शनिवार, 31 दिसंबर 2016

नई सुबह, नई भोर . . . नई उम्मीद की ‘अनुरीत कौर’
-आरबीएसके ने लौटाई अनुरीत की धडक़नें, राज्य का सबसे महंगा ऑपरेशन हमारी लाडली का
श्रीगंगानगर। नई भोर, नई सुबह के साथ आज से हम सभी नव वर्ष की शुरुआत कर रहे हैं, वहीं हमारे जिले की एक बेटी ऐसी भी है जो आज से नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रही है। उम्मीद और विश्वास की नई किरण दिखाने वाली श्रीकरणपुर के कुरेशिया निवासी ये अनुरीत कौर हैं, जिसका सहारा बना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत न केवल अनुरीत को आज से नई जिंदगी मिली है बल्कि जयपुर के उच्च चिकित्सा संस्थान में हुए उपचार में विभाग का यह अब तक सर्वाधिक महंगा ऑपरेशन हुआ है, जिसका भुगतान पूर्णत: स्वास्थ्य विभाग करेगा। चौदह वर्षीय मासूम कौर को नई जिंदगी दिलाने में खेवनहार बने एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन, जिन्होंने यह पैकेज स्वीकृत किया और आरबीएसके टीम के वे चिकित्सक जिन्होंने इस लाडली की बीमारी को पहचाना एवं लगातार फॉलोअप कर उपचार करवाने में परिजनों को आवश्यक सहयोग व संबल दिया।
असल में यह कहानी है राजपाल कौर की, जो अनुरीत की मां है। वे अपने आस-पास के घरों व खेतों में काम कर अपना व पूरे परिवार का जीवन बसर कर रही हैं। राजपाल के पति यानी अनु के पिता वकीलसिंह खुद बीमार हैं, लिहाजा वे काम करने में अक्षम हैं। फिर भी राजपाल ने अनु को स्कूल में दाखिला दिलाया और वो भी लगन के साथ आठवीं कक्षा में अध्यनरत हैं। संभवत: स्कूल में पढऩा ही अनु के लिए मुफीद साबित हुआ, क्योंकि स्कूल में पहुंची आरबीएसके टीम के चिकित्सक डॉ. एकता शर्मा व डॉ. अभिषेक ने अनु की बीमारी को पहचाना। उन्हें बताया गया कि अनु अक्सर थक जाती हैं, उसका सांस फूल जाता है और बार-बार सर्दी-जुकाम होता है। चिकित्सकों ने बिना देर किए अनु को संभावित हृदï्य रोगी मानते हुए जिला अस्पताल में रैफर किया, जहां सहप्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बच्ची की सुध लेते हुए उसकी आस्था हॉस्पीटल में नि:शुल्क इकोकार्डियोग्राफी करवाई। पुष्टि होने पर उसे जयपुर के नारायणा हॉस्पीटल में ऑपरेशन के लिए भेजा गया। जहां जांच में सामने आया कि अनु को एक नहीं बल्कि हृदï्य संबंधी दो-दो बीमारी (फेलोट्स टेट्रोलॉजिी सिंड्रोम एवं मिट्रल वॉल्व खराबी)है। हालंाकि विभाग द्वारा हॉस्पीटल को एक पैकेज के तहत ही इलाज अधिकृत है, लिहाजा स्वीकृति के लिए मिशन निदेशक नवीन जैन से वार्ता की गई, जिन्होंने तुरंत प्रभाव से इसे स्वीकृत कर बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। आखिरकार, हमारी लाडली का न केवल सफल ऑपरेशन हुआ बल्कि उपचार, नई सुबह, नई मुस्कान के साथ अनु को साल के पहले दिन रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक जिले में अब तक 110 बच्चों में हृदï्य रोग की पुष्टि हो चुकी है और विभाग ने अनुरीत सहित 18 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवा सफल उपचार करवाया है। 
वर्जन - 
‘‘मिशन निदेशक नवीन जैन, आरबीएसके टीम व चिकित्सकों की बदौलत अनु का नई जिंदगी मिली है। पूरी टीम बधाई की पात्र हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में ऐसे जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क उपचार मुहैया करवाया जाए। भगवान अनु को लंबी आयु दे।’’
डॉ. नरेश बंसल, सीएमएचओ 
‘‘आरबीएसके टीम के बेहतर व संवदेनशील कार्यशैली की बदौलत आज किसी बेटी के चेहरे पर मुस्कान लौटाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है, क्योंकि अनुरीत कौर का परिवार बेहद निर्धन है जो संभवत: इस बीमारी का इतने बड़े हॉस्पीटल में कभी इलाज नहीं करवा पाता।’’
डॉ. वीपी असीजा, आरबीएसके प्रभारी

गुरुवार, 29 दिसंबर 2016

 हृदय हुआ कमजोर, हर माह मिल रहे 20 पीडि़त मासूम
-स्वास्थ्य विभाग कर रहा है चिन्हित, आरबीएसके में हो रहा नि:शुल्क उपचार

श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों व राजकीय स्कूलों में किए जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। परीक्षण में 19 वर्ष आयु तक के बच्चों का स्वास्थ्य जांच कर विभिन्न बीमारियों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क उपचार करवाया जा रहा है। गंभीर तथ्य ये है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 11 जुलाई 2016 से प्रारंभ किए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अब तक 110 बच्चे हृदय रोग से पीडि़त मिले हैं, जो जन्म से 19 वर्ष आयु तक के हैं। बहरहाल, विभाग पूरी शिदï्दत के साथ न केवल इनका चिन्हिकरण कर रहा है, बल्कि नि:शुल्क जांच के साथ ही नि:शुल्क उपचार भी करवा रहा है। अब तक बड़े ऑपरेशनों सहित 20 बच्चों का नि:शुल्क इलाज करवाया जा चुका है और शेष बच्चे विभागीय फेहरिस्त में शामिल हैं। 

