मंगलवार, 31 जनवरी 2017

जागरुकता की अलख या डिकॉय का असर, बढऩे लगी बेटियां
-जिले में नवजात लिंगानुपात 968, अनेक गांव ऐसे जहां बेटों से ज्यादा बेटियां
श्रीगंगानगर। बेटा-बेटी एक समान का नारा जिले में अब फलीभूत होता नजर आ रहा है। सुखद समाचार है कि जिले में लिंगानुपात बढ़त की ओर है। भले ही पीसीटीएस के आंकड़े हो या एनएफएचएस के तथ्य, सभी में बेटियों की संख्या बढ़ती दिख रही है। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले की ग्राम पंचायत स्तर पर किए गए तथ्यात्मक सर्वे में भी आंकड़े बेहद सकारात्मक आए हैं। जहां वर्ष 2011 में बाल लिंगानुपात महज 854 था, वहीं हाल ही के सर्वे में नवजात लिंगानुपात 968 आया है। निश्चित ही यह स्वास्थ्य विभाग एवं निजी संगठनों व संस्थाओं की ओर से किए जा रहे सामूहिक जागरुकता प्रयासों का परिणाम है। वहीं विभाग की ओर से लगातार किए जा रहे डिकॉय ऑपरेशनों का भी असर है कि जिले सहित आस-पास के जिलों व राज्यों में कन्या भू्रण हत्या जैसा जघन्य अपराध कम होता दिख रहा है। 
दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्राम पंचायत वार लिंगानुपात सर्वे किया गया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि बेटियों की संख्या बढ़ोतरी की ओर है। विभाग ने इस सर्वे में एक वर्ष तक के नवजात शिशुओं को शामिल और केवल राजकीय चिकित्सा संस्थानों में होने वाले प्रसवों को ही सर्वे में जोड़ा, क्योंकि ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकांश प्रसव राजकीय संस्थानों में ही होते हैं। सर्वे में अपे्रेल से लेकर दिसंबर 2016 के अंतराल में पैदा हुए बच्चों को शामिल किया गया है। उक्त सर्वे के अनुसार, जिले की 334 ग्राम पंचायतों में 8851 बेटे एवं 8571 बेटियां हैं, यानी एक हजार बालकों की संख्या पर 968 बालिकाएं हैं। सर्वे में राहत की बात ये भी है कि करीब 157 ग्राम पंचायतों में लिंगानुपात एक हजार से ऊपर है। जिले में छह ग्राम पंचायतें ऐसी भी हैं जहां दो हजार से ऊपर लिंगानुपात है। डीएनओ कमल गुप्ता के मुताबिक 146 ग्राम पंचायतों का लिंगानुपात एक हजार से ऊपर है। जबकि 11 ग्राम पंचायतों में समान लिंगानुपात है। इसी तरह 59 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां संसेक्स 2011 के मुकाबले लिंगानुपात बढ़ा हुआ है, यानी यहां 854 से ऊपर 973 के आंकड़े हैं। निश्चित ही यह सुखद समाचार है कि जिले में बेटियों की संख्या में इजाफा हो रहा है और संभवत: आगामी जनगणना में जिला लिंगानुपात के मामले में सबसे आगे हो। 
टॉप टेन ग्राम पंचायतें
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सर्वाधिक लिंगानुपात वाली ग्राम पंचायतों में रायसिंहनगर की 71 आरबी (2222), पदमपुर की पांच केके (2200), गंंगानगर की चार जेड (2059), सादुलशहर की बहरामपुरा (2050), पदमपुर की 69 एलएनपी (2000), रायसिंहनगर की दस टीके (2000), गंगानगर की संगतपुरा (1889), रायसिंहनगर की 6/8 एलपीएम (1813), घड़साना की पांच पीएसडी (1800) व रायसिंहनगर की लखाहाकम (1789)शामिल है। वहीं श्रीकरणपुर की मोरा, घड़साना की दो केएम व सात एमएलडी, सादुलशहर की डंूगरसिंहपुरा व रोटांवाली, सूरतगढ़ की जानकीदासवाला, पदमपुर की एक पीएस, नरसिंहपुरा व रिड़मलसर, रायसिंहनगर की सावंतसर, अनूपगढ़ की सात एपीडी में लिंगानुपात बराबर है। 
वर्जन - 
‘‘वाकई में यह सुखद समाचार है कि हमारे जिले में बेटा-बेटी का भेद मिटता दिख रहा है और लिंगानुपात के विभिन्न सर्वे में आंकड़े सकारात्मक आ रहे हैं। निश्चित ही यह जागरुकता, विभाग द्वारा किए जा रहे डिकॉय ऑपरेशनों और सोनोग्राफी सेंटरों के मामले में राज्य सरकार की सख्ती के परिणाम हैं। भविष्य में भी यह परिणाम सकारात्मक रहे और लिंगानुपात समान हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।’’
ज्ञानाराम, जिला कलेक्टर, श्रीगंगानगर
‘‘स्वास्थ्य विभाग लिंगानुपात को समान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जागरुकता कार्यक्रमों के साथ ही डिकॉय ऑपरेशन एवं सख्ती ने खासा असर दिखाया है और अब हर सर्वे में लिंगानुपात बढ़त की ओर है। जल्द ही बेटी बचाओ अभियान को लेकर और अधिक जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्थानीय संगठनों व संस्थाओं से भी आहï्वान करेंगे कि इस अभियान में अपना योगदान दें।’’
डॉ. नरेश बंसल, सीएमएचओ, श्रीगंगानगर

सोमवार, 30 जनवरी 2017

शुरू हुआ स्पर्श कुष्ठ जागरुकता पखवाड़ा
-13 फरवरी तक चलेगा पखवाड़ा, पंचायत स्तर तक होंगे जागरुकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। कुष्ठ रोग के प्रति आमजन को जागरुक करने एवं कुष्ठ रोगियों को पूरी तरह से संबल व उपचार देने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरुकता पखवाड़ा शुरू किया गया है। सोमवार से शुरु हुआ यह पखवाड़ा आगामी 13 फरवरी को संपन्न होगा, इस दौरान पंचायत समिति स्तर से लेकर गांवों व ढाणियों में कुष्ठ रोग संबंधी संदेश पहुंचाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि पहले दिन विभिन्न पंचायत समितियों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय पर पखवाड़े के दौरान रैली निकाली जाएगी एवं प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिलास्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है, जबकि ब्लॉकस्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। अभियान के दौरान सोमवार को ग्राम सभाओं में कुष्ठ रोग संबंधी जागरुकता पैदा की गई। सभी ग्राम सभाओं में जिला कलेक्टर की ओर से कुष्ठ रोग संबंधी संदेश पहुंचाया गया। वहीं ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के कारण, पहचान एवं निवारण के बारे में बताया गया। इसी के साथ ही पखवाड़े के दौरान स्कूलों में कुष्ठ रोग संबंधी संदेश प्रार्थना सभा में दिया जाएगा। दो से 13 फरवरी के बीच एएनएम व आशाएं घर-घर जाकर कुष्ठ रोग से संबंधित सर्वे करेंगी। 
डरें नहीं कुष्ठ रोग से 
कुष्ठ रोग से नहीं डरें, बल्कि रोगी के साथ सहज व सामान्य व्यवहार करें। कुष्ठ रोगी के साथ उठना, बैठना, खाना-पीना, रोटी-बेटी व्यवहार सब सहज व सामान्य रुप से करें। कुष्ठ रोग का पूरी तरह से इलाज संभव है। इलाज में देरी से अपंगता हो सकती है। कुष्ठ रोग की दवा स्वास्थ्य केंद्र पर नि:शुल्क उपलब्ध है। अगर कुष्ठ का भय मिट जाएगा तो यह भी सामान्य रोग की तरह हो जाएगा। इसलिए जरुरी है कि हम सभी सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हुए आमजन को कुष्ठ रोग के प्रति न केवल जागरुक करें, बल्कि कुष्ठ रोगियों का सम्मान भी करें ताकि वे भी सामान्य जीवन जी सकें। 

