रविवार, 30 जुलाई 2017

फिजियोथेरेपिस्ट आज होंगे पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मई माह में लगाए गए मेगा फिजियोथेरेपिस्ट शिविरों में नि:शुल्क सेवाएं देने वाले फिजियोथेरेपिस्ट युवाओं को सोमवार सुबह 11 बजे जिला स्वास्थ्य भवन में पुरस्कृत किया जाएगा। इनमें से कोई भी विभाग से संबंद्ध नहीं है, बल्कि सभी युवाओं ने स्वेच्छा से इन शिविरों में सेवाएं दी थी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ के निर्देशानुसार जिले में नि:शुल्क सेवाएं देने वाले फिजियोथेरेपस्टि को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान आदित्य (चूनावढ़), गुरनाम सिंह बराड़ (जिला अस्पताल), विक्रम जीत सिंह (शिवपुर), पवन (अनूपगढ़), हिमानी (अनूपगढ़), प्रफूल खत्री (सूरतगढ़), वेद प्रकाश (समेजा कोठी) एवं पंकज शर्मा (रिड़मलसर) को पुरस्कृत किया जाएगा।  


शनिवार, 29 जुलाई 2017

आमजन तक पहुंची स्वास्थ्य बीमा योजना, साढ़े 48 हजार लाभान्वित
-भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सवा 21 करोड़ खर्च, सरकारी व निजी 47 हॉस्पीटल शामिल
श्रीगंगानगर। आमजन को नि:शुल्क व उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए शुरु की गई भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना परवान पर है। योजना के तहत अब तक साढ़े 48 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। करीब सवा 21 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जिनमें करीब साढ़े 17 करोड़ रुपए का सरकारी व निजी हॉस्पीटलों को बीमा कंपनी की ओर से भुगतान भी किया जा चुका है। योजना के तहत जिले में 13 सरकारी एवं 34 निजी हॉस्पीटल शामिल हैं। 
योजना को लेकर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि योजना का शत-प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ मिलना चाहिए, इस बाबत कोई भी अधिकृत हॉस्पीटल सेवा देने से इनकार करता है या इलाज के पैसे मांगता है तो हॉस्पीटल को पेनल से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना पूर्णत: नि:शुल्क है इसमें किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए लगातार मोनिटरिंग की जा रही है और प्रभारी अधिकारी को पाबंद किया गया है कि कोई भी शिकायत आए उसकी तुरंत जांच कर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करें। आमजन को चाहिए कि यदि वे योजना के तहत लाभार्थी हैं तो हॉस्पीटल में किसी तरह कोई शुल्क न दें। 
ये हॉस्पीटल हैं शामिल
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि श्री बाला जी हॉस्पीटल, तपोवन संस्थान, श्री ओम सांई मल्टी स्पलेशलिस्ट हॉस्पीटल, लालगढिय़ा हॉस्पीटल, आंचल हॉस्पीटल, मेक्स केयर हॉस्पीटल, श्री जगदंबा आई हॉस्पीटल, पेड़ीवाल नर्सिंग होम, जुबिन हॉस्पीटल, सिहाग हॉस्पीटल, नागपाल हॉस्पीटल, बालाजी हॉस्पीटल एण्ड डेंटल केयर, रणवा हॉस्पीटल, थरेजा हॉस्पीटल, राजोतिया हॉस्पीटल, अर्पण हॉस्पीटल, बंसल सुपरस्पेशलिस्ट हॉस्पीटल, बहल हॉस्पीटल, दीवोज हॉस्पीटल, आस्था किडनी केयर, सुरेंद्रा जनरल हॉस्पीटल, आदित्य नर्सिंग होम, एंजल हॉस्पीटल, जयपुर मदर एण्ड चाइल्ड हॉस्पीटल, आदर्श नर्सिंग होम, टांटिया जनरल हॉस्पीटल, गौड़ हॉस्पीटल, नयन मंदिर आई हॉस्पीटल, सत्यम हॉस्पीटल, शाह सतनाम जी जनरल हॉस्पीटल सहित रायसिंहनगर का अग्रवाल नर्सिंग होम, श्रीकरणपुर का बेनीवाल हॉस्पीटल, घड़साना का शांति नर्सिंग होम एवं बुडï्ढ़ा जोहड़ स्थित शहीद बाई सुखा सिंह मेहताब सिंह हॉस्पीटल योजना के तहत शामिल हैं। इसी तरह जिला अस्पताल सहित जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी योजना में शामिल हैं। 

शुक्रवार, 28 जुलाई 2017

शहरी क्षेत्र में हर शुक्रवार को लग रहे स्वास्थ्य शिविर
-स्वास्थ्य सेवाओं के साथ कर रहे हैं जागरूक, शुगर व रक्तचाप जांच भी
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों के माध्यम से न केवल आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जा रही है बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। शुक्रवार को भी मॉडल टाउन स्थित लॉर्ड कृष्णा पार्क में स्वास्थ्य शिविर लगाकर आमजन को लाभान्वित किया गया है। यहां शुगर व उच्चरक्तचाप जांचें भी नि:शुल्क की गई। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विभाग की ओर से हर शुक्रवार को शहरी स्वास्थ्य मिशन और एनसीडी अनुभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों का मुख्य उदï्देश्य झुग्गी-झोंपड़ी, मजदूरों व पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं देना, यहां के वाशिंदों को जागरूक करना और आमजन की स्वास्थ्य जांच करना है। खासकर, जो लोग समय अभाव या जागरूक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं ले पाते उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी देना और उनकी स्वास्थ्य जांच करना शिविरों का उदï्देश्य है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को लगे शिविर में डॉ. विकास धींगड़ा, नवदीप, सुनीता चौधरी, पूजा, गगनदीप व मनोज कुमार ने सेवाएं दी। इस दौरान एनसीडी अनुभाग की ओर से 72 लोगों की शुगर व उच्चरक्तचाप की जांच की गई, जिनमें शुगर के सात एवं उच्चरक्तचाप के दो नए रोगी सामने आए। एनयूएचएम की ओर से नकुल शेखावत एवं एनसीडी अनुभाग की ओर से अर्श बराड़ शिविरों की मोनिटरिंग कर रहे हैं।  

