शुक्रवार, 29 सितंबर 2017

बीएसबीवाई परिवादों का हो तुरंत निस्तारण - कलेक्टर
-जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं पर हुई चर्चा, विशेष योग्यजनों को विशेष सुविधा देने के निर्देश
श्रीगंगानगर। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आने वाले मरीजों व परिजनों के परिवाद तुरंत निस्तारित हों और हर परिवाद को गंभीरता से लेते हुए जांच हो। आमजन को इस महत्वाकांक्षी योजना को बेहतर तरीके से लाभ मिले ताकि राज्य सरकार की मंशा पूरी हो सके। योजना को लेकर लापरवाही बरतने वाले एवं फर्जीवाड़ा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो। ये निर्देश जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. एचएस बराड़ व सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल सहित अन्य अधिकारीगण शामिल हुए। 
इस मौके पर जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर अव्वल रहना खुशी की बात है, क्योंकि इससे साबित होता है कि चिकित्सक व स्टाफ संवेदनशील होकर आमजन को लाभान्वित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी हर स्तर पर गर्भवती महिलाओं के प्रति गंभीरता बरती जाए और प्रयास किए जाएं कि शत-प्रतिशत प्रसव संस्थागत ही हो। बैठक में विशेष योग्यजनों के लिए लगने वाले शिविरों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलेक्टर ने कहा कि विशेष योग्यजनों के प्रति संवेदनशील होते हुए न केवल उन्हें बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाएं बल्कि प्रमाण-पत्र को लेकर उन्हें इधर-उधर न भटकना पड़े, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें। योग्यजनों के प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में यदि कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मौसमी बीमारियों के संबंध में एंटी लार्वा गतिविधियां करने के आदेश दिए गए। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि मुखबिर योजना को लेकर जिले की टीम बेहतर कार्य कर रही है लेकिन जरूरत है कि निचले स्तर से भी कन्या भू्रण हत्या व भू्रण लिंग जांच करने वाले लोगों की सूचना मिले। उन्होंने यह सूचना सीधे राज्य कंट्रोल रूम या जिला पीसीपीएनडीटी प्रभारी को देने के लिए कहा। इसके अलावा आयरन स्क्रॉज, शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य आदि को लेकर चर्चा की गई। बैठक में आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएएम सतीश गुप्ता आदि शामिल हुए।
#DHS

बुधवार, 27 सितंबर 2017

त्यौहारी सीजन में चलेगा सघन निरीक्षण अभियान
-खाद्य पदार्थों के लिए जाएंगे सैंपल, मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा 
श्रीगंगानगर। त्यौहारी सीजन के चलते जिले में स्वास्थ्य विभाग विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाएगा, जिसमें खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने  तीन अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक लगातार कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि जिले में सघन निरीक्षण किया जाएगा और मिलावट खोरी व खाद्य पदार्थों के संबंध में मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन भी सचेत रहे और वे दूषित, अवधिपार व अपशिष्ट खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि दीपावली पर खाद्य पदार्थोँ की मांग व खपत बढऩे के कारण अनेक निर्माता व व्यापारियों द्वारा अपमिश्रित खाद्य पदार्थों की बिक्री करने की संभावना रहती है, इसलिए तीन अक्टूबर से विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्यस्तरीय निर्देशानुसार प्रतिदिन कम से कम तीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं तीन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएंगे। अभियान के तहत किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी, दूषित या कृत्रिम घी, तेल, दूध, मिठाई, मसाले, आटा, आईसक्रीम, बिस्कुट, अचार आदि पाए जाते हैं तो नमूनीकरण कर स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डालने वाली शेष सामग्री को नष्ट करवाया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति व फर्म के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले से अन्य स्थानों से आने वाली खाद्य सामग्री की निगरानी रखने के लिए पुलिस का सहयोग लेते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन कर बिना दिनांक अंकित किए खाद्य पदार्थ बेचते हुए पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों के लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे। यदि ऐसे सामग्री बाजार में बिकते हुए मिलती है तो भविष्य में संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह सिंथेटिक दूध की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई जिला मुख्यालय सहित जिले के कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी की जाएगी। 
स्वास्थ्य कार्मिकों को दिया गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का प्रशिक्षण
-तीन दिवसीय क्वालिटी एश्योरेंस प्रशिक्षिण कार्यक्रम संपन्न
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व कार्मिकों को राज्यस्तरीय प्रशिक्षकों ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशिक्षित किया। जिला मुख्यालय पर चला तीन दिवसीय क्वालिटी एश्योरेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के जिलाधिकारी, जिला अस्पताल के चिकित्सकों सहित सीएचसी व आदर्श पीएचसी के चिकित्सक व स्वास्थ्य कार्मिकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण राज्यस्तरीय प्रशिक्षक डॉ. ममता चौहान, डॉ. ज्योति मीना व डॉ. प्रेम बजाज ने
दिया।सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्रशिक्षण से निश्चित ही कार्मिकों के कार्य में सुधार आएगा और वे मरीजों को गुणवत्तापूर्व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षणों से कार्मिकों में नई ऊ र्जा आती है, जो कार्य क्षमता बढ़ाती है। प्रशिक्षण में जिलास्तर से एसीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, आरसीएचओ, सीओआईईसी, ड्रग प्रोग्राम कंट्रोलर, डिप्टी कंट्रोलर, पीएमओ, उप नियंत्रक, नर्सिंग अधीक्षक, हेल्थ मैनेजर एवं 18 अनुभागों के प्रभारी इस प्रशिक्षण में भाग लिया। वहीं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिाकरी, नर्सिंग प्रभारी, लैब रूम प्रभारी, एनबीएसयू प्रभारी व एलटी सहित प्रथम फेज में संचालित आदर्श पीएचसी के प्रभारी अधिकारी व अन्य कार्मिकों ने भाग लिया। चिकित्सकों व कार्मिकों को ऑपरेशन थियेटर, लैबर रूम, हॉस्पीटल इफेक्शन कंट्रोल, क्लीनिक ऑडिट, आपातकालीन सेवाएं, लैब सर्विस, वायोमेडिकल वेस्ट एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशिक्षण दिया गया। 