छूट न जाए कोई बच्चा, जरूर पिलाएं पोलियो दवा - जिला कलेक्टर
-राष्ट्रीय पोलियो अभियान का आज आखिरी दिन, घर-घर पहुंचेंगी टीमें
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय पोलियो अभियान का आज आखिरी दिन है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें वंचित घरों में जाकर पोलियो रोधी दवा पिलाएगी। फिर भी यदि किसी का बच्चा पोलियो बूंद से वंचित रह गया है तो वह स्वास्थ्य विभाग को फोन कर सूचित कर सकता है। चंूंकि हमारा भारत पोलियो मुक्त हो चुका है, इसलिए हर बच्चे को पोलियो बूंद जरूर पिलाई जाएं। ये आहï्वान जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने करते हुए आमजन को इस राष्ट्रीय अभियान को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि पोलियो फिर से देश में पैर न पसारे इसके लिए हमें अभियान में व्यक्तिगत सहयोग देना चाहिए। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सोमवार को घर-घर जाकर पोलियो दवा पिलाई। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों व सुपरवाइजरों ने किए गए कार्यों का सर्वे कर अभियान की समीक्षा की। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि इस बार जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें पहले दिन रविवार को ही 72.02 फीसदी बच्चों को पोलियो दवा पिला दी गई। जबकि सोमवार को घर-घर जाकर दवा पिलाई गई और इसी तरह मंगलवार को भी विभागीय टीमें घरों में जाकर वंचित बच्चों को पोलियो दवा पिलाएंगी। सोमवार को शहरी क्षेत्र में प्रभारी डॉ. संजय राठी, सोहनलाल, राकेश कुमार, रविंद्र शर्मा, घनश्याम गिल्होत्रा, रमेश थन्नई, राजेंद्र अरोड़ा, राहुल मोयल, सुरेंद्र गोदारा व सुरेश भादू आदि ने सुपरविजन कर व्यवस्थाएं देखीं। इसी तरह ग्रामीण  क्षेत्र में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, डीपीएम विपुल गोयल सहित सभी बीसीएमओ व बीपीएम आदि ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विभागीय टीमें बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन आदि मुख्य स्थलों पर भी तैनात रहीं। वहीं झुग्गी झोंपडिय़ों व ईंट भटï्टा आदि पिछड़े क्षेत्रों में भी टीमों ने पोलियो दवा बच्चों को पिलाई। विभाग की ओर से 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है, जबकि 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं। पोलियो रोधी दवा से वंचित रहने पर आमजन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 2445071 पर एवं शहरी क्षेत्र के लिए मोबाइल नंबर 9460485072 पर सूचना दी जा सकती है।
अब पोलियो के लिए बाइवेलेंट वैक्सिन
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस बार ट्राइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सिन (टीओपीवी) की जगह पहली बार बाइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सिन (बीओपीवी) बच्चों को पिला रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर किए गए इस फेरबदल के बाद सभी सरकारी प्रतिरक्षण कार्यक्रम, निजी स्वास्थ्य  केंद्रों और नर्सिंग होम्स के लिए अनिवार्य होगा कि वह केवल बीओपीवी का ही उपयोग करें। शहरी क्षेत्र के प्रभारी डॉ. संजय राठी ने बताया कि भारत ने पोलियो का उन्मूलन कर एक एतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश में पोलियो का अंतिम केस 13 जनवरी 2011 को पाया गया था, जिसके बाद 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो से मुक्त देश घोषित किया गया। हालांकि पोलियो का भारत से उन्मूलन हो चुका है, लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस अब भी सक्रिय है, जिससे भारत में इसके दोबारा प्रवेश करने का खतरा रहता है। पोलियो के संभावित खतरे से निजात पाने के लिए यह आवश्यक है कि पोलियो दवा की मदद से रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाया जाए। भारत में पहले पोलियो उन्मूलन अभियान के अंतर्गत टीओपीवी का प्रयोग नियमित टीकाकरण में हो रहा था। यह तीन प्रकार के पोलियो वाइरस (टाइप 1, 2 व 3) के उन्मूलन के लिए है, अब जबकि सबसे खतरनाक पोलियो वायरस (टाइप-2) का दुनिया से उन्मूलन हो चुका है,  इसलिए टीओपीवी की जरूरत नहीं रह गयी है। 
एक बच्चा छूटा,सुरक्षा चक्र टूटा - जिला कलेक्टर
राष्ट्रीय पोलियो अभियान शुरू, कल डोर टू डोर जाएंगी टीमें 
श्रीगंगानगर। एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा। इसी थीम पर आज जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने राष्ट्रीय पोलियो अभियान की शुरुआत की। एल ब्लॉक हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुए इस अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल एवं आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने आमजन व विभागीय अधिकारियों को प्रेरित करते हुए का हर बच्चे को दो बूंद जिंदगी की मिले। अभियान के दौरान एक भी बच्चा न छूटे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि इस बार जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 हैं, जिन्हें शतप्रतिशत दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे। विभाग की ओर से 1200 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 23 मोबाइल और 41 ट्रांजिट बूथ भी कार्य करेंगे। वहीं  सोमवार को डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों व गतिविधियों की मोनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा विभाग के आलाधिकारी, बीसीएमओ सहित राज्यस्तरीय अधिकारी भी अभियान के दौरान मोनिटरिंग कर  व्यवस्था देखेंगे। इसी तरह अभियान में स्वास्थ्य विभाग के 1455,  आईसीडीएस के 2138, आयुर्वेद विभाग के 232, जेएमजे के 632 व 71 सामाजिक कार्यकर्ता बतौर वैक्सीनेटर कार्य करेंगे।


बुधवार, 25 जनवरी 2017

बेटियों के नाम फराहाया तिरंगा
-स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारी सम्मानित
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने गणतंत्र दिवस पर बेटियों के नाम तिरंगा फहराया। जिला स्वास्थ्य भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेटियों के नाम तिरंगा फहराने के साथ ही पौधारोपण किया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने ध्वजारोहण किया। जहां आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डॉ. रविकांत गोयल, डॉ. राजन गोकलानी, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएसी रायसिंह सहारण व अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। मंच संचालन अशोक बंसल ने किया। उत्कृष्ट कार्य करने पर बीसीएमओ डॉ. मुकेश मित्तल, एमओ डॉ. गोविंद राकावत, डॉ. सुनील बिश्रोई, डॉ. करण आर्य, डॉ. कमल किशोर, डॉ. ममता पारीक, प्रमिला, सुनीता, डॉ. सोनल, डॉ. शैलेंद्र, नीलम, मनीष, बीपीएम सतीश नरुला, सत्यप्रकाश, नानकराम, मेरी कुटï्टी, रामकुमार, नवदीप, पूनम योगी, आशा सहयोगिनी प्रेमवती, श्यामादेवी, नीतू गोयल, प्रवेश कुमारी, जगतनारायण छाबड़ा, मुकेश बागड़ी, डॉ. कमल गुप्ता, विजय चराया, अर्श बराड़, नीपेन शर्मा, प्रशांक शर्मा, अजय कुमार, सुदेश गर्ग, वाहन चालक मनफूल चौधरी, किरण, संगीता, रघुवीर, संजय, संदीप, भवानीदेवी, मनाली सुथार व मायावती को पुरस्कृत किया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में नशा मुक्ति एवं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना पर झांकी भी प्रदर्शित की गई।