गुरुवार, 27 जुलाई 2017

किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं, सख्त कार्रवाई होगी - कलेक्टर
-स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने बताई सरकार की मंशा, आमजन हो लाभान्वित
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सुविधाओं व योजनाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। किसी भी स्तर पर कोताही बरती गई तो सख्त कार्रवाई होगी। शिकायत व लापरवाही पर पहले तीन नोटिस, फिर चार्जशीट और इसके बाद आगामी कार्रवाई को अमल में लाया जाएगा। आमजन को विभाग की हर योजनाओं व सेवाओं को तुरंत लाभ मिलना चाहिए। राज्य सरकार की इस मंशा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने ये निर्देश जिले के चिकित्सकों को दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक न केवल संबंधित मुख्यालय पर ठहराव करें बल्कि बेहतरीन मोनिटरिंग कर व्यवस्थाएं भी सुधारें। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने विभागी की पीएचसी की ओर से दिए गए निर्देशों को चिकित्सकों से साझा करते हुए कहा कि वे केवल मरीजों को लाभान्वित करने की ओर ध्यान दें, प्रशासनिक कार्य के लिए आयुष चिकित्सकों को चार्ज दे सकते हैं।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि विभाग में चल रहे सभी कार्यक्रमों, योजनाओं की मासिक रैंकिग बनाई जाए और जो उत्कृष्ट हैं उन्हें सम्मान और जो निकृष्ट हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। चिकित्सा प्रभारी विभाग की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है, ऐसे में चिकित्सकों को गंभीर होने की आवश्यकता है। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी हॉस्पीटल इलाज के लिए कोई खर्च नहीं ले सकते, यदि कोई ऐसा कर रहा है या लाभ देने से इनकार कर रहा है तो हॉस्पीटल को योजना से हटाया जाए एवं हॉस्पीटल को अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए। उन्होंने बीएसबीवाई प्रभारी को पाबंद किया कि वे शिकायतों को जल्द से जल्द निराकरण करें और नियमित बैठक कर इस पर चर्चा करें। विगत बैठक नहीं होने पर जिला कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरीक्षण कर भामाशाह मार्गदर्शक की उपस्थिति एवं आमजन से बेहतर व्यवहार की समीक्षा करें और खराब स्थिति में मार्गदर्शक को हटा दूसरा मार्गदर्शक लगाएं। केसरीसिंहपुर में चिकित्सकों के रात्रि ठहराव नहीं होने को सीएमएचओ डॉ. बंसल ने गंभीरता से लेते हुए दोनों चिकित्सकों को मुख्यालय पर रुकने के आदेश दिए ताकि बीएसबीवाई के तहत मरीज भर्ती हो सकें। राजश्री व शुभलक्ष्मी योजना की बकाया किश्तों को लेेकर जिला कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लाभार्थियों को लाभ मिलना चाहिए। जिला अस्पताल से योजना की रिपोर्टिंग नहीं होने और चेक कटे होने के मामले में जिला कलेक्टर ने पीएमओ प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि वह शाम तक इसकी लिखित रिपोर्ट पेश करे। उन्होंने कहा कि यदि चेक कटे हुए हैं और उनकी एंट्री नहीं हुई है तो यह गंभीर है। कमजोर टीकाकरण पर उन्होंने आरसीएचओ को पाबंद करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। ई-उपकरण सॉफ्टवेयर में 18 चिकित्सा संस्थानों द्वारा रिपोर्ट नहीं देने पर उन्हें नोटिस देने के निर्देश दिए गए। वहीं जिले में कुल 2250 उपकरणों में से 671 की एंट्री नहीं होने पर उन्होंने तुरंत एंट्री करने के निर्देश दिए। एड्स के तहत जिले के रेड जोन में होने पर गंभीरता से चर्चा हुई और सभी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पाबंद करें कि हर गर्भवती महिला की एचआईवी जांच करें एवं इसी तरह अन्य लोगों को भी इस जांच के लिए प्रेरित करें। सीएमचओ डॉ. बंसल ने एनसीडी कार्यक्रम को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज चिन्हित करें। वहीं ब्रेस्ट कैंसर मरीजों का फॉलोअप करें एवं आमजन को इसके प्रति जागरूक करें। 
हरप्रभ आसरा के मरीजों को राहत
पदमपुर खण्ड में स्थित हरप्रभ आसरा में रहने वाले लोगों को मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवा उपलब्ध करवाने पर बैठक में चर्चा हुई। बीसीएमओ डॉ. मुकेश मेहता ने बताया कि यहां के मानसिक रोगियों के लिए दवा की नियमित आवश्यकता होती है, जो सीएचसी या पीएचसी से उपलब्ध करवाई जाए। जिस पर जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ ने उचित कार्रवाई का आश्वान देते हुए कहा कि इनकी हर संभव मदद की जाएगी ताकि मरीज लाभान्वित हो सके। 
टीबी हो समूल नष्ट
टीबी कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए बीसीएमओ व बीपीएम को निर्देशित किया गया कि वे नियमित निरीक्षण के दौरान टीबी मरीजों का भौतिक सत्यापन करें। देखें कि उन्हें समय पर दवा दी जा रही है या नहीं और उनकी सही देखभाल हो रही है या नहीं। वहीं जिन चिकित्सा संस्थानों में कम मरीज देखे गए उन्हें नोटिस देने के निर्देश जिला कलेक्टर ने दिए। इसी तरह अंधता निवारण कार्यक्रम की रिपोर्टिंग समय पर भेजने के लिए प्रभारी को पाबंद किया गया।  

बुधवार, 26 जुलाई 2017

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक 27 को 
-बीएसबीवाई, 108 एम्बुलेंस सहित अन्य मुदï्दों पर होगी चर्चा 
श्रीगंगानगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू व सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गुरूवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होगी। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर ज्ञानाराम करेंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, ई-उपकरण, आरबीएसके, पीसीपीएनडीटी, बीएचएचसी, आशा, मोबाइल मेडिकल यूनिट, 108 एम्बुलेंस, 104 जननी एक्सप्रेस, निर्माण कार्य, बायोमेडिकल वेस्ट, बीपीएल जीवन रक्षा कोष, टीकाकरण, नि:शुल्क दवा व जांच योजनाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में सभी पीएमओ, बीसीएमओ एवं सीएचसी प्रभारी आदि सम्मिलित होंगे।  