आरबीएसके प्रभारी डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गुरुवार को भी जिला चिकित्सालय में हृदय दिवस मनाया गया, जो हर माह की 29 तारीख में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को जिला अस्पताल में आरबीएसके टीमों ने संभावित हृदय रोग के 41 बच्चों को जांचा। आरबीएसके सहप्रभारी डॉ. भारत भूषण के नेतृत्व में डॉ. एकता शर्मा, डॉ. अमित, पलविंद्र कौर व जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय राठी ने यहां अपनी सेवाएं दी। इसके बाद चिन्हित बच्चों की स्थानीय आस्था हॉस्पीटल में डॉ. प्रेम मित्तल ने नि:शुल्क इको कार्डियोग्राफी की, जिनमें से 27 बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि हुई। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक विभाग अब प्राथमिकता के आधार पर इन बच्चों का जयपुर स्थित उच्च चिकित्सा संस्थानों में ऑपरेशन करवा उपचार करवाएगा। विभाग ने अब तक 17 बच्चों का ऑपरेशन और तीन बच्चों को दवाओं व अन्य ट्रीटमेंट के जरिए राहत दी है। यही नहीं विभाग बच्चों के ऑपरेशन व उपचार के बाद भी लगातार फॉलोअप कर रहा है ताकि मासूम सामान्य जीवन यापन कर सके।
कई हैं कारण, खुद के हाथ है निवारण
डॉ. भारत भूषण बताते हैं कि बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियां अक्सर परिजनों की सामान्य अनदेखी व लापरवाही से होती हैं। गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर की सलाह के बिना या नीम-हकीम व झोलाझापों से दवा लेेना काफी गंभीर हो सकता है, इसलिए इस मामले में पूरी गंभीरता बरती जानी चाहिए। प्राय: देखने में आता है कि एक या दो बच्चे के बाद गर्भवती महिला के पोषण का ख्याल नहीं रखा, कुछेक मामलों में तो पहले बच्चे पर भी नहीं। जो कहीं न कहीं गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक विकास पर प्रतिकूल असर डालता है, इसलिए खान-पान व बेहतर पोषण पर ध्यान देना चाहिए। पर्यावरण संबंधी कारण भी हो सकते हैं, लिहाजा गर्भवती को साफ सुधरी व खुली हवा और अच्छे पर्यावरण में रखा जाना चाहिए। धूम्रपान बच्चे के हृदï्य रोग का सबसे बड़ा कारण है। यदि गर्भवती स्वयं या उसके आस-पास कोई भी धूम्रपान करता है तो उसके धूएं से गर्भ में पल रहे बच्चे पर खासा विपरीत असर पड़ता है। वहीं टीकाकरण भी एक प्रमुख कारण है। दरसअल, महिलाओं को संपूर्ण टीकाकरण करवाना चाहिए ताकि वे स्वस्थ शिशु को जन्म दे सके। परिजनों को चाहिए कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती की संपूर्ण जांचे करवाएं। हालांकि कुछेक मामलों में आणुवांशिक कारण भी हो सकते हैं, लेकिन इनकी संख्या काफी कम होती है।


बुधवार, 28 दिसंबर 2016

‘‘राजकीय चिकित्सालयों की वैल्यू बढ़ाएं, मरीज संतुष्ट होकर जाएं’’
-जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर ने दिए दिशा-निर्देश, आगामी बैठक तक हों आवश्यक सुधार
श्रीगंगानगर। ‘‘किसी भी संस्थान के प्रति आमजन का विश्वास तभी कायम होता है जब संस्थान के अधिकारी व स्टाफ पूरी कर्तव्य निष्ठता के साथ अपने कार्य को अंजाम देते हैं। राजकीय चिकित्सालयों की वैल्यू भी इस तरह बढ़ाएं कि आमजन का विश्वास आपके प्रति कायम हों और मरीज निजी की बजाए राजकीय संस्थाओं में ही इलाज लेना चाहे। यही नहीं मरीज जब हॉस्पीटल से जाए तो पूरी तरह संतुष्ट भी होकर जाए’’ ये विचार बुधवार को जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जिलास्तरीय जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे न केवल खुद जागरूक हों, बल्कि अपने स्टाफ को भी हर योजना के बारे में इतना जागरूक करें कि वे आमजन को उनके हर सवाल का जवाब आसानी से दे सकें। बैठक में एनएचएम के चहते संचालित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और जिला कलेक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा जिला कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में नियुक्त हर स्टाफ को जानकारी होनी चाहिए कि जिले में कौन-कौन सा अस्पताल योजना के तहत अधिकृत हैं और वहां कौनसी बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। आदर्श पीएचसी को लेकर उन्होंने कहा कि नरेगा के साथ समन्वय कर साफ-सफाई करवाएं और पौधारोपण कर संस्थान का सुंदर बनाएं। सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया गया कि वे चिकित्सा संस्थानों में स्टाफ का ठहराव सुनिश्चित करें और वे खुद भी हैड क्वार्टर पर रूकें। संस्थागत प्रसव और प्रसव पूर्व जांच को लेकर उन्होंने कहा कि अधिकारी लक्ष्य तक सीमित न रहें बल्कि शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें कि संस्थागत प्रसव व एएनसी हों। वहीं एएनसी व प्रसव के बीच आ रहे गेप का गहनता से परीक्षण कर पता लगाएं कि कहां गड़बड़ी है। एमटीसी में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भर्ती करवाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में कुपोषित बच्चों का चिन्हिकरण कर उन्हें भर्ती करवाएं। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि हर माह बैठक होनी चाहिए और भविष्य में इसकी रिपोर्ट भी जिलास्तरीय बैठक में रखी जाए ताकि कार्यक्रम की समीक्षा की जा सके। जीवन वाहिनी एम्बुलेंस के संचालन में आ रही शिकायतों के संबंध में उन्होंने कंपनी कार्मिक को फटकार लगाते हुए कहा कि इनका समाधान तुरंत करवाएं और सीएमएचओ को निर्देशित किया कि वे इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग के पीएचएस को लिखित जानकारी भिजवाएं। बैठक में पुरूष नसबंदी केस पर मार्च माह तक एक हजार रुपए अतिरिक्त देेने का प्रस्ताव भी पास किया गया। वहीं सिलिकोसिस संबंधी सूरतगढ़ में शिविर लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। तंबाकू को लेकर आयोजित बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा जिस विभाग से सहयोग नहीं मिल रहा उन्हें पाबंद करने के निर्देश भी जिला कलेक्टर ने दिए। सीसीयू वार्ड को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए पीएमओ को पाबंद किया गया। वहीं पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मुखबिर योजना के बारे में आमजन को ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो इसके लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग दोनों प्रयास करें। इसके अलावा बेटी बचाओ अभियान को लेकर नियमित बैठक व सोनोग्राफी सेंटरों के निरीक्षण करने के निर्देश जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने दिए।

