑपरेशन, 47 को राहत
श्रीगंगानगर। फरवरी माह में जब पूरा विश्व वैलेंटाइन सप्ताह मना रहा था तो उसी अंतराल में स्वास्थ्य विभाग के कुछ युवा भी ‘दिल’ की बात कर रहे थे। विभिन्न कारणों से नासाज हुए मासूमों के ‘दिल’ की बात। दरअसल, जिले में चल रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित किए जा रहे है बच्चों में अनेक ऐसे भी मिले जिन्हें हृदï्य संबंधी बीमारी है। इन्हीं को राहत दिलाने के लिए आरबीएसके टीम ने वैलेंटाइन सप्ताह के दौरान सात बच्चों को चिन्हित कर न केवल जयपुर के प्रतिष्ठित हॉस्पीटलों में भर्ती करवाया, बल्कि उनका सफल उपचार भी करवाया। आज सातों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और वे सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक, विभाग अब तक हृद्य रोग से संबंधित 120 बच्चे चिन्हित कर चुका है। जिनमें 27 बच्चों का ऑपरेशन और 20 बच्चों का दवाओं के जरिए उपचार किया जा चुका है। सभी बच्चों का विभाग नियमित फॉलोअप भी कर रहा है और अन्य बच्चों को चिन्हित करने का कार्य जारी है। फरवरी मध्य में जिन सात बच्चों का ऑपरेशन विभाग ने करवाया, उनकी दास्तां कमोबेश मिलती जुलती हैं।ज्यादातर के पिता मजदूरी करते हैं और वे बेहद निर्धन परिवार से हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि तीन बीएमएम, सूरतगढ़ निवासी मजदूरी करने वाले जयपाल के 15 वर्षीय पुत्र श्रीराम पिछले लंबे अर्से से हृदï्य रोग से पीडि़त था, लेकिन महंगे इलाज के चलते उपचार नहीं करवाया गया। इसी तरह श्रीकरणपुर क्षेत्र के गांव 27 आरबी निवासी जगीरसिंह के दस वर्षीय पुत्र राकेश के भी यही हालात थे। कपड़े की दुकान पर नौकरी करने वाले तीन एमएलडी, घड़साना निवासी सुभाष के सात वर्षीय पुत्र विशाल भी दिल की बीमारी से जूझ रहा था, लेकिन इन बच्चों को विभागीय टीम ने चिन्हित कर सफल ऑपरेशन करवा राहत दिलाई। इसी तरह करणीसर, सूरतगढ़ निवासी 11 वर्षीय साहिल पुत्र कालूराम, छह जेडडब्ल्यूएम, घड़साना निवासी 14 वर्षीय ज्ञानचंद पुत्र करमपाल और चार आरबी, पदमपुर निवासी चार वर्षीय दिनेश पुत्र नरेंद्र कुमार को भी टीम ने दिल का ऑपरेशन करवा राहत दिलवाई। सूरतगढ़ के वार्ड नंबर 28 निवासी उमेश कुमार की पुत्री नन्ही मासूम रीना भी हृद्य रोग से पीडि़त थीं, लेकिन टीम ने रीना को प्राथमिक उपचार कर इको कॉर्डियोग्राफी करवाई और जयपुर के प्रतिष्ठित हॉस्पीटल में ऑपरेशन करवाया। आज दूसरे बच्चों के साथ ही रीना खुश हैं, उसके चेहरे पर मुस्कान है। राहत की मुस्कान, दिल दुरुस्त होनी की खुशी। 
इन चिकित्सकों की रही भूमिका
सभी बच्चों को राहत दिलाने में युवा टीम यानी आरबीएसके के अतिरिक्त प्रभारी डॉ. भारत भूषण व सहप्रभारी डॉ. सुनील बिश्रोई के नेतृ़त्व में डॉ. सुमन, डॉ. रोहिताश, डॉ. पूनम, डॉ. प्रदीप, डॉ. पवन, डॉ. वाटिका, डॉ. रामस्वरूप, डॉ. जितेंद्र, डॉ. सुनैना, डॉ. कमल किशोर, डॉ. ममता पारीक व डॉ. नमृता का अहम योगदान रहा। इन्हीं की बदौलत ये मासूम चिन्हित हो पाए और उन्हें बेहतर उपचार मिल सका। इस उल्लेखनीय कार्य में डॉक्टर प्रेम मित्तल का भी सहयोग रहा है, जिन्होंने आरबीएसके के तहत अब तक 150 से अधिक बच्चों की नि:शुल्क इको कॉर्डियोग्राफी की है। 







शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

नसबंदी पर जिले में एक हजार रुपए अतिरिक्त, मिल रहे हैं तीन हजार
फरवरी में 38 शिविर, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार कल्याण नसबंदी शिविरों में पुरुष नसबंदी पर इन दिनों एक हजार रुपए अतिरिक्त दिए जा रहे हैं, जिसके चलते पुरुष नसबंदी करवाने वालों को कुल तीन हजार रुपए मिल रहे हैं। अतिरिक्त राशि मार्च 2017 तक लगने वाले नसबंदी शिविरों में ही दी जाएगी। एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता के अनुसार फरवरी माह में 38 शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों के दौरान नसबंदी करवाने वालों के लिए समुचित व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं सहित बेहतर गुणवत्ता के लिए संबंधित बीसीएमओ को पाबंद किया गया है। यही कहीं लापरवाही मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि 12 फरवरी को सीएचसी सादुलशहर व पीएचसी ख्यालीवाला, 13 को सीएचसी घड़साना व पीएचसी मांझुवास, 14 को पीएचसी जैतसर व रामसिंहपुर, 15 को सीएचसी सूरतगढ़ व रायसिंहनगर, 16 को पीएचसी बीरमाना व लालगढ़, 17 को सीएचसी राजियासर, 18 को जिला अस्पताल व सीएचसी श्रीकरणपुर, 19 को पीएचसी चकमहाराजका व कमरानिया, 20 फरवरी को सीएचसी श्रीविजयनगर व पीएचसी ढाबां, 21 को सीएचसी चूनावढ़ व सादुलशहर, 22 को सीएचसी सादुलशहर, 23 को सीएचसी अनूपगढ़, 24 को पीएचसी समेजा कोठी, 25 को सीएचसी पदमपुर, 26 को जिला अस्पताल व पीएचसी डूंगरसिंहपुर, 27 को पीएचसी पन्नीवाला, सीएचसी गजसिंहपुर व सूरतगढ़ और 28 फरवरी को सीएचसी घड़साना में नसबंदी शिविर लगेंगे, जहां महिला एवं पुरुष दोनों की नसबंदी की जाएगी।   

सीएमएचओ डॉ. बंसल ने किया आकस्मिक निरीक्षण
-कृमि मुक्ति दिवस और जन कल्याण शिविरों की देखी व्यवस्थाएं
श्रीगंगानगर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने शुक्रवार को कृमि मुक्ति दिवस और जनकल्याण पंचायत शिविरों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों को कृमि मुक्ति की एल्बेंडाजॉल गोली खिलाकर कार्यक्रम भी शुरु किया। वहीं उन्होंने पंचायत शिविरों के दौरान आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए कार्मिकों को पाबंद किया। जनकल्याण पंचायत शिविरों में राजश्री योजना, शुभलक्ष्मी योजना एवं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों की सूची चस्पा करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कोठां एवं पक्की के पंचायत शिविरों की व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान कार्मिकों ने राजश्री, शुभलक्ष्मी व भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की सूची चस्पा की हुई थी, जिस पर उन्होंने कार्मिकों की सराहना की। कोठां में राष्ट्रीय मुख कार्यक्रम के तहत दंत चिकित्सक ने सेवाएं देकर आमजन को लाभान्वित किया। उन्होंने कृमि मुक्ति दिवस को लेकर दो डी एवं ओडक़ी स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान ओडक़ी स्कूल में उन्होंने बच्चों को दवा खिलाई। उनके साथ स्कूल प्राचार्य व अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा। शुक्रवार को जिले के अन्य खण्डों मेें भी जनकल्याण शिविर लगाए गए। शिविरों में विभाग की ओर से बेटियों के नाम पौधारोपण भी करवाया गया।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