मंगलवार, 25 जुलाई 2017

स्टूडेंट्स के लिए सौगात बना आरबीएसके
-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का एक वर्ष, पौने दो लाख से अधिक की जांच
श्रीगंगानगर। स्टूडेंट्स के बेहतर सेहत के लिए शुरू किया गया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) उनके लिए सौगात साबित हुआ है। बीते एक वर्ष में आरबीएसके के तहत एक लाख 81 हजार तीन सौ 92 बच्चों का स्वास्थ्य जांचा गया, जिनमें करीब पौने नौ फीसदी बच्चों में विभिन्न सामान्य व गंभीर बीमारियां पाई गईं। विभाग ने इन्हें न केवल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर रैफर कर इलाज करवाया बल्कि राज्यस्तरीय उच्च चिकित्सा संस्थानों में बीमार बच्चों को बेहतर उपचार करवाया। यही नहीं आरबीएसके टीमें लगातार फॉलोअप कर स्टूडेंटï्स की सेहत की खैर-खबर ले रही हैं और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जिले में जुलाई 2016 से प्रारंभ हुआ और इस माह एक वर्ष पूरा हुआ है। जिले के आठ ब्लॉकों में 16 टीमें कार्य कर रही हैं, जिनमें चिकित्सक, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ शामिल हैं। टीमें आंनगबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में जाकर 18 वर्ष आयु तक के बच्चों की सेहत जांच रही है, किसी तरह की बीमारी मिलने पर बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, बीकानेर पीबीएम या जयपुर के नारायणा हृदï्यालय व फोर्टिस जैसे उच्च चिकित्सा संस्थानों में रैफर किया जाता है ताकि उनका नि:शुल्क उपचार हो सके। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीमों ने 2905 आंनगबाड़ी केंद्रों पर 44 हजार 318 बच्चों को जांच 2796 बच्चों को उपचार के लिए रैफर किया। इसी तरह 1835 स्कूलों में एक लाख 37 हजार 30 बच्चों को जांच 13 हजार 123 बच्चों को रैफर किया गया, जबकि दो मदरसों के 44 बच्चों को जांच एक बच्चे को रैफर किया गया। यानी कुल चार हजार सात सौ 42 संस्थानों में टीमें पहुंची, जहां एक लाख 81 हजार 392 बच्चों की सेहत देख उनमें से विभिन्न खामियां-बीमारियों से पीडि़त 15920 बच्चों को उपचार के लिए रैफर किया। 
ये बीमारियां शामिल हैं आरबीएसके में 
आरबीएसके के जिला नोडल अधिकारी डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि जन्मजात कटे होंठ व तालू, जन्मजात मुड़े हुए पैर, हडिï्डयों की विकृति, मोतियाबिंद, बहरापन, हृदï्य रोग, आंखों संबंधी बीमारियां, एनीमिया, विटामिन ए व डी संबंधी बीमारी, कुपोषण, गले में होने वाली गांठ, चमड़ी के विभिन्न रोग, कान बहना, फेफड़ों संबंधी बीमारी, दांतों में होने वाले रोग, दौरे आना, सुनने में आ रही बाधा संबंधी रोग, तंत्रिकातंत्र संबंधी बीमारी, बच्चों का विकास अवरोध, देर से बोलना, तुतलाना, देर से समझने की समस्या, व्यवहार संबंधी रोग, देर से सीखना व मानसिक रोग आदि बीमारियों का आरबीएसके के तहत उपचार किया जा रहा है। 
इन संस्थाओं का भी रहा सहयोग
आरबीएसके के सह जिला नोडल अधिकारी डॉ. पवन शर्मा के मुताबिक कटे-होंठ व तालू वाले बच्चों के उपचार में स्माइल ट्रेन संस्था व बहल हॉस्पीटल, सेरेबल पाल्सी (अल्प मानसिक विकास) में जुबिन नर्सिंग होम, हृदï्य रोग में आस्था हॉस्पीटल, ईएनटी जांच व उपचार में अर्पण हॉस्पीटल, आंखों के शिविरों में बहल हॉस्पीटल व लक्ष्मीनारायण चेरीटेबल हॉस्पीटल श्रीकरणपुर और दांतों से संबंधित जांच व उपचार में सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज का सहयोग रहा।

रविवार, 23 जुलाई 2017

स्टूडेंट्स बनेेंगे स्वास्थ्य योजनाओं के सारथी
-एनएचएम और आरबीएसके टीम चलाएगी जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य विभाग का नवाचार 
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य विभाग आमजन को जागरूक करने के लिए एक और नवाचार करने जा रहा है। जागरूकता की इस मुहिम के तहत विभाग की एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) एवं आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीमें स्कूलों में जाकर स्टूडेंट्स को योजनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगी ताकि वे अपने परिजनों व अन्य लोगों को जागरूक कर सके, यानी स्टूडेंट्स विभाग के स्वास्थ्य संचारक बनेंगे। इस संबंध में एनएचएम एवं आरबीएसके टीम प्रभारियों ने बैठक कर इसी माह सभी टीम सदस्यों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल एवं आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा जिलास्तरीय मोनिटरिंग करेंगे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनेक महत्वाकांक्षी एवं जनहितैषी योजनाएं आमजन के लिए चलाई जा रही है, जिनके बारे में हर नागरिक को जागरूक होना जरूरी है। हालांकि स्वास्थ्य केंद्रों, मीडिया, जागरूकता कार्यक्रमों व आशा सहयोगिनियों के जरिए विभाग लगातार जागरूकता पैदा कर रहा है लेकिन अब स्टूडेंट्स को स्वास्थ्य संचारक बनाकर आमजन को और अधिक जागरूक करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में आरबीएसके की 16 टीमें लगातार स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर स्टूडेंट्स का स्वास्थ्य जांच रही है और अब पहली बार जिले में नवाचार करते हुए जागरूकता पैदा करने का भी निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एनएचएम के डीपीएम विपुल गोयल, डीएसी रायसिंह सहारण, डीएनओ कमल गुप्ता, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह सहित आरबीएसके टीम के डॉ. पवन शर्मा व डॉ. शैलेंद्र नेहरा अभियान का जिलास्तर से नेतृत्व करेंगे। वहीं टीम के अन्य सदस्य ब्लॉकस्तर से अपनी टीमों को नेतृत्व कर अभियान को सफल बनाएंगे और बीपीएम आवश्यक सहयोग करेंगे। डॉ. बंसल ने बताया कि विभाग की कई योजनाएं सीधे तौर पर स्टूडेंट्स से जुड़ी हैं, जिनमें डिवार्मिंग डे, विप्स (विकली आयरन फॉलिक एसिड स्पलीमेंटेशन), निपी, बालिका संबल योजना आदि शामिल है। जबकि अन्य योजनाएं भी उनसे एवं उनके परिवार जनों से जुड़ी है जिनके बारे में उन्हें जागरूकता होना बेहद जरूरी है मसलन, पोलियो अभियान,  आईडीसीएफ (गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा), राजश्री योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मोबाइल रिचार्ज योजना, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, मिशन इदं्रधनुष, टीकाकरण, मुखबिर योजना, एमसीएचएन डे, डायल एन एम्बुलेंस, आरबीएसके आदि। निश्चित ही यह नवाचार जिले में जागरूकता पैदा करने में कारगर साबित होगा और स्टूडेंट्स स्वास्थ्य योजनाओं के सारथी बनेंगे। 