शनिवार, 24 दिसंबर 2016

स्वास्थ्य विभाग ने लिए खाद्य पदार्थों के नमूने
-मंडियों सहित जिला मुख्यालय पर की जाएगी निरंतर कार्रवाई
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिलावट व अशुद्ध खाद्य पदार्थांें की आशंका के चलते जिले में लगातार दूसरे दिन शनिवार को कार्रवाई की। इस दौरान विभाग ने कई दुकानों, डेयरी व होटलों का निरीक्षण किया, वहीं पांच विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिला कलेक्टर ज्ञानाराम के निर्देशों में अब विभाग की ओर से मंडियों व जिला मुख्यालय पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। जहां इस संबंध में आमजन की शिकायत मिलेगी वहां प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे मिलावटी, अशुद्ध व अवधिपार खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को दें ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने बताया कि विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा ने पुरानी मंडी घड़साना स्थित शाहीभोज होटल से भुजिया के नमूने लिए, वहीं 281 आरडी स्थित राजेंद्र किरयाना स्टोर से चायपत्ति का नमूना लिया। उन्होंने विभिन्न दुकानों का निरीक्षण कर अवधिपार, मिलावटी व अशुद्ध खाद्य पदार्थ न बेचने के लिए पाबंद किया। इसी तरह डीएफआई शर्मा ने शनिवार को सादुलशहर में कार्रवाई करते हुए सोनू पनीर हाउस से दूध का नमूना, गोयल डेयरी से घी का नमूना व फर्म कृष्ण कुमार-प्रवीण कुमार से सोयाबीन रिफांइड ऑयल का नमूना लिया। यहां करीब दर्जन भर दुकानों का निरीक्षण किया गया। इसी तरह विभाग की तंबाकू नियंत्रण इकाई टीम में शामिल अजय सिंह, नीपेन शर्मा व त्रिलोक शर्मा ने सादुलशहर में तंबाकू उत्पाद के बेचान व धूम्रपान करने वालों के चालान काट  कार्रवाई की। विभाग की ओर से आगामी दिनों में लगातार कार्रवाई कर ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जाएग।

एक बार फिर हमारा जिला सिरमौर
-शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त देने में पहले स्थान पर श्रीगंगानगर, राज्यस्तर पर पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। जिले का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर अपनी सर्वश्रेष्ठता साबित कर शुभलक्ष्मी योजना की ऑनलाइन द्वितीय किश्त देने में अव्वल रहा है। राज्यस्तर पर सिरमौर रहने पर विभाग की डीपीएम यूनिट को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया है। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक एनएचएम टीम द्वारा किए गए अथक प्रयासों की बदौलत ही यह उपलब्धि हासिल हो पाई और आगे भी स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं को लेकर बेहतर से बेहतर करने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि जिले बीसीएमओ, डीपीएम, डीएनओ, डीएसी, सीओआईईसी और बीपीएम सहित अन्य कार्मिकों ने शुभलक्ष्मी योजना को लेकर बहुत सराहनीय कार्य किया।
डीएनओ डॉ. कमल गुप्ता ने बताया कि विगत वर्ष चेक से भुगतान किया जा रहा है जबकि अब ओजन सॉफ्टवेयर के जरिाए ऑनलाइन भुगतान हो रहा है और भुगतान में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी भी हुई है। शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त सीधे बच्ची की माँ के खाते में जमा हो रही है। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर 2016 से पूर्व इस राशि का भुगतान जिला अस्पताल व सीएचसी पर ही हो रहा था जबकि अब इनके साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑनलाइन भुगतान होने लगा है। सबसेंटर पर होने वाले प्रसव के बाद भुगतान में भी देरी नहीं हो रही, क्योंकि वहां का भुगतान भी संबंधित पीएचसी पर हो रहा है। इसी तरह अब जिला अस्पताल की बजाए जिला मुख्यालय पर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी शुभलक्ष्मी योजना का ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक जिला मुख्यालय पर अशोक नगर, पुरानी आबादी, पुराना हॉस्पीटल व गुरुनानक बस्ती स्थित शहरी पीएचसी पर आवश्यक दस्तावेज जमा करवा भुगतान लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस योजना का विस्तार करते हुए बालिका जन्म को बढ़ावा देने के लिए राजश्री योजना के तहत अब राज्य सरकार विभिन्न किश्तों में पचास हजार रुपए दे रही हैं। वहीं शुभलक्ष्मी योजना की शेष राशि का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा रहा है।