हर बच्चा खाए एल्बेंडाजॉल गोली - एडीएम 
- कृमि मुक्ति अभियान का उद्घाटन, शुक्रवार को दी जाएगी दवा
श्रीगंगानगर। ‘राष्ट्रीय अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ दूसरे विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित
आयु वर्ग के हर बच्चे तक दवा की पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं अभिभावकों व शिक्षकों को चाहिए बच्चे हर स्थिति में एल्बेंडाजॉल की गोली खाए, हालांकि जो बच्चे बीमार हैं उन्हें यह गोली न दें। जो बच्चे वंचित रह जाएं, उनके अभिभावक हर संभाव प्रयास कर 15 फरवरी को एल्बेंडाजॉल की दवा अपने बच्चे को खिलाएं।’ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का जिलास्तरीय शुभारंभ करते हुए यह बात अतिरिक्त जिला कलेक्टर करतार सिंह पूनिया ने कहीं। वे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी अनुभाग की ओर से श्रीगुरुनानक गल्र्स कॉलेज में आयोजित श्रीगुरुनानक गल्र्स स्कूल के बच्चों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, केंद्रीय मंत्रालय, नई दिल्ली के प्रतिनिधि डॉ. तरुण सोढ़ा, डॉ. सुनील बिश्रोई, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएसी रायसिंह सहारण एवं , डीपीएम विपुल गोयल मौजूद रहे। इस मौके पर अनेक बच्चों को एल्बेंडाजॉल की गोली खिलाकर अभियान शुभारंभ किया गया।
एडीएम श्री पूनिया ने कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान में बच्चों से ज्यादा शिक्षकों व अभिभावकों की भूमिका अहम है, क्योंकि उन्हें चाहिए कि शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाई जाए। उन्होंने आहï्वान किया कि यदि कोई बच्चा वंचित रहे तो अभिभावक कोशिश कर नजदीकी स्कूल या आंगनबाड़ी में संपर्क कर बच्चे को दवा खिलाए। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वे शुक्रवार को सुबह हर हाल में नाश्ता करके आएं और स्कूल में गोली खाएं। जो बच्चे बीमार हैं, उन्हें शुक्रवार को गोली नहीं खानी चाहिए बल्कि वे आगामी 15 फरवरी को दवा ले सकते हैं। इसी तरह वंचित बच्चे भी 15 फरवरी को गोली खा सकते हैं। यह गोली एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को निजी व सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दी जाएगी। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बच्चों को मौसमी बीमारियों के बारे में जानकारी देते हुए स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया आदि के बारे में सतर्क किया। बच्चों को इनके लक्षण, बचाव व उपचार के बारे में जानकारी दी गई। 
प्रश्रोत्तरी में दिखाया उत्साह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता में बच्चों ने खासा उत्साह दिखाया। बच्चों ने स्वास्थ्य संबंधी पूछे गए सवालों के शत-प्रतिशत जवाब दिए और साबित किया कि बेटियांं किसी से कम नहीं है। खासकर बच्चों ने महिलाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े रौचक सवालों के जवाब रौचक अंदाज में ही दिए। विजेता रही अनिता शर्मा, संगीता, अलीशा, मुस्कान, नीरू, स्नेहा, ऋतू वर्मा, अमीषा चौधरी, प्रियंका, पंकज, सारिका, सानिया, आकाश, नेहा कुमारी, पायल, महेश, दीक्षा, कंचन, मुस्कान शर्मा, यामिनी सोनी, गुनगुन, सुशीला बत्तरा, सपना बिश्रोई, लविना छिंपा, हीना कुमावत, सरोज बाला, कोमल वर्मा, चंचल वर्मा, जसनदीप, गीता, इरफान, रमनदीप कौर, उवर्शी, ज्योति, प्रियंका चौधरी, सोनिया आदि बच्चों को विभाग की ओर से मौके पर ही पुरस्कृत किया गया। 
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत हुई स्वास्थ्य जांच
 जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर हुए कार्यक्रम, केंद्रीय अधिकारी ने किया निरीक्षण
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं व चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करवाई गईं। वहीं दिवस के तहत हो रही गतिविधियों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय नई दिल्ली से आए डॉ. तरुण सोढ़ा ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी सहित जिला अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं की समस्त जांच की जाती है और उन्हें परामर्श भी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि जिले में दस निजी चिकित्सकों के अलावा राजकीय चिकित्सक भी अपनी बेहतर सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। विभाग की ओर से न केवल उनकी नि:शुल्क जांच की जाती है बल्कि हाईरिस्क प्रेग्रेंसी होने पर उन्हें उचित देखभाल के साथ नजदीकि उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर भी किया जाता है। 

बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

                                 स्तन कैंसर से डरे नहीं, जांच करवाएं

श्रीगंगानगर। ‘स्तन कैंसर के मामले में अक्सर महिलाएं संकोच करती हैं और इसके चलते वे नियमित जांच तो दूर प्रारंभिक जांच भी नहीं करवा पाती। इस कारण अनेक मामले ऐसे भी आते हैं जो बाद में गंभीर कैंसर का रूप अख्तियार कर लेता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं आवश्यक रूप से संभावित स्तन कैंसर की नियमित जांच करवाएं और इसके प्रति जागरूक भी रहे।’ ये जानकारी बुधवार को गजसिंहपुर व पदमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीनस्थ आने वाली समस्त आशाओं व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दी गई। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से स्वास्थ्य कार्मिकों को कैंसर के प्रति प्रशिक्षण के जरिए जागरुक व प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे आमजन को जागरुक कर सके। 
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग आगामी दिनों में सभी सीएचसी पर जाकर अधीनस्थ स्वास्थ्य केंद्रों की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेगा। वहीं जल्द ही ब्लॉकस्तर के समस्त महिला कार्मिकों को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय टीम में शामिल डॉ. सोनिया चुग, अर्शदीपसिंह बराड़, नवल योगी आदि प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जल्द ही आकाशवाणी के जरिए भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी जागरुक किया जाएगा। वहीं विभिन्न प्रचार-प्रसार गतिविधियां कर आमजन को कैंसर के प्रति जागरूक किया जाएगा। इन दिनों शहरी क्षेत्र में भी माइकिंग कर कैंसर एवं प्रत्येक बुधवार को लगने वाले कैंसर शिविर के प्रति आमजन को जागरूक किया जा रहा है। 
आपातकालीन सेवाएं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी - कलेक्टर
-स्वास्थ्य विभाग की बैठक में सख्त दिशा-निर्देश, स्वास्थ्य कार्मिक हों अपडेट 
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि किसी भी आपातकालीन सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर, एंबुलेंस सेवाओ में एक फोन पर संबंधित मरीज या दुर्घटना में शिकार घायल को तुरंत सहायता मिलनी चाहिए। यदि कंपनी की लापरवाही या खामियों की वजह से कोई अनहोनी होती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वे बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी बीसीएमओ भौतिक रुप से एम्बुलेंसों का निरीक्षण कर एप के जरिए रिपोर्टिंग करें। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा व एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता सहित अन्य अधिकारीगण शामिल थे।
बीएसबीवाई की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में सम्मिलित किसी भी मरीज से निजी या सरकारी किसी भी अस्पताल में कोई पैसा नहीं लिया जाए। यदि ऐसी शिकायतें आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए, क्योंकि इससे सरकार की छवि धूमिल होती है और आमजन को व्यवस्था से विश्वास उठता है। उन्होंने कहा कि मेडिकल मोबाइल यूनिट व वैन का भी नियमित रूप से निरीक्षण हो और दूर-दराज के क्षेत्रों में व्यापक सुविधा मिले। श्री ज्ञानाराम ने सख्त निर्देशित हुए कहा कि सभी महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व चिकित्सक समस्त योजनाओं के बारे में अपडेट हों। किसी भी स्तर पर किसी भी अधिकारी के द्वारा पूछे जाने पर उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए बल्कि योजना से कितने लोग उस क्षेत्र में लाभान्वित हुए उसकी जानकारी भी होनी चाहिए। पौधारोपण के संबंध में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही स्कूलों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी बेटी के नाम पौधारोपण किया जाए। जिला अस्पताल में आवश्यक सुधार को लेकर उन्होंने पीएमओ को निर्देशित किया। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने सभी बीसीएमओ को पाबंद किया कि प्रतिनियुक्ति पर लगे समस्त कार्मिकों को तुरंत रिलीव करें अन्यथा उनका वेतन बंद करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समेजा, शिवपुर व रावला में मुख्यमंत्री जांच योजना के तहत जांच नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करें और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधारें। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने कहा कि कुछेक संस्थानों पर दवा उपलब्ध होने के बावजूद मरीज को ‘दवा उपलब्ध नहीं है’ लिख दिया जाता है, जो बेहद गंभीर है। क्योंकि विभाग हर संभव प्रयास कर सभी तरह की दवाएं उपलब्ध करवा रहा है लेकिन ऐसी लापरवाही से विभाग की छवि धूमिल होती है और मरीज को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। 
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस आज
- जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर होंगे कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं व चिकित्सकीय सुविधा सुचारु रूप से दिए जाने के लिए प्रारंभ किए गए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गुरुवार को जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी सहित जिला अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा। हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं की समस्त जांच की जाती है और उन्हें परामर्श भी दिया जाता है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में दस निजी चिकित्सकों के अलावा राजकीय चिकित्सक भी अपनी बेहतर सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। विभाग की ओर से न केवल उनकी नि:शुल्क जांच की जाती है बल्कि हाईरिस्क प्रेग्रेंसी होने पर उन्हें उचित देखभाल के साथ नजदीकि उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर भी किया जाता है।  
कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन आज
-कल से शुरु होगा कार्यक्रम, एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी दवा
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ कार्यक्रम गुरुवार को सुबह 11 बजे जिलास्तर पर होगा। श्रीगुरूनानक कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीगुरुनानक स्कूल के विद्यार्थी शामिल होंगे। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरुकता कार्यक्रम के साथ ही प्रसन्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी व विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कृमि मुक्ति दिवस दस फरवरी को मनाया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में इस दिन एल्बेंडाजॉल टेबलेट दी जाएगी। अभियान से एक से 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को दवा दी जाएगी और वंचित बच्चों को 15 फरवरी को दवा दी जाएगी।  

