मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

आप भी भागीदारी निभाएं बेटी बचाओ अभियान में
- विभाग जयपुर में देगा चार नवंबर को प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन के मुख्य प्रोजेक्ट डॉटर्स आर प्रीसियस के तहत जल्द ही जिले में जागरूकता कार्यक्रम करवाए जाएंगे। इसके लिए जिले से वॉलेंटियर्स (स्वयंसेवकों) को स्वास्थ्य विभाग ने आमंत्रित किया है। इन्हें विभाग की ओर से जयपुर में चार नवंबर को मिशन निदेशक नवीन जैन प्रशिक्षित करेंगे और इसके बाद ये स्वयंसेवक जिले में जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी निभाएंगे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले के युवा, खासकर जो मंच से बोलने में सक्षम हों वे एक नवंबर शाम तक विभाग की ईमेल एवं मोबाइल नंबर 9829762729 पर संपर्क कर सकते हैं। यह पहला मौका है जब विभाग युवाओं को प्रशिक्षित कर जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करेगा। ऐसे में बेटी बचाओ अभियान में अपना योगदान देने की इच्छा रखने वाले युवाओं को आगे आना चाहिए। 

पुलिस की सेहत जांचेगा स्वास्थ्य विभाग
-कल एसपी ऑफिस से होगी शुरुआत, शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड गु्रप की होगी स्क्रीनिंग
श्रीगंगानगर। ग्रामीणों के बाद शहरी क्षेत्र में आमजन की शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड ग्रुप की जांच कर रहा स्वास्थ्य विभाग अब पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों की जांच करेगा। इसके लिए दोनों विभागों की बैठक व समन्वय के बाद पुलिस थानों में शिविर के लिए तारीख निर्धारित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग गुरुवार से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिविर लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत करेगा। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि शुरुआत पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों व कार्मिकों की सेहत की जांच की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस कार्मिकों को जागरूकता सामग्री भी दी जाएगी। इसके बाद दो नंवबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, तीन नवंबर को पुलिस लाइन, चार नवंबर को सदर थाना व पुरानी आबादी थाना में शिविर लगाकर शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड गु्रप की जांच की जाएगी। शिविर का समय सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। इसके बाद आठ नवंबर को कोतवाली थाना, नौ नवंबर को जवाहरनगर थाना, दस को सदर थाना और 11 नवंबर को भगतसिंह चौक स्थित यातायात थाना में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में एनसीडी अनुभाग के नवदीप सिंह, सुनीता चौधरी, संदीप कुमार, पूजा तंवर, प्रतिभा, रणजीत सिंह, जय किशन व गगनदीप कौर सेवाएं देंगे। शिविरों की मोनिटरिंग अनुभाग के अर्श बराड़ कर रहे हैं। विभाग की ओर से मंगलवार को एसडी बिहाणी कॉलेज और एसडी बिहाणी लॉ कॉलेज में शिविर लगाया गया। जहां 103 स्टाफ की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें तीन शुगर व नौ में उच्चरक्तचाप की पुष्टि हुई। 


सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

‘कन्या रक्षक सम्मान’ से पुरस्कृत हुए डिकॉय स्पेशलिस्ट
बाबा दीप सिंह सेवा समिति ने किया सम्मान, एमडी जैन व एएसपी सिंह को भेजेंगे प्रतीक चिन्ह व पत्र
श्रीगंगानगर। कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने में जुटी पीसीपीएनडीटी टीम के डिकॉय स्पेशलिस्टï्स का धन-धन बाबा दीप सिंह सेवा समिति ने सम्मान कर उनकी हौसला अफजाई की है। समिति ने विभाग के स्थानीय अधिकारियों सहित टीम के चार सदस्यों को जहां जागो कार्यक्रम में सम्मान किया, वहीं अब समिति सचिव व अन्य सदस्य जयपुर जाकर टीम के मुखिया एनएचएम एमडी नवीन जैन और पीसीपीएनडीटी प्रभारी एएसपी रघुवीर सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर व पत्र देकर सम्मानित करेंगे। साथ ही आह्वान करेंगे कि वे इस मुहिम को जारी रखें ताकि कन्या भू्रण हत्या करने वालों पर लगाम लग सके। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राज्य में अब तक 93 डिकॉय हो चुके हैं, जबकि श्रीगंगानगर टीम ने 10 डिकॉय किए हैं जो जिले के हिसाब से राज्य में सर्वाधिक है। टीम जान-जोखिम में डालकर भी लगातार डिकॉय कर रही है। यही वजह है कि धन-धन बाबा दीप सिंह सेवा समिति ने कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सरदारशहर विधायक भंवरलाल शर्मा, सेवा समिति के सचिव तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा व प्रोजेक्टर डायरेक्टर डॉ. विकास सचदेवा आदि के हाथों श्रीगंगानगर पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, हनुमानगढ़ सीओआईईसी मनीष शर्मा व टीम सदस्य पत्रकार कैलाश दिनोदिया को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया। उन्होंने बताया कि टीम सदस्यों की यह हौसला अफजाई बेहद जरूरी है, क्योंकि ये लोग दिन-रात एक कर, बिना वार-त्यौहार के सोचे, पंजाब-हरियाणा-दिल्ली तक कार्रवाईयों को अंजाम दे रहे हैं। आमजन भी भू्रण लिंग जांच करने वालों की सूचना देकर इस महाअभियान में अपनी भागीदारी निभाएं। 
नई टेबलेट में सभी साल्ट, टीबी रोगियों का इलाज होगा आसान
-जिलास्तर पर सीएमएचओ डॉ. बंसल ने की शुरुआत, रोजाना एक गोली खाएंगे टीबी रोगी
श्रीगंगानगर। जिले के टीबी मरीजों के लिए नई दवा, नई विधि जिला स्तरीय योजना की शुरुआत सोमवार को जिला स्वास्थ्य भवन में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने की। उन्होंने टीबी मरीज को दवा खिलाकर और उनके परिजनों को टेबलेट किट देकर यह शुरुआत की। इस मौके पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीटीओ डॉ. गुंजन खुराना, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीपीएम गरीमा परिहार, डीपीसी जगदीश इंदलिया व नरेश भदोरिया मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. बंसल बताया कि नई विधि में मरीजों को टीबी की दवा हर रोज खानी है। इससे पहले टीबी के रोगियों को सप्ताह में तीन दिन एक दिन छोडक़र एक दिन दवा खानी पड़ती थी। लेकिन इसके तहत रोज दवा खानी होगी। खुराक का निर्धारण मरीजों को वजन के आधार पर होगा। उन्होंने बताया कि नई विधि से पहले में प्रचलित सभी दवाओं का मिश्रण एक ही गोली में किया गया है, इससे मरीजों को अलग-अलग दवाएं नहीं लेनी पड़ेगी। यानी एक ही टेबलेट में सभी साल्ट होंगे।
बच्चों के लिए मैंगो, स्ट्रॉबेरी व रसबेरी फ्लेवर
नई टेबलेट में बच्चों के लिए मैंगो, स्ट्रॉबेरी और रसबेरी फ्लेवर में पानी में घुलनशील दवा मिलेगी। इससे बच्चों को खुराक लेने में आसानी हो। यही नहीं बच्चों को दवा वजन के हिसाब से दी जाएगी। यानी कि बच्चों में चार से सात किलोग्राम के बच्चे को दो टेबलेट, आठ से 11 किलोग्राम के बच्चे को चार, 12 से 15 किलोग्राम के बच्चे को छह, 16 से 24 किलोग्राम के बच्चे को आठ, 25 से 28 किलोग्राम के बच्चे को सात और 30 से 39 किलोग्राम के बच्चे को छह टेबलेट का सेवन प्रतिदिन करना होगा। इसी तरह बड़ों में भी टीबी के रोगियों को वजन के हिसाब से टेबलेट की संख्या तय होगी। यानी 25 से 39 किलोग्राम के व्यक्ति को प्रतिदिन दो टेबलेट, 40 से 54 किलोग्राम के व्यक्ति को तीन, 55 से 69 किलोग्राम के व्यक्ति को चार और 70 से ऊपर के व्यक्ति को पांच टेबलेट  प्रतिदिन के हिसाब से लेनी होगी। नई दवा, नई विधि से टीबी मरीजों को टीबी रोग से मुक्ति दिलाने में लाभदायक होगी।