महिला पार्क से शुरू होगा शहरी आरबीएसके
-प्रायोगिक स्वास्थ्य परीक्षण में ही मिले दो कुपोषित बच्चे, एमटीसी में भर्ती करवाया
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शहरी क्षेत्र में पुरानी आबादी स्थित महिला पार्क में 26 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जहां सात आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। वहीं प्रायोगिक तौर पर किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में ही इसके सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं। शनिवार को विभागीय मोबाइल टीमों ने संयुक्त रूप से सेतिया कॉलोनी में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान करीब 100 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें दो कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल में रैफर किया गया। जहां दोनों को कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। वहीं तीसरे बच्चे को प्राथमिक उपचार कर नि:शुल्क दवा दी गई। 
सहप्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि शहरी क्षेत्र के अभियान को सफल बनाने के लिए शनिवार को सेतिया कॉलोनी में तीन आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम रखा गया। जहां डीएसी रायसिंह सहारण, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. वाटिका, डॉ. सोनल, डॉ. एकता, डॉ. शैलेस, डॉ. पवन शर्मा, डॉ. प्रदीप, डॉ. अमित व पीएचएन आशीष अपनी सेवाएं दी। टीम ने करीब 100 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिनमें से दो बच्चे कुपोषित मिले। दोनों को टीम ने राजकीय वाहन से जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उन्हें एमटीसी में भर्ती कर उपचार प्रारंभ कर दिया गया है। डीएसी रायसिंह सहारण ने बताया कि एमटीसी में भर्ती करवाने पर बच्चे को नि:शुल्क उपचार के साथ ही नि:शुल्क आहार भी दिया जाता है। वहीं उनके परिजन को भी इस अवधि के दौरान 166 रुपए प्रतिदिन के दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में मुख्यत: कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें एमटीसी में भर्ती करवाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। 

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016


बच्चों को जागरूक करेंगी आरबीएसके टीमें
-बीएसबीवाई में अधिकृत अस्पतालों की सूची भी देंगे, अधिकारी करेंगे आकस्मिक निरीक्षण
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 26 दिसंबर से जिला मुख्यालय पर शुरू हो रहे सर्वे अभियान को लेकर शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि टीमें इस दौरान सभी राजकीय स्कूलों में पहुंचेगी। जहां टीम में शामिल चिकित्सक बच्चों का न केवल स्वास्थ्य जांच व परीक्षण करेंगे बल्कि उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करेंगे। सहप्रभारी डॉ. भारतभूषण की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डॉ. सुनील बिश्रोई, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व डीएसी रायसिंह सहारण सहित जिला मुख्यालय की चारों टीमों के सदस्य शामिल हुए।
सहप्रभारी डॉ. सुनील बिश्रोई ने बताया कि 26 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर विधिवत रुप से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इससे पहले टीमें शनिवार को जिला चिकित्सालय व एक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रायोगिक तौर पर निरीक्षण करेंगी। उन्होंने बताया कि टीमें भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में भी आमजन को विस्तार से बताएंगी। उनके साथ जिले में बीएसबीवाई में अधिकृत सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सालयों की सूची वाले पम्पलेंट्स भी होंगे ताकि वे बच्चों व उनके परिजनों को वितरण कर सकें। दरअसल, आरबीएसके में विभिन्न बीमारियों से पीडि़त मिलने वाले बच्चों का हर संभव प्रयास कर बीएसबीवाई के तहत नि:शुल्क उपचार स्थानीय स्तर पर ही करवाया जाएगा। जो योजना में शामिल नहीं होंगे और गंभीर बीमारी पाई गई तो उन्हें आरबीएसके के तहत अधिकृत अस्पतालों में जयपुर आदि शहरों में नि:शुल्क उपचार करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर से शुरु हो रहे अभियान के तहत 21 सरकारी स्कूलों  व 166 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चार-चार टीमें जाएंगी औ लक्षित करीब 11 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगी।

तंबाकू उत्पाद नियंत्रण को लेकर होंगी प्रभावी कार्रवाई
-ब्लॉकस्तर पर हो रही बैठकें, निरीक्षण के साथ काटे चालान
श्रीगंगानगर। तंबाकू उत्पादों के प्रभावी रोकथाम को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग की टीमें इन दिनों ब्लॉकस्तर व्यापारियों के साथ बैठकें कर उन्हें समझाइश के साथ चेता रही हैं। उन्हें नियम-कायदों के साथ ही समझाया जा रहा है कि वे नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद न बेचें और शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू उत्पाद बेचने से भी परहेज किया जाए। इस संबंध में विभाग के तंबाकू नियंत्रण इकाई की ओर से शुक्रवार को श्रीकरणपुर के व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान सलाहकार अजयसिंह, सामाजिक कार्यकर्ता नीपेन शर्मा व डीईओ त्रिलोक शर्मा मौजूद रहे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण इकाई की ओर से 21 दिसंबर से बैठकें प्रारंभ की गई हैं, जो 30 दिसंबर तक चलेंगी। इस दौरान सभी ब्लॉक पर जाकर व्यापारियों से वार्ता की जाएंगी। इस कड़ी में घड़साना में बैठक कर जहां समझाइश की गई, वहीं 32 दुकानों का निरीक्षण किया गया और छह का चालान काटा गया। इसी तरह श्रीकरणपुर में 24 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जबकि शैक्षणिक संस्थाओं के नजदीक तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के चालान काटे गए। टीम के नीपेन शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक संस्थाओं के नजदीक तंबाकू उत्पाद बेचने वालों किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा और कार्रवाई होगी। टीम शनिवार को सादुलशहर, सोमवार को रायसिंहनगर, मंगलवार को सूरतगढ़, बुधवार को श्रीगंगानगर, गुरूवार को पदमपुर व शुक्रवार को अनूपगढ़ मेंं बैठक व कार्रवाई करेगी। टीम के अलावा सभी बीसीएमओ को निर्देशित किया गया है कि वे माह के आखिरी दिन तंबाकू उत्पाद को लेकर आमजन को जागरूक करें एवं निरीक्षण कर कार्रवाई भी करें। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर धू्रमपान करने वालों के खिलाफ नियमित रूप से चालान काटे जाएं। 