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

सुनी ‘मन की बात’, नि:शुल्क सेवाएं दे रहे निजी चिकित्सक
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से दस डॉक्टर जुड़े, हर माह की नौ तारीख को दे रहे हैं सेवाएं
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का असर कहें या स्वयं के दिल की आवाज का, कि श्रीगंगानगर जिले के दस निजी चिकित्सक प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत पूर्णतया नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले सुरक्षित मातृत्व दिवस में ये चिकित्सक गर्भवती महिलाओं को जांच कर न केवल उनका उपचार कर रहे हैं, बल्कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान रखे जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरुक भी कर रहे हैं। खास बात ये है कि सभी चिकित्सक दूर-दराज के गांव-कस्बों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर सेवाएं दे रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि देश में नौ जून 2016 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शुरु किया गया। जिसके तहत हर माह की नौ तारीख सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाकर गर्भवती महिलाओं नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार दिया जा रहा है। अभियान का मुख्य उदï्देश्य गर्भवती महिलाओं के लिए एक स्वस्थ जीवन प्रदान करना, मातृत्व मृत्यु दर को कम करना, गर्भवती महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के मुद्दों व रोगों के बारे में जागरूक करना, बच्चे के स्वस्थ जीवन और सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करना आदि है। गर्भावस्था के तीन से छह महीने के अंतराल में महिलाएं अभियान का लाभ ले सकती हैं। इस दौरान मुख्यत: रक्तचाप, शर्करा के स्तर, वजन, हीमोग्लोबिन परीक्षण, रक्त परीक्षण और स्क्रीनिंग सहित कई परीक्षणों को राजकीय चिकित्सा केन्द्रों पर किया जा रहा है। डॉ. बंसल ने कहा कि निश्चित ही चिकित्सकों की यह पहल काबिलेतारीफ है और संभवत: इन चिकित्सकों से अन्य चिकित्सक भी प्रेरित होंगे और अपनी सेवाएं देकर न केवल गर्भवती महिलाओं को बल्कि सामान्य मरीजों को लाभान्वित करेंगे। 
जिले में जुड़े ये चिकित्सक
जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में राजकीय संस्थानों में नि:शुल्क सेवाएं देने के लिए चिकित्सक डॉ. शंभूदयाल गुप्ता, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. तारु मित्तल, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. विदुषी बेनीवाल एवं डॉ. मंजू मक्कड़ आगे आए हैं। ये चिकित्सक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं विभाग के चिकित्सक भी हर पीएचसी व सीएचसी पर अपनी सेवाएं मुस्तैदी से दे रहे हैं। अभियान के तहत जिले में अब तक 11 हजार 519 गर्भवती महिलाओं की जांच की जा चुकी है। वहीं 386 की एएनसी जांच हुई। जबकि नौ हजार 857 का हिमोग्लोबिन जांच, 29 का अल्ट्रासाउंड, सात हजार चार 93 की एचआईवी जांच एवं सभी की शुगर जांच की गई। इस दौरान 477 गर्भवती महिलाओं को हाईरिस्क प्रेगेंसी होने के चलते उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर किया गया। 
प्राथमिक जांच ही बेहतर उपचार
-कैंसर जागरुकता पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर। कैंसर जागरुकता पखवाड़ा के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे अपने आस-पास के संभावित मरीजों को चिन्हित कर जिला अस्पताल में भेज सकें। मंगलवार को विभाग के एनसीडी अनुभाग की टीम ने श्रीकरणपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशाओं व एएनएम सहित अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान डॉ. सोनिया, अर्श बराड़ व नवल योगी ने श्रीकरणपुर सीएचसी के अधीन आने वाली सभी आशा सहयोगिनी व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कैंसर के लक्षण व जांच के बारे में जानकारी दी। 
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य कार्मिकों को कैंसर के बारे में प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है और अब जिलास्तरीय टीम ब्लॉकस्तर पर जाकर कार्मिकों को प्रशिक्षित कर रही है। इसके बाद यही कार्मिक गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक आमजन के संपर्क में रहकर न केवल कैंसर के प्रति जागरुक करेंगे बल्कि उन्हें कैंसर के प्रारंभिक स्टेज के बारे में भी जानकारी देंगे। क्योंकि कैंसर के रोग में मुख्यत: प्रारंभिक स्टेज ही बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि समय रहते कैंसर के बारे में पता लग जाए तो उसकी तुरंत जांच करवाई जानी चाहिए। जांच में यदि पुष्टि होती है तो इसका इलाज भी संभव है। उन्होंने बताया कि जिलास्तर पर प्रत्येक बुधवार को कैंसर जांच शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें कोई भी जांच करवा सकता है। इसी तरह जिला अस्तपाल में प्रत्येक दिन एनसीडी क्लीनिक में मेमोग्राफी जांच के लिए संपर्क किया जा सकता है, जहां नि:शुल्क जांच की सुविधा है। बुधवार को पदमपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस दस को
-जिले के साढ़े छह लाख बच्चों को पिलाई जाएगी कृमि नियंत्रण की दवा 