रविवार, 29 अक्टूबर 2017

‘सफाई’ करने वालों की करेंगे ‘सफाई’ - नवीन जैन
-कोख में बेटियों की हत्या रूकेगी, बेशक आमजन निभाए अपनी जिम्मेदारी
-एमडी नवीन जैन ने ‘अनमोल हैं बेटियां’ कार्यक्रम के तहत श्रीगंगानगरवासियों से किया सीधा संवाद 
श्रीगंगानगर। बेटों की चाहत में कुछ लोग कोख में बेटियों की हत्या करवाने को बड़ी ही बेशर्मी से ‘सफाई’ नाम देते हैं और कुछ चिकित्सकीय पेशे से जुड़े लोग इस ‘सफाई’ को अंजाम दे रहे हैं लेकिन हमने भी प्रण लिया है कि इन ‘सफाई’ करने वालों की ‘सफाई’ करके ही दम लेंगे। लेकिन इसमें आमजन की भागीदारी व जिम्मेदारी भी बेहद जरूरी है, क्योंकि आमजन जागरूक होगा तभी बेटियां बचेंगी और ऐसे घिनौने लोग सलाखों के पीछे होंगे। यही नहीं हमें सोच बदलते हुए न केवल बेटा-बेटी का भेद मिटाना होगा, बल्कि जन्म के बाद किया जाने वाला भेद ही खत्म करना होगा। ये विचार रविवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन ने शहरवासियों से सीधा संवाद करते हुए व्यक्त किए। वे यहां आईईसी व पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से नोजगे स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम ‘बेटियां अनमोल हैं’ में बोल रहे थे। इस मौके पर नोजगे स्कूल के चैयरमेन डॉ. पीएस सूदन, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, डीएएम सतीश गुप्ता, डायरेक्टर रचना भटनागर व जीएम कमल सूदन आदि मौजूद थे।  
श्री जैन ने कहा कि यह गलत धारणा है कि गर्भ में बेटियों का कत्ल करने वाले गरीब या अनपढ़ लोग होते हैं लेकिन असल में हम जैसे पढ़े-लिखे और ऊंची सोसायटी के लोग भी बदस्तूर बेटियों का कत्ल करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम भले ही शिक्षित व ऊंची सोसायटी में खुद का रसूख बरकरार रखने के लिए झूठ बोलते हैं कि हम बेटा-बेटी में फर्क नहीं करते, लेकिन सच्चाई यह है कि हम आज भी बेटा और बेटी में फर्क समझते हैं। कई उदाहरण के साथ उन्होंने शिक्षित समाज में बेटा-बेटी में किए जा रहे फर्क की सोच को उजागर किया। उन्होंने कहा कि इसी सोच के कारण लिंगानुपात में गिरावट आई। बेटियों की सुरक्षा को लेकर अगर हम चिन्तित हैं, तो इस बीमारी की जड़ समाज के हमीं लोग हैं। पहले गर्भ में लिंग जांच और फिर कोख में बेटी का कत्ल करने की परम्परा महानगरों व शिक्षित लोगों से शुरू हुई, जो अब छोटे कस्बों और गांव तक पहुंच चुकी है। गर्भ में भ्रूण की जांच और गर्भपात का सिलसिला नहीं रोका गया, तो आंकड़े और भी चौंकान्ने व परेशान करने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि हर परिवार दुर्गाष्टमी पर भले ही कंजक पूजन करते हों, लेकिन गर्भवती महिलाओं व उनके परिजनों को संतान के रूप में बेटा ही चाहिए, यही सोच घातक है। ऑडिटोरियम में स्कूली छात्राओं, नर्सिंग छात्राओं व शहर के नागरिकों को सम्बोधित करते है हुए श्री जैन ने कहा कि बेटों की चाहत में हम बेटियों का कोख में कत्ल करवा रहे हैं, जबकि बहुत से परिवार ऐसे हैं जिनके बेटों से उनकी कई महीनों तक बात तक नहीं होती। ऐसे भी बेटे हैं, जिन्होंने मां-बाप को बेघर कर दिया। वंशवाद के नाम पर बेटों की चाहत रखते हैं, जबकि दो से तीसरी पीढ़ी की वंशावली हमें नहीं मालूम। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मुखिया नवीन जैन ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अपने बेटियों को कोख में मारने वाले नर्सिंग पेशे व चिकित्सकीय पेश से जुड़े लोगों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि गर्भ में भू्रण की जांच करवाने वाले गिरोह में सबसे ज्यादा ऐसी ही महिलाएं शामिल हैं, जो चिकित्सीय पेश से जुड़ी हैं। पीसीपीएनडीटी टीम ने डिकॉय की अनेक कार्रवाई मेंं डॉक्टरों सहित नर्सिंग स्टाफ व आशाओं तक को पकड़ा है। उन्होंने श्रीगंगानगर पीसीपीएनडीटी टीम के रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद विश्रोई प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी टीम ने जिले के अलावा दूसरे राज्यों में जाकर दस डिकॉय किए। टीम के कार्य से दूसरे जिलों की टीम भी प्रेरणा ले रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रत्येक वर्ष 17 लाख बच्चे पैदा होते हैं। इसमें छह लाख महिलाएं पहली बार मां बनती हैं। दूसरी बार मां बनने पर महज एक लाख 65 हजार महिलाएं रिस्क पर रहती हैं। इनमें भी हम एक लाख 32 हजार गर्भवती महिलाओं को जागरूक करके कोख में बेटी का कत्ल होने से बचा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एमडी जैन ने लाइव प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता की। उन्होंने सवाल कर विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया। इस दौरान स्टूडेंट्स का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में नोजगे स्कूल के सीनियर स्टूडेंट्स, उनके परिजन, स्टाफ, जुबिन नर्सिंग कॉलेज, एसएन नर्सिंग कॉलेज, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज व राजकीय नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। 
अब आ रहा सुधार, बदलेगी तस्वीर
पीसीपीएनडीटी एक्ट को प्रभावी से लागू करने पर अब गर्भ में भू्रण की जांच कुछ कम हुई है और लिंगानुपात में सुधार हुआ है। एक हजार लडक़ों पर प्रदेश में वर्ष 2014 में एक 971, वर्ष 2015 में 930, वर्ष 2016 में 939 और इस वर्ष में अक्टूबर तक लड़कियों की संख्या 942 है। हमारे लिए यह खुशी की बात है कि पिछले चार वर्षो से लगातार लडक़ों के मुकाबले लड़कियों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश की टीम अब तक 93 डिकॉय कार्रवाई कर भू्रण लिंग जांच करने वाले 223 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें 150 लोग राजस्थान के हैं, जबकि 73 लोग दूसरे राज्यों से हैं। इनमें 57 डॉक्टर शामिल हैं। 
आप भी बने भागीदार, निभाएं जिम्मेदारी
आमजन की भागीदारी के लिए जल्द ही राज्यस्तर पर बड़ा कार्यक्रम एमडी नवीन जैन के नेतृत्व में होने जा रहा है। जिसके तहत एक निर्धारित दिवस पर पूरे राज्य में एक साथ, एक समय पर बेटियां अनमोल है कार्यक्रम आयोजित होगा। कॉलेज स्तर पर होने वाले इस कार्यक्रम में जुडऩे के लिए विभाग के स्थानीय आईईसी या पीसीपीएनडीटी प्रभारी को अपने नाम दर्ज करवाए जा सकते हैं। इसके बाद सभी को जयपुर में प्रशिक्षित किया जाएगा। 