मंगलवार, 24 जनवरी 2017

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ली स्वास्थ्य कार्मिकों ने शपथ

श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कार्मिकों ने ‘लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने’ की शपथ ली। सातवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, बीसीएमओ डॉ. राजन गोकलानी व डॉ. जयंतनाथ ने सभी अधिकारियों व कार्मिकों को शपथ दिलाई। इस मौके पर एएओ सुआलाल, डॉ. सुनील बिश्रोई, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डॉ. सोनिया, राकेश सचदेवा, नवल योगी, आस्था,  सत्यनारायण, अन्नु महेंद्रा, विजय चराया, महेंद्र बागड़ी, नीपेन कुमार, त्रिलोकेश्वर आदि मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों ने ‘‘हम, भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धम्र, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी की प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।’’ की शपथ दिलाई।


‘‘बेटियों से करो प्यार, न करो इनका तिरस्कार’’
-राष्ट्रीय बालिका दिवस पर हुए जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य विभाग ने बालिकाओं का किया सम्मान
श्रीगंगानगर। मंगलवार का दिन बेटियों के नाम रहा। पूरे दिन जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी खण्ड मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित हुए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करवा बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इसी तरह जिला मुख्यालय पर गोदारा कॉलेज, मटका चौक बालिका स्कूल, अरोड़वंश कॉलेज व स्कूल आदि में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभाग ने जहां बालिकाओं को बेटी बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलाई, वहीं उन्हें विभाग की ओर से चलाई जा रही बेटियों के लिए विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाया। 
अरोड़वंश स्कूल - 
‘‘बेटियां बढ़ेंगी और पढ़ेंगी तभी समाज व देश का विकास होगा। बेटियों के बिना न परिवार है, न समाज और न देश, इसलिए जरुरी है कि हम सभी बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और उन्हें जन्म के साथ ही शिक्षा का अधिकार भी दें। मैं आहïï्वान करता हूं कि बेटा-बेटी का भेद समाज से पूर्णत: समाप्त हो ताकि देश से कन्या भू्रण हत्या जैसा कलंक मिट सके।’’ ये विचार मंगलवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने रखे। वे राष्ट्रीय बालिका दिवस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और महिला अधिकारिता विभाग की ओर से अरोड़वंश स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि  बेटियों के साथ भेद करना, ईश्वर की रचना यानी कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने के समान है। इस मौके पर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने बालिकाओं, उनके परिजनों व अन्य जनसमूह को बेटी बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलाई। सीईओ विश्राण मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. दीपिका मोंगा, आईसीडीएस के विजय कुमार, पीआरओ सुरेश बिश्रोई, समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक वीपी चंदेल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह सहित स्कूल प्रिंसिपल सचिन कुक्कड़ मौजूद थे। सीईओ विश्राम मीणा ने कहा कि बेटियां समाज का आईना होती हैं और जैसा उनके साथ व्यवहार किया जाएगा समाज की संस्कृति व व्यवस्था भी कमोबेश वैसी ही होंगी। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी के बीच भेद करना मानसिक विकृता को दर्शाता है, क्योंकि वर्तमान में बेटे व बेटियों एक समान हैं। जब वे दाह संस्कार कर सकती हैं, जब वे प्लेन उड़ा सकती हैं तो उन्हें बराबरी का हक क्यों नहीं मिल सकता। जरुरी है कि सभी मिलकर भेदभाव के इस समस्या को जड़ से खत्म करें। कार्यक्रम के दौरान अरोड़वंश स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। वहीं वाद-विवाद प्रतियोगिता व पोस्टर प्रतियोगिता में विजेताओं को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम व अन्य अतिथियों ने पुरस्कृत किया। 

गोदारा कॉलेज
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी व पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. दीपिका मोंगा ने बालिकाओं को लैंगिक असमानता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों से प्यार करें, न कि उनका तिरस्कार। डॉ. मोंगा ने बेटियों के कई उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियों ने इतिहास में भी कई परचम फहराएं और भविष्य में भी वे सबसे आगे होंगी। अभियान प्रभारी रणदीपसिंह ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मुखबिर योजना, टोल फ्री नंबर 104 और बालिका सम्बल योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में बालिकाओं को अवगत करवाया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. सरबन सिंह ने बालिकाओं को परिवार, समाज व देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बेटियां अब परिवार की मुखिया के रुप में सामने आ रही हैं, जो एक सकारात्मक संदेश है। राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. सुनील बिश्रोई, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह, कॉलेज व्याख्याता डॉ. ऋचा कुक्कड़, डॉ. पूनम बजाज व आशा अरोड़ा ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आयोजित प्रसन्नोत्तरी प्रतियोगिता में माया, मनीषा भारद्वाज, पूजा, बिंदूरानी, प्रगति, ज्योति, लवप्रीत, प्रियंका, करमजीत, वंदना, पूजा वर्मा, ज्योति वर्मा, अंजू गोदारा, अजसाना, कांतारानी, प्रमिलादेवी, सिलोचना,  कमलेश, उर्मिला, शिल्पा, पुष्पा, प्राची, स्वाति व सुमन नागर को विभाग की ओर से प्रतीक चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। 
जिला अस्पताल - 
जिला अस्पताल में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिका शिशु प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जहां शहरी क्षेत्र की हष्ट-पुष्ट बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। विभाग ने यहां एक से पांच वर्ष तक की बालिकाओं की स्वास्थ्य प्रतियोगिता आयोजित की, जिनमें विजेताओं को खिलौने व अन्य सामान उपहार स्वरुप दिए गए। शिशु रोग इकाई के डॉ. राजेश अरोड़ा ने प्रतियोगिता में विजेता प्रथम रहीं विभा वर्मा, द्वितीय वंशिका योगी व तृतीय स्थान पर रही हरप्रीत कौर को पुरस्कृत किया। इस दौरान शहरी क्षेत्र की आशा सहयोगिनी, कार्यवाहक पीएमओ डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. निर्मल सैनी व यूनियन अध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने संबोधित किया। पीएमओ डॉ. गुप्ता ने सभी परिजनों को प्रेरित किया कि वे बालक-बालिका के बीच भेद न करें और बेटियों को भी वैसे ही पालें, जैसे बेटे का लालन-पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाएं और उन्हें शिक्षित करें ताकि वे आपका सहारा बन सके। इस मौके पर डॉ. राजेश अरोड़ा ने टीकाकरण सारणी, बालिकाओं के लिए सरकार की ओर से शुरु की गई योजनाओं आदि के बारे में जानकारी दी।

स्वास्थ्य केंद्र - 
विभाग की ओर से इसी तरह सभी खण्ड मुख्यालय, ग्राम पंचायतों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम करवाए गए। सभी सीएचसी पर बालिका शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित कर बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर कार्यक्रम में शिरकत की एवं कार्यक्रम की समीक्षा की।  