पीएमएसएमए में श्रीगंगानगर सर्वाेपरी
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने पर श्रीगंगानगर स्वास्थ्य विभाग को राज्यस्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। गांधी जयंती पर इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में चिकित्सा मंत्री एवं अन्य उच्चाधिकारी श्रीगंगानगर को पुरस्कार प्रदान करेंगे। पुरस्कार सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ग्रहण करेंगे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जून 2016 से हर माह की नौ तारीख को जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और यहां सरकारी व निजी चिकित्सक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं। राज्यस्तर पर हुई समीक्षा के बाद श्रीगंगानगर सहित राज्य के उदयपुर, बूंदी, टोंक, करौली, जोधपुर व चुरू जिले को उक्त कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा। 

मंगलवार, 26 सितंबर 2017

मरीजों को मिलेगी गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
-राज्यस्तरीय प्रशिक्षक जिले के चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों को दे रहे प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए जिले के चिकित्सकों व स्वास्थ्य कार्मिकों को राज्यस्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षित कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर चल रहे तीन दिवसीय क्वालिटी एश्योरेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के जिलाधिकारी, जिला अस्पताल के चिकित्सकों सहित सीएचसी व आदर्श पीएचसी के चिकित्सक व स्वास्थ्य कार्मिक भाग ले रहे हैं। सोमवार से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न होगा। राज्यस्तरीय प्रशिक्षक डॉ. ममता चौहान, डॉ. ज्योति मीना व डॉ. प्रेम बजाज प्रशिक्षण दे रहे हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्रशिक्षण में जिलास्तर से एसीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ, आरसीएचओ, सीओआईईसी, ड्रग प्रोग्राम कंट्रोलर, डिप्टी कंट्रोलर, पीएमओ, उप नियंत्रक, नर्सिंग अधीक्षक, हेल्थ मैनेजर एवं 18 अनुभागों के प्रभारी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। वहीं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिाकरी, नर्सिंग प्रभारी, लैब रूम प्रभारी, एनबीएसयू प्रभारी व एलटी सहित प्रथम फेज में संचालित आदर्श पीएचसी के प्रभारी अधिकारी व अन्य कार्मिक भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि आमजन को बेहतर व गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाने के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी सहित हर एक पहलु पर जानकारी दी जा रही है। खासकर, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले चिकित्सकों व कार्मिकों को ऑपरेशन थियेटर, लैबर रूम, हॉस्पीटल इफेक्शन कंट्रोल, क्लीनिक ऑडिट, आपातकालीन सेवाएं, लैब सर्विस, वायोमेडिकल वेस्ट नियम 2016 एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही मरीज के अधिकार एवं उनकी संतुष्टि के गुर भी कार्मिकों को सिखाए जा रहे हैं ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सके। 
इन केंद्रों के कार्मिक हुए शामिल
जिलास्तरीय अधिकारियों के अलावा अनूपगढ, श्रीविजयनगर, घड़साना, सूरतगढ़, राजियासर, सादुलशहर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर,चूनावढ़, रायसिंहनगर, समेजाकोठी, रावला, निरवाणा, रिड़मलसर व शिवपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा लालगढ़, 356 आरडी, रामसिंहपुर, जैतसर, हिंदुमलकोट, सोमासर, डाबला, खरलां व घमूड़वाली आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के  चिकित्सक व कार्मिक भाग ले रहे हैं। 