शनिवार, 28 अक्टूबर 2017

भाषणबाजी नहीं, सीधा संवाद करेंगे एमडी नवीन जैन
-आज होगा बेटियां अनमोल है कार्यक्रम, बेटियों व परिजनों से होंगे रूबरू
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन रविवार को शहर में होंगे। वे यहां बेटियां अनमोल हैं कार्यक्रम के तहत बेटियों व उनके परिजनों से मुखातिब होंगे। स्वास्थ्य विभाग के आईईसी एवं पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से यह जागरूकता कार्यक्रम नोजगे स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। यहां सुबह 11 बजे शुरु होने वाले इस कार्यक्रम में आमजन को भी आंमत्रित किया गया है ताकि बेटी बचाओ अभियान को और अधिक गति दी जा सके। कार्यक्रम में स्कूल व कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ ही नर्सिंग स्टूडेंट्स एवं स्टूडेंट्स के परिजन भाग लेंगे। कार्यक्रम में किसी तरह की भाषणबाजी न होकर सीधा संवाद होगा, जिसमें मुख्य वक्ता श्री जैन के साथ यहां मौजूद स्टूडेंट्स उनसे संवाद कर सकेंगे। इस दौरान लाइव प्रश्रोत्तरी भी आयोजित होगी, जिसमें विजेताओं को मौके पर ही एमडी नवीन जैन पुरस्कृत करेंगे।

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017

कल बेटियों से मुखातिब होंगे एमडी नवीन जैन 
-नॉजगे स्कूल के ऑडिटोरियम में आमजन भी आमंत्रित, युवा जरूर आएं