सोमवार, 23 जनवरी 2017

बोस की जयंती पर युवाओं ने किया रक्तदान
श्रीगंगानगर। नेता जी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित रक्तदान शिविरों में युवाओं ने उत्सापूर्वक भाग लिया। इस दौरान कॉलेज के युवा जहां नेता जी को लेकर आपस में चर्चा करते नजर आए, वहीं उन्होंने अध्यापकों एवं इंटरनेट के जरिए भी उनके बारे में विस्तार से जानकारी ली। विभाग की ओर से जिला मुख्यालय पर अम्बेडकर कॉलेज में रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें जिला अस्पताल की टीम शामिल हुई और एनएसएस व एनसीसी आदि के स्टूडेंट्स ने सहयोग किया। जयंती पर दो सौ से अधिक यूनिट रक्त संग्रहण किया गया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि अम्बेडकर कॉलेज में लगे रक्तदान शिविर में प्राचार्य रामचंद्र रैगर, उप प्राचार्य डॉ. रामसिंह, डॉ. अरुण सहरिया, डॉ. मनमोहन मित्तल, राम बिहारी शर्मा, रामचंद्र चौपड़ा, शैलेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार आदि ने अपनी सेवाएं दी। इसी तरह राजकीय कॉलेज सादुलशहर एवं पंजाब आर्युवैदिक कॉलेज मोरजण्डाखारी में पुरोहित ब्लड बैंक ने अपनी सेवाएं दी। सूरतगढ़ के राजकीय कॉलेज में स्वास्तिक ब्लड बैंक ने रक्त संग्रहण किया। उधर, नोहर के राजकीय कॉलेज में तपोवन ब्लड बैंक ने शिविर लगाया। सभी शिविरों ने युवाओं ने बढ़ चढक़र भाग लिया। इसी तरह अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत की ओर से जिलाध्यक्ष संदीप जाखड़ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर रक्तदान किया। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने सादुलशहर रक्तदान शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। 
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आज होंगे जागरुकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मंगलवार को जिलेभर में विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार बालिका योजनाओं को लेकर बेटियों को जानकारी दी जाएगी और लैंगिक असमानता व बेटी बचाओ अभियान को लेकर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बालिका शिशु स्वास्थ्य प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी, जहां उन्हें पुरस्कृत भी किया जाएगा। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि मंगलवार को बल्लूराम गोदारा गल्र्स कॉलेज में सुबह 11 बजे और अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज में दोपहर दो बजे व्याख्यान व प्रतियोगिताएं होंगी। दोनों कॉलेजों में बतौर अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपिका मोंगा मौजूद रहेंगी। खण्ड मुख्यालयों पर भी कॉलेजों में व्याख्यान व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक से पांच वर्ष तक की बालिकाओं की स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता होग। लैंगिक असमानता व्याख्यान सहित इस बार राजश्री योजना, बालिका सम्बल योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुखबिर योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कॉलेजों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भी इन्हीं से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे व विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कार दिए जाएंगे।
फर्ज निभाएं, बूथ पर आएं
- पोलियो अभियान 29 को, युवाओं से अपील बूथ तक लाएं बच्चों को
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय पोलियो अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 29 जनवरी को बच्चों को पोलियो दवा पिलाई जाएगी। अभियान के तहत जिले के करीब पौने दो लाख बच्चों को पोलियो दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं विभाग की कौशिश है कि इस बार आमजन इस अभियान में भागीदारी निभाएं और वे स्वयं अपने बच्चों को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। जिले में 1200 बूथ स्थापित होंगे और वहां आने वाले हर पांच वर्ष तक के बच्चे को दो बूंद जिंदगी की दी जाएगी। आरसीएचओ डॉ. असीजा ने बताया कि आमजन को हर संभव प्रयास कर इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भागीदारी निभानी चाहिए, क्योंकि यह भी किसी राष्ट्रभक्ति से कम का मामला नहीं है। यदि हम लापरवाह हुए तो पोलियो जैसा अभिशाप फिर से देश में फैल सकता है। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वह न केवल अपने बच्चों को पोलियो बूथ तक लेकर आए बल्कि अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे। उन्होंने खासकर युवाओं से अपील की कि वे इस बार अपनी भूमिका निभाएं और बच्चों को पोलियो बूथ तक लेकर आएं। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 हैं, जिन्हें शतप्रतिशत दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे। विभाग के 1200 बूथ सहित 23 मोबाइल टीम और 41 ट्रांजिट बूथ भी कार्य करेंगे। डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें रहेंगी। 

रविवार, 22 जनवरी 2017

‘‘तूम मेरे लिए खून दो’’
सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर आज होगा रक्तदान
श्रीगंगानगर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर सोमवार को रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। राजकीय कॉलेजों में आयोजित होने वाले इन शिविरों में सरकारी व गैर सरकारी ब्लड बैंक अपनी सेवाएं देंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल की टीम जिला मुख्यालय पर स्थित अम्बेडकर कॉलेज में रक्तदान शिविर लगाएगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि सुबह दस बजे से प्रारंभ होने वाले इस शिविर में युवाओं के साथ ही आमजन रक्तदान कर सकेंगे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक अम्बेडकर कॉलेज, श्रीगंगानगर में जिला अस्पताल व पुरोहित ब्लड बैंक की टीम अपनी सेवाएं देंगी। सूरतगढ़ राजकीय कॉलेज में स्वास्तिक ब्लड बैंक की टीम सेवाएं देंगी। वहीं सादुलशहर राजकीय कॉलेज में लगने वाले शिविर में पुरोहित ब्लड बैंक की टीम रक्त संग्रहण करेगी। इसी तरह नोहर राजकीय कॉलेज में स्थानीय तपोवन ब्लड बैंक की टीम अपनी सेवाएं देंगी। विभाग की ओर से आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा व अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश मेहत्ता टीम सहित रक्तदान शिविरों का निरीक्षण करेंगे। 


शनिवार, 21 जनवरी 2017

बालिका योजनाओं से रुबरु होंगी बेटियां
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित होंगे जागरुकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित होने वाले जागरुकता कार्यक्रमों में इस बार मुख्यत: बालिका योजनाओं को लेकर बेटियों को जानकारी दी जाएगी। वहीं लैंगिक असमानता व बेटी बचाओ अभियान को लेकर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलामुख्यालय सहित खण्डस्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे, जिनमें महिला एवं बाल विकास विभाग का भी सहयोग रहेगा।
कार्यवाहक सीएमएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि विभाग की ओर से 24 जनवरी को बल्लूराम गोदारा गल्र्स कॉलेज में सुबह 11 बजे और अरोड़वंश गल्र्स कॉलेज में दोपहर दो बजे व्याख्यान व प्रतियोगिताएं होंगी। इसी दिन सभी खण्ड मुख्यालयों पर व्याख्यान व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक से पांच वर्ष तक की बालिकाओं की स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता होगी, जिनमें विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौके पर ही पुरस्कृत किया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि इस बार बेटियों व आमजन को मुख्यत: राजश्री योजना, बालिका सम्बल योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मुखबिर योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कॉलेजों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भी इन्हीं से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे व विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कार दिए जाएंगे।