सोमवार, 25 सितंबर 2017

युवाओं ने किया रक्तदान
-बेटियों ने भी किया रक्तदान, राजकीय कॉलेजों में लगे शिविर
श्रीगंगानगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर सोमवार को जिले के युवाओं ने रक्तदान कर जयंती पर सार्थक बनाया। इस दौरान खास बात ये भी रही कि नवरात्रा पर्व के दौरान बेटियों ने भी रक्तदान किया और उन्होंने साबित किया कि बेटियों किसी भी कार्य में लडक़ों से कम नहीं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से जिले के तीन राजकीय कॉलेजों में शिविर लगाए गए, जिनमें अन्य कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी रक्तदान किया। जिला अस्पताल की टीम ने राजकीय अम्बेडकर कॉलेज में शिविर लगाया, जिसका सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि युवाओं को रक्तदान से जोडऩे के लिए सोमवार को जिले के विभिन्न कॉलेजों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही अनेक युवाओं ने रक्तदान को लेकर शपथ पत्र भी भरे। अब स्वेच्छित रक्तदाताओं के ब्लड ग्रुप आदि की जानकारी वेबसाइट पर अपडेट की जाएगी ताकि मांग के अनुरूप रक्त की आपूर्ति स्वेच्छिक रक्तदान से की जा सके। सोमवार को सादुलशहर राजकीय कॉलेज में पुरोहित ब्लड बैंक, राजकीय कॉलेज सूरतगढ़ में स्वास्तिक ब्लड बैंक और राजकीय कॉलेज नोहर में तपोवन ब्लड बैंक की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। 

शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

राजकीय कॉलेजों में रक्तदान शिविर 25 को 

श्रीगंगानगर। युवाओं को रक्तदान से जोडऩे के लिए 25 सितंबर को जिले के विभिन्न कॉलेजों में रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर ये शिविर शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए जाएंगे। यही नहीं अब स्वेच्छित रक्तदाताओं से ब्लड ग्रुप सहित संकल्प पत्र भरवाकर वेबसाइट पर अपडेट किया जाएगा ताकि मांग के अनुरूप रक्त की आपूर्ति स्वेच्छिक रक्तदान से की जा सके। श्रीगंगानगर राजकीय अम्बेडकर कॉलेज में जिला अस्पताल ब्लड बैंक की टीम सेवाएं देंगी। इसी तरह सादुलशहर राजकीय कॉलेज में पुरोहित ब्लड बैंक, राजकीय कॉलेज सूरतगढ़ में स्वास्तिक ब्लड बैंक और राजकीय कॉलेज नोहर में तपोवन ब्लड बैंक की टीम अपनी सेवाएं देंगी। राज्य में 96 ब्लड बैंक राजकीय कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएं देकर स्वेच्छिक रक्तदाओं से रक्त संग्रहण करेंगे। 


शनिवार, 16 सितंबर 2017

एम्बुलेंस 104 बनी मासूमों की मददगार
-शिवपुर में लगा आरबीएसके शिविर, 440 बच्चों की स्वास्थ्य जांच व उपचार

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस 104 गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के साथ ही आपातकालीन सेवाओं के लिए जिले में कार्य कर रही है। लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में भी सराहनीय व संवेदनशील भूमिका अदा करते हुए बच्चों को शिविर तक पहुंचा रही है। शिवपुर सीएचसी में आयोजित आरबीएसके स्वास्थ्य शिविर में एम्बुलेंस 104 का अहम योगदान रहा। यहां 440 बच्चे शिविर में पहुंचे, जिनमें अनेक बच्चों को 104 के जरिए लाया गया। वहीं आरबीएसके टीम के अभूतपूर्व कार्य की बदौलत अनेक बच्चों को शिविर में राहत मिली। 

सहायक नोडल प्रभारी डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि शिविर में उन बच्चों को बुलाया गया, जिन्हें पूर्व में स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्र पर आरबीएसके टीम द्वारा चिन्हित किया गया था। शिविर में इन बच्चों की आंखों व दांतों की गहनता से जांच की गई और उन्हें उपचारित किया गया। बाल रोग, चर्म रोग व नाक-कान-गला के विशेषज्ञों ने बच्चों को जांच कर उपचार उपलब्ध करवाया गया। यहां सीएचसी प्रभारी डॉ. भारत भूषण, डॉ. शैलेंद्र नेहरा, डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. पूर्णिमा, फार्मासिस्ट गुंजन शर्मा व दिव्या ने सेवाएं दी। शिविर में बतरा ऑपटिकल व सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज ने नि:शुल्क सेवाएं प्रदान की। इस दौरान बीसीएमओ डॉ.राजन गोकलानी ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शिविर के दौरान ही बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। 


गुरुवार, 14 सितंबर 2017

सीबीनॉट के जरिए ही होगी टीबी की जांच
- निजी लैब संचालकों व चिकित्सकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

श्रीगंगानगर। सीबीनॉट मशीन टीबी मरीजों के लिए वरदान साबित हुई है। इसके जरिए स्पूटम जांच कर रिपोर्ट केवल दो घण्टों में मिल रही है, जबकि इससे पूर्व सैंपल जोधपुर भेजना पड़ता था जिस कारण रिपोर्ट एक-डेढ़ माह बाद आती थी। सीबीनॉट के कारण जहां मरीजों व उनके परिजनों को राहत मिली है, वहीं चिकित्सकों को भी फायदा हुआ है क्योंकि वे अब मरीज का इलाज समय पर शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि जिले के सभी निजी लैब संचालकों को भी इस मशीन के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में निजी चिकित्सकों भी सीबीनॉट के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। 

सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि अब तक राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों से ही स्पूटम जांच के लिए आ रहे हैं, जबकि निजी लैब से बेहद कम स्पूटम आ रहा है। लिहाजा अब निजी लैब संचालकों और चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रथम चरण में जिला मुख्यालय पर स्थित निजी लैब संचालकों को प्रशिक्षण दिया गया है जबकि आगामी दिनों में खण्ड मुख्यालयों पर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी तरह निजी चिकित्सकों को भी प्रशिक्षित कर उन्हें सीबीनॉट की जानकारी देते हुए शत-प्रतिशत स्पूटम टीबी क्लीनिक में भिजवाने के लिए पाबंद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीबीनॉट में टीबी की नि:शुल्क जांच की जा रही है, जिस कारण मरीज को अनावश्यक खर्च नहीं करना पड़ता। वहीं टीबी इलाज के लिए सरकार नि:शुल्क दवा व उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। सीबीनॉट के जरिए पीएल एचआईवी रोगी, संभावित एक्सट्रा पल्मोनरी व संभावित शिशु टीबी रोगी की जांच की जा रही है। 

बुधवार, 13 सितंबर 2017

चक्काजाम पर भारी मानवता की जिद्द
-मासूमों का मर्ज ठीक करने पहुंची आरबीएसके टीम, 108 एम्बुलेंस का सहयोग से ले आए चिन्हित बच्चे
श्रीगंगानगर। बुधवार को जिले में चक्काजाम के चलते भले ही सरकारी कार्यालयों, कार्यक्रमों व व्यवस्थाओं पर खासा असर रहा। बेशक अध्यापक या डॉक्टर कार्यालय में नहीं पहुंच सके या अधिकारियों का निरीक्षण कार्यक्रम रदï्द हुए हों। लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने सराहनीय व संवेदनशील कार्य करते हुए न केवल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया बल्कि टीम समय पर पहुंची और चिन्हित में से अधिकांश बच्चों को शिविर तक लेकर भी आए एवं उनका उपचार किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केसरीसिंहपुर में आयोजित इस शिविर की चर्चा आमजन में रही और टीम को साधुवाद दे हौसला अफजाई की। 
 सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि केसरीसिंहपुर सीएचसी पर बुधवार को आरबीएसके शिविर का आयोजन किया गया। नियमित रूप से हो रहे इन शिविरों में टीम चौपहिया वाहन से पहुंचती है लेकिन चक्काजाम के चलते वाहनों को आगे नहीं जाने दिया, जिस पर टीम ट्रेन के जरिए सीएचसी पर पहुंची। टीम की ओर से इससे पूर्व विभिन्न बीमारियों के पीडि़त 220 बच्चे चिन्हित कर आज उनका विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार करवाया जाना निर्धारित था। लेकिन यहां समस्या आई कि आखिर बच्चों को शिविर तक कैसे लेकर आएं। सकारात्मक सोच की बदौलत समस्या का समाधान निकला। टीम भावना से कार्य करते हुए कोई अपने दुपहिया वाहन से बच्चे लेकर आया तो कई बच्चों को एम्बुलेंस 108 व 104 के जरिए सीएचसी पर लाया गया। देखते ही देखते 197 बच्चे शिविर में पहुंच गए और उनकी न केवल सघनता से जांच हुई बल्कि उनका उपचार भी किया गया। नि:शुल्क दवा देते हुए, जिन्हें रैफर की जरूरत थी उन्हें उच्च संस्थान में रैफर भी किया गया। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीम में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. संजय राठी, डॉ. जीविका कटारिया, डॉ. ओपी गोयल, डॉ. माया शर्मा, डॉ. राजदीप कौर, सहित डॉ. एकता, डॉ. अभिषेक, डॉ. वाटिका, बीपीएम सुनील कुमार, लेखाकार नरेश ग्रोवर, फार्मासिस्ट प्रियंका चौधरी व विजय सिंह ने अपनी सेवाएं दी। 

