गुरुवार, 30 नवंबर 2017

जारी है ‘बेटियां अनमोल है’ मुहिम
-जिले की शिक्षण संस्थाओं में लगातार आयोजित होंगे कार्यक्रम

श्रीगंगानगर। बेटी बचाओ अभियान के तहत ‘डॉटर्स आर प्रीसियस’ जागरूकता कार्यक्रम जिले में लगातार जारी है। अभियान के तहत शुक्रवार को श्रीकरणपुर खण्ड में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां स्टूडेंट्स को बेटियां अनमोल है कार्यक्रम की जानकारी के साथ ही उन्हें कार्यक्रम से जुड़े तथ्य व वीडियो फिल्में दिखाकर उन्हें जागरूक किया गया। युवाओं ने शपथ ली कि वे कभी बेटा-बेटी का भेद नहीं करेंगे और न ही कभी कन्या भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होंगे। अमर ज्योति गल्र्स कॉलेज व स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम सुनील कुमार ने जानकारी दी। इस दौरान संस्थान निदेशक विक्रम कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। 

सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में विगत 17 नवंबर को डॉटर्स आर प्रीसियस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के 43 संस्थानों में आठ हजार 444 युवाओं ने भाग लिया था। इससे पहले एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने भी जैन गल्र्स कॉलेज और नॉजगे स्कूल में बड़े कार्यक्रमों में युवाओं को जागरूक किया। इसी कड़ी में शुक्रवार को श्रीकरणपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां बीपीएम सुनील कुमार ने जानकारी दी कि वर्तमान में बेटी बचाने के प्रयास नाकाफी है यदि आमजन की सहभागिता नहीं होती। क्योंकि आमजन की सहभागिता से ही कन्या भू्रण हत्या जैसे कलंक को जिले एवं राज्य से मिटाया जा सकता है। इस कार्य में युवाओं की भागीदारी अहम है इसलिए युवाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जा रहा है ताकि वे न केवल आगे चलकर बेटा-बेटी का भेद मिटाएं बल्कि वे दूसरों को भी जागरूक करें। विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। 

बुधवार, 29 नवंबर 2017

चार  दिसंबर से घर-घर जाकर करेंगे टीबी मरीजों की जांच, तुरंत शुरू होगा इलाज
-देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने की कवायद, श्रीगंगानगर जिला भी शामिल 
श्रीगंगानगर। देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करने के लक्ष्य के तहत श्रीगंगानगर जिले में चार दिसंबर से घर-घर जाकर टीबी रोगी की तलाश होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जिले में ‘एक्टिव केस फाइंडिंग’ अभियान चलाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, कोटा, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, जोधपुर व झुंझुनूं जिले को चिन्हित किया गया है। इनमें विभाग की टीम संभावित टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग करेंगी। अभियान 18 दिसंबर तक चलेगा।
अभियान की तैयारियों की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है और प्रारंभिक स्तर पर गतिविधियों का आयोजन शुरु कर दिया गया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि रोगी खोजने वाले टीम को प्रोत्साहन राशि के रूप में 500 रुपए प्रति केस देने का प्रावधान है। इसका मुख्य फायदा सब सेंटर स्तर पर गठित टीम सदस्य एएनएम, आशा, वॉलंटियर, एनजीओ, निजी चिकित्सक को मिलेगा। यह राशि जिला क्षय रोग अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी कर की जाएगी। डॉ. बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की मंशा है कि ऐसे संभावित टीबी रोगियों को उपचार के दायरे में लाया जाए, जिन्हें खुद को टीबी से ग्रसित होने की जानकारी नहीं है। सेंट्रल टीबी डिवीजन ने इन जिलों में विशेष गाइड लाइन तैयार की है। इसी के मुताबिक जिले में चार से 18 दिसंबर तक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले की कुल आबादी के 11 प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग कर जांच की जाएगी। टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों के घर से बलगम के सैंपल उसी दिन लेकर टीम नजदीकी माइक्रोस्कोपी सेंटर पर जांच करवाएगी। जांच में टीबी पाए जाने की स्थिति में मरीज का दो दिन के भीतर इलाज प्रारंभ कर दिया जाएगा। 

एड्स दिवस पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारी व कार्मिक दीप प्रज्जवलित कर एड्स जागरूकता का संदेश देंगे। वहीं विश्व एड्स दिवस एक दिसंबर को श्रीगुरुनानक गल्र्स कॉलेज में सुबह 11 बजे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी दिन दोपहर डेढ़ बजे जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से जिला स्वास्थ्य भवन के बैठक कक्ष में जागरूकता कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि, कार्यकर्ता व फील्ड स्टाफ मौजूद रहेगा। 

गुरुवार, 23 नवंबर 2017

पीएमएसएमए पर बेहतरीन कार्य करने वाले सम्मानित
-गर्भवतियों को सुरक्षित करने वालों का सम्मान, निजी चिकित्सक भी पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर बेहतरीन कार्य करने वालों को शुक्रवार को सम्मानित किया गया। विभाग की ओर से सर्वाधिक सेवाएं देने वाले चिकित्सका प्रभारियों सहित निजी चिकित्सकों को भी पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर आरसीएचओ डॉक्टर वीपी असीजा, डीपीएम विपुल गोयल, बीसीएमओ डॉक्टर मनोज अग्रवाल, डॉक्टर एमएल सोलंकी, रायसिंह सहारण, कमल गुप्ता, बीपीएम सुनील कुमार, सतीश नरूला, हेमंत शर्मा सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारी मौजूद रहे। 
डीपीएम विपुल गोयल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का संकल्प लिया। वहीं इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई। विभाग ने सरकारी चिकित्सा संस्थानों के टीम अवार्ड में अधिक लाभार्थी सेवाएं देने पर सीएचसी घडसाना, अधिकतम द्वितीय व तृतीय एएनसी सेवाएं देने पर सीएचसी रावला और अधिकतम तीन या तीन से अधिक एएनसी सेवाएं देने पर सीएचसी सादुलशहर टीम को सम्मानित किया। इसी तरह अधिकतम उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हिकरण करने पर सीएचसी श्री विजयनगर की टीम को सम्मानित किया। वहीं निजी चिकित्सकों में अधिकतम गर्भवती महिलाओं को सेवाएं देने पर श्रीकरणपुर की डॉक्टर विदुषी बेनीवाल और अधिकतम समय पर सेवाएं देने पर पूर्व डिप्टी सीएमएचओ डॉक्टर आईपीएस पूनिया को सम्मानित किया गया। 