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

अब नौनिहालों को पिलाई जाएंगी पांच बूंदें 
मार्च से नियमित टीकाकरण में शामिल होगा रोटा वायरस वैक्सीन
चिकित्सा अधिकारियों व आईईसी समन्वयकों को राज्यस्तर पर किया प्रशिक्षित
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी में आगामी मार्च से दस्त रोग प्रतिरक्षक रोटा वायरस टीका शामिल हो जाएगा। इसी के साथ राज्य में बच्चों को रोटा वायरस वैक्सीन की पांच गुलाबी रंग की बूंदे 6, 10 और 14 सप्ताह की उम्र में नियमित टीकाकरण के साथ पिलाई जाएगी। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में अधिकारियों व समन्वयकों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की फेहरिस्त में यह एक नया आयाम स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि दो वर्ष तक के बच्चों की अकाल मृत्यु में दस्त मुख्य कारण होता, लिहाजा केंद्र सरकार ने रोटा वायरस वैक्सीन को टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। 
एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि देश में 13 फीसदी बच्चों की डायरिया से मौत होती है एवं 40 फीसदी बच्चों को दस्त होने पर चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार की आवश्यकता होती है। विश्व में 81 देश पहले से ही पूर्ण सुरक्षित एवं मीठे स्वाद वाला रोटा वायरस वैक्सीन बच्चों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रोटा वायरस वैक्सीन एक वायल में 10 खुराकें होंगी एवं इनका वायल खोलने के बाद अधिकतम चार घंटे तक उपयोग किया जा सकेगा। इन्हें +2 डिग्री से +8 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर सतर्कता पूर्वक रखना होगा। कार्यशाला में सभी जिलों के आरसीएचओ, चिकित्सा अधिकारी व आईईसी समन्वयक शामिल हुए। 
टीकाकरण कार्यक्रम की हुई समीक्षा
इस दौरान राज्य में संचालित नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई। उच्चाधिकारियों ने कम उपलब्धियां अर्जित करने वाले जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में विशेष गंभीरता बरतकर निर्धारित लक्ष्य अर्जित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी एवं समयबद्ध चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। 
अब शहरी क्षेत्र के मासूमों का मिटेगा मर्ज
-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें पहुंचेगी हर आंगनबाड़़ी केंद्र व स्कूलों में
श्रीगंगानगर। ग्रामीण क्षेत्र में मासूमों का मर्ज मिटाने में मुफीद साबित हुआ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अब शहरी क्षेत्र में भी पहुंचेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जल्द ही अपनी टीमों को जिला मुख्यालय के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों व राजकीय स्कूलों में भेजेगा। कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विभाग अब प्रारंभिक अभ्यास कर इसे अमलीजामा पहनाने की तैयारी हैं। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल के मुताबिक  26 दिसंबर से टीमों को मैदान में उतारेंगे, जो लक्षित करीब 11 हजार बच्चों की सघनता से स्क्रीनिंग करेंगी। उल्लेखनीय है कि जिले में 11 जुलाई से प्रारंभ हुआ आरबीएसके अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में चलाया जा रहा था।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि  फिलहाल आरबीएसके के तहत चार टीमों का गठन किया है, जिसमें प्रशिक्षित आयुष चिकित्सक होंगे। यही टीमें जिला मुख्यालय पर स्थित सभी 139 आगंनबाड़ी केंद्रों और 21 राजकीय स्कूलों में जाएंगी। यहां के सभी पचास वार्डों का कोई भी स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र आरबीएसके टीम के सर्वे से वंचित नहीं रहेंगे। टीमें यहां जाकर 19 वर्ष आयु तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी, जिसमें कोई भी बच्चा यदि किसी बीमारी से ग्रसित मिलता है तो विभाग की ओर से उनका पूर्णत: नि:शुल्क उपचार करवाया जाएगा। गंभीर बीमारी मिलने पर संबंधित बच्चे का जयपुर स्थित उच्च व प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उपचार करवाया जाएगा, जिसका पूरा खर्चा विभाग वहन करेगा। आरबीएसके सह प्रभारी डॉ. भारत भूषण ने बताया कि जिला मुख्यालय पर आगंनबाड़ी केंद्र्रों में करीब सात हजार और स्कूलों में करीब चार हजार बच्चे हैं। टीमों को सख्त निर्देश होंगे कि सर्वे के दौरान कोई भी बच्चा स्वास्थ्य परीक्षण से वंचित न हो। इसके लिए बकायदा आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका को भी पाबंद किया जाएगा कि वे इस दौरान बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
अब तक सवा लाख स्क्रीनिंग
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि जिले में 11 जुलाई से प्रारंभ हुए आरबीएसके के तहत अब तक एक लाख 25 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें करीब दस हजार बच्चे विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मिले। विभाग की ओर से इनका नि:शुल्क उपचार उपलब्ध करवाया  जा रहा है। वहीं हृदï्य रोग से पीडि़त मिले 15 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन करवा उपचार करवाया गया, जबकि कटे होंठ व तालू वाले 24 बच्चों का भी नि:शुल्क ऑपरेशन करवाया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण कर सभी तरह की बीमारियों का खाका तैयार किया जाएगा और हर संभव प्रयास कर सभी बच्चों को इलाज मुहैया करवाया जाएगा।