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

बेटियां मारने वाले ही नहीं, मरवाने वाले भी कातिल
-बनवाली में स्वास्थ्य विभाग व ममता हेल्थ संस्था की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
श्रीगंगानगर। कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त चिकित्सक व दलालों सहित वे परिजन भी कातिलों की फेहरिस्त में शामिल हैं जो ऐसा कुकृत्य करने के लिए अपनी गर्भवती बहु-बेटियों को इन जुल्मियों तक ले जाते हैं। कानूनी रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आध्यात्मिक व नैतिक तौर पर भी ये लोग बराबर के गुनहगार होते हैं। ऐसे में इन लोगों की जानकारी न केवल विभाग को देनी चाहिए बल्कि इनके चेहरे सामने आने पर इनका सामाजिक बहिष्कार भी करना चाहिए। ये संवेदनशील विचार मंगलवार को ग्राम पंचायत बनवाली में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में वक्ताओं ने रखे। स्वास्थ्य विभाग और ममता हेल्थ संस्थान की ओर से अटल सेवा केंद्र पर आयोजित इस स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में विभाग के पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित ममता हेल्थ के जिला समन्वयक दीनबंधु पालीवाल, सुपरवाइजर महावीर सिहाग, जनप्रतिनिधि निराणसिंह, ओमप्रकाश, शिशपाल, अध्यापिक शकुंतला व सुनीता सहित अन्य जनसमूह मौजूद रहा।
प्रभारी रणदीपसिंह ने कहा कि आमजन को मुखबिर बन न केवल पुण्य कमाना चाहिए बल्कि इसके जरिए लक्ष्मी भी कमानी चाहिए। क्योंकि विभाग की ओर से दी जा रही अढ़ाई लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मुखबिर, गर्भवती महिला व सहायक को मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आपके आस-पास, आपके गली-मोहल्ले में ही रहते हैं, जिनकी सूचना आप कभी भी विभाग के टोल फ्री नंबर 104 या 108 पर दे सकते हैं। इसी तरह उनसे व्यक्तिग रूप से कभी भी मिलकर जानकारी दी जा सकती है। आशा प्रभारी रणदीप सिंह ने गर्भवती व धात्री महिलाओं के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन को दी। उन्होंने बताया कि टीकाकरण, एएनसी व पीएनसी जांच और संस्थागत प्रसव हर महिला के लिए बेहद जरूरी है। इन्हीं के जरिए ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा रही है। संस्थान के दीनबंधु पालीवाल ने स्तनपान, राजश्री योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना आदि के बारे में जानकारी दी। महावीर सिहाग ने मौसमी बीमारियों से अवगत करवाते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी। कला जत्था कलाकार लियाकत एण्ड पार्टी ने शानदार प्रस्तुति देते हुए टीकाकरण, मौसमी बीमारियों आदि के बारे में रौचक तरीके से जानकारी दी।

रविवार, 10 सितंबर 2017

तंबाकू मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
एमडी नवीन जैन की पहल पर अब विभाग करेगा कार्रवाई, आस-पास बेचान पर भी प्रतिबंध
श्रीगंगानगर। आंगनबाड़ी अब पूर्णत: तंबाकू मुक्त केंद्र होगा। न तो इन केंद्रों पर कोई आगंतुक या स्टाफ तंबाकू उत्पाद आदि का सेवन कर पाएगा और न ही किसी दूसरे को करने देगा। ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों के आस-पास तंबाकू बेचना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है, यानी कोई तंबाकू उत्पाद बेचता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में एनएचएम के एमडी नवीन जैन ने पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव को पत्र लिखा, जिस पर उन्होंने राज्य के सभी उप निदेशक एवं आईसीडीएस के सीडीपीओ को कानून की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उक्त के संबंध में सभी सीएमएचओ व बीसीएमओ को भी लिखा गया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आगामी दिनों में विभाग भी इन आदेशों की पालना करवाने में डब्ल्यूसीडी विभाग का सहयोग करेगा।
एमडी नवीन जैन ने कहा कि तंबाकू उत्पादों का उपयोग अशिक्षित वर्ग, ग्रामीण क्षेत्र और कच्ची बस्तियों में अधिक पाया जाता है। इन वर्गों में उत्पादों का अधिक सेवन न केवल उनके जीवन स्तर को प्रभावित करता है बल्कि तंबाकू उत्पादों के उपयोग से असाध्यकारी रोग जैसे कि कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, श्वसन रोग व टीबी रोग से ग्रसित होने की संभावना भी अधिक हो जाती है। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय शोधों से यह साबित हो चुका है कि निम्न आय वर्ग में तंबाकू सेवन इन वर्गों में गरीबी का प्रमुख कारण है। मुख्यत: इसी वर्ग के लिए राज्य में करीब 60 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है जहां छह वर्ष आयु तक के बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा दी जा रही है। इन केंद्रों पर गर्भवती व धात्री महिलाएं आती हैं, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण सेवाएं भी आंगनबाड़ी पर दी जाती है। इसी कारण इन केंद्रों को तंबाकू मुक्त क्षेत्र किए जाने का निर्णय लिया गया है। अत: सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 के प्रावधान अनुसार कार्रवाई की जाए एवं इन केंद्रों को पूर्णत: तंबाकू मुक्त बनाया जाए। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर किसी भी लाभार्थी, आगंतुक व स्टाफ के तंबाकू उत्पाद व पान मसालों का प्रयोग प्रतिबंधित किया गया है। केंद्र के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री निषेध रहेगी। फिर भी यदि ऐसा हो रहा है तो मोबाइल नंबर 9983325744, 8619002060 व टोल फ्री नंबर 108 व 104 पर शिकायत करें। केंद्र के मुख्य द्वार पर तंबाकू मुक्त आंगनबाड़ी केंद्र और 100 गज दायरे की चेतावनी भी प्रदर्शित होगी। 