दिव्यांग किरण की सोच, सकारात्मक रोशनी की किरण 
ये हैं किरण कुमार। दिखने में भले ही ये और इनकी पत्नी शारीरिक रूप से विकलांग हैं लेकिन मानसिक रूप से कतई नहीं। उन लोगों की तरह तो बिल्कुल भी नहीं जो मानसिक रूप से विकलांगता के चलते बेटा-बेटी में भेद करते हैं, जो कोख में कत्ल करवाते हैं। किरण, श्रीकरणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास चाय की दुकान चलाते हैं। गर्मी-सर्दी में सबका स्नेह-प्यार साझा करते हैं। यहीं बैठने वाले लोगों और सामने बने अस्पताल से समाज में होने वाले बदलाव के प्रति जागरूक होते हैं, कुछ सकारात्मक बातें सीखते हैं। संभवत: जागरूकता का ही असर है कि आज इन्होंने समाज को वो आईना दिखाया, जिसे हर तबके को सलीके से देखने की जरूरत है। 
हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए मुस्कुराते चेहरे से आज जब ये श्रीकरणपुर ब्लॉक ऑफिस में आए तो एकबारगी यकीन करना मुश्किल था कि यह खुशी, यह मिठाई बेटी के जन्म पर बांटी जा रही है। लेकिन जब इन्होंने कहा कि ‘साहब!  मेरे घर लक्ष्मी आई है, खुशी तो होगी ही  . . . तो माहौल भी खुशनुमा हो उठा। लगा आज भगवान भी बंूदे बरसा, खुशी मना रहे हैं, बिटिया जो आई है।  
वाकई में, समाज में यह बदलाव बेहद जरूरी है। करणी सिंह जैसे लोग ही सही मायने में समाज में सकारात्मक माहौल बना सकते हैं, या कहें कि बना रहे हैं। उम्मीद है कि समाज के वे लोग जो भू्रण हत्या कर, खुद को कथित सभ्य परिवार से होने का दंभ भरते हैं वे इनसे कुछ सीखेंगे।  
और हां, करणी सिंह जैसे लोगों की ऐसी दास्तां हर कोने-हर कस्बे-हर शहर में मिल जाती है, पर हमें फुरस्त कहां। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम सुनील कुमार ने इस लम्हे को साझा किया और संदेश भी दिया कि हमें सकारात्मक नजरिए से, हर सकारात्मक बदलाव को साझा करने की जरूरत है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। बेटियां बच सके। 

मंगलवार, 18 जुलाई 2017

आशाएं जगा रही बेहतर स्वास्थ्य की ‘आशा’
-नियमित हो रही जिलास्तरीय मोनिटरिंग, सुदृढ़ हुई आशा सहयोगिनी, बढऩे लगी मासिक आय
श्रीगंगानगर। आशा सहयोगिनियों के काम में इन दिनों निखार आता दिख रहा है। आए दिन हो रही बैठकों के जरिए न केवल आशाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है बल्कि उनको बेहतर कार्य के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। यह संभव हुआ है जिलास्तरीय मोनिटरिंग की वजह से, जिसमें इन दिनों एनएचएम टीम जी-जान से जुटी है। वहीं आशा सुपरवाइजर, ब्लॉक आशा सुपरवाइजर, बीपीएम, चिकित्सा प्रभारी अधिकारी एवं बीसीएमओ भी आशा सहयोगिनियों को लेकर गंभीर हुए हैं और उनके बेहतर कार्य के लिए प्रशिक्षित व प्रेरित कर रहे हैं। यही वजह है कि आशाओं की मासिक आय अब पहले के मुकाबले बढऩे लगी हैं। बहरहाल, ग्रामीण स्तर पर किया गया प्रयोग सफल हुआ है और अब जल्द ही शहरी आशाओं की बैठक कर उनमें नई ऊर्जा के साथ कार्य में नवाचार के लिए प्रशिक्षित व प्रेरित किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आशा सहयोगिनियों की इन दिनों लगातार व नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं और इसकी मोनिटरिंग भी हो रही है। नवसंसाधनों का उपयोग कर पीएचसी आशा सुपरवाइजरों व बीपीएम का वाट्सएप गु्रप बनाया गया है, जिसमें हर बैठक का एजेंडा, फोटो एवं बैठक कार्रवाई की जिलास्तरीय समीक्षा की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आशा सहयोगिनियों को प्रत्येक कार्य के लिए मानदेय मिलता है, जिससे वे हर माह दस हजार रुपए तक मानदेय ले सकती हैं। आशा प्रभारी रायसिंह सहारण के मुताबिक प्रसव पूर्व चार जांच व प्रसव के लिए ग्रामीण आशा को 300-300 रुपए व शहरी आशा को 200-200 रुपए, महिला मृत्यु की रिपोर्ट पर 200 रुपए मोबाइल रिचार्ज, एचबीएनसी के 250 रुपए, आधार व बैंक विवरण के पांच रुपए, कुपोषित बच्चों के लिए 150 रुपए, एसएनसीयू फॉलोअप के 200 रुपए, सॉशल मॉबिलाइजेशन (एमसीएचएन) के 150 रुपए, पूर्ण टीकाकरण के 100 रुपए, बूस्टर डॉज के 50 रुपए, प्रसव पश्चात नसबंदी के लिए महिला को प्ररित करने पर 300 रुपए, महिला नसबंदी के 200, पुरुष नसबंदी के 300 रुपए, एक या दो बच्चों पर नसबंदी के 1000 रुपए, शादी से दो साल तक बच्चे न पैदा करने के लिए प्रेरित करने पर 500 रुपए, दूसरे बच्चे में तीन साल का अंतर रखने के लिए प्रेरित करने पर 500 रुपए, पीपीआईयूसीडी के लिए 150 रुपए, कुष्ठ पंजीकरण के 250 रुपए, कुष्ठ उपचार के लिए 400 (पीबी केस)व 600 रुपए (एमबी केस), मलेरिया दवा के 75 रुपए, ब्लड स्लाइड तैयार करने के 15 रुपए, मासिक सेक्टर मीटिंग में उपस्थिति के 150 रुपए, मासिक गतिविधियों के 100 रुपए, माँ कार्यक्रम के 100 रुपए, मोतियाबिंद मरीज के 250 रुपए, टीबी केस प्रथम श्रेणी के एक हजार रुपए, द्वितीय श्रेणी के 1500 रुपए और चतुर्थ श्रेणी आईपी के दो हजार रुपए व सीपी के तीन हजार रुपए दिए जा रहे हैं। 

शुक्रवार, 14 जुलाई 2017

टीबी इलाज के लिए आधार जरूरी
-केंद्र सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन, 31 अगस्त तक करवा लें रजिस्टे्रशन
श्रीगंगानगर। टीबी (क्षय रोग) के नि:शुल्क इलाज के लिए अब आधार कार्ड जरूरी हो गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है यानी अब जब भी टीबी क्लीनिक केंद्र इलाज के लिए जाएं आधार कार्ड अवश्य साथ ले जाएं। वहीं जिन लोगों के पास आधार नहीं है, वे 31 अगस्त 2017 तक आधार का पंजीकरण अवश्य करवा लें। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आधार नंबर मिलने तक मरीज आधार पंजीकरण की पर्ची दिखाकर या मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक व राशन कार्ड जैसे अन्य सरकारी दस्तावेजों के जरिए योजना का लाभ ले सकेंगे। असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
अधिसूचना के मुताबिक पात्र क्षयरोग मरीजों, निजी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं और उपचार सहायता प्रदाताओं को निक्षय स्कीम के तहत नकद सहायता दी जाती है, उन्हें भी आधार कार्ड आवश्यक होगा। जिनके पास अभी तक आधार नंबर नहीं है वे अन्य पहचान पत्र के जरिए सेवा ले सकेंगे। आमजन को इस संबंध में जानकारी देने के लिए टीबी क्लीनिक द्वारा जागरूकता पैदा की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, भारत में टीबी की स्थिति अनुमान से ज्यादा भयावह है। 2015 में दुनियाभर में टीबी के 60 फीसदी नए मामले केवल छह देशों से थे, जिनमें भारत भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2015 में प्रति लाख की आबादी पर टीबी के मरीजों की संख्या 217 थी, जो कि पहले के अनुमान 127 से बहुत ज्यादा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने 2025 तक टीबी के खात्मे का लक्ष्य रखा है। सरकार हर संभव प्रयास कर टीबी को खत्म करने को लेकर कृतसंकल्पित है। 