बुधवार, 21 दिसंबर 2016

जागरूकता सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग रहा प्रथम 
-कैंसर, बीएसबीवाई, फ्लोरोसिस व एड्स के प्रति किया जागरूक, हुई प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर जिला प्रशासन की ओर से रामलीला ग्राउंड में आयोजित किए गए जागरूकता सप्ताह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग प्रथम रहा। सप्ताह के दौरान विभाग की ओर से कैंसर व फ्लोरोसिस स्वास्थ्य जांच, एड्स व बीएसबीवाई जागरूकता शिविर सहित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आमजन को आईईसी प्रदर्शनी के जरिए जागरूक किया गया। इसी के मदïï्देनजर बुधवार को समापन समारोह के दौरान पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर, एडीएम करतारसिंह पूनिया, यूआईटी अध्यक्ष संजय महिपाल सहित अन्य अतिथियों ने विभाग के डॉ. सुनील बिश्रोई व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया। विभाग की ओर से बुधवार को प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विभाग की ओर से 15 से 21 दिसंबर को जागरूकता शिविर लगाया गया। जहां कैंसर जांच शिविर में प्रशिक्षित चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं देकर जहां आमजन को कैंसर के प्रति जागरूक किया वहीं मरीजों की जांच भी की। डीपीओ डॉ. सोनिया चुघ के नेतृत्व में अर्शदीपसिंह, नवल, सिकंदर, लेखराज आदि एनसीडी कार्मिकों ने यहां सेवाएं दी। फ्लोरोसिस अनुभाग की ओर से सलाहकार डॉ. सुनील बिश्रोई व एलटी दिंगबरसिंह ने जहां मरीजों की जांच कर उन्हें नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध करवाई, वहीं आमजन को जागरूक भी किया गया। इसी तरह एड्स अनुभाग की ओर से नवल किशोर ने एड्स के प्रति आमजन को जागरूक करते हुए उन्हें एड्स बचाव, लक्षण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आईईसी प्रदर्शनी में विनोद बिश्रोई सहित एनएचएम टीम ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, बालिक सम्बल योजना, राजश्री योजना, बेटी बचाओ अभियान, नया सवेरा, कुशल मंगल कार्यक्रम, कुष्ठ रोग, टीबी आदि स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं के प्रति जागरूक किया। 
ये रहे विजेता, मिले पुरस्कार
विभाग के एनसीडी, आईईसी व फ्लोरोसिस अनुभाग की ओर से आयोजित प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता में प्रेम खत्री, कमल कुमार, अनुराधा, शिवम चौधरी, इंद्र, स्नेहा, अविनाश, साइना, परविंद्र सोनी, दीक्षा, जीतसिंह, नताशा, विनीत जैन, भूमि, अनीता, उषा, प्रिया, मुंदल सोनी, दीक्षा, मिनाक्षी, प्रेरणा व भाग्यश्री आदि विजेता रहे। विजेताओं को डीपीओ डॉ. सोनिया चुघ, डॉ. सुनील बिश्रोई, विकास बिश्रोई व विनोद बिश्रोई ने पुरस्कृत किया। 

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

स्वास्थ्य विभाग की ऑपन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आज
-मौके पर ही सवालों के जवाब लेकर दिए जाएंगे पुरस्कार



श्रीगंगानगर। रामलीला ग्राउंड में आयोजित प्रशासनिक जागरूकता मेले में आखिरी दिन बुधवार सुबह 11 बजे से अपरान्ह एक बजे तक को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑपन प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। आईईसी एवं फ्लोरोसिस अनुभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे जाएंगे और सही उत्तर देने वालों को मौके पर ही पुरस्कृत किया जाएगा। विभाग की ओर से विजेताओं को स्वास्थ्य विभाग के संबंधित प्रचार-प्रसार सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी। फ्लोरोसिस सलाहकार डॉ. सुनील बिश्रोई ने बताया कि प्रश्न्नोत्तरी प्रतियोगिता में फ्लोरोसिस सहित स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को प्रदर्शनी का सांसद निहालचंद मेघवाल, जिला कलेक्टर ज्ञानाराम, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल व पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। शिविर के दौरान कैंसर, फ्लोरोसिस व स्वास्थ्य संबंधी अन्य जांच की गई। वहीं विभिन्न योजनाओं व स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया। बुधवार को भी दोपहर तक यह प्रदर्शनी जारी रहेगी और आमजन को लाभान्वित किया जाएगा। 

रविवार, 18 दिसंबर 2016

विनोद बिश्रोई व रणदीपसिंह पुरस्कृत
बेटी बचाओ अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर हुआ सम्मान
श्रीगंगानगर। राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर रामलीला मैदान में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में गुरूवार को जिले की 11 प्रतिभाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के दो प्रभारियों को जिला प्रशासन ने पुरस्कृत किया। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिला आईईसी प्रभारी विनोद बिश्रोई और जिला पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीपसिंह को शिक्षा मंत्री किरण महेश्वरी, खनन मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, विधायक राजेंद्र भादू, कामिनी जिंदल, गुरजंटसिंह बराड़, शिमला बांवरी, जिला कलेक्टर ज्ञानाराम सहित अन्य अतिथिगणों द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों प्रभारियों द्वारा बेटी बचाओ अभियान को लेकर बेहतर कार्य किया जा रहा है। लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही विगत वर्ष इनके द्वारा तैयार म्हारी लाडली पुस्तिका को भी माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सराहा जा चुका है। 
बेटी बचाओ-बेटी बचाओ अभियान में सबने दिया हस्ताक्षर योगदान








आईईसी प्रदर्शनी के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हस्ताक्षर कर बेटियों के नाम संदेश दिया गया। शिक्षा मंत्री किरण महेश्वरी, खनन मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, विधायक राजेंद्र भादू, कामिनी जिंदल, गुरजंटसिंह बराड़, शिमला बांवरी, जिला कलेक्टर ज्ञानाराम सहित अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने बेटियों के नाम संदेश लिखे। इस दौरान आमजन ने भी बेटियों के नाम संदेश लिखकर अभियान में अपना योगदान दिया। वहीं विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटक के जरिए बेटी बचाओ का संदेश दिया। 
समारोह में छाई रही स्वास्थ्य विभाग की आईईसी प्रदर्शनी
-कैंसर शिविर में 125 की जांच, कल भी लगेगा शिविर, आमजन करवाएं जांच
श्रीगंगानगर। रामलीला मैदान में गुरूवार को आयोजित जिलास्तरीय समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की आईईसी प्रदर्शनी खासी चर्चा में रही। विभाग द्वारा तैयार इस प्रदर्शनी का गेटअप देखने लायक था, जिसे हर जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने सराहा। वहीं इस दौरान लगाए गए कैंसर जांच शिविर में 125 लोगों की स्वास्थ्य व कैंसर की प्रारंभिक जांच की गई। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहत्ता, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना व डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विभाग के आईईसी, पीसीपीएनडीटी, एनसीडी व फ्लोरोसिस अनुभाग की ओर से तैयार इस प्रदर्शनी में बालिका सम्बल योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री योजना, नया सवेरा, आदर्श पीएचसी, जन कल्याण पंचायत शिविर, कुशल मंगल कार्यक्रम, डायल एन एम्बुलेंस, टीबी, नशा मुक्ति, कैंसर व स्वाइन फ्लू आदि स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इस दौरान जिलास्तर पर तैयार वीडियो फिल्म के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं व योजनाओं की जानकारी भी आमजन को दी गई। साथ ही आईईसी सामग्री वितरण कर और कैंसर पर नुक्कड़ नाटक के जागरूकता पैदा की। विभाग की ओर से आगामी दिनों में भी प्रदर्शनी, कैंसर व स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। गुरूवार को शिविर में डॉ. मोहन सोनी, डॉ. प्रेम अरोड़ा, डॉ अनामिका अग्रवाल, डॉ मनीष छाबड़ा, डॉ सोनिया चुघ सहित अन्य कार्मिकों ने सेवाएं दी। वहीं प्रदर्शनी में डीपीएम विपुल गोयल, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, डीएनओ कमल गुप्ता, आईईसी प्रभारी विनोद बिश्रोई, बेटी बचाओ अभियान प्रभारी रणदीपसिंह, सलाहकार डॉ. सुनील बिश्रोई, एनसीडी के अर्शदीप सिंह, नवल योगी, सिकंदर, लेखराज, आशा नीतू आदि ने अपनी सेवाएं दी। इस दौरान मधुमेह, उच्चरक्त चाप एवं कैंसर की प्रारंभिक जांच भी की गई। 



प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑनलाइन भुगतान शुरू 
-13 दिसंबर को हुए प्रसव से मिलेगा ऑनलाइन भुगतान, हर महिला खुलवाए बैंक खाता
श्रीगंगानगर,13 Dec। ऑनलाइन भुगतान के मामले में बेहतरीन कार्य कर रहा स्वास्थ्य विभाग अब एक और कदम आगे बढ़ते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऑनलाइन भुगतान शुरू कर दिया है। राजकीय चिकित्सा संस्थान व जेएसवाई के तहत अधिकृत निजी संस्थानों में 13 दिसंबर 2016 से होने वाले प्रसव पर महिलाओं व बालिकाओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान नगद या चेक के माध्यम से नहीं किया जाएगा, बल्कि ओजस सॉफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन भुगतान प्रारंभ कर दिया गया है। एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने आहï्वान किया है कि राज्य की हर महिला का बैंक खाता खुलवाया जाए ताकि कोई भी इस प्रोत्साहन राशि से वंचित न हो। 
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में प्रसव के बाद प्रसूताओं को जेएसवाई के तहत सहायता राशि दी जाती है और इसी तरह बेटियों के जन्म पर भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजश्री योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यही राशि अब पीएचसी से ऑनलाइन प्रसूता के बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। वहीं पीएचसी के अधीन आने वाले उप स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसवों पर भी भुगतान ऑनलाइन होगा। अब तक ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से केवल जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ही ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा था। लेकिन अब 13 दिसम्बर से पीएचसी पर भी ओजस लागू हो गया। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के मुताबिक प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत शहरी क्षेत्रों में 1000 व ग्रामीण क्षेत्रों में 1400 रुपए सहायता राशि भी ऑनलाइन मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत बेटी पैदा होने पर दी जाने वाली राशि भी ऑनलाइन दी जाएगी। इसके अलावा शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त का भुगतान भी ऑनलाइन होगा। लाभ लेने के लिए सभी प्रसूताओं को प्रसव से पहले अपना बैंक खाता खुलवाना अनिवार्य होगा। खाता नहीं होने की स्थिति में प्रसूता को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी।