शनिवार, 9 सितंबर 2017

गर्भवतियों को मिली स्वास्थ्य सुरक्षा
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित, चिकित्सकों सहित महिलाओं में उत्साह
श्रीगंगानगर। पूरे देश के साथ ही हमारे जिले में हर माह की नौ तारीख को मनाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस को लेकर राजकीय व निजी चिकित्सकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। देश की गर्भवती महिलाओं के नाम हर माह ये चिकित्सक अपना योगदान दे रहे हैं। वहीं गर्भवती महिलाएं भी इस दिवस पर आशाओं व एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। शनिवार को जिला अस्पताल, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पीएमएसएमए मनाया गया। जहां राजकीय व निजी चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी। इस दौरान गर्भवतियों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाते हुए उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं, गर्भकाल के दौरान बेहतर खान-पान आदि के बारे में जागरूक किया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि हर माह की नौ तारीख को जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी व जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को आयोजित इस दिवस पर जिले की गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं करवाई गईं। इसके साथ ही उनकी सेहत के लिए उन्हें जागरूक किया गया और उन्हें नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि उनका बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ् करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। इस दिन प्रसव पूर्व जांच के लिए एक कक्ष निर्धारित किया जाता है, जहां चिकित्सक जांच करते हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ.ज्योति बंसल, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. चारू अग्रवाल, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मयंक कोठारी व डॉ. तारू मित्तल नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं।

गुरुवार, 7 सितंबर 2017

पीएमएसएमए में सर्वश्रेष्ठ निजी चिकित्सक होंगे पुरस्कृत
शनिवार को आयोजित होगा पीएम सुरक्षित मातृत्व दिवस
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शनिवार को जिले में सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा। इस दिन जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर राजकीय एवं निजी चिकित्सकों की ओर से गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस बार अभियान में निजी चिकित्सकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि हर चिकित्सक इस खास दिन कुछ घण्टे गर्भवती महिलाओं के लिए निकालते हुए नि:शुल्क सेवाएं दें। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राज्य सरकार ने अभियान में शामिल निजी चिकित्सकों में से सर्वश्रेष्ठ को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। 
डीपीएम विपुल गोयल ने बताया कि सर्वाधिक गर्भवती महिलाओं को सेवाएं देकर लाभान्वित करने वाले निजी चिकित्सकों को जल्द ही राज्य सरकार पुरस्कृत करेंगी। उन्होंने बताया कि जिले में अभी डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ.ज्योति बंसल, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. चारू अग्रवाल, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मयंक कोठारी व डॉ. तारू मित्तल नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि चिकित्सक सीधे केंद्रीय वेबसाइट pmsma.nhp.gov.in पर पंजीकरण कर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हर माह की नौ तारीख को देशभर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय सहित सीएचसी व पीएचसी पर सुबह नौ बजे से तीन बजे यह सेवाएं दी जाती हैं। इस दिन गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। उन्हें जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया जाता है कि न केवल वे स्वस्थ रहें, बल्कि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। 

मंगलवार, 5 सितंबर 2017

कल जिला अस्पताल में लगेगा कैंसर शिविर
श्रीगंगानगर। जिला अस्पताल में हर माह के पहले बुधवार को कैंसर जांच व जागरूकता शिविर लगाया जा रहा है। इसी कड़ी में छह सिंतबर को सुबह नौ बजे से तीन बजे जिला अस्पताल में शिविर लगाया जाएगा। शिविर के दौरान कैंसर संबंधी जानकारी भी दी जाएगी ताकि इस गंभीर बीमारी के प्रति आमजन जागरूक हो सके। 

कैंसर व शुगर जांच शिविर
-ओडक़ी व शिवपुर में 227 की हुई स्वास्थ्य जांच, 11 संभावित कैंसर मरीज
श्रीगंगानगर।  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से मंगलवार को ग्राम पंचायत ओडक़ी व शिवपुर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे इन आउटरीच शिविरों में संभावित कैंसर और शुगर व उच्चरक्तचाप की जांच की जा रही है। वहीं इस दौरान आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। शिविरों का डीपीओ सोनिया चुग व अर्श बराड़ ने निरीक्षण किया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में लगातार आउटरीच शिविर लगाकर कैंसर के संभावित मरीज जांचे जा रहे हैं, जिनको बाद में श्रीगंगानगर और फिर हायर सेंटर में रैफर करते हैं। इसी तरह सभी आने वालों की शुगर व उच्चरक्तचाप की जांच की जा रही है। मंगलवार को ओडक़ी में 112 और शिवपुर में 115 लोगों की जांच की गई। ओडक़ी में 11 लोगों में संभावित कैंसर पाया गया, जिनकी जांच के बाद सही पुष्टि होगी। इस दौरान तपोवन वैन के जरिए सैंपल लिया गया। डॉ. बंसल ने बताया कि आने वाले दिनों में भी विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में आउटरीच शिविर जारी रहेंगे। 