मंगलवार, 11 जुलाई 2017

आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का हुआ शुभारंभ
-जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया शुभारंभ, मिलेंगी बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रीगंगानगर। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिहाज से मंगलवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और नया आयाम जुड़ गया। राज्य सरकार की ओर से नव चयनित नौ आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विधिवत शुरुआत हुई। आठों खण्डों में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने इन केंद्रों का शुभारंभ किया। इस मौके पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं व आदर्श पीएचसी के बारे में बताया। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर में पहले भी नौ आदर्श पीएचसी का संचालन किया जा रहा है, इस तरह अब जिले में कुल 18 आदर्श पीएचसी हो गई हैं। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि श्रीगंगानगर खण्ड की ख्यालीवाला पीएचसी के शुभारंभ अवसर पर पंचायत समिति प्रधान पुरुषोतम बराड़, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, बीडीओ गुरतेज सिंह, वरिष्ठ नेता प्रहलाद राय टाक, सरपंच उर्मिला देवी, बीसीएमओ डॉ. राजन गोकलानी आदि मौजूद रहे। इसी तरह श्रीकरणपुर की आदर्श पीएचसी गुलाबेवाला के शुभारंभ अवसर पर प्रधान अमृतपाल कौर, सरपंच करमजीत कौर, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, बीसीएमओ डॉ. नीरज अरोड़ा, पीएचसी प्रभारी डॉ. सुखमंदर सिंह आदि मौजूद रहे। सूरतगढ़ की बीरमाणा पीएचसी के शुभारंभ अवसर पर विधायक राजेंद्र भादू, प्रधान बिरमा नायक, जिला परिषद सदस्य डूंगरराम गेदर, पंचायत समिति डायरेक्टर कृष्ण स्वामी, बीसीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल, बीपीएम हंसराज भाटी, पदमपुर की मांझूवास आदर्श पीएचसी के शुभारंभ कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह मांगट, बीडीओ साजिया तब्बसुम, डायरेक्टर लेखराज, बीसीएमओ डॉ. मुकेश मित्तल व बीपीएम दिनेश कुमार सेवग आदि मौजूद रहे। अनूपगढ़ की कमरानियां पीएचसी के शुभारंभ पर एसडीएम सुरेंद्र कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, सुखचैनपुरा में विधायक सोना बावरी, वरिष्ठ नेता सुशील श्योराण, बीपीएम प्रितसैन आदि मौजूद रहे। इसी तरह रायसिंहनगर की गंगूवाला, घड़साना में रोजड़ी व सादुलशहर में डूंगरसिंहपुरा को आदर्श पीएचसी का जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने शुभारंभ किया। 

परिवार सीमित नहीं किया तो होगा ‘जनसंख्या विस्फोट’
-विश्व जनसंख्या दिवस पर आयोजित हुआ जिलास्तरी समारोह, उत्कृष्ट हुए पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। यदि समय रहते हमने परिवार कल्याण के प्रति ध्यान नहीं दिया और परिवार सीमित नहीं रखा तो देश में जनसंख्या विस्फोट निश्चित है। क्योंकि मिनट-दर-मिनट आबादी बढ़ती जा रही है जिस कारण हर तरह के संसाधन कम होते जा रहे हैं। खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य आवश्यक वस्तुएं कम होती जाएंगी यदि यूं ही जनसंख्या बढ़ती रही तो। ये गंभीर विचार मंगलवार को विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में वक्ताओं ने रखे। जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यूआईटी चैयरमेन संजय महिपाल, एडीएम प्रशासन नखतदान सिंह बाहरठ, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज, नर्सिंग अधीक्षक प्रेम कुल्हरी सहित अन्य जन मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष रवींद्र शर्मा ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चैयरमेन श्री महिपाल ने कहा कि शिक्षा के अभाव में जनसंख्या बढ़ोतरी हो रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या नियंत्रण नहीं हो पा रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी के कारण खाद्य पदार्र्थों की किल्लत कभी भी हो सकती है,क्योंकि यदि किसी दूसरे देश ने ऐेसे आवश्यक पदार्थों का निर्यात बंद कर दिया तो स्थिति गंभीर हो जाएगी। इसी तरह डीजल-पेट्रोल पर यदि विदेशी पाबंदी लगा दें तो हमारी आर्थिक स्थिति निढाल हो जाएगी। निश्चित ही हम सबकी जिम्मेदारी बनती है हम न केवल खुद जनसंख्या वृद्धि के प्रति गंभीर हों, बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करें। कार्यक्रम अध्यक्ष नखतदान सिंह बारहठ ने कहा कि सामूहिक जिम्मेदारी निभाते हुए हमें जनसंख्या नियंत्रण को लेकर प्रयास करने चाहिए ताकि हमारा देश दुनिया का सर्वेश्रेष्ठ देश बन सके। पीएमओ डॉ. सरदाना ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जिलास्तरीय समारोह पर प्रकाश डाला। एसीएमएचओ डॉ. मेहता ने परिवार कल्याण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि छाया व अंतरा नए कार्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं जिस कारण अस्थाई साधन सहज उपलब्ध होंगे। इसी तरह अन्य अस्थाई व स्थाई साधनों की व्यवस्था पूर्व की भांति जारी रहेंगी। डीसी डॉ. बजाज ने जिला अस्पताल में कम संसाधनों के बावजूद दी जा रही बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आमजन व जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे अस्पताल प्रशासन का व्यापक सहयोग करें ताकि आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में कोई परेशानी न हो। 
ये हुए पुरस्कृत
कार्यक्रम के दौरान जिले में अव्वल रहने पर घड़साना पंचायत समिति को पुरस्कृत किया गया। दो लाख रुपए व प्रशस्ति पत्र प्रधान ने ग्रहण किया। इसी तरह श्रीगंगानगर पंचायत समिति की 21जीजी, सादुलशहर की नूरपुरा, श्रीकरणपुर की तीन ओ, पदमपुर की सांवतसर, रायसिंहनगर की खाटां, सूरतगढ़ की भगवानसर, अनूपगढ़ की 54 जीबी और घड़साना की दो एसटीआर को पुरस्कृत किया गया। सरपंचों ने विभाग की ओर से जारी किए गए एक लाख रुपए व प्रशस्ति पत्र ग्रहण किया। वहीं गजसिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने परिवार कल्याण में बेहतरीन कार्य कर उत्कृष्टता का पुरस्कार हासिल किया। 
बेटियां बचाने पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बेटी बचाओ अभियान को लेकर भी चर्चा की। मुख्य अतिथि यूआईटी चैयरमेन संजय महिपाल ने कहा कि जनंख्या नियंत्रण के चक्कर में कहीं बेटियों की बली मत दे देना। बेटियां बचाना समाज व देश के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल सोच बदलने की जरूरत है, बेटी हो या बेटा बच्चे एक या दो ही अच्छे होते हैं। एडीएम श्री बारहठ ने कहा कि बेटियों बचेंगी तभी समाज बचेगा। वक्ताओं ने जिलास्तर पर हुए डीकॉय ऑपरेशन व जागरूकता कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे जिले में बेहतर कार्य हो रहा है बस समाज को चाहिए कि वह भी इस पूनित कार्य में शामिल होकर बेटी बचाएं और कन्या भू्रण हत्या करने वालों को जेल पहुंचाएं। 