आरबीएसके से ‘नजर आई साफ तस्वीर’
चिन्हित बच्चों को पदमपुर बीसीएमओ ने दिए चश्मे
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से मासूमों के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत नित नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। कभी दिल की धडक़नें लौट रही हैं, कभी मुस्कान तो कभी जिंदगी की खूबसूरती। इस फेहरिस्त में अब नजरें भी जुड़ हैं। जी हां, अब उन मासूम बच्चों को चश्मे भी मिल रहे हैं, जिन्हें या तो आंखों के धुंधलेपन की जानकारी नहीं थी या आंखें धीरे-धीरे धुंधलाती जा रही थी लेकिन वे जांच नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे भी बच्चे सामने आए जिन्होंनेे निर्धनता के चलते आंखों की जांच नहीं करवाई, तो कई चश्मे नहीं ले पाए। ऐसे में आरबीएसके इनके लिए वरदान साबित हुआ। 
बीसीएमओ डॉ. मुकेश मित्तल और आरबीएसके टीम बच्चे व परिजनों के साथ
दरअसल, विभाग की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पदमपुर खण्ड में अनेक ऐसे बच्चे चिन्हित हुए जिन्हें आंखों से संबंधित बीमारी थी। इसके बाद खण्ड मुख्यालय पर लगाए शिविर में ऐसे 51 बच्चों को सूचीबद्ध किया गया, जिन्हें चश्मे की सख्त जरुरत थी। क्योंकि उनकी आंखें दिनों दिन धुंधलाती जा रही थी। इनमें से ज्यादातार बच्चे निर्धनता के चलते चश्मे नहीं खरीद पाए, लिहाजा बीसीएमओ डॉ. मुकेश मित्तल ने अपने स्तर पर संवेदनशीलता दिखाते हुए चश्मे वितरण करने का निर्णय लिया। उन्होंने आरबीएसके प्रभारी डॉ. भारत भूषण से संपर्क कर बच्चों को खण्ड पर पुन: बुलाया। जहां नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश भारद्वाज ने आंखों की नि:शुल्क जांच की और पहले दिन 26 बच्चों को नि:शुल्क चश्मे डॉ. मित्तल की ओर से दिए गए। शेष बच्चों की आंखें जांच व अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कर आज व कल चश्मे दिए जाएंगे। सीआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सभी बच्चों को आंगनबाड़ी व स्कूलों में आरबीएसके टीम में शामिल डॉ. जितेंद्र धायल, डॉ. अमनप्रीत कौर व डॉ. संदीप टाक ने चिन्हित किया। इसी तरह सूरतगढ़ बीसीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने एक निजी संस्था के जरिए और श्रीगंगानगर ब्लॉक में एक निजी हॉस्पीटल के सहयोग से चश्मे उपलब्ध करवाए गए। वहीं अन्य ब्लॉकों में भी जल्द ही आरबीएसके के तहत चिन्हित बच्चों को चश्मे उपलब्ध करवाए जाएंगे। 
वर्जन 
‘मेरी माँ अक्सर मुझे सदï्कर्म करने व जरुरतमंद की सहयोग करने के लिए प्रेरित करती हैं और संभवत: उन्हीं की प्रेरणा का नतीजा है कि मैं इस छोटे से कार्य में निमित मात्र बन पाया हूँ। वाकई में कई बच्चे ऐसे होते हैं, जिन्हें किताबों, चश्मों व अन्य वस्तुओं की जरुरत होती है जो हममें से कोई भी उपलब्ध करवा सकता है। बस, इरादे नेक होने चाहिए।’
डॉ. मुकेश मित्तल, बीसीएमओ, पदमपुर

शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

बेटियों के नाम हुआ पौधारोपण
जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्टूडेंट्स व आमजन रहे शामिल
श्रीगंगानगर।  बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला कलेक्टर ज्ञानाराम के आहï्वान पर शुक्रवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रीकरणपुर खण्ड में पौधारोपण करवाया गया। बेटियों के नाम लगाए गए इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी संबंधित परिजनों द्वारा ली गई। जन कल्याण पंचायत शिविर के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीकरणपुर पंचायत समिति प्रधान अमृतपाल कौर बराड़, उपखण्ड अधिकारी मुकेश बारेठ, नायब तहसीलदार मदनलाल लाहोरा, बीपीएम सुनील कुमार शर्मा, कैंप प्रभारी डॉ. संदीप बिश्रोई आदि मौजूद रहे।

बीपीएम सुनील कुमार ने बताया कि अभियान के शुक्रवार को गांव 50 एफ (रुपनगर) में आयोजित शिविर के दौरान पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में उपखण्ड अधिकारी मुकेश बारेठ ने राजश्री योजना के बारे में बताया विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने परिजनों को प्रेरित करते हुए आहï्वान किया कि वे गणतंत्र दिवस भी पौधारोपण करें ताकि बेटी बचाओ, पौधे लगाओ का व्यापक स्तर पर संदेश दिया जा सके। श्री बारेठ ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 56 डिकॉय ऑपरेशन किए जा चुके हैं और आमजन इस अभियान में सहयोग करे तो ऐसे कुकर्मी लोग कहीं भी पकड़े जा सकते हैं। उन्होंने आमजन को मुखबिर योजना के बारे में बताते हुए कहा कि कोई भी विभागीय टोल फ्री नंबर 104 पर शिकायत दर्ज करवा सकता है, जहां नाम भी पूर्णत: गुप्त रखा जाता है। 



स्वास्थ्य सूचकांक होंगे मजबूत, भारत सरकार रखेगी सीधी नजर 
-ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को लेकर राज्यस्तरीय अधिकारी दे रहे हैं प्रशिक्षण

श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं व सूचकांकों में जल्द ही वृहï्द स्तर पर सुधार होगा, जिसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉकस्तरीय अधिकारियों व कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चार दिवसीय प्रशिक्षण के बाद जल्द ही सभी सॉफ्टवेयर में न केवल सुधार होगा, बल्कि निचले स्तर की रिपोर्टिंग में भी सुधार लाया जाएगा। इसके बाद तैयार होने वाले डाटा यानी कि स्वास्थ्य सूचकांकों के आधार पर भारत सरकार संबंधित राज्य व जिलों को बजट देगी। जिला स्वास्थ्य भवन में 19 से 22 जनवरी तक आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यस्तरीय अधिकारी अशोक दत्त व अयूब कुरेशी सहित डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता, डीपीएम विपुल गोयल व डीएसी रायसिंह सहारण प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के दौरान आशा साफ्ट, ओजस सॉफ्टवेयर, पीसीटीएस, ई-उपकरण, ई-साधन व एचआईएमएस आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। मुख्यत: डाटा गेप को कम करने सहित विभिन्न सुविधाओं के साथ आधार नंबर, भामाशाह आईडी, बैंक खाता संख्या, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर आदि जोडऩे पर चर्चा की जा रही है। इसके साथ ही डाटा क्वालिटी में सुधार को लेकर भी कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि न केवल डाटा की एंट्री हो बल्कि सही व तथ्यात्मक डाटा ही अपलोड किए जा सकें। प्रशिक्षण में बीसीएमओ, बीपीएम व डाटा एंट्री ऑपरेटर सम्मिलित हैं, जिन्हें अपने कार्य के साथ ही मोनिटरिंग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। इसी तरह एमसीटीएस में एएनएम व आशाओं से जुड़े इश्यूज पर चर्चा की जा रही है। डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि ई-उपकरण को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है, क्योंकि इसी के जरिए स्वास्थ्य संस्थाओं में रखे सभी उपयोगी व अनउपयोगी उपकरणों की स्थिति सामने आएगी। वहीं जब भी कोई उपकरण खराब होगा तो तुरंत प्रभाव से शिकायत के साथ ही संबंधित कंपनी उसे दुरुस्त करवाएगी। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल एकेडमी, किलकारी आदि पर भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद जल्द ही जिलास्तर से विस्तृत मोनिटरिंग कर डाटा संधारित करवाए जाएंगे, जो किए जा रहे हैं उनकी मोनिटरिंग की जाएगी। जैसे ही डाटा भारत सरकार के पास पहुंचेंगे, वहां हेल्थ इंडेक्स तैयार होंगे और भविष्य में इसी आधार पर संबंधित राज्य व जिले के लिए बजट व योजनाएं तैयार होंगी।