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसी दस फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। जिसमें एक से 19 आयु वर्ष के जिले के करीब साढ़े छह लाख बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवा पिलाई जाएगी। अभियान में मुख्यत: स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और आईसीडीएस का योगदान रहेगा। अभियान को लेकर प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं एवं सोमवार को उच्चाधिकारियों ने राज्यस्तर से वीडियो कॉन्फें्रसिंग के जरिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जो बच्चे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवसपर दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें मॉपअॅप दिवस पर 15 फरवरी को दवा दी जाएगी। 

आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि फरवरी 2016 में राज्य के 1.75 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्त किया गया था। जबकि फरवरी 2017 में राज्य के 2.17 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार भारत में एक से 14 वर्ष की आयु के 22 करोड़ बच्चे आँतों के कृमियों के संक्रमण के जोखिम में हैं। जो पोषक तत्व बच्चों के शरीर के लिए ज़रूरी होते हैं उन्हें कृमि खा जाते हैं। जिससे बच्चों में रक्त की हानि, कुपोषण और शरीर की बढ़त रुक जाने जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं। कृमियों के अत्यधिक संक्रमण के कारण बच्चे इतने बीमार या थके हुए रहने लगते हैं और वे स्कूल में पढ़ाई पर ध्यान देने या स्कूल जाने में असमर्थ हो जाते हैं। आंगनवाड़ी और स्कूल अधारित कृमि मुक्ति एक सुरक्षित, सरल कम लागत वाला कार्यक्रम है जिससे असानी से करोड़ों बच्चों को कृमि मुक्त किया जा रहा है। अभियान में बच्चों को एल्बेंडाजोल गोली खाकर कृमि मुक्त किया जाता है। इस दवाई से उबकाई आना, उल्टी, पेट में हल्का दर्द, दस्त और थकावट जैसी सामान्य समस्याएं कुछेक बच्चों में देखने को मिल सकती हैं, खासकर ऐसे बच्चों में जिनमें कृमि संक्रमण काफी अधिक है। इसलिए बच्चों, परिजनों व अध्यापकों को घबराना नहीं चाहिए बल्कि बच्चों को इसकी पहले जानकारी देते हुए उन्हें दवा खाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। 

शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

‘‘खराब दिनचर्या व खानपान हो रहे हैं घातक साबित’’
 कैंसर दिवस पर हुए विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम, एक पखवाड़ा तक चलेंगे
श्रीगंगानगर। भागदौड़ भरी व्यस्त जिंदगी और उसमें भी बेहतर खानपान नहीं होना सेहत के लिए काफी घातक साबित हो रहा है। यही नहीं खराब दिनचर्या में नियमित व्यायाम भी नहीं हो रहा, जिस कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अक्षुण होती जा रही है। ऐसे ही कई कारण हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पैदा कर रहे हैं। इसलिए जागरुकता और एर्ली डिटेक्शन बेहद जरुरी है। ये विचार विश्व कैंसर दिवस पर शनिवार को कैंसर विशेषज्ञ डॉ. वेद प्रकाश ने व्यक्त किए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से टांटिया यूनिवर्सिटी में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम में वे बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डॉ. प्रवीण भाटिया, डॉ. सोनिया, सुखदेवसिंह, अर्श बराड़, नवल योगी व सिकंदर आदि मौजूद रहे। 
डॉ. वेदप्रकाश ने कैंसर के लक्षण, उपचार व उपाय पर जानकारी देते हुए कहा कि सबसे पहले हमें दिनचर्या को व्यवस्थित करना होगा और इसके साथ ही खानपान भी। वर्तमान में फास्ट फूड, एल्कोहल व तंबाकू आम चलन में आ गया है जो हर आयु के लोगों को प्रभावित करता है। खासकर, बच्चों को फास्ट फूड से और युवाओं को एल्कोहल व तंबाकू से बचना चाहिए। वहीं हर आयु वर्ग के लोगों को नियमित व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि व्यायाम के अभाव में हर तरह की बीमारियां शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कैंसर के मामले में एर्ली डिटेक्शन बहुत जरुरी है और यह हम बायोस्पी के जरिए करते हैं लेकिन आमजन में यह गलत धारणा भी है कि बायोस्पी के कारण कैंसर फैलता है जबकि ऐसा नहीं है। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि जिले के लोग नियमित रुप से जिला अस्पताल में संचालित एनसीडी क्लीनिक में जांच करवा सकते हैं। इसके अलावा प्रत्येक बुधवार को भी कैंसर जांच शिविर लगाया जाता है जहां मुख्यत: महिलाएं जांच करवा सकती हैं जिनकी विभाग की ओर से नि:शुल्क मेमोग्राफी करवाई जाती है। वहीं जिले के दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एनसीडी क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। जहां जागरुकता कार्यक्रमों के साथ ही जांच शिविर भी लगाए जा रहे हैं। 
एएनएम व आशाएं होंगी प्रशिक्षित
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से विश्व कैंसर दिवस पर सभी दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब विभाग जिले की एएनएम व आशा सहयोगिनियों को भी कैंसर के बारे में जागरुक कर उन्हें संभावित मरीजों को चिन्हित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को केसरीसिंहपुर, मंगलवार को श्रीकरणपुर और बुधवार को पदमपुर में प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से संबंधित सबसेंटर की एएनएम एवं आशाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। 