सोमवार, 10 जुलाई 2017

पीएमएसएमए पर सुरक्षित हुई महिलाएं 
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर हर माह मिल रही सुविधाएं
श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में मंगलवार को जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला चिकित्सालय सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं। इस दिवस पर जहां निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं वहीं राजकीय चिकित्सक भी उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।  सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. विजय लक्ष्मी बंसल, डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. चारू अग्रवाल व डॉ. उपासना सेतिया बतौर निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। वहीं सरकारी चिकित्सक भी अपनी सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। डॉ. बंसल ने बताया कि हर माह नौ तारीख को सभी सीएचसी व पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इस नौ जुलाई को रविवार का अवकाश होने पर सोमवार को यह दिवस मनाया गया। इस दिन गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं दी गईं। उन्हें जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। 

विश्व जनसंख्या दिवस मंगलवार को, होंगे जागरूकता कार्यक्रम
-मुख्य समारोह जिला चिकित्सालय परिसर में, उत्कृष्ट होंगे पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। विश्व जनसंख्या दिवस पर मंगलवार को जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्य समारोह जिला चिकित्सालय परिसर मेें सुबह साढ़े दस बजे आयोजित होगा, जहां बतौर अतिथि प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मौके पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही परिवार कल्याण क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों व पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश मेहत्ता ने बताया कि इस बार घड़साना पंचायत समिति जिले में अव्वल रही, जिसे मंगलवार को जिला समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। घड़साना के साथ ही हर पंचायत समिति में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर एक-एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा। समारोह में श्रीगंगानगर पंचायत समिति की 21जीजी, सादुलशहर की नूरपुरा, श्रीकरणपुर की तीन ओ, पदमपुर की सांवतसर, रायसिंहनगर की खाटां, सूरतगढ़ की भगवानसर, अनूपगढ़ की 54 जीबी और घड़साना की दो एसटीआर को पुरस्कृत किया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों के सरपंच पुरस्कार ग्रहण करेंगे। इसी तरह इस बार स्वास्थ्य केंद्रों में गजसिंहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने परिवार कल्याण में बेहतरीन कार्य किया, जिस पर प्रभारी अधिकारी डॉ. केएल मादनपोतरा पुरस्कार ग्रहण करेंगे। 
 मंगलवार को होगा नौ आदर्श पीएचसी का शुभारंभ
-जिले में हुई 18 आदर्श पीएचसी, मिलेंगी बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रीगंगानगर। नव चयनित आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मंगलवार से शुभारंभ होगा। इससे पहले भी जिले में नौ आदर्श पीएचसी सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, इस तरह जिले में नौ आदर्श पीएचसी हो जाएंगी। निश्चित ही इनके जरिए आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले के श्रीगंगानगर खण्ड में ख्यालीवाला, श्रीकरणपुर में गुलाबेवाला, पदमपुर में मांझूवास, रायसिंहनगर में गंगूवाला, सूरतगढ़ में बीरमाणा, अनूपगढ़ में कमरानियां व सुखचैनपुरा, घड़साना में रोजड़ी व सादुलशहर में डूंगरसिंहपुरा को आदर्श पीएचसी के तौर पर स्थापित किया गया है। यहां मंगलवार सुबह सवा दस बजे शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित होंगे, जहां जनप्रतिनिधिगण इनका शुभारंभ करेंगे। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि बताया कि ख्यालीवाला पीएचसी पर जिलाधिकारी भी शामिल होंगे और इन कार्यक्रमों में आमजन को सुविधाओं के प्रति जागरूक करेंगे। शनिवार से सोमवार तक पीएचसी प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में कार्यक्रम व आदर्श पीएचसी का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने बताया कि पीएचसी पर आवश्यक उपकरण क्रियाशील रहेंगे, स्वास्थ्य जांचें होगी और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा सेवाएं दी जाएंगी। डिलीवरी प्वांइट के रूप में स्थापित कर यहां प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात जांच के साथ ही प्रसव सुविधा मिलेंगी। प्रशिक्षित स्टाफ व चिकित्सक नियमित सेवाएं देंगे और पीएचसी पर जागरूकता संबंधी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। इससे पहले भी नौ आदर्श पीएचसी संचालित की जा रही हैं। जिसमें रायसिंहनगर खण्ड की डाबला, सादुलशहर खण्ड की लालगढ़, श्रीकरणपुर की खरलां, श्रीगंगानगर खण्ड की हिंदुमलकोट, पदमपुर की घमूड़वाली, अनूपगढ़ की रामसिंहपुर, श्रीविजयनगर की जैतसर, सूरतगढ़ खण्ड की सोमासर व घड़साना खण्ड की 365 आरडी पीएचसी शामिल हैं। 

शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

ग्रामीण भी हाइपरटेंशन व डायबिटीज के शिकार
-स्वास्थ्य विभाग के आउटरीच शिविरों में सामने आए नए मरीज, अब शहरी क्षेत्र में शिविर
श्रीगंगानगर। फास्ट फूड, बिगड़ी दिनचर्या और खानपान के प्रति लापरवाही के चलते शहरी क्षेत्र के लोगों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी बीमारियां होना सामान्य माना जाने लगा है लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी इन शारीरिक खामियों के शिकार हो रहे हैं। निश्चित ही इनके चलते वे अन्य बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। इस संबंध में ताजा तथ्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जा रहे आउटरीच शिविरों में सामने आए हैं। विभाग ने अप्रेल से जुलाई माह के बीच 46 शिविर लगाए, जहां 3055 लोगों की जांच हुई, जिनमें 197 हाइपरटेंशन व 254 डायबिटीज के मरीज मिले, जबकि 15 ऐसे भी ऐ जिन्हें दोनों समस्याएं थी। स्वास्थ्य विभाग लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविर लगाकार न केवल आमजन के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं बल्कि उन्हें जागरूक भी कर रहे हैं। विभाग ने अब शहरी क्षेत्र में शिविर प्रारंभ किए हैं, जो आगामी दिनों में लगातार चलेंगे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाइपरटेंशन व डायबिटीज मरीजों का मिलना चिंता का विषय है और इसी के मदï्देनजर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से लगाए जा रहे हैं। आशाओं व एएनएम को प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि वे ग्रामीणों को इसे लेकर जागरूक कर सकें। डॉ. बंसल ने बताया कि शिविरों में केवल नए चिन्हित मरीजों के ही आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं जबकि पहले से हाइपरटेंशन व डायबिटीज मरीजों की जांच कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए रैफर किया जाता है। उन्होंने बताया कि अप्रेल माह में छह शिविर लगाए गए, जिसमें 351 लोगों की जांच की गई, जिनमें 34 हाइपरटेंशन व 55 डायबिटीज के मरीज मिले। इसी तरह मई में आयोजित छह शिविरों में 303 लोगों की जांच हुई जिनमें 36 हाइपरटेंशन व 46 डायबिटीज के मरीज मिले। जून माह में 25 शिविर लगाए गए, जहां 1595 लोगों की जांच हुई जिनमें 90 हाइपरटेंशन व 125 डायबिटीज मरीज मिले, जबकि सात मरीज ऐसे भी थे जिनमें दोनों समस्याएं थी। डॉ. बसंल ने बताया कि जुलाई माह में नौ शिविर लगाए जा चुके हैं, जहां 806 लोगों की जांच की गई। इसमें 37 हाइपरटेंशन व 28 डायबिटीज के मरीज मिले, जबकि आठ मरीजों में दोनों समस्याएं पाई गईं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि शुक्रवार को गांव गांव लाधुवाला में आउटरीच शिविर लगाया गया, जहां मरीजों की जांच कर उन्हें जागरूक किया गया । शिविर में डॉ. सोनिया चुघ, अर्श बराड़, नवदीप मान, संदीप कुमार, सुनीता, पूजा तंवर, इंद्राज बिश्रोई आदि ने सेवाएं दी। शुक्रवार से ही शहरी क्षेत्र में शिविर प्रारंभ किए गए। पहले दिन पुरानी आबादी के वार्ड नंबर चार में शिविर लगाया गया। 

गुरुवार, 6 जुलाई 2017

जिले के लिए अच्छी खबर, नौ आदर्श पीएचसी का 11 जुलाई से शुभारंभ
-पहले भी चल रही हैं नौ आदर्श पीएचसी, मिलेंगी बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य महकमे से जिले के लिए अच्छी खबर है। जिले के नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदर्श पीएचसी के रूप में संचालित किए जाएंगे, जिनका शुभारंभ विश्व जनसंख्या दिवस पर 11 जुलाई को होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शुभारंभ को लेकर विभाग की ओर से समस्त तैयारियां कर ली गई हैं और अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी जा रही हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले की ख्यालीवाला, गुलाबेवाला, मांझूवास, गंगूवाला, बीरमाणा, कमरानियां, सुखचैनपुरा, रोजड़ी व डूंगरसिंहपुरा को आदर्श पीएचसी के तौर पर स्थापित किया गया है। 
उन्होंने बताया कि इन पीएचसी पर आवश्यक उपकरण क्रियाशील किए गए हैं। निर्धारित स्वास्थ्य जांचें नि:शुल्क होंगी। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा सेवाएं दी जाएंगी। डिलीवरी प्वांइट के रूप में स्थापित कर यहां प्रसव पूर्व व प्रसव पश्चात जांच के साथ ही प्रसव सुविधा मिलेंगी। वहीं प्रशिक्षित स्टाफ व चिकित्सक नियमित सेवाएं देंगे और पीएचसी पर जागरूकता संबंधी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। यहां एलौपेथी के साथ ही आयुर्वेद उपचार व दवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में इससे पहले भी नौ आदर्श पीएचसी संचालित की जा रही हैं। जिसमें रायसिंहनगर खण्ड की डाबला, सादुलशहर खण्ड की लालगढ़, श्रीकरणपुर की खरलां, श्रीगंगानगर खण्ड की हिंदुमलकोट, पदमपुर की घमूड़वाली, अनूपगढ़ की रामसिंहपुर, श्रीविजयनगर की जैतसर, सूरतगढ़ खण्ड की सोमासर व घड़साना खण्ड की 365 आरडी पीएचसी शामिल हैं। 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस इस बार दस को
-जिले में 16 निजी चिकित्सक दे रहे सेवाएं, सरकारी चिकित्सालयों में मिल रही सुविधा 
श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस दिन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. विजय लक्ष्मी बंसल, डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. चारू अग्रवाल व डॉ. उपासना सेतिया बतौर निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा सभी राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सरकारी चिकित्सक अपनी सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। डॉ. बंसल ने बताया कि हर माह नौ तारीख को सभी सीएचसी व पीएचसी पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इस नौ जुलाई को रविवार का अवकाश होने पर आगामी दिवस सोमवार को यह दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्हें जागरूक करने के साथ ही नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ् करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। 
जिले को धूम्रपान मुक्त करने के होंगे प्रयास
-बैठक, निरीक्षण, निजी संस्थान का जुड़ाव, चालान होंगे प्रमुख 
श्रीगंगानगर। 03.07.2017- स्वास्थ्य विभाग जिले को तंबाकू मुक्त करने के लिए तीन नए काम करने जा रहा है। इसके साथ ही चिकित्सालयों को धूम्रपान मुक्त परिसर घोषित करने का भी निर्णय लिया है और आगामी दिनों यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चिकित्सालय पूर्णत: धूम्रपान मुक्त हों। इसी तरह गांव-कस्बों में भी धूम्रपान मुक्ति के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। प्राथमिक तौर पर एक या दो गांवों को रॉल मॉडल के रूप में चयन किया जाएगा ताकि अन्य गांव भी इससे प्रेरित हो। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि स्कूल या अस्पताल के पास धूम्रपान अब वर्जित रहेगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित से 200 रुपए तक का जुर्माना वसूला जाएगा। हाल ही में चिकित्सा निदेशालय में आदेश जारी कर सभी चिकित्सालयों परिसर को धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया है। कोटपा कानून के मुताबिक अब अस्पताल के 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का धूम्रपान का सेवन और बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित होगी। इसको लेकर जल्द ही जिलेभर के चिकित्सा अधिकारियों, प्रभारियों और व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि कानून के अनुसार अब सभी चिकित्सालय के भीतरी और बाहरी परिसर में धूम्रपान निषेध बोर्ड के साथ ही तंबाकू मुक्त चिकित्सा संस्थान की सूचना लगाना अनिवार्य कर दिया है। यदि इन संस्थानों पर ये सूचना और प्रचार-प्रसार नहीं पाया गया तो संबंधित चिकित्सा संस्थान के प्रभारी के नाम जुर्माना वसूला जाएगा। इसी के साथ ही चिकित्सक अपने क्षेत्र में आने-वाले संस्थानों के सौ गज के दायरे में भी धूम्रपान कानून के उल्लंघन पर वसूला लगा सकता है। वहीं निजी चिकित्सालयों पर भी तंबाकू मुक्त चिकित्सा संस्थान का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ऐसा नहंी किए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ऐसे निजी चिकित्सा संस्थान जो किसी राजकीय सेवाओं से जुड़े हुए हैं, उन्हें उक्त सेवाओं से अलग कर दिया जाएगा। विभाग की ओर से अब सभी चिकित्सा संस्थाओं का निरीक्षण कर समझाइश की जाएगी एवं उन्हें कानून के नियमों से अवगत करवाया जाएगा। इसी तरह व्यापारियों को कानून की पालना के लिए पुन: पाबंद किया जाएगा। 