मंगलवार, 17 जनवरी 2017

पौने दो लाख बच्चे गटकेंगे ‘दो बून्द जिंदगी की’
पोलिया अभियान 29 जनवरी को, बनेंगे 1200 बूथ
श्रीगंगानगर। पोलियो जैसा अभिशाप फिर से देश में न फैले इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आगामी 29 जनवरी को बच्चों को पोलियो दवा पिलाएगा। राष्ट्रीय अभियान के तहत इस दिन जिले में 1200 बूथ स्थापित होंगे और वहां आने वाले हर पांच वर्ष तक के बच्चे को दो बूंद जिंदगी की दी जाएगी। अभियान को लेकर प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण हो चुकी है और बुधवार को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में फाइनल एवं महत्वपूर्ण बैठक होगी। जल्द ही विभाग की ओर से सभी स्वास्थ्य केंद्रों तक वैक्सीनेशन एवं अन्य सामग्री पहुंचा दी जाएगी। मंगलवार को भी अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने डीपीएम विपुल गोयल, डीएसी रायसिंह सहारण, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, गगनदीप सिंह आदि के साथ समीक्षा बैठक की।
आरसीएचओ डॉ. असीजा ने बताया कि इस बार जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों की संख्या दो लाख 89 हजार आठ सौ 23 हैं, जिन्हें शतप्रतिशत दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की ओर से 2838 गांव व ढाणियों सहित 10 शहरी क्षेत्रों को माइक्रोप्लान में शामिल किया गया है। वहीं 412 ईंट भटï्टे और अन्य 476 हाई रिस्क क्षेत्र भी चिन्हित किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि विभाग की ओर से 1200 बूथ स्थापित किए गए हैं, जबकि 23 मोबाइल और 41 ट्रांजिट बूथ भी कार्य करेंगे। वहीं डोर टू डोर दवा पिलाने के लिए 2264 टीमें रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के 186, आईसीडीएस के 18, आयुर्वेद विभाग के 10 एवं अन्य विभागों के छह पर्यवेक्षक टीमों व गतिविधियों की मोनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा विभाग के आलाधिकारी, बीसीएमओ सहित राज्यस्तरीय अधिकारी भी अभियान के दौरान मोनिटरिंग कर व्यवस्था देखेंगे। इसी तरह अभियान में स्वास्थ्य विभाग के 1455, आईसीडीएस के 2138, आयुर्वेद विभाग के 232, जेएमजे के 632 व 71 सामाजिक कार्यकर्ता बतौर वैक्सीनेटर कार्य करेंगे।

बुधवार, 11 जनवरी 2017

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा से लाभान्वित हुए हजारों मरीज
-साढ़े 11 करोड़ के साढ़े 24 हजार पैकेज बुक, जिले में जुड़े 29 निजी हॉस्पीटल
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना परवान है। योजना के जरिए लाभार्थी मरीज लगातार लाभान्वित हो रहे हैं और वर्तमान में करीब 24 हजार से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। संबंधित बीमा कंपनी की ओर से जिले के सरकारी व निजी चिकित्सालयों को अब तक सवा आठ करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 11.33 करोड़ रुपए के
पैकेज बुक किए जा चुके हैं। जिनका शीघ्र ही स्वीकृत होकर भुगतान किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक जिले में 13 राजकीय चिकित्सालय योजना के तहत अधिकृत है, जबकि 29 नए निजी हॉस्पीटल भी जुड़ चुके हैं। 
डॉ. बंसल ने बताया कि योजना के तहत सामान्य बीमारियों के लिए 30 हजार रुपए और गंभीर बीमारियों के लिए तीन लाख रुपए तक का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर स्थित आस्था किडनी केयर, आदर्श नर्सिंग होम, बहल हॉस्पीटल, आंचल हॉस्पीटल, जुबिन मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पीटल, मेक्सकेयर हॉस्पीटल, नयन मंदिर आई हॉस्पीटल, पेड़ीवाल नर्सिंग होम, टांटिया जनरल हॉस्पीटल, गौड़ हॉस्पीटल, आदित्य नर्सिंग होम, अर्पण हॉस्पीटल, नागपाल किडनी केयर, लालगढिय़ा हॉस्पीटल, तपोवन संस्थान, श्री जगदम्बा चेरीटेबल आई हॉस्प्ीटल, श्री बाला जी हॉस्पीटल, रिणवां ओर्थोपेडिक हॉस्पीटल, सिहाग हॉस्पीटल, महाराज अग्रसेन हॉस्पीटल, दिवोज हॉस्पीटल, सत्यम हॉस्पीटल, श्री ओम सांई हॉस्पीटल, थरेजा हॉस्पीटल, एंजेल हॉस्पीटल, एवं बंसल सुपरस्पेशलिटी हॉस्पीटल योजना से जुड़े हैं। श्रीकरणपुर का बेनीवाल हॉस्पीटल, घड़साना का शांति नर्सिंग होम व रायसिंहनगर का अग्रवाल हॉस्पीटल भी योजना के तहत बेहतर कार्य कर रहा है। इसी तरह जिला चिकित्सालय सहित अन्य 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर योजना का लाभ मिल रहा है। योजना का लाभ केवल भर्ती होने वाले मरीजों को ही दिया जा रहा है, अन्य ओपीडी मरीजों को पूर्व की भांति मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत लाभ मिल रहा है। योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को दिया जा रहा है। मरीज व परिजनों को चाहिए कि वे जब भी हॉस्पीटल जाएं अपना भामाशाह कार्ड एवं पहचान पत्र साथ अवश्य ले जाएं ताकि लाभ मिलने में कोई परेशानी न हो। योजना के संबंध में किसी भी तरह की शिकायत के संबंध में नोडल प्रभारी अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को की जा सकती है।

सोमवार, 9 जनवरी 2017

बेटी के जन्म पर नर्सेज ने मनाई खुशी
-लगाए पौधे, बांटी मिठाई, ली शपथ, बेटी जन्म पर हर कार्मिक मनाएगा खुशी