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

चेहरे पर लौटी मुस्कान, चहकने लगे मासूम
-आरबीएसके के तहत चिन्हित कटे होंठ व तालू वाले 28 बच्चों का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नित नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। हर दिन किसी न किसी मासूम मरीज के लिए मुफीद साबित हो रहे आरबीएसके के जरिए इस बार कटे होंठ व तालू वाले पांच बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ है और अब तक ऐसे 28 बच्चों का ऑपरेशन करवाया जा चुका है। मुस्कान लौटाने की इस मुहिम में आरबीएसके टीमों के साथ ही स्माइल टे्रन संस्था का भी पूरा योगदान रहा है। बहरहाल, इन बच्चों को ऑपरेशन के बाद हॉस्पीटल से छुट्ïटी दे दी गई है और सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। 
आठ एसटीबी निवासी मदनलाल की 11 वर्षीय पुत्री नवीनता का तालू कटा होने की वजह से उसे बोलने आदि में परेशानी हो रही थी। खाने-पीने के दौरान भी उसे दिक्कत होती। जानकारी के अभाव और निर्धनता की वजह से नवीनता का इलाज नहीं हो पा रहा था, लेकिन हाल ही में डॉ. नेहा छाबड़ा के नेतृत्व में आरबीएसके टीम ने नवीनता को चिन्हित किया और उपचार के लिए जिला मुख्यालय भेजा। कमोबेश इसी तरह दस बीएलडी निवासी पांच वर्षीय सीमा पुत्री रूपराम का तालू कटा था। परिजनों की समझदारी व बच्ची के हौसले की बदौलत वह आंगनबाड़ी केंद्र पर जा रही थी और यही सीमा के लिए मुफीद साबित हुआ। यहां पहुंची आरबीएसके टीम ने सीमा को चिन्हित कर जिला मुख्यालय पर रैफर किया। रायसिंहनगर की मालसर ढाणी निवासी घनश्यामदास के 13 वर्षीय पुत्र राहुल को डॉ. सुखराम व डॉ. सुनेना सिंह के नेतृत्व में कार्य कर रही आरबीएसके टीम ने चिन्हित किया। राहुल के होंठ कटे थे, जिस कारण उसकी सामान्य जिंदगी काफी प्रभावित हो रही थी। लेकिन अब राहुल के चेहरे पर मुस्कान लौट आईं है और सीमा व नवीनता चहकने लगी हैं। इन तीन मासूमों की तरह जिले के 28 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन हुआ है, जो अब तक कटे होंठ व तालू की वजह से परेशान व पीडि़त थे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि आरबीएसके के तहत अब तक कटे होंठ व तालू वाले 36 बच्चे चिन्हित हुए हैं, जिनमें से 28 का ऑपरेशन हो चुका है और शेष का जल्द ही ऑपरेशन करवाया जाएगा। आरबीएसके की ओर से चिन्हित इन बच्चों को स्माइल ट्रेन संस्था की ओर से स्थानीय बहल हॉस्पीटल में नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जा रहा है। जिले में आरबीएसके के तहत एक लाख 37 हजार 393 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई हैं, जिनमें से 11 हजार सात सौ 27 बच्चे विभिन्न बीमारियों से पीडि़त मिले हैं। 
वर्जन - 
‘‘आरबीएसके टीमें बहुत ही सकारात्मक कार्य कर रही हैं। कटे होंठ व तालू के साथ ही हार्ट रोग से संबंधित बीमारियों वाले बच्चों के भी नि:शुल्क ऑपरेशन करवाए जा रहे हैं। आगामी दिनों में भी इस कार्य को गंभीरता व संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा और हर संभव प्रयास कर बच्चों को राहत दिलवाई जाएगी।’’
डॉ. नरेश बंसल, सीएमएचओ
‘‘आरबीएसके के तहत कटे होंठ व तालू वाले चिन्हित बच्चों का स्माइल ट्रेन संस्था के जरिए नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया जा रहा है। होंठ व तालू कटे होने की वजह से इन बच्चों को सामान्य जीवन में खासी परेशानी होती है, ऐसे में ऑपरेशन के बाद जहां उपचार होता है वहीं जिंदगी भी सामान्य हो जाती है।’’
डॉ. वीपी असीजा, प्रभारी, आरबीएसके
स्वच्छत भारत अभियान के तहत ली शपथ
श्रीगंगानगर। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सामूहिक शपथ ली। सभी कार्मिकों ने सामूहिक प्रतिबद्धता दिखाते हुए शपथ ली कि वे अभियान के दौरान और बाद में भी कार्यालय सहित आस-पास के क्षेत्र में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखेंगे। एक फरवरी से शुरू हुआ यह अभियान 15 फरवरी तक चलेगा। शपथ आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा व बीसीएमओ डॉ. राजन गोकलानी ने दिलवाई। इस दौरान एएओ सुआलाल, डॉ. सुनील बिश्रोई, डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, डीएनओ कमल गुप्ता, रायसिंह सहारण, विनोद बिश्रोई, संदीप जाखड़, राजकुमारी, अन्नू महेंद्रा, स्वेता, नकुल शेखावत, पंकज वर्मा, नवल योगी, शेरसिंह, संदीप वर्मा, सुल्तानाराम, पैलाश बिश्रोई, सत्यनारायण, अर्शदीप सिंह, डॉ. शैलेंद्र आदि मौजूद रहे।