सोमवार, 4 सितंबर 2017

स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे के लिए लगाई टीमें
-मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास, स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी पाबंद
श्रीगंगानगर। मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास करते हुए सतर्कता बरत रहा है। विभाग ने आमजन को जागरूक करने और एंटीलार्वा गतिविधियां करने के लिए शहर में टीमें लगाई हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में एंटीलार्वा गतिविधियों व आमजन को जागरूक करने के लिए पहले से ही महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता फील्ड में जा रही हैं। इसके साथ ही जिलास्तर से सभी बीसीएमओ को सतर्क रहने एवं फील्ड लेवल की गतिविधियां आयोजित करने के लिए पाबंद किया है। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि शहर में मलेरिया व डेंगू संभावित वार्डों में प्राथमिक तौर पर एंटीलार्वा व जागरूकता गतिविधियां करवाई जा रही हैं। सोमवार को टीमों ने वार्ड नंबर तीन, पांच व छह में जाकर एंटीलार्वा गतिधिवियां की। ये टीमें लगातार कार्य कर रही हैं, वहीं मंगलवार से दो टीमें और फील्ड में लगाई है। आगामी दिनों में आवश्यकतानुसार और टीमें लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि टीमें आमजन को प्रचार-प्रसार सामग्री भी उपलब्ध करवा रही है और समझाइश कर रही है कि वे कूलर, गमले, मटके आदि की नियमित रूप से सफाई करें। फ्रीज के पीछे की ट्रे में सबसे अधिक लार्वा पनपता है,जहां किसी का ध्यान नहीं जाता इसलिए फ्री की टे्र साफ करने के लिए भी आमजन को बताया जा रहा है। विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पाबंद करते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यालयों व स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई करने और लार्वा जांचने के लिए पाबंद किया गया है। एपियोलोमोजिस्ट डॉ. बजरंग ने बताया कि बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी आदि होने पर तुंरत चिकित्सक से संपर्क करें। वहीं घरो में व आसपास गड्ढ़ों, नालियों, बेकार पड़े खाली डिब्बों, पानी की टंकियों, गमलों, टायर-टï्यूब मे पानी एकत्रित न होने दें। सप्ताह मे एक बार पानी से भरी टंकियों, मटके, कूलर आदि खाली करके सुखा दें। डिग्गी आदि पेयजल स्त्रोतों मे स्वास्थ्य कार्यकर्ता से टेमीफॅास नामक दवाई समय-समय पर डलवाते रहें। सावधानी व सतर्कता से ही बीमारियों से बचा जा सकता है इसलिए स्वास्थ्य विभाग के साथ ही आमजन को भी एहियात बरतनी चाहिए। 

रविवार, 3 सितंबर 2017

बारिश के मौसम में सचेत रहें मलेरिया से
-मामूली बुखार को न लें हल्के में, तुरंत नजदीकी चिकित्सक से करें संपर्क
श्रीगंगानगर। मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण कई तरह की बीमारियां पैदा होने का खतरा रहता है, जिनमें मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड, बुखार आदि शामिल है। लेकिन सामान्यत: इस मौसम में मलेरिया फैलने की आशंका ज्यादा रहती है। मलेरिया एक विशेष तरह के मच्छर से काटने से होता है, जो बारिश के दिनों में उत्पन्न होते हैं। बारिश के बाद अब मलेरिया रोग के प्रति आमजन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्योंकि इस दौरान हल्का बुखार भी मलेरिया हो सकता है, इसलिए तुरंत जांच व उपचार की जरूरत होती है। आमजन को चाहिए किसी भी तरह के बुखार के प्रति लापरवाही न बरतें और तुरंत जांच करवाएं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी बीसीएमओ एवं अन्य प्रभारी अधिकारियों को पाबंद करते हुए संभावित मलेरिया रोगी की जांच करने और उसकी नियमित रिपोर्टिंग करने के लिए पाबंद किया है। वहीं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जो परजीवी रोगाणु की वजह से होती है। मलेरिया के लक्षण में बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी होना शामिल है। मलेरिया एक परजीवी रोगाणु से होता है, जिसे प्लास्मोडियम कहते हैं। ये रोगाणु एनोफेलीज जाति के मादा मच्छर में होते हैं। इसलिए इन दिनों हर संभव प्रयास कर मच्छरदानी में सोएं, घर में मच्छररोधी दवा का नियमित छिडक़ाव करें, घर के दरवाजों और खिड़कियां पर जाली लगाएं और कम से कम खुला रखें, पंखे का इस्तेमाल करें ताकि मच्छर एक जगह न बैठ पाएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें, पूरा शरीर ढके ऐसे कपड़े पहनें। मलेरिया से न केवल आप बचें बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी बचाएं, जिसके लिए जरूरी है सतर्कता व सावधानी। घरो में व आसपास गड्ढ़ों, नालियों, बेकार पड़े खाली डिब्बों, पानी की टंकियों, गमलों, टायर-टï्यूब मे पानी एकत्रित न होने दें। आमतौर पर यह मच्छर साफ पानी में जल्दी पनपता है, इसलिए सप्ताह मे एक बार पानी से भरी टंकियों, मटके, कूलर आदि खाली करके सुखा दें। डिग्गी आदि पेयजल स्त्रोतों मे स्वास्थ्य कार्यकर्ता से टेमीफॅास नामक दवाई समय-समय पर डलवाते रहें। पानी के स्थाई स्त्रोतों में मछलियां छुड़वाने के लिए नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क करें। जहां पानी एकत्रित होने से रोका नहीं जा सके वहां पानी पर मिट्टी का तेल या जला हुआ तेल (मॉबिल ऑयल ) छिडकें।  