श्रीगंगानगर। राज्य और राज्य से बाहर ताबड़तोड़ डिकॉय ऑपरेशन के जरिए बेहद आक्रामक तरीके से बेटी बचाओ मुहिम में जुटे स्वास्थ्य विभाग के मुखिया एनएचएम एमडी नवीन जैन रविवार को नॉजगे स्कूल के ऑडिटोरियम में आमजन से मुखातिब होंगे, खासकर युवा बेटियों से ताकि इस मुहिम को और गति दी जा सके। वे यहां स्वास्थ्य विभाग के आईईसी एवं पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम डॉटर्स आर प्रीसियस में शामिल होंगे। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि वरिष्ठ आईएएस नवीन जैन रविवार सुबह 11 बजे नॉजगे स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान नॉजगे स्कूल के स्टूडेंट्स, स्टाफ, परिजन, नर्सिंग स्टूडेंट्स एवं आमजन भाग लेंगे। कार्यक्रम में जिले के उन युवाओं को भी भाग लेना चाहिए जो बेटी बचाओ अभियान में वॉलिन्टियर के तौर पर कार्य कर रहे हैं या करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की जााएगी और विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया जाएगा। 

बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

अध्यापकों की सेहत जांचेगा स्वास्थ्य विभाग
-होमगार्डों की जांच के बाद अब दूसरे विभागों में भी होगी कार्मिकों की जांच
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अब जिले के हर स्कूल में पहुंच कर वहां कार्यरत अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ की सेहत जांचेगा। यहां एनसीडी अनुभाग की ओर से उच्चरक्त चाप, ब्लड ग्रुप व शुगर की जांच की जाएगी। वहीं जरूरत अनुसार हिमोग्लोबिन की जांच भी की जाएगी। इससे पूर्व विभाग होमगार्डों की जांच कर चुका है और आने वाले दिनों में अन्य सभी विभागीय कार्यालयों में जाकर स्टाफ की जांच की जाएगी। बुधवार को विभाग की ओर से जिला मुख्यालय पर स्थित बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी के स्कूल स्टाफ की जांच की गई। शनिवार को एसडी बिहाणी स्कूल के स्टाफ की जांच की जाएगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि एनसीडी अनुभाग की ओर से लगातार उच्चरक्त चाप, ब्लड गु्रप व शुगर की जांच की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही अब शहरी क्षेत्र में जांच की जा रही है, जिनमें सबसे पहले निजी व राजकीय स्कूलों सहित सभी राजकीय कार्यालयों के स्टाफ की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि 315 होमगार्ड जवानों की जांच की गई, जिनमें सात जवानों में शुगर व 30 में बीपी पाई गई। वहीं सभी जवानों की ब्लड गु्रप व हिमोग्लोबिन की जांच की गई। टीम में नर्सिंग स्टाफ नवदीप, संदीप कुमार, सुनीता चौधरी व पूजा तंवर और एलटी रणजीत सिंह सेवाएं दे रहे हैं। टीमों की मोनिटरिंग डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, निरीक्षण डीपीओ सोनिया चुग व डीपीसी अर्श बराड़ कर रहे हैं। 

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

डेंगू जांच के लिए एलाइजा टेस्ट ही करना होगा, निजी लैब व अस्पताल पाबंद
-केंद्र सरकार ने तय किए नियम-कायदे, 600 रुपए से अधिक नहीं लेने के निर्देश
श्रीगंगानगर। डेंगू को लेकर जिले सहित प्रदेश में फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने विशेष मोनिटरिंग करने का निर्णय लिया। वहीं इस संबंध में मंगलवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने भी बैठक कर जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र सरकार के नियम-कायदों की अनुपालना करते हुए निजी लैब व अस्पताल संचालकों को पाबंद करें। ताकि कोई भी मरीजों व उनके परिजनों को डेंगू को लेकर न तो डराए और न ही जांच या उपचार के नाम पर लूट हो। उक्त को लेकर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने निजी लैब संचालकों व अस्पताल संचालकों को लिखित में निर्देशित किया है कि वे केवल एलाइजा के जरिए ही डेंगू का टेस्ट करें। वहीं लैब संचालक डेंगू जांच के 600 रुपए से अधिक न लें। यदि इस संबंध में किसी तरह की शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में डेंगू की स्थिति सामान्य है और इसे लेकर किसी तरह से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से मरीजों को लूटने के लिए डेंगू को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं और 100-150 रुपए वाली किट से जांच करते हुए मरीजों से 800-1000 रुपए तक वसूल रहे हैं जबकि उससे डेंगू की सही पुष्टि ही नहीं होती। केंद्र सरकार ने बकायदा इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि एलाइजा टेस्ट से ही डेंगू की पुष्टि की जाए और मरीज का उपचार किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में कुछ निजी लैब संचालक जिस किट से जांच कर रहे हैं वो सामान्य बुखार में भी डेंगू बता रही है। इससे मरीज व उसके परिजन भयभीत होते हैं और उपचार के लिए हजारों-लाखों रुपए खर्च कर देते हैं जबकि मरीज को डेंगू होता ही नहीं। ऐसे में जरूरी है कि एलाइजा से जांच हो और पुष्टि होने पर ही उपचार हो। डॉ. बंसल ने बताया कि जल्द ही लैब संचालकों व अस्पताल संचालकों की बैठक कर उन्हें इस संबंध में विस्तार से निर्देशित किया जाएगा। वहीं उन्हें पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। 
आमजन बरते सावधानी, रखें स्वच्छता
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर मौसमी बीमारियां के संबंध में कार्य कर रहा है लेकिन आमजन को भी चाहिए कि वे सतर्क रहते हुए सावधानी बरते। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं फील्ड कार्मियों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसमी बीमारियों के दृष्टिगत दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चिता के साथ ही निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि डेंगू व मलेरिया मच्छर जनति बीमारी है इसलिए जरूरी है कि आस-पास स्वच्छता रखें ताकि मच्छर न फैले। वहीं पानी एकत्र न होने दें क्योंकि पानी एकत्र होते ही मच्छर पैदा होकर बीमारियां फैलाते हैं। घर की छतों पर टूटे फूटे सामान, टायर और अन्य अनावश्यक वस्तुओं को निकाल बाहर करें ताकि वहां पानी एकत्र न हो और न ही वहां मच्छर पैदा हो। कोशिश कर मच्छरदानी का भी प्रयोग करें और खासकर बच्चों को इसमें सुलाएं। कीटनाशक धुएं का भी प्रयोग फायदेमंद होता है। मुख्यत: साफ-सफाई का ख्याल रखते हुए न केवल खुद बचें, बल्कि आस-पड़ोस के लोगों को भी इन बीमारियों से बचाएं। फिर भी यदि इनकी चपेट में आ जाएं तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। जरा सी लापरवाही घातक हो सकती है।

शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

सोमवार को गर्भवती महिलाओं को मिलेगी स्वास्थ्य सुरक्षा
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाएगा नौ अक्टूबर को
श्रीगंगानगर। केंद्र स्तर पर चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले में सोमवार को गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की न केवल जांच व उपचार होगा बल्कि उन्हें गर्भकाल के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस हर माह की नौ तारीख को मनाया जा रहा है। इस दौरान जिला चिकित्सालय सहित शहरी व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। यहां निजी एवं राजकीय चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं देते हैं। श्रीगंगानगर जिला इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाएं देकर राज्य में अव्वल रहा है और आगामी दिनों में भी बेहतर सेवाएं जारी रहेंगी। 
कस्बों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
-अवधिपार कोल्ड ड्रिंक्स फिंकवाई, मावा व पनीर का लिया सैंपल
श्रीगंगानगर। खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रखी। शनिवार को अवकाश के बावजूद टीम फील्ड में उतरी और कस्बों में मिठाई की दुकानों पर निरीक्षण करते हुए मावा व पनीर का सैंपल लिया। वहीं खाद्य सामग्री जांचते हुए टीम ने अवधिपार बिक रही कोल्ड ड्रिंक्स को फिंकवाया। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि जहां भी मिलावटी व अवधिपार खाद्य सामग्री मिलेगी, वहां संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सैंपल के साथ ही शेष सामग्री को फिंकवाया जाएगा ताकि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके। टीम में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिराम वर्मा व राकेश सचदेवा शामिल रहे। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि श्रीविजयनगर में मैन बाजार स्थित ग्रीन रेस्टोरेंट से मावा का सैंपल और धींगड़ा रेस्टोरेंस से पनीर का सैंपल लिया। इसके साथ ही टीम ने विभिन्न रेस्टोरेंट्स व अन्य खाद्य पदार्थ विके्रताओं का निरीक्षण करते हुए दुकानदारों को स्वच्छता आदि के लिए चेताया। उल्लेखनीय है कि त्यौहारी सीजन के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई शुरु की है। विभाग ने पहले दिन तीन दुकानों से सैंपल लिया, जिसमें मुख्यत: मिठाई की दुकानों का निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। अभियान दीपावली तक लगातार चलेगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी, दूषित या कृत्रिम घी, तेल, दूध, मिठाई, मसाले, आटा, आईसक्रीम, बिस्कुट, अचार आदि पाए जाते हैं तो नमूनीकरण कर स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डालने वाली शेष सामग्री को नष्ट करवाया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति व फर्म के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। 