रविवार, 2 जुलाई 2017

कभी लगते थे दो माह, अब आधे घण्टे में आ रही टीबी रिपोर्ट
-सीबी नॉट मशीन से 500 मरीजों की हुई जांच, दवा कितनी असरकारक इसकी भी रिपोर्ट मिल रही
श्रीगंगानगर। टीबी मरीजों के लिए सीबी नॉट मशीन मुफीद साबित हो रही है। खासकर, जिन्हें टीबी रोग की आशंका होती है उनके लिए यह मशीन फायदेमंद रही है, क्योंकि अब उन्हें दो माह तक जांच रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता बल्कि आधे घण्टे में ही रिपोर्ट मिल जाती है। वहीं मरीज के दो से अढ़ाई हजार रुपए भी बच रहे हैं, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग नि:शुल्क जांच कर रहा है। विभाग को सैंपल पहले जोधपुर भेजने पड़ते थे, लेकिन अब जिला मुख्यालय पर ही जांच हो रही है।  
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि सीबी नॉट मशीन स्वास्थ्य क्षेत्र में वरदान साबित हुई है। मशीन के जरिए टीबी है या नहीं इसका तो पता चलता ही है साथ ही यह भी पता लगाया जा सकता है कि मरीज को दी जाने वाली दवा कितनी असर कर रही है। पहले सैंपल जोधपुर लैब में भेजा जाता था जिसकी रिपोर्ट आने में ही दो से तीन माह लग जाते लेकिन अब इस मशीन से आधे घण्टे में रिपोर्ट दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. गुंजन खुंगर के मुताबिक मशीन से एक साथ चार मरीजों के सैंपल जांच कर सकत हैं और एक दिन में 15 सैंपल जांचे जा सकते हैं। निजी लैब में यह जांच करवाने पर मरीज को दो से अढ़ाई रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी क्लीनिक में जांच नि:शुल्क की जा रही है। इस मशीन से गंभीर प्रकार की टीबी, एमडीआर, संभावित क्षय रोगियों की जांच की जा रही है, जिसमें स्पुटम नेगेटिव, एचआईवी के मरीज व चाइल्ड केस आदि सभी तरह के संभावित टीबी मरीजों की जांच शामिल है। पीपीएम समन्वयक गरिमा परिहार के अनुसार सभी बीसीएमओ को पाबंद किया गया है कि वे संभावित टीबी मरीज की जांच जिला टीबी क्लीनिक से करवाएं ताकि सही व समय पर जांच रिपोर्ट दी जा सके। वहीं निजी चिकित्सालयों व लैब संचालकों से अपील की गई है कि वे संभावित टीबी मरीजों की जांच टीबी क्लीनिक से करवाएं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि मशीन वर्ष 2016 में स्थापित की गई और इसके बाद से यह लाभ आमजन को मिलने लगा। अब तक सीबीनॉट के जरिए 485 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें 96 टीबी मरीज मिले। 

शनिवार, 1 जुलाई 2017

राजश्री योजना का लाभ उठाएं, दूसरी किश्त के लिए स्वास्थ्य केंद्र आएं
- भामाशाह कार्ड जरूरी, बेटियों के लिए 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि
श्रीगंगानगर। बेटियों के लिए राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई राजश्री योजना की दूसरी किश्त जून माह से मिलनी प्रारंभ हुई और अब तक अनेक परिवार इस योजना की दूसरी किश्त का लाभ उठा चुके हैं। वहीं अनेक परिवार ऐसे भी हैं जो अभी तक दूसरी किश्त का लाभ उठाने नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य कार्मिकों और आशा सहयोगिनियों को पाबंद भी किया कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को राजश्री योजना की दूसरी किश्त के बारे में बताएं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि दूसरी किश्त नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर ऑनलाइन अप्लाई की जा सकती है।
डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता के मुताबिक जिन बेटियों का टीकाकरण पूर्ण हो गया उन्हें दूसरी किश्त मिल सकेगी। राज्य सरकार ने किश्त का भुगतान ऑनलाइन कर इसे बेहद सुगम बना दिया है। साथ ही दस्तावेजी झंझट खत्म करते हुए योजना को भामाशाह कार्ड से जोड़ा गया है, इस कारण अब केवल भामाशाह कार्ड के जरिए ही योजना का लाभ दिया जा रहा है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिन्हें योजना की पहली किश्त मिली वे भामाशाह कार्ड के साथ ही टीकाकरण कार्ड, बैंक खाता नंबर, भामाशाह कार्ड व स्थाई मोबाइल नंबर सहित अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दूसरी किश्त के लिए आवेदन करें ताकि निर्धारित समय पर ऑनलाइन भुगतान हो सके। इस संबंध में किसी भी तरह की समस्या आने पर जिलास्तर पर डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता से संपर्क (7597823003) किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि बेटी जन्म को प्रोत्साहन देने वाली मुख्यमंत्री राजश्री योजना विगत एक जून 2016 को प्रारंभ हुई, जिसके अंतर्गत 12वीं उत्तीर्ण होने तक विभिन्न किश्तों में पच्चास हजार रुपए दिए जा रहे हैं। योजना का लाभ केवल राजस्थान मूल की प्रसूताओं को दिया जा रहा है। 
ऐसे मिल रहा योजना का लाभ
राजकीय अथवा अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थान में जन्म लेने वाली बालिकाओं को जन्म पर 2500 रुपए और उसकी प्रथम वर्षगांठ पर पूर्ण टीकाकरण होने के बाद 2500 रुपए दिए जाते हैं। इसके बाद राजकीय विद्यालय में प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने पर चार हजार रुपए, राजकीय विद्यालय में कक्षा छह में प्रवेश लेने पर पांच हजार रुपए और 10 में प्रवेश लेने पर 11 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को 25 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।