शनिवार, 2 सितंबर 2017

मिशन मोड में चलेंगे 14 राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम
-जिले में एक इकाई के अधीन चलाए जाएंगे कार्यक्रम, आमजन होंगे स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत देश में चल रहे 14 राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम अब जिले में मिशन मोड में चलाए जाएंगे। सभी कार्यक्रम एक ही इकाई के अधीन चलेंगे। विभाग की ओर से इसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (राष्ट्रीय रोग नियत्रण कार्यक्रम) का गठन किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन ने निर्देश जारी करते हुए तुरंत प्रभाव से उक्त कार्यक्रमों को एक इकाई में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सभी कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए अब न केवल नियमित बैठक होगी बल्कि किए गए कार्यों आदि की राज्यस्तर पर रिपोर्टिंग भी की जाएगी। जिले में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला कार्यक्रमों के प्रभारी हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चौदह राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जिनमें आईडीएसपी (इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम), एनवीबीडीसीपी (नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम), एनएलईपी (नेशनल लेप्रोसी इराडिकशन प्रोग्राम), आरएनटीसीपी (रीवाइज्ड नेशनल टीबी कंट्रोल प्रोग्राम), एनपीसीबी (नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ऑफ ब्लाइंडनेस), एनएमएचपी (नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम), एनपीएचसीई (नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थकेयर ऑफ द एल्डर्ली), एनटीसीपी (नेशनल टोबेको कंट्रोल प्रोग्राम), एनपीसीडीसीएस (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एण्ड कांउट ऑफ केंसर, डाइबिटीज, कार्डियोवस्कूलर डिजीज एण्ड स्ट्रोक), एनपीपीसीडी (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एण्ड कंट्रोल ऑफ डीफनेस), एनओएचपी (नेशनल ऑरल हेल्थ प्रोग्राम), एनपीपीसीएफ (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एण्ड कंट्रोल ऑफ फ्लोरोसिस), एनआईडीडीसीपी (नेशनल आयोडीन डिफिस्यंसी डिस्ऑर्डर कंट्रोल प्रोग्राम) और एनपीसीपी (नेशलन पेलेटिव केयर प्रोग्राम) शामिल हैं। सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर गठित यूनिट को तीन हिस्सों में बांटते हुए यूनिट प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे डिप्टी सीएमएचओ को रिपोर्टिंग करेंगे, जो कि सीएमएचओ को रिपोर्ट करेंगे। 

शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट में न हो कोताही

-स्वास्थ्य विभाग ने दिए सतर्कता बरतने के निर्देश, आमजन भी रहे सचेत

श्रीगंगानगर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की रोकथाम व उपचार के लिए राज्यस्तर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट में कोताही न बरतते हुए जल्द से जल्द से रिपोर्ट मिले तो समय पर मरीज का इलाज हो सके। इस संबंध में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में अनवरत 24 घंटे जांच की व्यवस्था करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं जिलास्तर से स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत होते ही संबंधित व्यक्तियों के नमूने लेकर तत्काल जांच करवाने एवं उनका आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा कि स्वाइन फ्लू के उपचार मे देरी मरीजों के लिए प्राण घातक सिद्ध हो सकती है, इसलिए किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि चिकित्स मंत्री के निर्देशें पर राज्य के सभी जिला अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के नमूने लेकर जांच करवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होनें बताया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वाईन फ्लू के उपचार के लिए आवश्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं इन दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। बेहतर व्यवस्था के लिए सभी बीसीएमओ एवं चिकित्सा प्रभारियों को पाबंद किया गया है। उन्होंने आमजन से भी स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रतीत पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क कर अपनी जांच व उपचार करवाने की अपील की है। स्वाइन फ्लू से डरने की नहीं बल्कि समय पर जांच व उपचार करवाने की जरूरत है। समय पर जांच व उपचार से स्वाइन फ्लू का पूर्ण उपचार सम्भव है। स्वाइन फ्लू के संबंध में जिले की आशा सहयोगिनियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे भी नियमित निरीक्षण के दौरान बुखार आदि से पीडि़त लोगों को जांच करवाने के लिए प्रेरित करें और स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी केंद्र पर रिपोर्ट करें।