शुक्रवार, 6 अक्टूबर 2017

खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई
-त्यौहारी सीजन में मिठाईयां शुद्ध बने इसलिए छापे, मिलावटखोरी पर अंकुश के प्रयास
श्रीगंगानगर। त्यौहारी सीजन के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की। विभाग ने मावा आदि के सैंपल लेते हुए कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और मिलावटखोरी न करने के लिए संबंधित को पाबंद किया। टीम के साथ सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल खुद मैदान में उतरे और उनके साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरिराम वर्मा सहित रामकुमार सिहाग व राकेश सचदेवा शामिल रहे। विभागीय कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि राज्यस्तरीय निर्देशों पर त्यौहारी सीजन के चलते जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन अभियान शुरू किया गया है,जो दीपावली तक लगातार चलेगा। शुक्रवार को टीम ने बस स्टेण्ड स्थित चौधरी मावा भण्डारा से मावा का सैंपल, जिला अस्पताल के पीछे स्थित ज्याणी पतीसा भण्डार से पतीसा का सैंपल और चहल चौक से सिंकदर पनीर एण्ड स्वीट कॉर्नर से गुलाब जामुन का सैंपल लिया। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि दीपावली पर खाद्य पदार्थों की मांग व खपत बढऩे के कारण अनेक निर्माता व व्यापारी अपमिश्रित खाद्य पदार्थों की बिक्री करते हैं, जो आमजन की सेहत के लिए घातक है। इसलिए विभाग ने अभियान के तौर पर प्रतिदिन कम से कम तीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं तीन खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने का निर्णय लिया है। इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी, दूषित या कृत्रिम घी, तेल, दूध, मिठाई, मसाले, आटा, आईसक्रीम, बिस्कुट, अचार आदि पाए जाते हैं तो नमूनीकरण कर स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डालने वाली शेष सामग्री को नष्ट करवाया जाएगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति व फर्म के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले से अन्य स्थानों से आने वाली खाद्य सामग्री की निगरानी रखने के लिए पुलिस का सहयोग लेते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन कर बिना दिनांक अंकित किए खाद्य पदार्थ बेचते हुए पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों के लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे। यदि ऐसे सामग्री बाजार में बिकते हुए मिलती है तो भविष्य में संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017

जिला अस्पताल में मिलेगी कीमोथैरेपी, कैंसर केयर वार्ड स्थापित 
-कैंसर जांच शिविर आयोजित, हर दो माह बाद आएंगे कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पेंढाकर
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जल्द ही कैंसर मरीजों के लिए जिलास्तर पर कीमोथैरेपी शुरु करने जा रहा है। वहीं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढाकर हर दो माह बाद मरीजों को जांचने जिला अस्पताल आएंगे। इनके अलावा कैंसर रोग संबंधित प्रशिक्षण ले चुके चिकित्सक प्रमोद चौधरी जिला अस्पताल में नियमित सेवाएं देंगे। इस संबंध में बुधवार को जिला अस्पताल में विस्तार से चर्चा हुई और कैंसर जांच शिविर का आयोजन भी किया गया। जिसमें 47 मरीजों की जांच की गई। इससे पूर्व एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट मुम्बई से आए डॉ. पेंढाकर का पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डीसी डॉ. प्रेम बजाज, डॉ. प्रमोद चौधरी व रवींद्र शर्मा आदि ने स्वागत कर उनसे आमजन को बेहतर सुविधा देने के लिए चर्चा की। 
पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने बताया कि बुधवार को सुबह आठ से दस बजे तक डॉ. दिनेश पेंढाकर ने मरीज देखे। जिला अस्पताल में 70 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया, इस कारण आगामी दिनों में भी इन मरीजों की डॉ. प्रमोद चौधरी जांच करेंगे और डॉ. दिनेश से ऑनलाइन परामर्श कर उनका उपचार किया जाएगा। डॉ. पेंढाकर भी नियमित रूप से जिला अस्पताल प्रबंधन के संपर्क में रहेंगे ताकि मरीजों लाभान्वित हो सके। जिला अस्पताल में कैंसर केयर यूनिट की स्थापना के साथ ही यहां चार बैड का एक कैंसर केयर वार्ड आरक्षित किया गया है। राज्यस्तर से दवाओं की मांग भी की गई है, जो शीघ्र ही मिलेगी। इसके बाद जिलास्तर पर ही मरीजों को कीमोथैरेपी दी जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि यहां दो नर्सिंग कार्मिकों के साथ ही चार महिला नर्सिंग कार्मिकों की नियुक्ति की जा रही है। निश्चित ही आने वाले दिनों में कैंसर मरीजों, खासकर संभावित व प्राथमिक स्टेज के मरीजों को जिलास्तर पर ही राहत मिलेगी। 