श्रीगंगानगर। बेटियों के साथ भेदभाव करना किसी अपराध से कम नहीं है। इनके साथ भेदभाव करना देशद्रोह के बराबर है, क्योंकि बेटियां समाज में अहम भूमिका निभाती हैं। यह विचार सोमवार को सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने व्यक्त किए। वे जिला अस्पताल में नर्सिंग यूनियन की ओर से बेटी के जन्म पर आयोजित ‘बिटिया आई, खुशियां लाई’ समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने कहा कि बेटियां से नहीं, लोग सामाजिक कूरीतियां से डरते हैं, इसलिए समाजिक बुराईयां व कूरीतियां को समाप्त करने महत्ती आवश्यकता है। इस मौके पर डिप्टी कंट्रोलर डॉ. पे्रेम बजाज, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, नर्सिंग यूनियन के जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा, नर्सिंग अधीक्षक कुलजीत कौर, नर्सिंग प्रभारी रामेश्वरलाल नेहरा, चरणजीत कौर, दलीप गोदारा, सुरेंद्र गोदारा, सुखमेहंदर सिंह, महेश गोयल, सत्यपाल लखेसर, पिलाश बिश्रोई सहित अन्य स्टाफ व नर्सिंग स्टूडेंटï्स मौजूद रहे। 

कार्यक्रम के दौरान जिला अस्पताल के नर्स द्वितीय गुरुप्रेम सिंह की धर्मपत्नी प्रभजोत कौर के बिटिया जन्म पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई गई। वहीं गुरुप्रेम सिंह सहित अधिकारियों ने जिला अस्पताल में पौधारोपण किया। इस मौके पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल व जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा ने कार्यक्रम में मौजूद नर्सिंग स्टूडेंïटï्स, अधिकारियों व कर्मचारियों को बेटी बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलाई। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने कार्मिकों से आह््वान किया कि  वे बेटी बचाओ के तहत आमजन को विभाग के टोल फ्री नंबर 104 के बारे में बताएं कि भू्रण लिंग जांच व कन्या भू्रण हत्या संबंधी शिकायत इस नंबर पर करें। इसके अलावा मुखबिर योजना के बारे में आमजन को भी जागरूक करें ताकि कन्या भू्रण हत्या व भू्रण लिंग जांच करने जैसा घिनौना अपराध करने वाले लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी व पीसीपीएनडीटी अनुभाग की ओर से जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को बेटी बचाओ अभियान के साथ जोड़ा जा रहा है। वहीं समाज में बेटा-बेटी के बीच व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। 



शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

अब बेटियां खेलेंगी क्रिकेट
-बेटी बचाओ अभियान के तहत बनेगी कन्या क्रिकेट एकेडमी, जिला क्रिकेट संघ ने की घोषणा
-बेटी के जन्म पर युवा क्रिकेटरों ने मनाई खुशी, बांटी मिठाई, बजाया ढोल
श्रीगंगानगर। बेटियों को हर क्षेत्र में बराबरी का हक दिलाने में जुटे श्रीगंगानगर में एक और नया आयाम स्थापित होने जा रहा है। यहां की बेटियां अब किके्रट खेल सकेंगी और उनके लिए बकायदा कन्या क्रिकेट एकेडमी खोली जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार को एसके बिहाणी क्रिकेट एकेमडी में आयोजित एक सादा समारोह में लेते हुए जिला सचिव विनोद सहारण ने इसकी घोषणा की। दरअसल, यहां राजस्थान खिलाड़ी भैराराम की भतीजी के जन्म की खुशी में कार्यक्रम रखा गया और सभी क्रिकेटरों को बेटी बचाओ अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के आईईसी अनुभाग की ओर से कन्या भू्रण रोकने व बेटा-बेटी समानता की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर संघ सचिव विनोद सहारण, कोच धीरज शर्मा, रणजी खिलाड़ी अजय कुकणा, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, कर्मचारी नेता अनिल सहारण, नर्सिंग यूनियन के जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा, प्रवीण गौड़, भूप कुकणा व ईश्वरराम गेदर आदि मौजूद रहे। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव विनोद सहारण ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के बेटी बचाओ अभियान से प्रेरित होकर गांव पांच ई नाइयांवाली निवासी श्रवण कुमार ने अपनी बेटी के जन्म पर न केवल मिठाई बांटकर खुशी मनाई, बल्कि जन्म पर थाली बजाकर रूढ़ीवादी परंपरा को तोडऩे का सार्थक प्रयास किया। परिजनों ने बकायदा खुशी मनाते पटाखे बजाए व आतिशबाजी भी की। नन्हीं बेटी को ढोल व थाली बजाते हुए हॉस्पीटल से घर लेकर आए। उन्होंने बेटी का नाम दिव्यांशी रखा है। संघ ने इसी मौके पर निर्णय लिया कि बेटी बचाओ अभियान में योगदान देते हुए जिला मुख्यालय पर दिव्यांशी क्रिकेट एकेडमी खोली जाएगी ताकि बेटियां भी बेटों के बराबर क्रिकेट खेल सके और वे भी समाज में खुद को स्थापित कर सके। क्योंकि आज बेटियां किसी से कम नहीं है और वे भी समाज में बराबरी की हकदार हैं। एकेडमी के कोच धर्मवीर देहडान होंगे और यहां बेटियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में विभाग की ओर से विनोद बिश्रोई व रवींद्र शर्मा ने सभी युवा क्रिकेटरों को बेटी बचाओ अभियान के तहत शपथ दिलाई। संघ सचिव विनोद सहारण ने आमजन से अपील की कि वे भी विभाग का साथ देते हुए इस तरह के आयोजन निरंतर करवाएं ताकि बेटी बचाओ अभियान पूर्णत: सफल हो सके व बेटियों का बचाया व पढ़ाया जा सके। 
गुजरात से पंजाब तक ‘बेटी बचाओ’ का संदेश
-बॉर्डर एरिया पर निकली सद्भावना यात्रा पहुंची गंगानगर, हिंदुमलकोट में स्वागत
श्रीगंगानगर। गुजरात से पंजाब तक बॉर्डर एरिया में बेटी बचाओ और स्वच्छ भारत मिशन का संदेश देने निकली सद्भावना यात्रा बुधवार को हिंदुमलकोट बॉर्डर पर पहुंची। जहां यात्रा में शामिल सदस्यों का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आईईसी अनुभाग और बीएसएफ की ओर से स्वागत किया गया। इस दौरान सदस्यों ने बेटी बचाओ व स्वच्छ भारत मिशन को लेकर शपथ ली। वहीं बॉर्डर एरिया पर स्थापित की राज्य की हिंदुमलकोट आदर्श पीएचसी का भी अवलोकन किया। इससे पहले टीम सतराणा बॉर्डर पहुंची, जहां 16वीं बीएसएफ वाहिनी के जवानों को बेटी बचाओ अभियान पर तैयार फिल्म दिखाई गई। सदï्भावना यात्रा के टीम प्रभारी मदन बारुपाल ने बताया कि गुजरात के कोटेश्वर से 31 दिसंबर 2016 को प्रारंभ की गई यात्रा पंजाब के वाघा बॉर्डर तक जाएगी। 
हिंदुमलकोट बॉर्डर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए टीम सदस्य अशोक राजपुरोहित ने कहा कि गुजराज से लेकर पंजाब तक बेटी बचाओ अभियान का संदेश देना समय की जरूरत है ताकि बेटियों को बचाया जा सके। क्योंकि भू्रण हत्या के मामले में तीनों ही राज्य खासे कलंकित हो चुके हैं लेकिन अब हालात में सुधार है। चिकित्सा विभाग के मिशन निदेशक नवीन जैन लगातार डिकॉय ऑपरेशन के जरिए तीनों राज्यों में कार्रवाई कर चुके हैं। प्रवीण बोथरा ने कहा कि समाज के हर तबके को चाहिए कि वे इस सामाजिक मुहिम में अपनी भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम में सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, डीएसी रायसिंह सहारण, पीएचसी के राकेश कुमार शिब्बू, नवल किशोर व सिंकदर सहित यात्रा में शामिल अन्य सदस्यों ने संबोधित किया। टीम में मदन बारुपाल, अशोक राजपुरोहित, विजय कुमार, प्रवीण बोथरा, ठाकराराम, दीपक जौलिया, मोहनलाल, मगा पर्वत, पप्पू कुमार, जसंवत सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। स्वागत कार्यक्रम के दौरान जहां विभाग ने सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया, वहीं यात्रा सदस्यों ने आयोजकों का राजस्थान की पहचान साफा पहनाकर मान बढ़ाया गया। 
जय जवान, बेटी पर अभियान
हिंदुमलकोट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईईसी अनुभाग की ओर से ‘जय जवान, बेटी पर अभियान’ नारा देते हुए आगामी दिनों में हिंदुमलकोट में विभाग व बीएसएफ के संयुक्त तत्वावधान में बेटी बचाओ जागरूकता रैली निकालने का निर्णय लिया गया। सदï्भावना यात्रा में शामिल सदस्यों ने भी शपथ ली कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जाकर अभियान को सुदृढ़ करने में अहम योगदान देंगे। उल्लेखनीय है कि जागरूकता कार्यक्रमों की बदौलत जिले में लगातार लिंगानुपात में इजाफा हो रहा है। पीसीटीएस आंकड़ों के मुताबिक जिले का बाल लिंगानुपात 940 पहुंच गया है। 

बुधवार, 4 जनवरी 2017

नियमित टीकाकरण में शामिल होगा रोटा वायरस वैक्सीन
-राज्यस्तरीय टीम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग एक और वैक्सीन को नियमित टीकाकरण में शामिल करेगा। बच्चों को दी जाने वाली इस वैक्सीन की बूंदे गुलाबी रंग की होगी, जो छह, 10 व 14 सप्ताह की आयु में पांच-पांच बूंद के रूप में दिया जाएगा। इस संबंध में आज जिला मुख्यालय पर सभी बीसीएमओ व सीएचसी प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, प्रोजेक्ट ऑफिसर अश्विनी नागर, बीकानेर से ललित रंगा, एसएमओ डॉ. मंजूलता शर्मा, डॉ. दीपिका मोंगा, डॉ. राजेश अरोड़ा, डीएएम सतीश गुप्ता, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। प्रशिक्षक जॉन स्नो इण्डिया के स्टेट टैक्नीकल ऑफिसर लोकेश शर्मा ने रोटा वायरस वैक्सीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आगामी मार्च माह से दस्त रोग प्रतिरक्षक रोटा वायरस टीका शामिल कर बच्चों को यह वैक्सीन लगाना प्रारम्भ किया जाएगा। रोटा वायरस वैक्सीन की 5 गुलाबी रंग की बूंदें 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में नियमित टीकाकरण के साथ पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि रोटा वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है। यह बच्चों में दस्त उत्पन्न करने का सबसे बड़ा कारक है। इसके कारण बच्चे को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ सकता है एवं इलाज के अभाव में उसकी मृत्यु भी हो सकती है। इसकी शुरुआत हल्के दस्त से हो सकती है तथा यह गम्भीर रूप भी ले सकता है। पर्याप्त इलाज ना मिलने के कारण बच्चे के शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। आरसीएचओ डॉ. असीजा के अनुसार मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर के नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों से इनमें कमी दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों की अकाल मृत्यु में दस्त भी मुख्य कारण है, जिसको मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार ने रोटा वायरस वैक्सीन को टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश, उड़ीसा, हरियाणा एवं आंध्रप्रदेश में यह वैक्सीन नियमित टीकाकरण में शामिल है। 
मीठा होगा स्वाद, कम होगी शिशु मृत्यु दर
देश में पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु दर में से 13 प्रतिशत बच्चों की डायरिया से मौत होती है एवं 40 प्रतिशत बच्चों को दस्त होने के कारण चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार की आवश्यकता होती है। डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि विश्वभर में 81 देशों में पहले से पूर्ण सुरक्षित एवं मीठे स्वाद वाला यह रोटा वायरस वैक्सीन बच्चों को लगाया जाता है। आगामी मार्च माह से प्रदेश में भी समस्त बच्चों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार लगाने प्रारम्भ हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक वैक्सीन वायल में 10 खुराकें होंगी एवं इनका वायल खोलने के बाद अधिकतम चार घण्टे तक ही उपयोग किया जा सकेगा। इन्हें 2 डिग्री से 8 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर सतर्कतापूर्वक रखना चाहिए। 

मंगलवार, 3 जनवरी 2017

पुरानी आबादी में लगा स्वास्थ्य शिविर
-स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांचा बाल स्वास्थ्य, दो रैफर

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत मंगलवार को शहरी क्षेत्र में जागरूकता व स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया। इस दौरान विभाग की दोनों टीमों ने पुरानी आबादी के वार्ड नंबर दो, तीन व चार में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य जांचा और उन्हें उपचार मुहैया करवाया। वहीं टीमों ने आमजन का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आरबीएसके टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान दो बच्चों को हृदï्य संबंधी बीमारी की जांच के लिए नि:शुल्क इकोकॉर्डियोग्राफी के लिए रैफर किया। सामुदायिक भवन में आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की डॉ. एकता, डॉ. वाटिका, डॉ. पवन, डॉ. अमित, डॉ. शैलेंद्र, डॉ. सोनल, डॉ. प्रदीप, डॉ. पूर्णिमा, एनयूएचएम के आशीष व सविंद्र ने अपनी सेवाएं दी। वहीं निजी चिकित्सक ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. ओपी गोयल, सुरेंद्रा डेंटल कॉलेज की टीम और जुबिन नर्सिंग होम से डॉ. दर्शन आहूजा ने भी शिविर में अपनी सेवाएं दी। विभाग की ओर से अरबन पीएचसी प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा, आरबीएसके सहप्रभारी डॉ. भारत भूषण व एनयूएचएम प्रभारी नकूल शेखावत ने शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में आरबीएसके शिविर लगाए जाने प्रारंभ किए हैं। वहीं विभाग की मोबाइल टीमें राजकीय स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर 19 वर्ष आयु तक के बच्चों की नि:शुल्क जांच कर रही है। चिन्हित बच्चों का विभाग की ओर से नि:शुल्क उपचार भी करवाया जा रहा है। मंगलवार दोपहर तक दंत संबंधी 33, ईएनटी के 26 और सामान्य 163 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। 

कैंसर शिविर बुधवार को
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला अस्पताल में बुधवार को नि:शुल्क कैंसर जांच शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान शिविर में कैंसर के संभावति मरीजों की जांच की जाएगी। शिविर में कैंसर के प्रशिक्षित चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। वहीं मेमोग्राफी जांच की आवश्यकता होने पर विभाग की ओर से नि:शुल्क मेमोग्राफी भी निजी सहभागिता स्कीम के तहत करवाई जाएगी। कार्यवाहक सीएमएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि आमजन को चाहिए कि उन्हें कैंसर की आशंका हो या किसी तरह की समस्या नजर आ रही हों तो जांच अवश्य करवानी चाहिए। शिविर हर माह के प्रथम बुधवार को जिला अस्पताल में लगाया जा रहा है।