सोमवार, 20 नवंबर 2017

आज से शुरु होगा परिवार कल्याण मोबिलाइजेशन सप्ताह
-28 नवंबर से चार दिसंबर तक चलेगा परिवार कल्याण सेवा वितरण सप्ताह
श्रीगंगानगर। प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने में पुरुषों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है, जबकि वर्तमान में पुरुष नसबंदी की दर राजस्थान में काफी कम है। इसी के मदï्देनजर केंद्र सरकार की ओर से आगामी एक पखवाड़े तक परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘जिम्मेदार पुरुष की यही है पहचान, परिवार नियोजन में जो दे योगदान’ नारे के साथ प्रथम चरण में मोबिलाइजेशन सप्ताह 21 नवंबर से प्रारंभ होगा, जो आगामी 27 नवंबर तक चलेगा। इसी का दूसरा चरण सेवा वितरण सप्ताह 28 नवंबर से चार दिसंबर तक मनाया जाएगा। 
एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता ने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान प्रचार-प्रसार के साथ ही पुरुष लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नसबंदी सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। पुरुष नसबंदी पखवाड़े का उदï्देश्य पुरुष नसबंदी पर समाज में जागरूकता लाना और पुरुषों द्वारा पुरुष नसंबदी को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करना है। पखवाड़े के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनियां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता योग्य दंपतियों से संपर्क करेंगे। जहां वे उन्हें पुरुषों की परिवार नियोजन में सहभागिता, परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता, सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु, विवाह के पश्चात कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले व दूसरे बच्चे में कम से कम तीन वर्ष का अंतर, प्रसवोत्तर परिवार कल्याण सेवाओं की उपलब्धता और गर्भपात पश्वात परिवार कल्याण सेवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी जाएगी। चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत परामर्शदाताओं की ओर से लाभार्थियों को परिवार नियोजन में स्थाई व अस्थाई साधनों और पुरुष नसबंदी पखवाड़े के आयोजन की जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान पर कण्डोम बॉक्स लगाए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान पर अंतराल साधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस दौरान कार्यशालाएं व अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 

शनिवार, 18 नवंबर 2017

गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होंगे ‘डेप रक्षक’
-स्वास्थ्य विभाग ने संस्थाओं का जताया आभार, जारी रहेगी मुहिम 
श्रीगंगानगर। कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने की मुहिम में शुक्रवार को राजस्थान ने रचे इतिहास के सहयोगी व अहम कड़ी साबित हुए डेप रक्षकों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गणतंत्र दिवस पर आयोजित विभाग के जिलास्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित करेगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने शुक्रवार को युवाओं के उत्साह व कार्य को देखकर यह घोषणा की। उन्होंने जिले की शैक्षणिक संस्थाओं व मीडिया का भी आभार जताया और कहा कि सामूहिकता की बदौलत ही बेटियां बचाने का कार्यक्रम सफल हो पाया।
डॉ. बंसल ने बताया कि कार्यक्रम के सफल समन्वय के लिए पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित डेप रक्षक डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. सुनील बिश्रोई, प्रो. निकीता शर्मा, दुर्गा स्वामी, श्याम गोस्वामी, उपप्रधान सुरेंद्र जलंधरा, डॉ. हरीश सोनी, रचना भटनागर, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विश्वास, डॉ. विकास सचदेवा, रायसिंह सहारण, डॉ. सोनल कथूरिया, नीरज गुप्ता, हंसराज भाटी, पितरसेन शर्मा, सुनील कुमार, अर्ष बराड़, दिनेश सहवाग, संदीप जाखड़, पतराम चौधरी, बलराज जाखड़, रविंद्र शर्मा, डिंपल यादव, सुखविंद्र वर्मा, कुलदीप स्वामी, नवल योगी, अमन वालिया, रितू सिंह, प्रियंका चौधरी, मयंक राजपाल, संजय वैद्य, नकुल शेखावत, अजीत शर्मा, शुभम भारती, कपिल गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, नीरज गुप्ता, भीमराज, कृपा शंकर, झबराराम, भीमराज, विनोद कुमार, शैलेस जाखड़, नीरज मुंजाल, उमेश कुमार व दर्शन गर्ग को 26 जनवरी 2018 को सम्मानित किया जाएगा। निश्चित ही बेटियां बचाने की यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को 43 संस्थाओं में आयोजित कार्यक्रमों में साढ़े आठ हजार युवाओं ने भाग लिया। जिनकी सहभागिता के चलते राजस्थान का वल्र्ड रिकॉर्ड भी बना। कार्यक्रम की अगुवाई एनएचएम एमडी नवीन जैन ने की।

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

बेटियांं बचाने के लिए तैयार हुए हजारों डेप रक्षक 
-एतिहासिक रही बेटियां बचाने की मुहिम, जिले में एक साथ ली साढ़े आठ हजार युवाओं ने शपथ
-राजस्थान 773 संस्थाओं में एक लाख 58 हजार 220 युवाओं की भागीदारी
-बीकानेर संभाग रहा राज्य में द्वितीय, 139 संस्थाओं के 30 हजार 971 युवाओं ने निभाई भूमिका
श्रीगंगानगर। शुक्रवार को हम शुक्रगुजार हुए उन हजारों डेप रक्षकों का, जिन्होंने सामूहिक शपथ लेते हुए हुंकार भरी है कि वे बेटियों का न कोख में कत्ल होने देंगे और न ही बेटा-बेटी का भेद करेंगे। जोश, जज्बे व जुनून के साथ ये युवा सम्मिलित हुए बेटी बचाओ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित डॉटर्स आर प्रीसियस कार्यक्रम में, जो जिले के विभिन्न स्कूल, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में आयोजित किए गए। बेटियों के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में यह पहला मौका था जब एक साथ पूरे राजस्थान के युवाओं ने इस कार्यक्रम में न केवल भाग लिया, बल्कि उन्होंने शपथ भी ली कि बेटियां बचाने के लिए हर पल, हर कदम पर तैयार रहेंगे। जिला मुख्यालय से लेकर घड़साना तक अभियान की गूंज रही और जिले के 43 संस्थाओं में साढ़े आठ हजार युवाओं ने इसमें शिरकत की। खास बात यह भी रही कि अभियान में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नखतदान बारहठ, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, पूर्व एसीएमएचओ डॉ. दीपिका मोंगा, बीसीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी भी शामिल हुए और युवाओं को जागरूक किया। उधर, कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर एनएचएम एमडी नवीन जैन ने व्यक्तिगत रूप से जिलों की मोनिटरिंग की। 
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने बताया कि शुक्रवार को डॉटर्स आर प्रीसियस अभियान एतिहासिक रहा और हमारे गंगानगर जिले के युवा भी इस इतिहास का हिस्सा बने। इस दौरान भू्रण लिंग जांच, पीसीपीएनडीटी अधिनियम, मुखबिर योजना, डिकॉय ऑपरेशन, इंम्पेक्ट सॉफ्टवेयर व लिंगानुपात आदि पर विस्तार से जानकारी दी गई। बेटा-बेटी में भेद क्यों हो रहा है, जिसमें मुख्यत: सुरक्षा, धार्मिक मान्यताएं, बेटों का बुुजुर्गों की देखभाल करने की धारणा व वंशवाद पर तथ्यात्मक व व्यवहारिक चर्चा की गई। उन्हें जागरूक किया गया कि वे न केवल आमजन को इस बारे में बताएं बल्कि कहीं भू्रण लिंग जांच की सूचना मिले तो विभागीय टॉल फ्री नंबर 104 व 108 शिकायत दर्ज करें। इस दौरान युवाओं को बताया गया कि जिले की एक दंपत्ति भू्रण लिंग जांच में गिरफ्त हुई, लेकिन उनके साथ तीन माह की बेटी व डेढ़ साल के बेटे ने भी जेल काटी। इसी तरह दिल्ली से पकड़ में आए चिकित्सक व दलाल आज भी गंगानगर जेल में बंद है, जो भू्रण लिंग जांच करने व बेटियों को मारने के कुकृत्य में शामिल थे। इस दौरान युवाओं को जागरूक किया कि वे इस मुहिम से जुड़ते हुए जिले से इस गंदगी को पूर्णत: मिटाने में अपनी अहम भूमिका अदा करें। 
इन डेप रक्षकों ने बेटियों के लिए रचा इतिहास
जिले में आयोजित इस कार्यक्रम के समन्वय के लिए पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को लगाया गया, जिन्होंने सफल आयोजन में बखूबी भूमिका निभाई। वहीं बतौर डेप रक्षक डॉ. नरेश बंसल, डॉ. वीपी असीजा, डॉ. अजय सिंगला, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. सुनील बिश्रोई, प्रो. निकीता शर्मा, दुर्गा स्वामी, श्याम गोस्वामी, उपप्रधान सुरेंद्र जलंधरा, डॉ. हरीश सोनी, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विश्वास, डॉ. विकास सचदेवा, विपुल गोयल, रायसिंह सहारण, डॉ. सोनल कथूरिया, नीरज गुप्ता, हंसराज भाटी, पितरसेन शर्मा, सुनील कुमार, अर्ष बराड़, दिनेश सहवाग, संदीप जाखड़, हेमंत शर्मा, राकेश सचदेवा, पतराम चौधरी, बलराज जाखड़, रविंद्र शर्मा, परमजीत कौर, डिंपल यादव, सुखविंद्र वर्मा, कुलदीप स्वामी, नवल योगी, अमन वालिया, रितू सिंह, प्रियंका चौधरी, मयंक राजपाल, संजय वैद्य, नकुल शेखावत, अजीत शर्मा, शुभम भारती, कपिल गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, नीरज गुप्ता, भीमराज, शुभम भारती, अनिल शर्मा, कृपा शंकर, अनिता, कंचन राठौड़, सविंद्र, झबराराम, भीमराज, विनोद कुमार, शैलेस जाखड़, नीरज मुंजाल, अमन वालिया, दिनेश कुमार, उमेश कुमार व दर्शन गर्ग सहित अन्य सदस्य इसमें स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे।
इन संस्थाओं की रही अहम भागीदारी
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में जिला मुख्यालय पर सरस्वती शिक्षण सदन, टांटिया यूनिवर्सिटी, गोदारा गल्र्स कॉलेज, एसडी बिहाणी संस्थान, राधाकृष्णन कॉलेज, नोजगे स्कूल, टांटिया होम्योपैथिक कॉलेज, सरस्वती बीएड कॉलेज, एसएन नर्सिंग कॉलेज, राजकीय नर्सिंग स्कूल, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज, जुबिन नर्सिंग कॉलेज, भोपालवाला आर्य स्कूल, जैन गल्र्स कॉलेज, सरस्वती गल्र्स स्कूल, बीआर मॉडल स्कूल, भारती बीएड कॉलेज, बीडीआईएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज, अरोड़वंश स्कूल, श्रीकरणपुर के राजकीय बालिका विद्यालय व ज्ञान ज्योति स्कूल, सी.से. गल्र्स स्कूल रिड़मलसर, पदमपुर का बालिका स्कूल, घड़साना का सी.से. स्कूल व सूरतगढ़ के टेगोर स्कूल, जीतो जी कॉलेज व हर्ष कॉन्वेंट सी.से. स्कूल, अनूपगढ़ का लवली चिल्ड्रन सी.से. स्कूल, चुनादेवी बालिका स्कूल लालगढ़, सी.से. स्कूल मटीलीराठान, बालाजी शिक्षण संस्थान घड़साना, केआर गल्र्स कॉलेज घड़साना, एसजीएन खालसा कॉलेज, सी.से. स्कूल केसरीसिंहपुर, सरस्वती कॉन्वेंट स्कूल, रिको, मटका चौक गल्र्स स्कूल सहित अन्य स्कूल व कॉलेज इसमें भाग ले रहे हैं। 
ये स्थिति है गंगानगर में
यह सवाल सहज ही उठता है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि इस तरह की मुहिम को अंजाम देना पड़ा। दरअसल, राज्य में लिंगानुपात 2001 से लेकर 2011 के बीच काफी बिगड़ गया और इस दौरान हमारे जिले में भी गिरावट जारी रही। राज्य में वर्ष 1991 में 916 बाल लिंगानुपात था, जो वर्ष 2001 में 909 और 2011 में 888 पहुंच गया। जो बेहद चिंताजनक स्थित है। हालांकि इसके बाद जागरूकता अभियानों और डिकॉय ऑपरेशनों के चलते हालात सुधरने लगे और अब 952 का आंकड़ा पहुंच गया, लेकिन फिर भी लिंगानुपात बराबर नहीं है। विभाग की ओर से राज्य में 95 डिकॉय ऑपरेशन किए गए, जबकि जिले में 10 डिकॉय ऑपरेशन कर चिकित्सकों व दलालों को जेल में पहुंचाया गया, जिससे आने वाले समय में सुधार की संभावना है। निश्चित ही यदि जागरूकता अभियान और डिकॉय ऑपरेशन जारी रहे तो आने वाला वक्त बेटियों के लिए सकारात्मक होगा। 



गुरुवार, 16 नवंबर 2017

आज रचेगा इतिहास, युवाओं को जागरूक करेंगे ’डेप-रक्षक’
-एमडी नवीन जैन ने वीसी के जरिए कहा, युवा ही बचाएंगे बेटियां, युवा ही जगाएंगे अलख
श्रीगंगानगर। शुक्रवार का दिन राज्य सहित जिले के लिए एतिहासिक हो सकता है। इस दिन डेप रक्षक कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने और बेटा-बेटी भेद मिटाने के लिए एक साथ हुंकार भरते हुए युवाओं को जागरूक करेंगे। शुक्रवार को जिले की करीब 40 शिक्षण संस्थाओं में यह कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें स्टूडेंट्स भाग लेंगे। कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को एनएचएम के एमडी नवीन जैन वीडियो कॉन्फे्रंसिंग के जरिए डेप रक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि युवाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है क्योंकि यही युवा समाज में अलख जगाकर बेटियां बचाने में महत्ती भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एतिहासिक पल राज्य के लिए भी खास होगा, क्योंकि इससे पूरे देश में संदेश जाएगा कि राजस्थान बेटियां मारने के लिए नहीं बल्कि बचाने के लिए अग्रणी है। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को वीसी के बाद बैठक कर चर्चा की गई। बुधवार तक जहां 30 संस्थाएं उक्त कार्यक्रम में सम्मिलित हो रही थी वहीं गुरुवार शाम तक संस्थाओं व डेप रक्षकों ने उत्साह दिखाया जिनकी बदौलत यह संख्या 40 पहुंच गई। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर टांटिया यूनिवर्सिटी, गोदारा गल्र्स कॉलेज, एसडी बिहाणी संस्थान, राधाकृष्णन कॉलेज, नोजगे स्कूल, सरस्वती शिक्षण सदन, टांटिया होम्योपैथिक कॉलेज, एसएन नर्सिंग कॉलेज, राजकीय नर्सिंग स्कूल, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज, जुबिन नर्सिंग कॉलेज, डीएवी स्कूल, जैन गल्र्स कॉलेज, सरस्वती गल्र्स स्कूल, बीआर मॉडल स्कूल, भारती बीएड कॉलेज, बीडीआईएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज, अरोड़वंश स्कूल, श्रीकरणपुर के राजकीय बालिका विद्यालय व ज्ञान ज्योति स्कूल, सी.से. गल्र्स स्कूल रिड़मलसर, पदमपुर का बालिका स्कूल, घड़साना का सी.से. स्कूल व सूरतगढ़ के टेगोर स्कूल, जीतो जी कॉलेज व हर्ष कॉन्वेंट सी.से. स्कूल, अनूपगढ़ का लवली चिल्ड्रन सी.से. स्कूल, चुनादेवी बालिका स्कूल लालगढ़, सी.से. स्कूल मटीलीराठान, बालाजी शिक्षण संस्थान घड़साना, केआर गल्र्स कॉलेज घड़साना, एसजीएन खालसा कॉलेज, सी.से. स्कूल केसरीसिंहपुर, मटका चौक गल्र्स स्कूल सहित अन्य स्कूल व कॉलेज इसमें भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम समन्वय के लिए पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को लगाया गया है। वहीं बतौर डेप रक्षक डॉ. वीपी असीजा, डॉ. अजय सिंगला, डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. सुनील बिश्रोई, प्रो. निकीता शर्मा, दुर्गा स्वामी, उपप्रधान सुरेंद्र जलंधरा, डॉ. हरीश सोनी, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विश्वास, डॉ. विकास सचदेवा, श्याम गोस्वामी, रायसिंह सहारण, डॉ. सोनल कथूरिया, नीरज गुप्ता, हंसराज भाटी, पितरसेन शर्मा, सुनील कुमार, अर्ष बराड़, दिनेश सहवाग, संदीप जाखड़, हेमंत शर्मा, राकेश सचदेवा, पतराम चौधरी, बलराज जाखड़, रविंद्र शर्मा, परमजीत कौर, डिंपल यादव, सुखविंद्र वर्मा, कुलदीप स्वामी, नवल योगी, अमन वालिया, रितू सिंह, प्रियंका चौधरी, मयंक राजपाल, संजय वैद्य, नकुल शेखावत, अजीत शर्मा, शुभम भारती, कपिल गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, भीमराज, अनिल शर्मा, कृपा शंकर, अनिता, कंचन राठौड़, सविंद्र, झबराराम, भीमराज, विनोद कुमार, शैलेस जाखड़, नीरज मुंजाल, अमन वालिया, दिनेश कुमार, उमेश कुमार व दर्शन गर्ग सहित अन्य सदस्य इसमें स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे।

बुधवार, 15 नवंबर 2017

बेटियों की खातिर इतिहास रचेंगे ’डेप-रक्षक’
-बैठक कर तैयारियों का लिया जायजा, कल एमडी नवीन जैन वीसी के जरिए लेंगे जानकारी
श्रीगंगानगर। कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाने और बेटा-बेटी भेद मिटाने के लिए 17 नवंबर को जिले के युवा एक साथ एतिहासिक हुंकार भरेंगे। इस दिन बेटी बचाओ अभियान के तहत डॉटर्स आर प्रीसियस कार्यक्रम का आयोजन जिले सहित पूरे राज्य में होगा, जिसमें स्कूल, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थाओं के स्टूडेंट्स भाग लेंगे। कार्यक्रम में प्रशिक्षित डेप रक्षक युवाओं को जागरूक करेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को सीएमएचओ कार्यालय में बैठक कम प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जबकि गुरुवार को एनएचएम के एमडी नवीन जैन वीडियो कॉन्फे्रंसिंग के जरिए डेप रक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिले के अधिकांश स्कूल व कॉलेजों इसमें सम्मिलित हो रहे हैं। जिला मुख्यालय पर टांटिया यूनिवर्सिटी, गोदारा गल्र्स कॉलेज, एसडी बिहाणी संस्थान, राधाकृष्णन कॉलेज, नोजगे स्कूल, सरस्वती शिक्षण सदन, टांटिया होम्योपैथिक कॉलेज, एसएन नर्सिंग कॉलेज, राजकीय नर्सिंग स्कूल, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज, जुबिन नर्सिंग कॉलेज, डीएवी स्कूल, जैन गल्र्स कॉलेज, सरस्वती गल्र्स स्कूल, बीआर मॉडल स्कूल, भारती बीएड कॉलेज, बीडीआईएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज, अरोड़वंश स्कूल, श्रीकरणपुर के राजकीय बालिका विद्यालय व ज्ञान ज्योति स्कूल, पदमपुर का बालिका स्कूल, घड़साना का सी.से. स्कूल व सूरतगढ़ के टेगोर स्कूल, जीतो जी कॉलेज व हर्ष कॉन्वेंट सी.से. स्कूल और अनूपगढ़ का लवली चिल्ड्रन सी.से. स्कूल सहित अन्य स्कूल व कॉलेज इसमें भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम समन्वय के लिए पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को लगाया गया है। वहीं बतौर डेप रक्षक डॉ. मनोज अग्रवाल, डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. सुनील बिश्रोई, निकीता शर्मा, दुर्गा स्वामी, डॉ. हरीश सोनी, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. विश्वास, डॉ. विकास सचदेवा, श्याम गोस्वामी, रायसिंह सहारण, हंसराज भाटी, पितरसेन शर्मा, सुनील कुमार, अर्ष बराड़, दिनेश सहवाग, संदीप जाखड़, हेमंत शर्मा, राकेश सचदेवा, पतराम चौधरी, बलराज जाखड़, रविंद्र शर्मा, परमजीत कौर, डिंपल यादव, सुखविंद्र वर्मा, कुलदीप स्वामी, नवल योगी, अमन वालिया, रितू सिंह, प्रियंका चौधरी, मयंक राजपाल, संजय वैद्य, सुरेंद्र जलंधरा, नकुल शेखावत, भीमराज, शैलेस जाखड़, नीरज मुंजाल, उमेश कुमार व दर्शन गर्ग सहित अन्य सदस्य इसमें स्टूडेंट्स को जागरूक करेंगे।

मंगलवार, 14 नवंबर 2017

स्वास्थ्य विभाग ने लिए घी के सैंपल, जांच में खाने योग्य नहीं
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में घी के सैंपल फेल आए हैं। जिसे लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने आमजन को चेताया है कि वेे ऐसे घी का उपयोग न करें ताकि स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से विगत दिनों लिए गए 16 सैंपल में से 16 ही फेल मिले। इनकी जांच जयपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला से करवाई गई, जहां से मिली रिपोर्ट में सभी अनसेफ कैटेगिरी के पाए गए।
डॉ. बंसल ने बताया कि विभागीय टीम ने अग्रसेननगर चौक पर स्थित राम श्याम प्रोविजन स्टोर पर सरस के नकली घी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सैंपल लिया, जो अनसेफ पाया गया। इसी तरह विभाग ने अगस्त माह में आरके ट्रेडिंग कंपनी सूरतगढ़ से विराट घी, काऊ घी, न्यू गोल्डन घी, अर्पण व सूर्या घी का सैंपल लिया, जो सभी अनसेफ पाए गए। इसके बाद टीम ने घड़साना से अशोक कुमार कमल कुमार से गौमाता, गौमाता घी, न्यू गुडवे, कुकिंग मीडियम घी, हरियाणा उत्सव, कन्हैया किंग, शुद्ध घी (उजाला), गाय का घी, कृष्णा की नंदनी घी का सैंपल लिया गया, जो अनसेफ पाया गया। उन्होंने बताया कि कुछ निर्माता घी की जगह माइल्ड फेट, कुकिंग मीडियम, लॉ कलोस्ट्रॉल आदि शब्द लिखकर प्रोडक्ट बेच रहे हैं जिसमें सावधानी बरतते हुए आमजन जागरूक हों। 

सोमवार, 13 नवंबर 2017

‘बेटियां अनमोल हैं’ कार्यक्रम 17 को
-जिले के 30 से अधिक स्कूल व कॉलेजों में होगा कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। बेटी बचाओ अभियान के तहत राज्य में चलाए जा रहे ‘डॉटर्स आर प्रीसियस’ कार्यक्रम का आयोजन 17 नवंबर को पूरे राज्य में करवाया जाएगा। एक ही दिन, एक ही समय पर होने जा रहे इस कार्यक्रम में राज्य के करीब एक लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी होगी। वहीं श्रीगंगानगर जिले में 30 से अधिक स्कूल व कॉलेजों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए पांच हजार से अधिक युवा भाग लेेंगे। एनएचएम एमडी नवीन जैन के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में जिले की एक टीम कार्य कर रही है, जिसमें विभागीय लोगों के साथ ही स्वयंसेवक भी जुड़े हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आईईसी एवं पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से आयोजित ‘डॉटर्स आर प्रीसियस’ की तैयारियां जोरों पर हैं और इस संबंध में 15 नवंबर को सुबह दस बजे कार्यालय में बैठक भी आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर ज्ञानाराम के निर्देशन में यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय सहित दूर-दराज के ब्लॉकों में भी करवाया जाएगा। लक्ष्य है कि इसमें मुख्य स्कूल व कॉलेज जुड़ें ताकि बेटी बचाओ का संदेश हर युवा तक पहुंचे और उनके जरिए समाज के हर तबके तक पहुंच सके। उक्त कार्यक्रम के लिए राज्य सलाहकार आईईसी नवल किशोर व्यास को संभाग प्रभारी नियुक्त किया गया है।
विटामिन-ए का 34वां चरण 15 नवम्बर से
-बच्चों को रतौंधी व अन्य रोगों से बचाने के लिए विटामिन-ए की खुराक अवश्य पिलाएं
श्रीगंगानगर। आंखों की बीमारियों मसलन रतौंधी व अंधता से बचाव के साथ ही बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए विटामिन-ए का 34वां चरण 15 नवम्बर से शुरु  किया जाएगा, जो 15 दिसम्बर 2017 तक चलेगा। कार्यक्रम के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाडी केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, पीएचसी व सीएचसी सहित जिला अस्पताल पर विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। यह खुराक छह माह के अंतराल से पिलाई जाती है।
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि विटामिन-ए आंखों की बीमारियों जैसे रतौंधी अंधता से बचाव के साथ-साथ बच्चों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि के लिए भी आवश्यक है। विटामिन-ए की खुराक देने से बच्चों में दस्त एवं निमोनिया आदि बीमारियों के घातक प्रभाव में कमी लाई जा सकती है। विटामिन-ए पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी लाता है। कार्यक्रम के दौरान एक से पांच साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को विटामिन-ए की दो एमएल खुराक पिलाई जाती हैै एवं नौ माह के बच्चों को जिन्हें मिजल्स के साथ विटामिन-ए नहीं दी जाती है, उन्हें विटामिन ए की एक एमएल खुराक पिलाई जाती है। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं है, वहां एएनएम के द्वारा यह खुराक दी जाती है।
विटामिन-ए के फायदे- 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अन्तराल पर वर्ष में दो बार  जरूर पिलाएं। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्वि होती है। खसरा व डायरिया से होने वाली मृत्यु में कमी आती है। बच्चों की हड्डियों को मजबूती मिलती है। श्वसन संबंधी संक्रमण से बचाव होता है। आंख संबंधित रोग (रतौंधी) से बचाव होता है तथा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी होती है। इसलिए बच्चे के नौ माह पूरे होते ही उसे अपने नजदीकी आंगनबाडी केन्द्र या स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाकर विटामिन-ए की खुराक पिलाना न भूलें। 

गुरुवार, 9 नवंबर 2017

जवाहरनगर थाना पुलिस कार्मिकों की हुई स्वास्थ्य जांच
-आज सदर थाना में होगी पुलिस कार्मिकों की जांच 
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को जवाहरनगर थाना में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। जिसमें पुलिस कार्मिकों की शुगर, उच्चरक्तचाप व ब्लड गु्रप की जांच की गई। विभाग इन दिनों पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच करने में जुटा हुआ है, जिसके तहत सभी पुलिस थानों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। 
विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से गुरुवार को जवाहरनगर थाना में 40 पुलिस कार्मिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें चार कार्मिकों को संभावित उच्चरक्तचाप एवं शुगर की शिकायत मिली। विभाग ने इन्हें स्वास्थ्य संबंधी जागरूक किया गया एवं नियमित जांच की सलाह दी। शुक्रवार को सदर थाना में सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद 11 नवंबर को भगतसिंह चौक स्थित यातायात थाना में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में एनसीडी अनुभाग के नवदीप सिंह, सुनीता चौधरी, संदीप कुमार, पूजा तंवर, प्रतिभा, रणजीत सिंह, जय किशन व गगनदीप कौर सेवाएं देंगे, जबकि अर्श बराड़ मोनिटरिंग कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर दिखा गर्भवती महिलाओं में उत्साह
-आयुष व निजी चिकित्सकों सहित एनएचएम, नर्सिंग स्टाफ व आशाओं का रहा योगदान
श्रीगंगानगर। हर माह की भांति इस बार भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस नौ तारीख को मनाया जाएगा, पर इस बार आयुष चिकित्सकों ने खासा उत्साह दिखाया, जिनकी बदौलत पीएमएसएमए सफलापूर्वक मनाया जा सका। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंधकीय स्टाफ सहित निजी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व आशा सहयोगिनियों ने भी अपनी अहम भूमिका अदा करते हुए अभियान को सफल बनाया और गर्भवती महिलाओं को हर संभव स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई। अभियान जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित शहरी पीएचसी पर मनाया गया। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में गुरुवार को पीएमएसएमए मनाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई, जबकि कई संस्थानों पर यह सिलसिला चार बजे तक चलता रहा। जिला अस्पताल में डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. वाटिका, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. अमित, डॉ. प्रदीप व डॉ. पूर्णिमा ने सेवाएं दी, मोनिटरिंग डॉ. पवन शर्मा ने की, वहीं अन्य केंद्रों पर करीब 70 आयुष चिकित्सकों ने सेवाएं दी। जिलास्तर से डीपीएम विपुल गोयल एवं ब्लॉक से संबंधित बीपीएम ने कमाल संभालते हुए निजी चिकित्सकों से समन्वय कर पीएमएसएमए को सफल बनाया। निजी चिकित्सकों में डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. विजय मक्कड़ व डॉ. नरेश चुघ सहित अन्य ने सेवाएं दी। श्रीकरणपुर ब्लॉक में 136 गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया गया, यहां बीपीएम सुनील कुमार ने मोनिटरिंग की। वहीं अन्य निजी चिकित्सकों ने ओपीडी में सेवाएं दी। पीएमएसएमए के दौरान महिलाओं को जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किय गया, ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। 

बुधवार, 8 नवंबर 2017

पुलिस कार्मिकों की हुई स्वास्थ्य जांच
-आज जवाहरनगर थाना में होगी पुलिस कार्मिकों की जांच 
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इन दिनों पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच करने में जुटा है। विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से बुधवार को कोतवाली, महिला थाना व सेतिया फार्म चौकी में पुलिस कार्मिकों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान पुलिस कार्मिकों की शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड ग्रुप की जांच की गई। गुरुवार को जवाहरनगर थाना में पुलिस कार्मिकों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि बुधवार को 74 पुलिस कार्मिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें चार को शुगर, जबकि 11 कार्मिकों को संभावित उच्चरक्तचाप पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें स्वास्थ्य संबंधी जागरूक किया गया एवं नियमित जांच की सलाह दी। गुरुवार को जवाहरनगर थाना में सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद दस को सदर थाना और 11 नवंबर को भगतसिंह चौक स्थित यातायात थाना में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में एनसीडी अनुभाग के नवदीप सिंह, सुनीता चौधरी, संदीप कुमार, पूजा तंवर, प्रतिभा, रणजीत सिंह, जय किशन व गगनदीप कौर सेवाएं देंगे, जबकि अर्श बराड़ मोनिटरिंग कर रहे हैं। 

गुरुवार को मनाया जाएगा पीएमएसएमए 
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान निजी चिकित्सकों सहित आयुष व नर्सिंग स्टाफ देगा सेवाएं 
श्रीगंगानगर। हर माह की भांति इस बार भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस नौ तारीख को मनाया जाएगा। गुरुवार को मनाए जाने वाले इस दिवस पर निजी चिकित्सकों, आयुष चिकित्सकों सहित नर्सिंग स्टाफ अपनी सेवाएं देंगे। इस दिवस पर गर्भवती महिलाओं को विभाग की ओर से हर संभव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। एनएचएम एमडी नवीन जैन के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है। इस दौरान जिला चिकित्सालय सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. पूनम मित्तल व डॉ. विजय मक्कड़ सहित अन्य चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। इस दिन गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं जाती हैं। महिलाओं को जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। राजकीय चिकित्सकों की सामूहिक अवकाश के चलते आयुष चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ को बेहतर कार्य के लिए निर्देशित किया गया है। 

सोमवार, 6 नवंबर 2017

नौ नवंबर को मनाया जाएगा पीएमएसएमए 
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लाभान्वित हो रही गर्भवतियां
श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में हर माह की नौ तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है। इस बार गुरुवार को यह दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान जिला चिकित्सालय सहित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। पीएमएसएमए पर जहां निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं वहीं राजकीय चिकित्सक भी उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल व डॉ. विजय मक्कड़ सहित अन्य चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। वहीं सरकारी चिकित्सक भी अपनी सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। इस दिन गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं जाती हैं। महिलाओं को जागरूक कर नियमित रूप से आयरन की गोलियां खाने, हरी सब्जी, गुड़ व अन्य पोष्टिक आहार खाने के लिए प्रेरित किया जाता है ताकि बच्चा पूर्णत: स्वस्थ जन्म ले। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो।

रविवार, 5 नवंबर 2017

आरबीएसके के तहत मिले चश्मे
-स्वास्थ्य विभाग के साथ भारत विकास परिषद का रहा सहयोग
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शनिवार को घड़साना में 142 बच्चों को चश्मे उपलब्ध करवाए गए। इससे पहले बच्चों की आंखों की जांच की गई, जिसमें जरूरतनुसार उन्हें उपचार उपलब्ध करवाते हुए शेष को चश्मे दिए गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे आरबीएसके कार्यक्रम के तहत बच्चों को चश्मे उपलब्ध करवाने में भारत विकास परिषद, नई मंडी घड़साना का अहम योगदान रहा। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में 162 बच्चों की जांच कर 142 को चश्मे उपलब्ध करवाए गए। यहां राजकीय स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बीसीएमओ डॉ. बीएस सिद्धु , आरबीएसके के डॉ. कमल किशोर, डॉ. रामस्वरूप चौहान, डॉ. ममता पारीक, डॉ. नमृता सिंह आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व भी घड़साना टीम ने अनेक बच्चे हार्ट रोग से संबंधित चिन्हित किए, जिनमें 42 बच्चों को हार्ट संबंधी गंभीर बीमारी की पुष्टि इको से हुई। इनमें से विभाग की ओर से दस के ऑपरेशन और चार का दवाओं के जरिए उपचार दिया गया। शेष का इलाज जारी है। इसी तरह कटे होंठ व तालू के आठ बच्चों का नि:शुल्क उपचार करवाया गया। घड़साना में आरबीएसके के तहत बेहतरीन कार्य के चलते जिलास्तर पर टीम की सराहना की जा चुकी है। वहीं टीम के अथक प्रयासों की बदौलत यहां के सभी राजकीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे आरबीएसके से लाभान्वित हो रहे हैं।


बेटियां बचाने के लिए सामूहिक हुंकार भरेंगे युवा
बेटियां अनमोल है कार्यक्रम के तहत जल्द होगा बड़ा आयोजन, युवा होंगे मुहिम में शामिल
श्रीगंगानगर। कोख में कत्ल हो रही बेटियों और बेटा-बेटी का भेद मिटाने के लिए जल्द ही राज्य में एक दिन, एक समय पर राज्य के सभी युवा एक साथ हुंकार भरेंगे। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान के तहत एनएचएम एमडी नवीन जैन ने जयपुर स्थित कृषि अनुसंधान केन्द्र के सभागार में जनजागरण की एतिहासिक शुरुआत करते हुए 650 से अधिक ‘डेप रक्षकों’ स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया। हमारे जिले से भी अनेक युवाओं व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रशिक्षण लिया। जल्द ही अब राज्य सहित जिले के हाई स्कूल, कॉचिंग सेंटरों व कॉलेजों में युवाओं से लोग मुखातिब होंगे और इनके माध्यम से समाज में बेटा-बेटी भेद समाप्त करने, भू्रण लिंग जांच न करवाने आदि संदेश दिया जाएगा।
एमडी जैन ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों व जनसमुदाय में फैली कुरीतियों सहित पब्लिक स्पीपिंग व संचार स्किल्स के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। इस दौरान वीडियो के जरिए भू्रण हत्या के दौरान गर्भस्थ शिशु की अपील का सजीव प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने आह्वान किया कि संभवत: 17 नवम्बर को राज्य के 400 से अधिक शिक्षण संस्थाओं में डॉटर्स ऑर प्रीसियस के तहत वृहद् स्तर पर बेटी बचाओ अभियान की अलख जगाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सीनियर आईएएस केके पाठक ने डेप-प्रशिक्षकों को अभियान में येागदान देने, भू्रण लिंग चयन व कन्या भू्रण हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल न होने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर प्रभुल्ल कुमार, माउंट एवेरेस्ट फतह करने वाले गौरव शर्मा, साहित्यकार रिजवान एजाजी, एएसपी रघुवीर सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं जिले से पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम डीपीएम नकुल शेखावत, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, आरबीएसके की डॉ. सोनल कथूरिया, बीपीएम सुनील कुमार, दिनेश कुमार, कुलदीप स्वामी, पीपीएम गरिमा, प्रियंका, नरेश सिंह, जबराराम सहित कई स्वयंसेवक भी उक्त प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए। 

शुक्रवार, 3 नवंबर 2017

शनिवार को जयपुर में प्रशिक्षित होंगे ‘रक्षक’
-बेटियां अनमोल हैं कार्यक्रम के मिलेगा प्रशिक्षण, जल्द होगा बड़ा आयोजन
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेटी बचाओ अभियान के तहत चलाया जा रहा बेटियां अनमोल है कार्यक्रम के तहत शनिवार को जयपुर में स्वयंसेवकों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए हमारे जिले से भी अनेक स्वयंसेवक व कार्मिक जा रहे हैं। एनएचएम एमडी नवीन जैन के नेतृत्व में हो रहे इस कार्यक्रम में उनके अलावा अन्य कई विशेष सदस्य प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद जल्द ही पूरे राज्य में एक दिन, एक समय पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले से पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम डीपीएम नकुल शेखावत, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, आरबीएसके की डॉ. सोनल कथूरिया, डॉ. योगेंद्र, डॉ. योगेश, बीपीएम सुनील कुमार, दिनेश कुमार, कुलदीप स्वामी, पीपीएम गरिमा, प्रियंका, नरेश सिंह, अभय सरदाना, डॉ. हरीश सोनी, जबराराम सहित कई स्वयंसेवक भी उक्त प्रशिक्षण में सम्मिलित होने के लिए जयपुर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटियां बचाने के लिए यह अभियान निश्चित ही वरदान साबित होगा, क्योंकि इसमें सबकी भागीदारी, सबकी जिम्मेदारी का जज्बा झलक रहा है। 
पुलिस लाइन में की पुलिस कार्मिकों की स्वास्थ्य जांच
-आज सदर व पुलिस थाना में होगी पुलिस कार्मिकों की जांच 
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इन दिनों पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच करने में जुटा है। विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से शुक्रवार को पुलिस लाइन में 132 पुलिस कार्मिकों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान पुलिस कार्मिकों की शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड ग्रुप की जांच की गई। शनिवार को सदर व पुरानी आबादी थाना में पुलिस कार्मिकों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि पुलिस लाइन में 132 पुलिस कार्मिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें किसी को शुगर नहीं मिला, जबकि नौ कार्मिकों को संभावित उच्चरक्तचाप पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें स्वास्थ्य संबंधी जागरूक किया गया। अब चार नवंबर को सदर थाना व पुरानी आबादी थाना में शिविर लगाकर शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड गु्रप की जांच की जाएगी। शिविर का समय सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। इसके बाद आठ नवंबर को कोतवाली थाना, नौ नवंबर को जवाहरनगर थाना, दस को सदर थाना और 11 नवंबर को भगतसिंह चौक स्थित यातायात थाना में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में एनसीडी अनुभाग के नवदीप सिंह, सुनीता चौधरी, संदीप कुमार, पूजा तंवर, प्रतिभा, रणजीत सिंह, जय किशन व गगनदीप कौर सेवाएं देंगे।

गुरुवार, 2 नवंबर 2017

एसपी ऑफिस से की पुलिस स्वास्थ्य जांच की शुरुआत
-आज पुलिस लाइन में पुलिस कार्मिकों की होगी स्वास्थ्य जांच 
श्रीगंगानगर। आमजन की सेवा में दिन-रात जुटे पुलिस जवानों की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य जांच करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से इस कार्य की विधिवत शुरुआत की। इस दौरान पुलिस कार्मिक की शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड ग्रुप की जांच की गई। शुक्रवार को पुलिस लाइन में जांच की जाएगी। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में 131 पुलिस कार्मिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें दो को शुगर व 13 को संभावित उच्चरक्तचाप पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें स्वास्थ्य संबंधी जागरूक किया गया। डॉ. बंसल ने बताया कि तीन नवंबर को पुलिस लाइन, चार नवंबर को सदर थाना व पुरानी आबादी थाना में शिविर लगाकर शुगर, उच्च रक्तचाप व ब्लड गु्रप की जांच की जाएगी। शिविर का समय सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। इसके बाद आठ नवंबर को कोतवाली थाना, नौ नवंबर को जवाहरनगर थाना, दस को सदर थाना और 11 नवंबर को भगतसिंह चौक स्थित यातायात थाना में शिविर लगाया जाएगा। इन शिविरों में एनसीडी अनुभाग के नवदीप सिंह, सुनीता चौधरी, संदीप कुमार, पूजा तंवर, प्रतिभा, रणजीत सिंह, जय किशन व गगनदीप कौर सेवाएं देंगे। शिविरों की मोनिटरिंग अनुभाग के अर्श बराड़ कर रहे हैं। 

बुधवार, 1 नवंबर 2017

टेली हैल्थ से लाभान्वित हो रहे मरीज
-जिला अस्पताल में भी मिल रही सुविधा, राज्य में चार हजार मरीजों ने लिया आनलाईन परामर्श
श्रीगंगानगर। प्रदेश में संचालित टेलीमेडिसिन परियोजना (टेली-हैल्थ) के माध्यम से अब तक चार हजार से अधिक मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आनलाईन चिकित्सा परामर्श सेवा उपलब्ध करवायी जा चुकी है। यह सुविधा हमारे जिला अस्पताल में भी संचालित की जा रही है, जहां 39 मरीज लाभान्वित हुए हैं। राज्य में 31 जिला अस्पताल, 19 सब-डिविजन अस्पताल, 6 सेटेलाईट अस्पताल व 44 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित कुल 100 चिकित्सा संस्थानों में टेलीमेडिसिन परियोजना संचालित की जा रही है। 
एनएचएम एमडी नवीन जैन ने बताया कि टेली हैल्थ के जरिए मरीजों को कम समय और कम खर्च में गुणवत्तापुर्ण विशेषज्ञ चिकित्सीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। पहले जहां मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श की आवश्यकता होने पर उच्च चिकित्सा संस्थान रैफर होना पड़ता था, वहीं अब उसी चिकित्सा संस्थान पर इस परियोजना के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं मिल पा रही हैं। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी फायदा हुआ है। मरीजों को अब विशेषज्ञ परामर्श के लिये उच्च चिकित्सा संस्थान जाने की आवश्यकता नहीं है। श्री जैन ने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा में 100 चिकित्सा संस्थानों को जयपुर में बनाये गए सेन्ट्रल साइट से जोड़ा गया है। सेंट्रल साइट पर निर्धारित समयानुसार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, जनरल फिजिशियन विशेषज्ञों की सेवाएं अब उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित दिवस में प्रात: 11 बजे से दोपहर चार बजे तक आर्थोपेडिशियन, पीएमआर, गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजिस्ट, आन्कोलॉजिस्ट, एंडोक्राईनोलॉजिस्ट, स्कीन एवं वीडी, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट व यूरोलाजिस्ट का परामर्श दिया जाता है। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवा परियोजना वाले इन चिकित्सा संस्थानों पर स्थापित कक्ष में डिजिटल ईसीजी, डिजिटल स्टेथोस्कोप, डिजिटल डर्मोस्कोप, बीपी उपकरण, पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर व स्केनर इत्यादि उपकरण उपलब्ध हैं। पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने बताया कि जिला अस्पताल में भी नियमित सेवाएं मरीजों को मिल रही है। यहां 15 अगस्त 2017 को सुविधा शुरु हुई और अब तक 39 मरीजों को परामर्श दिलवाया गया। यहां नर्सिंग स्टाफ प्रशिक्षित प्रमोद यादव व सुनील यादव कार्यरत हैं एवं एक चिकित्सक इंचार्ज हैं।