बुधवार को लगेगा नि:शुल्क कैंसर जांच शिविर
श्रीगंगानगर। जिला अस्पताल में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क मेगा कैंसर डिटेक्शन शिविर लगाया जाएगा। सुबह आठ बजे से 10 बजे तक लगने वाले इस शिविर में पूर्व में रजिस्ट्रेशन करवा चुके मरीजों की जांच की जाएगी। शिविर में मुम्बई के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढाकर भी अपनी सेवाएं देंगे, जो एरिशन कैंसर इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं। इसके अलावा एनसीडी अनुभाग की ओर से प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को लगाया जाने वाला शिविर सुबह नौ बजे से तीन बजे यथावत जारी रहेगा। पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने बताया कि जिला अस्पताल के कमरा नंबर 18 में शिविर का आयोजन किया जाएगा। यहां कैंसर रोग संबंधित प्रशिक्षण ले चुके डॉ. प्रमोद चौधरी एवं दो नर्सिंग कार्मिकों सुनील नायक व रजनीश कुमार मरीजों को देखेंगे। वहीं बुधवार को डॉ. दिनेश पेंढाकर पूर्व में रजिस्ट्रड हो चुके मरीजों की जांच करेंगे। 

सोमवार, 2 अक्टूबर 2017

पीएमएसएमए में श्रीगंगानगर को मिला अवार्ड
-जिले में जुड़े 16 निजी चिकित्सक, छह माह में साढ़े नौ हजार गर्भवती लाभान्वित
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने पर श्रीगंगानगर स्वास्थ्य विभाग को राज्यस्तरीय अवार्ड मिला है। इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, जयपुर में गांधी जयंती पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मिशन निदेशक नवीन जैन ने श्रीगंगानगर टीम को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह दिया। इस दौरान विभाग के आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा व डीपीएम विपुल गोयल ने पुरस्कार हासिल किया। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि अन्य अवार्ड भी जिले के नाम होने चाहिए। 

सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जून 2016 से हर माह की नौ तारीख को जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है। जिले में अब तक 16 निजी चिकित्सक पंजीकृत हो चुके हैं एवं राजकीय चिकित्सक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दिवस के दौरान गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और यहां सरकारी व निजी चिकित्सक अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे हैं। जिले में अप्रेल 2017 से सितंबर 2017 तक नौ हजार सात सौ 52 गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार किया गया। जिले के अन्य निजी चिकित्सक भी इस अभियान से जुड़ कर माह में एक दिन गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सेवा कर सकते हैं। कोई भी चिकित्सक विभागीय वेबसाइट के जरिए पंजीकरण कर सेवाएं दे सकते हैं। 

रविवार, 1 अक्टूबर 2017

बुधवार को लगेगा मेगा कैंसर जांच शिविर
-मुम्बई के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पेंढाकर देंगे सेवाएं, तीन तक रजिस्ट्रेशन जरूरी
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार अक्टूबर को जिला अस्पताल में नि:शुल्क मेगा कैंसर डिटेक्शन शिविर लगाया जाएगा। सुबह आठ बजे से 10 बजे तक लगने वाले इस शिविर का लाभ लेने के लिए तीन अक्टूबर तक जिला अस्पताल में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। अब तक 44 का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शिविर में मुम्बई के वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेंढाकर भी अपनी सेवाएं देंगे, जो एरिशन कैंसर इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि शिविर में कोई भी स्त्री व पुरुष कैंसर जांच के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि एनसीडी अनुभाग की ओर से जिला अस्पताल में हर माह के प्रथम बुधवार को कैंसर डिटेक्शन शिविर लगाया जा रहा है लेकिन पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देने पहुंच रहे हैं। पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने बताया कि जिला अस्पताल के कमरा नंबर 18 में कैंसर केयर यूनिट की स्थापना की गई है। जिसके प्रभारी डॉ. प्रमोद चौधरी को बनाया गया है, जो कैंसर का विशेष प्रशिक्षण लेकर आए हैं। इनके साथ दो नर्सिंग कार्मिकों सुनील नायक व रजनीश कुमार को लगाया है। दोनों ही उज्जैन से प्रशिक्षित हैं। वहीं चार महिला नर्सिंग कर्मियों को भी स्तन कैंसर डिटेक्शन के प्रशिक्षण के लिए भिजवाया जाएगा। राहत की बात ये है कि जिला अस्पताल में अब कीमो की सुविधा भी मिलेगी। वहीं उन्हें जिला अस्पताल से दवाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी।