मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

शुरू हुए फिजियोथेरेपी शिविर, तीन दिन चलेंगे
-जिला अस्पताल सहित 14 सीएचसी पर चलेंगे परामर्श शिविर, पहले दिन 2608  हुए लाभान्वित
श्रीगंगानगर। जिले में पहली बार लग रहे विशाल फिजियोथेरेपी शिविरों का मंगलवार को जिला अस्पताल से शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही विभाग के दस चयनित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित चार अन्य सीएचसी पर भी ये शिविर प्रारंभ हुए। पहले दिन इन शिविरों में 2608 लोग इलाज व परामर्श के जरिए लाभान्वित हुए। शिविर बुधवार व गुरूवार को भी आयोजित होंगे, जहां आमजन प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट के जरिए लाभान्वित हो सकते हैं। जिला अस्पताल में बतौर मुख्य अतिथि यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल ने शिविर की शुरुआत की। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डीसी डॉ. प्रेम बजाज, एनसीडी अनुभाग के डॉ. सोनिया चुग व अर्श बराड़, समाजसेवी तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा एवं विजय जिंदल आदि मौजूद रहे। जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपिस्ट पूजा मिश्रा सचदेवा, गुरनाम सिंह व लवप्रीत कौर सेवाएं दे रहे हैं। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि शिविर जिला अस्पताल के साथ ही सादुलशहर, केसरीसिंहपुर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना, श्रीविजयनगर व सूरतगढ़ सीएचसी में शिविर लग रहे हैं। इसी तरह शिवपुर, चूनावढ़, रिड़लसर व समेजा कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी शिविर लग रहे हैं, जहां निजी फिजियोथेरेपिस्ट नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. बंसल ने बताया कि 25 से 27 अप्रेल तक लगने वाले इन शिविरों में असंक्रामक बीमारियों जैसे कि डायबिटीज, हृदय रोग, पक्षाघात एवं तनाव से होने वाली जटिलताओं में कमी लाने के लिए परामर्श, गर्दन, कमर, जोड़ों, कोहनी, घुटनों, ऐडी, मांसपेशियों व पुरानी चोट का दर्द, रीढ़ की हड्डी के छल्लों का खिसकने का उपचार, फे्रक्टचर के बाद जोड़ों की जकडऩ, गठिया बाव, अस्थि रोगों के ऑपरेशन के बाद के विकार, कंधे का जाम होना, मुंह का टेढ़ापन, रिंगण बाव, सुन्नपन्न, बच्चों का समय पर विकास न होना, वृद्धावस्था की बीमारियां, पार्किसोनिज्म एवं चिकनगुनिया के बाद जोड़ों में दर्द आदि से संबंधित जागरुकता, परामर्श व चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। 
चौदह शिविरों में पहुंचे 2608
एनसीडी अनुभाग के अर्श बराड़ ने बताया कि जिला अस्पताल में 310, सूरतगढ़ में 257, पदमपुर में 352, सादुलशहर में 359, केसरीसिंहपुर में 88, श्रीकरणपुर में 125, गजसिंहपुर में 231, रायसिंहनगर में 226, अनूपगढ़ में 89, घड़साना में 205, श्रीविजयनगर में 220, समेजा कोठी में 50, चूनावढ़ में 39, रिड़मलसर में 28 व शिवपुर 29 लोगों ने इन शिविरों का लाभ लिया। इस तरह पहले दिन 2608 इन शिविरों के जरिए लाभान्वित हुए।  
अव्यवस्थित दिनचर्या ने दिया दर्द
जिला अस्पताल में शिविर में लाभ लेने के लिए अनेक बुजुर्ग नजर आए, लेकिन हैरत की बात ये भी रही कि कई युवा भी अपना ‘दर्द’ लेकर पहुंचे। वे दवाओं का साइडइफेक्ट जानते हैं, इसलिए दवाओं से परहेज करना चाहते हैं लेकिन उनके दर्द की जो दास्तां है वो कमोबेश हर युवा की समस्या है। असल में, अव्यवस्थित दिनचर्या सबको दर्द दे रही है। घण्टों एक पॉजिशन में बैठना, बिना खान-पान के काम करना, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रोनिक संसाधनों से लंबे अर्से तक जुड़े रहना आदि हर युवा से जुड़ी दिनचर्या है। यही वजह है कि बुजुर्गों के साथ ही अब युवा भी अनचाहे दर्द की चपेट में आ रहे हैं। इस दर्द से निजात दिलाने में फिजियोथेरेपी कारगर साबित हो रही है और राज्य सरकार ने भी इसी के मद्देनजर शिविर लगाकर आमजन को जागरूक करने का निर्णय लिया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि आमजन शिविरों में अवश्य आएं, लेकिन वे सामान्य दिनों में भी जिला अस्पताल सहित चयनित दस सीएचसी पर कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेते रहें। 
‘‘असंक्रामक रोगों की उपचार सेवाओं में गंभीरता बरतें’’
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय कैंसर, डायबीटीज, कार्डियोवेसक्लूयर एवं हृदयघात जैसी असंक्रामक बीमारियों के उपचार के प्रति विशेष गंभीरता बरतने और समय पर रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने संबंधित जिला प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इन बीमारियों की पहचान के लिए आयोजित किए जा रहे शिविरों में पॉजीटिव चिन्ह्ति मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा गया है ताकि आमजन को कोई परेशानी न हो। ये निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित एनपीसीडीसीएस की समीक्षा बैठक में दिए गए। जिलास्तर से डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला व डॉक्टर सुनील बिश्रोई ने भाग लिया। 
श्रीमती गुप्ता ने गैर-संचारी रोगों के लिए आयोजित शिविरों में स्क्रिन किये गये व रेफर रोगियों का समुचित फालोअप करने एवं पॉजीटिव रोगियों को उपयुक्त परामर्श सेवाएं देकर उपचार से लाभान्वित करना सुनिष्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित शहरी घनी बस्तियों में एनयूएचएम के आउटरीच कैम्पों में भी एनसीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में जिलास्तर पर संचालित एनसीडी क्लिनिक पर आने वाले प्रत्येक मरीज की डायबीटिज एवं ब्लड प्रेषर जैसी आवष्यक जांचें करने एवं ग्लोकोस्टिक, ग्लूकोमीटर व लेनसेट इत्यादि सामग्री की यथासमय डिमाण्ड भिजवाने के निर्देश भी दिए गए।

रविवार, 23 अप्रैल 2017

एमडी जैन ने किया प्रचार सामग्री व ब्लॉग का विमोचन
स्वास्थ्य विभाग श्रीगंगानगर का नवाचार, मिशन निदेशक नवीन जैन ने की सराहना

श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक नवीन जैन ने रविवार को स्वास्थ्य विभाग की प्रचार सामग्री एवं ब्लॉक का विमोचन किया। यह नवाचार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग श्रीगंगानगर के आईईसी अनुभाग की ओर से किया गया। प्रचार सामग्री में विभाग की महत्वपूर्ण नौ योजनाओं को सम्मिलित किया गया है, जो अब हर कस्बे, गांव व ढाणी तक पहुंचेगी। वहीं युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अधिकाधिक जागरूक करने के लिए ब्लॉग शुरू किया गया है। जिला कलेक्ट्रेट सभागार हनुमानगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान एमडी नवीन जैन सहित डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह मौजूद रहे। 
इस दौरान मिशन निदेशक श्री जैन ने प्रचार सामग्री की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल आमजन बल्कि विभागीय कार्मिक भी अपडेट होंगे। उन्होंने कहा कि आशाओं व फॉक मीडिया कार्यक्रमों के माध्यम से यह प्रचार-प्रसार सामग्री आमजन तक पहुंचाई जाए। विभाग के इस ब्रोशर में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, मुख्यमंत्री बालिका सम्बल योजना, मुख्यमंत्री राजश्री योजना, टीकाकरण कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, महिला मृत्यु की सूचना पर 200 रूपए की रिचार्ज योजना, डायल एन एम्बलेंस ‘जीवन वाहिनी सेवा’ सहित मुखबिर/डिकॉय योजना के बारे में जानकारी दी गई है। इसी तरह ब्लॉग (http://sgnriec.blogspot.in) को आमजन कहीं भी, किसी भी शहर, राज्य या देश में देख विभागीय योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे। ब्लॉग के माध्यम से आमजन विभाग को सूचना भी आदान प्रदान कर सकेंगे। मिशन निदेश नवीन जैन ने कहा कि निश्चित ही इस तरह के नवाचार हर जिले में होने चाहिए और श्रीगंगानगर एनएचएम टीम का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ब्लॉग को विभाग की राज्यस्तरीय वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान हनुमानगढ़ सीएमएचओ डॉ. प्रीत मोहिंदर सिंह, डीपीएम रचना चौधरी, सीओआईईसी मनीष शर्मा व एनयूएचएम डीपीएम जितेंद्र सिंह आदि मौजूद भी मौजूद रहे। 

शनिवार, 22 अप्रैल 2017

स्वास्थ्य विभाग के उपकरणों को मिले ‘डॉक्टर’
-ई-उपकरण सॉफ्टवेयर के जरिए चार दिन में ठीक हो रहे सरकारी हॉस्पीटलों के उपकरण
-एमडी नवीन जैन के निर्देशन में एनएचएम की टीम जुटी, हर रोज होती है मोनिटरिंग
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य केंद्रों पर अनावश्यक और खराब उपकरण संबंधी आने वाले शिकायतों का अब त्वरित समाधान होने लगा है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने के बाद महज दो से चार दिन में ही उपकरण दुरुस्त हो रहे हैं जिसके चलते अब आमजन को राजकीय चिकित्सालयों में बेहतर जांच व स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होगी। यह संभव हो पाया है विभाग के ‘ई-उपकरण’ सॉफ्टवेयर से, जो फरवरी 2017 के बाद आईवीआरएस के जरिए सुचारू कार्य कर रहा है। इसके बाद जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक के सभी उपकरणों का सही इस्तेमाल होने लगा है। अनावश्यक उपकरण दूसरे केंद्रों पर जा भेजे जा रहे हैं तो खराब उपकरण दो से चार दिन में ठीक हो रहे हैं। यही नहीं उपकरणों की खण्ड से लेकर राज्यस्तर तक मोनिटरिंग हो रही है। सॉफ्टवेयर को प्रारंभ करने का श्रेय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी नवीन जैन को जाता है। वे बताते हैं कि ‘ई-उपकरण’ शुरू होने के बाद स्टोरों में लंबे अर्से से बंद पड़े उपकरण उपयोग में आने लगे हैं, जिन उपकरणों को खराब समझ कबाड़ बना दिया जाता था वे अब हाथों-हाथ दुरुस्त होने लगे हैं। जिले में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता व डीपीएम विपुल गोयल इसकी मोनिटरिंग कर रहे हैं।
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि ‘ई-उपकरण’ सॉफ्टवेयर के जरिए जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के मेडिकल उपकरण ऑनलाइन हो गए हैं। सॉफ्टवेयर में सभी मेडिकल उपकरणों की सूची अपडेट हैं, जिसमें संबंधित संस्थान पर कितने उपकरण है, कौन-कौन से उपकरण है, कौनसे उपकरण कार्य में लिए जा रहे हैं, किस उपकरण का कब-कब इस्तेमाल किया गया, किस उपकरण का इस्तेमाल नहीं हो रहा है आदि जानकारी शामिल है। यदि कोई उपकरण खराब है तो उसको भी ऑनलाइन सूचिबद्ध किया जाता है और यह भी लिखा जााता है कि क्या वह ठीक होने लायक है या नहीं। यदि उपकरण ठीक होने लायक है तो संबंधित चिकित्सा प्रभारी इसकी शिकायत ऑनलाइन या टोल फ्री नंबर के माध्यम से दर्ज करवा देते हैं। इसके बाद संबंधित एजेंसी के इंजीनियर आगामी चार दिन के भीतर उसे ठीक करते हैं। यदि किसी संस्थान से इस तरह की शिकायत दर्ज नहीं होती है तो संबंधित संस्थान प्रभारी के खिलाफ  कार्रवाई के आदेश एमडी नवीन जैन ने दिए हैं। यानी हर किसी की जवाबदेही तय है कि उपकरण खराब तो नहीं, कहीं उपकरण का उपयोग हो भी रहा है या नहीं। खास बात ये भी है कि ई-उपकरण के जरिए मशीन किस संस्थान पर, किस लॉकेशन में रखी गई है यह भी पता लगाया जा सकता है। इसी तरह उपकरणों की गारंटी अवधि भी ई-उपकरण से पता चल जाती है। 
अब तक ये उपकरण हुए दुरुस्त 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि एक फरवरी 2017 से लेकर आज तक जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी व यूपीएचसी से अब तक 139 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें से अधिकांश का समाधान हो चुका है। हर शिकायत का निवारण चार दिवस में करना जरूरी है, अन्यथा संबंधि एजेंसी पर जुर्माना लगता है। मुख्यत: नजर दौड़ाएं तो विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में रखे ब्लड बैंक रेफ्रीजरेटर, बाइनोक्यूलर माइक्रोस्कॉप, स्पॉट लाइट, फोगिंग मशीन, सेमी ऑटोमेटेड एनालाइजर, ईसीजी मशीन, एक्सरे, ऑटो क्लेव, वजन मशीन, नेब्यूलाइजर, डेंटल चैयर, रेडियंट हीट वॉर्मर, ब्लड सेल काउंटर, वेंटीलेटर, सक्शन मशीन, सी-पेप मशीन, मल्टी पैरा-मोनिटर, प्लस ऑक्सीमिटर, फोटोग्राफी यूनिट आदि दुरुस्त हुए हैं। 
इनके मार्गदर्शन में जुटी है टीम
ई-उपकरण को लेकर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम काफी गंभीर हैं और वे हर साप्ताहिक बैठक में इसकी रिपोर्ट लेकर समीक्षा कर रहे हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि देश में पहली बार इस तरह के प्रयोग व प्रयासों को सफल बनाने में जुटे एनएचएम के एमडी नवीन जैन स्वयं ई-उपकरण की मोनिटरिंग कर रहे हैं। उन्हीं के निर्देशन में राज्य से स्थानीय स्तर पर ई-उपकरण को लेकर कार्मिक ऑनलाइन एंट्री और उनकी दुरुस्तीकरण में जुटे हैं। एमडी नवीन जैन स्वयं दिन-प्रतिदिन सॉफ्टवेयर का फीडबैक लेते हैं। संभाग स्तर पर संयुक्त निदेशक और जिलास्तर पर सीएमएचओ व पीएमओ की जिम्मेदारी तय की गई है। वहीं जिले से पीएचसी स्तर के लिए डीपीएम, बीसीएमओ, संस्थान प्रभारी, स्टोर कीपर व सूचना सहायकों की जिम्मेदारी तय की गई है। 

शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017

स्वास्थ्य क्षेत्र में आशा सुपरवाइजरों की अहम भूमिका
-सभी सुपरवाइजरों को किया प्रशिक्षित, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं हो सके सुदृढ़
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में निचले स्तर की अहम कड़ी आशा सुपरवाइजरों को जिला स्वास्थ्य भवन में प्रशिक्षण के साथ ही उन्हें नए दिशा-नि
र्देशों से अवगत करवाया गया। शुक्रवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी ब्लॉक एवं पीएचसी आशा सुपरवाइजर सम्मिलित हुए। जिन्हें सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डीपीएम विपुल गोयल, डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता व डीएसी रायसिंह सहारण ने प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर सुपरवाइजरों की विभिन्न शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए यह कदम उठाया गया, क्योंकि सुपरवाइजर फील्ड में अहम भूमिका निभाते हैं और वे उच्चाधिकारियों, आशाओं व आमजन के बीच तालमेल बिठाने में पूरा योगदान दे रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीसीटीएस पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें बताया कि तथ्यों व आंकड़ों का सही इंद्राज होना आवश्यक है तभी आगामी योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। आशा सॉफ्ट व ऑजस में हुए नए बदलाव और डेटा फिडिंग के दौरान रखे जाने वाली सावधानी व समस्याओं को लेकर डॉ. कमल गुप्ता ने उन्हें जानकारी दी। एचबीएनसी का सेक्टरवार रिव्यू किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक उपयोग की जा रही 104 एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी चर्चा की गई और उन्हें बताया गया कि संबंधित क्षेत्र में आशाओं के जरिए आमजन तक जानकारी पहुंचाएं कि गर्भवती महिला व नवजात शिशु के लिए 104 एम्बुलेंस का उपयोग किया जाए। आशा डायरी की चर्चा करते हुए डीएसी रायसिंह सहारण ने बताया कि सुपरवाइजर नियमित निरीक्षण के दौरान आशाओं की डायरी चेक करें और यदि आशाओं को कोई समस्या आ रही है तो उनका समाधान करवाएं। कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने और उन्हें एमटीसी तक पहुंचाने संबंधी आ रही समस्या को लेकर डीपीएम विपुल गोयल ने शंकाओं का समाधान किया। इस दौरान मिसिंग डिलीवरी पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा उन्हें बेहतर प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए प्रेरित किया गया ताकि भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री योजना, मुखबिर योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, बालिका संबल योजना आदि का आमजन बेहतर लाभ उठा सकें। 

गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

नि:शुल्क विशाल फिजियोथैरेपी शिविर 25 से
-कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण, आमजन को स्वास्थ्य के प्रति किया जाएगा जागरूक
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने की कड़ी में एक और नवाचार करने जा रहा है। विभाग आगामी 25 अप्रेल से तीन दिवसीय नि:शुल्क फिजियोथैरेपी शिविर लगाने जा रहा है, जिसमें आमजन को स्वास्थ्य सुविधा के साथ ही जागरूक किया जाएगा। गुरूवार को इस संबंध में विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल व उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय सिंगला ने पत्रकार वार्ता कर शिविरों की जानकारी दी। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि शिविर जिला अस्पताल व चयनित दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 25 से 27 अप्रेल तक नि:शुल्क फिजियोथैरेपी शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान असंक्रामक बीमारियों जैसे कि डायबिटीज, हृदय रोग, पक्षाघात एवं तनाव से होने वाली जटिलताओं में कमी लाने के लिए परामर्श, गर्दन, कमर, जोड़ों, कोहनी, घुटनों, ऐडी, मांसपेशियों व पुरानी चोट का दर्द, रीढ़ की हड्डी के छल्लों का खिसकने का उपचार, फे्रक्टचर के बाद जोड़ों की जकडऩ, गठिया बाव, अस्थि रोगों के ऑपरेशन के बाद के विकार, कंधे का जाम होना, मुंह का टेढ़ापन, रिंगण बाव, सुन्नपन्न, बच्चों का समय पर विकास न होना, वृद्धावस्था की बीमारियां, पार्किसोनिज्म एवं चिकनगुनिया के बाद जोड़ों का दर्द आदि से संबंधित चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आमजन को दिया जाएगा। 
लू-तापघात को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट
रहें सचेत, खुद के साथ ही दूसरों का रखें ख्याल, विभाग ने अलग से वार्ड स्थापित किए
श्रीगंगानगर। अत्यधिक गर्मी के चलते लू-तापघात की बढ़ती आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। अलर्ट जारी करते हुए सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने समस्त स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपस्थिति के साथ-साथ फील्ड में भी पर्याप्त नजर रखें। सभी संस्थान आवश्यक दवाओं का वांछित स्टॉक रखें एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को लू-तापघात से बचाव एवं उपचार की जानकारी दें। वहीं जिला अस्पताल में अलग से वार्ड आरक्षित किया गया है, जबकि अन्य संस्थाओं पर अतिरिक्त आरक्षित बैड लगाए गए हैं। इस संबंध में गुरूवार को स्वास्थ्य विभाग ने पत्रकार वार्ता कर विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई मौजूद रहे। 
सीएमएचओ डॉ. बसंल ने बताया कि समस्त बीसीएमओ को गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने व चिकित्सकों-मैदानी कार्यकर्ताओं को अलर्ट करनेे के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी व सूखे मौसम में विभाग को इससे प्रभावितों को तुरंत राहत देने के लिए पूर्व तैयारियां रखने के लिए भी पाबंद किया है। लू-तापघात के रोगियों के लिए आरक्षित बैड के साथ ही कूलर व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, संस्थान में रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट में ओआरएस, रिगरलेकट्रेट (आरएल) फ्लूड एवं आवश्यक दवाइयां रखने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने आमजन से अपील की है कि जहां तक संभव हो धूप में न निकलें। अगर धूप में जाना पड़े, तो शरीर पूर्ण तरह से ढक़ा हो। धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती वस्त्र पहनें। बहुत अधिक भीड़, गर्म व घुटन भरे कमरों में बैठने से बचें, रेल या बस आदि की यात्रा अत्यावश्यक होने पर ही करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पीने के बाद ही घर से बाहर निकलें। ऐसे मौसम में सड़े-गले फल व बासी सब्जियों का उपयोग ना करें। गर्मी मे हमेशा पानी अधिक मात्रा मे पिएं एवं नींबू पानी, नारियल पानी, ज्यूस आदि का प्रयोग करें। 
लू-तापघात के लक्षण
सिर का भारीपन व सिरदर्द हो, अधिक प्यास लगना व शरीर में भारीपन के साथ थकावट लगे तो लू-तापघात हो सकता है। इसके अलावा जी मचलाना, सिर चकराना व शरीर का तापमान बढऩा, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना व त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना, बेहोश होना या बेहोशी लगना जैसी स्थिति होने पर लू-तापघात का प्रभाव हो सकता है। लू-तापघात से प्रभावित रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढ़ीले कर लेटा दिया जाए एवं हवा का इन्तजाम करें। रोगी को होश मे आने पर उसे ठण्डे पेय पदार्थ व जीवन रक्षक घोल दें। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिए यदि सम्भव हो, तो उसे ठण्डे पानी से नहलाएं या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्राथमिक उपचार के साथ-साथ प्रभावित मरीज को निकट स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर जांच करवाएं।
बीएसबीवाई में कम प्रगति और अनुपस्थित रहने पर दो चिकित्सकों को चार्जशीट
-हर मातृ एवं शिशु को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के जिला कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश 
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की महत्ती भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रति लापरवाही दो चिकित्सकों पर भारी पड़ी। कम प्रगति के चलते और बैठक में अनुपस्थित होने के कारण जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने केसरीसिंहपुर एवं राजियासर सीएचसी प्रभारी को चार्जशीट देने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि राज्य सरकार की किसी भी योजना के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कम प्रगति वाले अन्य स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को भी नोटिस देने के निर्देश दिए। वे गुरूवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलेभर के राजकीय चिकित्सा प्रभारी अधिकारियों से मुखातिब हो रहे थे। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज, डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, सी
ओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, डीएनओ कमल गुप्ता व डीएसी रायसिंह सहारण आदि मौजूद रहे।
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि हर शिशु एवं माँ को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए और इस मामले में कभी कोई शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली जांच एवं टीकाकरण से कोई वंचित नहीं रहना चाहिए। वहीं प्रयास हो कि शत-प्रतिशत डिलीवरी चिकित्सा संस्थाओं पर ही हो ताकि शिशु एवं मातृ मृत्यु पर अंकुश लग सके। जिला कलेक्टर ने सभी बीसीएमओ सहित अन्य अधिकारियों को पाबंद किया कि वे मुखबिर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाएं और स्थानीय लोगों के सहयोग से इसकी जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं। वर्तमान में राज्य सरकार मुखबिर योजना के तहत अढाई लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। कुछ राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आरएमआरएस की नियमित बैठक नहीं होने की जानकारी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया कि नियमित बैठक करवाएं और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग प्राप्त नहीं होने पर अवगत करवाएं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि हर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास योजना के तहत लाभ लेने वालों की सूची होनी चाहिए। इसके अलावा उन्हेें योजना की पूरी जानकारी एवं अधिकृत हॉस्पीटलों की जानकारी भी होनी चाहिए। बैठक में भीषण गर्मी पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि इस संबंध में हर संस्थान में पूरी तैयारी होनी चाहिए और किसी भी तरह से अनहोनी नहीं हो। इस संबंध में किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तुरंत टीम मौके पर पहुंचे और केंद्र पर भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था हो। 
निजी चिकित्सकों की सराहना
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से जुडऩे वाले निजी चिकित्सकों की जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने सराहना की। उन्होंने कहा कि जनसेवा करने में कोई सरकारी या निजी नहीं होता, मौका मिलने पर हर चिकित्सक का दायित्व बनता है कि वह जनसेवा अवश्य करे। बैठक में ही एक निजी चिकित्सक ज्योति बंसल ने स्वेच्छा से श्रीकरणपुर खण्ड में सेवाएं देने के लिए सहमती दी, जिस पर जिला कलेक्टर ने उनकी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि हर माह नौ तारीख को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सरकारी सहित 13 निजी चिकित्सक भी जुड़े हैं।

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

दिव्यांग महिला को मिला साइकिल का सहारा
-स्वास्थ्य विभाग ने दी साइकिल, खुशी के झलके आंसू 

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय फ्लोरोसिस कार्यक्रम के तहत एक दिव्यांग महिला को ट्राइ साइकिल दी गई। विभाग की ओर से जल्द ही आगामी दिनों में छह और ट्राइ साइकिल वितरण की जाएगी। बुधवार को सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल व कार्यक्रम प्रभारी डॉ. सुनील बिश्रोई ने उक्त साइकिल कोनी निवासी 60 वर्षीय सुखदेव कौर पत्नी जगीर सिंह को दी गई। साइकिल पाकर एकबारगी सुखदेव कौर के आंसू झलक आए, उन्होंने विभाग का आभार प्रकट करते हुए कहा कि ‘मैं राज्य सरकार की आभारी हूं, जिन्होंने मुझे यह सहारा दिया।’

सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि फ्लोरोसिस कार्यक्रम के तहत दिव्यांग लोगों को ट्राइ साइकिल दी जा रही है और इसी कड़ी में बुधवार को साइकिल वितरित की गई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत वॉकिंग स्टिक भी वितरण की जा रही है, जो कंकालिय फ्लोरोसिस से ग्रसित लोगों को दी जाती है। अब तक विभाग की ओर से चार लोगों को वॉकिंग स्टिक दी गई है। डॉ. बंसल ने बताया कि फ्लोरोसिस कार्यक्रम के तहत जिले में लोगों को जागरूक करने के अलावा उनकी जांच करने का कार्य भी लगातार चल रहा है। 

मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुआ स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
-कठपुतली व सांस्कृतिक दल कर रहे जागरूक, योजनाओं की देंगे जानकारी
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी अनुभाग की ओर से गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। चयनित गांवों में विभाग की ओर से कठपुतली व सांस्कृतिक दल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं के प्रति जागरूक करेंगे। कार्यक्रम 18 अप्रेल से लगातार तीन मई तक चलेंगे। कार्यक्रमों की प्रभावी मोनिटरिंग के लिए डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को नियुक्त किया गया है। वहीं सभी बीसीएमओ व बीपीएम को निर्देशित किया गया है कि वे बेहतर कार्यक्रम करवा अधिकाधिक आमजन को जागरूक करवाएं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशों पर जिले में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जिसमें मुख्यत: भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मिशन इंद्रधनुष, मुखबिर योजना, परिवार कल्याण, कैंसर रोग, जीवन वाहिनी एम्बुलेंस, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस आदि के बारे में जागरूकता पैदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक तौर पर जिले के सभी आठ खण्डों के 64-64 गांव चयनित किए गए हैं और आगामी चरण में अन्य गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। डॉ. बंसल ने बताया कि बीएसबीवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने, गर्भवती महिलाओं का नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं लेने के लिए प्रेरित करने, आपातकाल में जीवन वाहिनी एम्बुलेंस की सेवा के लिए 108 व 104 की सहायता लेने, हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर जांच करवाने, बेटी बचाने के लिए मुखबिर योजना के तहत अढाई लाख रूपए का लाभ उठाने और कैंसर आदि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है ताकि वे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। 
‘‘बेटे की चाह में मरवा रहे बेटे’’
-पीसीपीएनडीटी की बैठक में डिकॉय को लेकर चर्चा, मुखबिर योजना का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
श्रीगंगानगर। ‘अब तक हो रही डिकॉय कार्रवाई मे मुख्यत: सामने आया है कि अधिकांश लोग फर्जीवाड़ा कर गर्भपात करवा रहे हैं। ऐसे में लोग बेटे की चाह में बेटा ही मरवा रहे हैं। क्योंकि कथित रूप से लिंग जांच करने वाले हर मामले में बेटी ही बताते हैं ताकि उन्हें गर्भपात के भी पैसे मिल जाएं। आमजन को चाहिए कि वे इस मामले में संवेदना दिखाते हुए बेटे-बेटी का भेद खत्म करें और दोनों को ही इस दुनिया में आने का मौका दे।’ ये चर्चा मंगलवार को जिला स्वास्थ्य भवन में आयोजित हुई पीसीपीएनडीटी की बैठक में हुई। जिसमें सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉॅ. राजेश अरोड़ा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका गुप्ता, समाजसेविका मंजू गर्ग, विधि विशेषज्ञ सोफिया सिंह, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह एवं सीओआईईसी विनोद बिश्रोई मौजूद रहे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि ऐसे घिनौने कार्य के प्रति समाजसेवियों, विभिन्न संस्थाओं व संगठनों को चाहिए कि वे आमजन को इसके प्रति जागरूक करें। क्योंकि ऐसे कार्य के प्रति सामूहिक रूप से ही जागरूकता पैदा की जा सकती है। इस मौके पर मुखबिर योजना के तहत अढ़ाई लाख रूपए की जानकारी देते हुए बताया कि अब मुखबिर योजना के तहत अढ़ाई लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि मिल रही है और इसकी जानकारी के लिए अब हर अटल सेवा केंद्र पर भी पोस्टर लगाए जाएंगे। बैठक में जिले में हुई पांचों डिकॉय कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह ने बताया कि दलाल अब लोगों को बेवकूफ बनाकर पैसे एंठने का कार्य कर रहे हैं। उन्हें गर्भ में पल रहे बच्चे से कोई वास्ता नहीं, बल्कि उन्हें केवल लिंग जांच के बदले और गर्भपात के लिए मिलने वाले पैसे से मतलब होता है। ऐसे में आमजन को चाहिए कि वे बेटा-बेटी का भेदभाव न करते हुए बच्चे को जन्म दें। 

सोमवार, 10 अप्रैल 2017

ठगी का शिकार हुई आशा, विभाग ने जारी किया अलर्ट
-विभाग के नाम पर फोन करने वालों का पहले करें सत्यापन
श्रीगंगानगर। चूनावढ़ क्षेत्र की एक आशा सहयोगिनी से ऑनलाइन ठगी कर उसके अकाउंट से 20 हजार रुपए निकाल लिए। यही नहीं इसी तरह कई अन्य आशा सहयोगिनियों के पास भी फोन आ रहे हैं, जिसके चलते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने सभी आशाओं को अलर्ट किया है। साथ ही सभी बीसीएमओ अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आशा सहयोगिनी एवं अन्य स्टाफ को इस बाबत जानकारी दें ताकि कोई कार्मिक ठगी का शिकार न हो। यही नहीं अन्य किसी निजी चिकित्सालय या संस्थान आदि ने विभाग के नाम पर कोई फोन कर ठगी या फर्जीवाड़ा करने का प्रयास करता है तो सत्यापन करते हुए उसकी सूचना सीएमएचओ को दें ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 
आशा समन्व्यक रायसिंह सहारण ने बताया कि चूनावढ़ क्षेत्र के गांव पांच एलएल की आशा सहयोगिनी निवासी परमजीत कौर के पास किसी मोबाइल नंबर से फोन आया और खुद को सीएमएचओ ऑफिस का कार्मिक बताते हुए आधार नंबर, अकाउंट नंबर और कार्ड के पिन नंबर हासिल कर लिए। विश्वास जताने के लिए उसने कई बार फोन किए और कार्य के संबंध में जानकारी लेता रहा एवं आखिर में अकाउंट नंबर आदि लिए। इसके बाद 20 हजार रुपए ऑनलाइन निकाल लिए गए, जिस पर मैसेज आने पर आशा को ठगी का अहसास हुआ। आशा ने इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी सहित पुलिस थाना चूनावढ़ में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि इस तरह के फोन अन्य आशा सहयोगिनी के पास भी आ रहे हैं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विभाग की ओर से किसी भी आशा, एएनएम या अन्य कार्मिक से कार्ड नंबर या उसके पिन नंबर नहीं पूछे जाते। केवल अकाउंट नंबर लिए जाते हैं वो भी केवल संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर पीसीटीएस एंट्री में दर्ज करने के लिए मौके पर ही लिए जाते हैं। अत: आशाओं व अन्य आमजन से भी अपील की जाती है कि इस तरह के फोन आने पर किसी भी तरह की जानकारी न दें, क्योंकि ऐसे मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। यही नहीं कुछेक लोग निजी चिकित्सालयों एवं अन्य लोगों को विभाग के नाम पर या विभाग के किसी अधिकारी या कार्मिक के नाम से फोन कर डराते-धमकाते हैं। अत: इस संबंध में एहतियात बरतते हुए पहले संबंधित अधिकारी से सत्यापन करें और फर्जी फोन करने वालों की पुलिस थाने में शिकायत करें। 

पीएमएसएमए पर सुरक्षित हुई महिलाएं
-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर मिल रही मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रीगंगानगर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस इस बार दस अप्रेल को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में मनाया गया। इस दौरान महिलाओं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई गईं और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए उन्हें जागरूक भी किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस हर माह की नौ तारीख को मनाया जाता है, जबकि राजकीय अवकाश होने पर आगामी दिवस पर यह दिवस मनाया जाता है। इस दौरान सरकारी चिकित्सकों सहित निजी चिकित्सक भी सेवाएं दे रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि महिलाओं को गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं देने के सोमवार को जिले में पीएमएसएमए मनाया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी हुआ और उन्हें अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ् करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। सोमवार को प्रसव पूर्व जांच भी की गई और इसके लिए बकायदा संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर कक्ष भी निर्धारित किया गया। अभियान का एक उद्देश्य यह भी है कि गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु व स्वस्थ जीवन प्रदान किया जाए। गर्भावस्था की जटिलताओं के बारे में जागरूक करना, यानी उन्हें बताना व समझाना कि उन्हें इस दौरान क्या-क्या ख्याल रखना है। दरअसल प्रसव पूर्व या प्रसव के दौरान रक्तचाप, शुगर की अधिकता, हारमोन संबंधी परेशानियां आदि ऐसी जटिलताएं हैं जो समस्या पैदा कर सकती हैं। यही वजह है कि अभियान के जरिए गर्भवती महिलाओं की जांच कर, उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा जिले में प्रत्येक माह के पहले, तीसरे और चौथे शुक्रवार को निर्धारित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा सेवाएं दी जा रही हैं। जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस हर पीएचसी व सीएचसी पर मनाया जाता है।

रविवार, 9 अप्रैल 2017

आज मनाया जाएगा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस
-गर्भवती महिलाओं को मिल रही सुरक्षा, निजी चिकित्सक सहित सरकारी भी सक्रिय
श्रीगंगानगर। सुरक्षित मातृत्व के लिए संकल्पित स्वास्थ्य विभाग हर माह नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के जरिए गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। हालांकि इस बार राजकीय अवकाश होने के कारण आगामी दिवस यानी 10 अप्रेल को प्रधानमंत्री सुरक्षित दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान महिलाओं को न केवल आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगीं, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। अभियान हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक चलेगा। अभियान के तहत निजी चिकित्सक भी सेवाएं दे रहे हैं और सरकारी भी खासे सक्रिय हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि महिलाओं को गुणवत्ता युक्त प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है, लेकिन राजकीय अवकाश होने की स्थिति में आगामी दिन यह दिवस मनाया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ् करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। इस दिन प्रसव पूर्व जांच के लिए एक कक्ष निर्धारित किया जाता है, जहां चिकित्सक जांच करते हैं। अभियान का एक उद्देश्य यह भी है कि गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु व स्वस्थ जीवन प्रदान किया जाए। गर्भावस्था की जटिलताओं के बारे में जागरूक करना, यानी उन्हें बताना व समझाना कि उन्हें इस दौरान क्या-क्या ख्याल रखना है। दरअसल प्रसव पूर्व या प्रसव के दौरान रक्तचाप, शुगर की अधिकता, हारमोन संबंधी परेशानियां आदि ऐसी जटिलताएं हैं जो समस्या पैदा कर सकती हैं। यही वजह है कि अभियान के जरिए गर्भवती महिलाओं की जांच कर, उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा जिले में प्रत्येक माह के पहले, तीसरे और चौथे शुक्रवार को निर्धारित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा सेवाएं दी जा रही हैं। जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस हर पीएचसी व सीएचसी पर मनाया जाता है। वहीं हर माह के चौथे गुरूवार को सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसूति नियोजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाते हुए आवश्यक जांचें की जाती हैं। 
शुरू हुआ मिशन इंद्रधनुष, वंचितों का हो रहा टीकाकरण
-सादुलशहर ब्लॉक पर खास नजर, पूरे जिले में चल रहा अभियान
श्रीगंगानगर। टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पूर्ण टीकाकरण के लिए जिले में मिशन इंद्रधनुष शुरू हुआ है जो हर माह की सात तारीख से प्रारंभ होगा और सात दिवस तक ही चलेगा। अभियान अप्रेल, मई, जून व जुलाई में चलेगा। सफलता पूर्वक शुरू हुए इस अभियान के तहत सादुलशहर ब्लॉक खास तौर पर केंद्र सरकार की ओर से चुना गया है जबकि जिला कलेक्टर के निर्देशों पर पूरे जिले में मिशन इंद्रधनुष चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की मोनिटरिंग आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डीपीएम विपुल गोयल, डीएसी रायसिंह सहारण, डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता सहित बीसीएमओ एवं बीपीएम कर रहे हैं। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि सात अप्रेल से शुरू हो रहा मिशन इंद्रधनुष आगामी चार माह तक चलेगा। वंचित बच्चों के परिजनों को टीकाकरण सत्र की सूचना देने के लिए आशा सहयोगिनी घर-घर पहुंच रही हैं। मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण के अलावा वहां सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहां अक्सर सत्र नहीं होते। यहां मुख्यत: वंचित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनका टीकाकरण किया जा रहा है। ये टीके बच्चों को नौ तरह की गंभीर बीमारियों से बचाएंगे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि ये टीके टीबी, गल घोण्टू, काली खांसी, टिटनेस, निमोनिया, डायरिया, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी व खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। उन्होंने बताया कि संपूर्ण जिले के अलावा सादुलशहर के वार्ड नंबर सात, गांव 19 केएसडी, करड़वाला, अमरगढ़, सात केआरडब्ल्यू, केसीसी ईंट उद्योग, 26 पीटीपी, खैरूवाला, नारायण ईंट उद्योग, बुधसिंहवाला, आरबीआई ईंट उद्योग, एसकेआर ईंट उद्योग, 15 केआरडब्ल्यू, चक सोहनेवाला, बराड़ ईंट उद्योग, पेड़ीवाल ईंट उद्योग, चक दुलरासर, सात बीएनडब्ल्यू, चुघ ईंट उद्योग, केडी ईंट उद्योग, केके ईंट भटï्ठा, एक एलएनपी, आठ एसडीपी, 12 बीएनडब्ल्यू, श्यामसिंह वाला, यादव ईंट उद्योग, तीन एसपीएम, 12 एसडीपी, गुरदयाल ईंट उद्योग, विश्वकर्मा ईंट उद्योग, नौ एलएलजी, मलेठिया ईंट उद्योग, रोटावाली, 19 एलएनपी, 28 एलएनपी प्रथम एवं 10 टीकेडब्ल्यू को मिशन इंद्रधनुष के लिए खास तौर पर चिन्हित किया गया है।
भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़, तीन महिला दलाल सहित चार गिरफ्त में
नकली मशीन, नकली डॉक्टर, आंख पर पट्टी बांधकर धोखाधड़ी, कोख उजाडऩे का बड़ा गौरखधंधा
दाई, नर्स, गृहणी और हॉस्पीटल प्रवक्ता शामिल, जिले में पांचवी, राज्य की 65वीं कार्रवाई 
श्रीगंगानगर।06-04-207. भ्रूण लिंग जांच करने वाले कुकर्मियों पर स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम का प्रहार जारी है। टीम ने कई दिनों के अथक प्रयासों और दो दिन लगातार भागदौड़ के बाद जिले में चल रहे लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया है। एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशों पर की गई इस कार्रवाई में तीन महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगामी जांच जारी है। बहरहाल, चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। टीम ने नेतेवाला निवासी 50 वर्षीय दाई विमला देवी पत्नी लालचंद मेघवाल, अशोक नगर बी निवासी 45 वर्षीय मध्यस्थ शांतिदेवी पत्नी हंसराज सिंधी, अरायण निवासी 22 वर्षीय कथित चिकित्सक रेखा पुत्री ओम प्रकाश मेघवाल एवं एक डीबीएन ए 34 एमओडी निवासी 25 वर्षीय दलाल राकेश पुत्र शंकरलाल को गिरफ्तार किया गया है। कथित चिकित्सक रेखा वर्तमान में अशोक नगर बी, जनता कॉलोनी में रहती है, जो नर्स है। जबकि राकेश स्थानीय कई हॉस्पीटल में बतौर पीआरओ कार्यरत हैं। पूछताछ में पता चला है कि कई और हॉस्पीटलों के पीआरओ भी इस तरह के मामले में लिप्त हैं। 
एमडी नवीन जैन ने बताया कि मुखबिर से इत्तला मिली थी कि श्रीगंगानगर में एक बड़ा रैकेट चल रहा है जो लिंग जांच व अर्बोशन करवाता है। पुष्टि के बाद टीम गठित कर दलाल राकेश से संपर्क साधा गया। जिस पर राकेश ने भू्रण लिंग जांच के लिए चालीस हजार रुपए की मांग करते हुए सौदा तय किया और बोगस ग्राहक को बुधवार को सुबह दस बजे सुखाडिय़ा सर्किल बुलाया। यहां से राकेश ने बोगस ग्राहक को शुभम हॉस्पीटल के पास पार्क में बुलाया। इसके बाद फिर से सुखाडिय़ा सर्किल भेजते हुए खुद रैकी करते हुए उनका पीछा करता रहा। राकेश ने सुखाडिय़ा सर्किल पर वाहन भेज बोगस ग्राहक व गर्भवती को नेतेवाला दाई बिमला देवी के घर ले गया। जहां दाई ने कहा कि आप देर से आए हो, मैंने अभी तीन महिलाओं को जांच के लिए बुलाया है। दाई व राकेश ने ग्राहक को गुरूवार सुबह दस बजे मीरा चौक मिलने के लिए कहा। यहां दाई ने आते ही गर्भवती महिला व ग्राहक को पैदल ही अशोक नगर की पतली गलियों में ले गई और मध्यस्थ महिला के घर ले गई। जहां से मध्यस्थ शांतिदेवी एकेली गर्भवती को बंद गलियों में से घुमाते हुए किराए पर रह रही कथित चिकित्सक रेखा के पास ले गई। अशोक नगर बी, जनता कॉलोनी स्थित मकान नंबर 320 में गर्भवती महिला की कथित जांच के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों महिलाओं व राकेश को गिरफ्तार कर लिया। 
यूं करते है फर्जीवाड़ा
एमडी नवीन जैन ने बताया कि पकड़ी गई कथित महिला चिकित्सक लिंग जांच के मामले में फर्जीवाड़ा कर लोगों को गर्भ में लडक़ी बता अर्बोशन करवाती थी। गुरूवार को हुई कार्रवाई के दौरान गर्भवती महिला को रास्ता सही के बावजूद बंद व तंग गलियों ने घुमाते हुए रेखा की बजाए मध्यस्थ के के घर ले जाया गया। उसके घर भी रेखा ने गर्भवती के पहले आंखों पर पटï्टी बांधकर कर कमरे में ले गई। वहां जुगाड़ से तैयार की गई नकली मशीन से जांच की। वहां भी आंख पर कपड़ा डाल कर जांच की । इस दौरान कुछ भी नहीं बोली और इशारे के तौर पर मटका फोड़ा। जिसका मतलब गर्भ में लडक़ी है। इसके बाद दूसरे रस्तों से गर्भवती को सीधा मीरां चौक की तरफ जाने के लिए कह दिया गया। इसी दौरान दूसरी महिला ने अर्बोशन के अलग से रुपयों की मांग की और कहा कि कल सुबह खाली पेट आ जाना। इस दौरान टीम ने इशारा पाते ही आरोपितों को दबोच लिया। 
ये रहे टीम में शामिल
एडिशनल एसपी रघुवीरसिंह के निर्देशन में गठित राज्यस्तरीय इस टीम का नेतृत्व सीआई हरीनारायण शर्मा ने किया। टीम में पुलिस निरीक्षक विक्रम शेवावत, पीसीपीएनडीटी बीकानेर प्रभारी महेंद्रसिंह चारण, पीसीपीएनडीटी बाड़मेर प्रभारी विक्रम चम्पावत, पीसीपीएनडीटी सीकर प्रभारी नंदलाल पूनिया, पीसीपीएनडीटी गंगानगर रणदीपसिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पुलिस कर्मी लालचंद, शंकरलाल, इंद्र यादव, राजीव आदि मौजूद रहे। 

मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

पूरे जिले में चलेगा मिशन इंद्रधनुष, बचाएगा नौ बीमारियों से
-जिला कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश, सादुलशहर ब्लॉक पर रहेगी विशेष नजर
श्रीगंगानगर। राज्य में सात अप्रेल से शुरू हो रहे मिशन इंद्रधनुष को लेकर श्रीगंगानगर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने नवाचार करते हुए पूरे जिले में ही मिशन इंद्रधनुष चलाने का निर्णय लिया है। कम टीकाकरण होने के कारण भारत सरकार ने जिले के सादुलशहर ब्लॉक को ही मिशन इंद्रधनुष के लिए चिन्हित किया था, लेकिन मंगलवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरे जिले में कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डीपीएम विपुल गोयल, डीएएम सतीश गुप्ता, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित सभी बीसीएमओ एवं बीपीएम मौजूद रहे। 
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर पूरी गंभीरता बरती जाए और हर वंचित बच्चे तक पहुंच हो। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से वंचित रहने की कोई जानकारी मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही सभी बीडीओ एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारियों को पाबंद किया कि वे बेहतर समन्वय बनाते हुए कार्यक्रम के प्रति गंभीरता दिखाएं। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि सात अप्रेल से शुरू हो रहा मिशन इंद्रधनुष आगामी चार माह तक चलेगा। कार्यक्रम हर माह की सात तारीख को शुरू होगा और एक माह एक सप्ताह तक चलेगा। उन्होंने कहा कि वंचित बच्चों के परिजनों को टीकाकरण सत्र की सूचना देने के लिए आशा सहयोगिनियों को निर्देशित किया गया है। मिशन इंद्रधनुष के तहत नियमित टीकाकरण के अलावा वहां सत्र आयोजित किए जाएंगे जहां अक्सर सत्र नहीं होते और बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं। ऐसे बच्चों को आशा डायरी के साथ ही आशा सर्वे के  जरिए चिन्हित किया जा रहा है। सादुलशहर ब्लॉक में कम टीकाकरण के चलते वहां विशेष नजर रखी जा रही है और जिलास्तरीय अधिकारी मोनिटरिंग कर रहे हैं।
इन बीमारियों से बचाएंगे टीके
टीकाकरण से वंचित बच्चों के लिए शुरू किए गए मिशन इंद्रधनुष के तहत निर्धारित सत्रों में टीकाकरण किए जाएंगे। ये टीके बच्चों को नौ तरह की गंभीर बीमारियों से बचाएंगे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि टीके न लगवाने की स्थिति में बच्चे को संबंधित बीमारियां जकड़ सकती हैं, लिहाजा परिजनों को भी चाहिए कि वे आवश्यक रूप से बच्चों के नियमित टीकाकरण करवाएं। समय-समय पर लगने वाले ये टीके टीबी, गल घोण्टू, काली खांसी, टिटनेस, निमोनिया, डायरिया, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी व खसरा जैसी गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। सादुलशहर के ये गांव हाई रिस्क में
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि सादुलशहर के वार्ड नंबर सात, गांव 19 केएसडी, करड़वाला, अमरगढ़, सात केआरडब्ल्यू, केसीसी ईंट उद्योग, 26 पीटीपी, खैरूवाला, नारायण ईंट उद्योग, बुधसिंहवाला, आरबीआई ईंट उद्योग, एसकेआर ईंट उद्योग, 15 केआरडब्ल्यू, चक सोहनेवाला, बराड़ ईंट उद्योग, पेड़ीवाल ईंट उद्योग, चक दुलरासर, सात बीएनडब्ल्यू, चुघ ईंट उद्योग, केडी ईंट उद्योग, केके ईंट भटï्ठा, एक एलएनपी, आठ एसडीपी, 12 बीएनडब्ल्यू, श्यामसिंह वाला, यादव ईंट उद्योग, तीन एसपीएम, 12 एसडीपी, गुरदयाल ईंट उद्योग, विश्वकर्मा ईंट उद्योग, नौ एलएलजी, मलेठिया ईंट उद्योग, रोटावाली, 19 एलएनपी, 28 एलएनपी प्रथम एवं 10 टीकेडब्ल्यू को मिशन इंद्रधनुष के लिए चिन्हित किया गया है। 

रविवार, 2 अप्रैल 2017

आज घर-घर पिलाएंगे पोलियो दवा

-जिला कलेक्टर ने किया शुभारंभ, शतप्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने के लिए निर्देश

श्रीगंगानगर। जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने जिले के सभी लक्षित बच्चों को पोलियो दवा पिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि एक भी बच्चा छूटा तो माना सुरक्षा चक्र टूटा। वे रविवार को दुर्गा मंदिर के सामने स्थित बाल संसार कन्या मिडल स्कूल में राष्ट्रीय पोलियो अभियान के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय राठी की नन्ही बेटी हार्दिका को पोलियो दवा पिलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, शहरी नोडल प्रभारी डॉ. संजय राठी, रविंद्र शर्मा, सोहनलाल व सुदेश कुमार मौजूद रहे। 
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि पहले दिन जिले में स्थापित 1200 बूथ पर पोलियो दवा पिलाई गई। इसके अलावा मुख्य स्थलों पर ट्रांजिट एवं दुरुस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टीमों ने बच्चों को दवा पिलाई। सोमवार को विभागीय टीमें डोर टू डोर जाकर पोलियो दवा पिलाएंगी। वहीं वंचित बच्चों को मंगलवार को भी दवा पिलाई जाएगी। जिले में इस बार जन्म से पांच वर्ष तक के दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभाग ने 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे। विभाग की ओर से 1200 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 23 मोबाइल और 41 ट्रांजिट बूथ भी स्थापित किए गए हैं। वहीं सोमवार को डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें रहेंगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों व गतिविधियों की मोनिटरिंग कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 115 बूथ स्थापित कि गए। नोडल अधिकारी डॉ. संजय राठी के निर्देशन में 35 हजार बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन रविवार को सीएमएचओ, आरसीएचओ सहित डीपीएम विपुल गोयल, डीएसी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई एवं डीएनओ कमल गुप्ता सहित सभी बीसीएमओ व बीपीएम ने मोनिटरिंग कर व्यवस्थाएं देखीं। 
बूथों पर मिशन इंद्रधनुष का प्रचार-प्रसार
जिले के सादुलशहर खण्ड में सात अप्रेल से प्रारंभ हो रहे मिशन इंद्रधनुष का रविवार को पोलियो बूथों पर प्रचार-प्रसार किया गया। विभाग ने खण्ड के हर बूथ पर बैनर चस्पा कर नजदीकी मिशन इंद्रधनुष बूथ की जानकारी आमजन को दी ताकि वे निर्धारित दिवस पर संंबंधित क्षेत्र में जाकर बच्चों के वंचित टीके लगवा सकें। उल्लेखनीय है कि राज्य में चुनिंदा खण्डों में सात अप्रेल से मिशन इंद्रधनुष शुरू हो रहा है, जिसमें जिले का सादुलशहर खण्ड भी शामिल है। मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण से वंचित बच्चों को चिन्हित कर टीकाकरण किया जाएगा ताकि वे विभिन्न बीमारियों से बच सके। 

शनिवार, 1 अप्रैल 2017


पौने दो लाख बच्चे गटकेंगे ‘दो बून्द जिंदगी की’
-पोलियो अभियान का आज जिला कलेक्टर करेंगे शुभारंभ, जागरूकता रैली निकाली
श्रीगंगानगर। पोलियो जैसा अभिशाप फिर से देश में न फैले इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आज से तीन दिन तक नौनिहालों को पोलियो दवा पिलाएगा। रविवार को बूथ स्तर पर और सोमवार व मंगलवार को टीमें घर-घर जाकर पोलियो दवा पिलाएगी। अभियान का शुभारंभ जिला कलेक्टर ज्ञानाराम, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल व आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा करेंगे। राष्ट्रीय अभियान के तहत इस दिन जिले में 1200 बूथ स्थापित होंगे और वहां आने वाले हर पांच वर्ष तक के बच्चे को दो बूंद जिंदगी की दी जाएगी। अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए शनिवार को विभाग ने रैली निकाल पोलियो अभियान का संदेश दिया। रैली को सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल व शहरी प्रभारी डॉ. संजय राठी ने हरी झण्डी दिखाई। इस मौके पर विभाग के राकेश कुुमार शिब्बू, रमेश थन्नई, सोहनलाल व गगनदीप सिंह आदि मौजूद रहे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 हैं, जिन्हें शतप्रतिशत दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे। विभाग की ओर से 1200 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 23 मोबाइल और 41 ट्रांजिट बूथ भी कार्य करेंगे। वहीं डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें रहेंगी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों व गतिविधियों की मोनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा विभाग के आलाधिकारी, बीसीएमओ सहित राज्यस्तरीय अधिकारी भी अभियान के दौरान मोनिटरिंग कर व्यवस्था देखेंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में 115 बूथ स्थापित होंगे, 440 वैक्सीनेटर और 21 सुपरवाइजर कार्य करेंगे। नोडल अधिकारी डॉ. संजय राठी के निर्देशन में 35 हजार बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। 
बूथ वाले स्कूल खुलेंगे, सख्त आदेश जारी
जिन स्कूलों में बूथ स्थापित किए गए हैं, वहां के प्रबंधकों को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर स्कूल खोलें और बूथ पर आवश्यक व्यवस्था करें। स्कूल प्रबंधकों को सुबह सात बजे स्कूल खोलने के लिए निर्देशित किया गया है ताकि बूथ स्थापित कर हर हाल में नौ बजे बच्चों को दवा दी जानी शुरू की जा सके। विभागीय टीमें भी नौ से पूर्व पहुंचेंगी एवं नौ बजे दवा पिलाई जानी प्रारंभ करेंगी। दवा सुबह नौ से शाम पांच बजे तक पिलाई जाएगी।