एक सप्ताह लगेगा कैंसर जांच व जागरूकता शिविर
-विशेष शिविर 15 व 16 को, आईईसी प्रदर्शनी भी लगेगी
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगामी एक सप्ताह तक कैंसर जांच व जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान मुख्यत: महिलाओं में होने वाले कैंसर को लेकर जागरूकता पैदा की जाएगी। विभाग की ओर से 15 व 16 को विशेष जांच शिविर लगाया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। इसके बाद 17 से 21 तक भी जांच व जागरूकता शिविर लगेगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि रा’य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में रामलीला मैदान, सुखाडिय़ा सर्किल में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में विभाग की ओर से विशेष जांच एवं जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। जिसमें कैंसर के विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह में विभाग की ओर से प्रचार-प्रसार प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें विभिन्न योजनाओं की आमजन को जानकारी दी जाएगी। मुख्यत: भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री योजना, आरबीएसके, बालिका सम्बल योजना, विटामिन-ए आदि की सामग्री वितरण की जाएगी। उल्लेखनीय है कि विभाग की ओर से विगत छह दिसंबर से कैंसर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें विभिन्न स्कूल व कॉलेजों में योजना का प्रचार-प्रसार किया गया। 

शनिवार, 10 दिसंबर 2016

अल्ट्रासाउंड के लिए नहीं करना पड़ेगा गर्भवती महिलाओं को इंतजार
-पीएमएसएमए का भारत सरकार के अधिकारी विशाल कटारिया ने किया निरीक्षण, दिए दिशा-निर्देश

श्रीगंगानगर। केेंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नौ दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम का भारत सरकार के तकनीकी अधिकारी विशाल कटारिया ने आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल में हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं उन्होंने महिलाओं को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं को भौतिक रूप से सत्यापन किया। स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर गर्भवती महिलाओं के दूर-दराज क्षेत्र से पैदल आने-जाने और जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को लेकर अल्ट्रासाउंड में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तुरंत इन व्यवस्थाओं में सुधार लाएं। पहले निरीक्षण को स्पोटिंग सुपरविजन बताते हुए उन्होंने कहा कि आगामी निरीक्षण के दौरान यदि खामियां मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डीपीएम विपुल गोयल सहित एनएचएम की टीम शामिल रही। उल्लेखनीय है कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच, नि:शुल्क दवाएं सहित अन्य सुविधाएं पूर्णत: नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय, नई दिल्ली से आए विशाल कटारिया ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का श्रीकरणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए चिकित्सकों, स्टाफ, आशा सहयोगिनियों व गर्भवती महिलाओं से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्टोर व लैब की जांच कर व्यवस्थाएं देखी। यहां चिकित्सा प्रभारी को निर्देशित किया कि वे पीएमएसएमए के दिन जिन गर्भवती महिलाओं की जांच करते हैं उनमें हाईरिस्क प्रेग्रेंसी मिलने पर उसका अलग रजिस्टर में इंद्राज करें। इसी तरह उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरलां का निरीक्षण करते हुए अलग रजिस्टर लगाने के लिए निर्देशित किया। वहीं खरलां में हाईरिस्क प्रेग्रेंसी पैदल चलकर आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इन महिलाओं को जेएसएसके के तहत आने-जाने की सुविधा दी जाए। यदि आने-जाने के दौरान किसी गर्भवती महिला के साथ कोई अनहोनी होती है तो वो संबंधित चिकित्सा प्रभारी की होगी। वहीं इस दिवस के दिन होने वाली आठों जांचों के बारे में लैब कार्मिकों, आशाओं व गर्भवती महिलाओं से जानकारी ली। उन्होंने आशाओं को निर्देश दिए कि वे हाईरिस्क प्रेग्रेंसी महिलाओं का फॉलोअप करें और देखें कि क्या वे अगली जांच में आ रही है या नहीं। आशाओं को हर माह सात तारीख से पहले गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार कर उन्हें नौ तारीख को नजदीकी पीएचसी व सीएचसी पर आने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी नजदीकी गांव के धार्मिक स्थलों के जरिए नौ तारीख के संबंध में मुनादी करवाएं ताकि महिलाओं व उनके परिजनों को अभियान की जानकारी मिल सके। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारियों से वार्ता करते हुए तकनीकी अधिकारी विशाल कटारिया ने कहा कि गर्भवती महिला की जांच के दौरान यदि हाईरिस्ट प्रेग्रेंसी चिन्हित होती हैं तो उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच करवाने के लिए रैफर करें। इसके अलावा उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अभियान के दौरान की रिपोर्टिंग नियमित रूप से करवाएं। अभियान का हर डाटा संधारण किया जाए ताकि आगामी दिनों में अभियान की समीक्षा की जा सके। 
प्राथमिकता से होगा अल्ट्रासाउंड, नहीं करना होगा इंतजार
जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएमओ व डिप्टी कंट्रोलर को निर्देश दिए कि जिस गर्भवती महिला को हाईरिस्क प्रेग्रेंसी के तौर पर चिन्हित किया जाता है उसका प्राथमिकता से यह सुनिश्चित करते हुए अल्ट्रासाउंड किया जाए कि उसे इंतजार न करना पड़े। जिला अस्पताल में उन्होंने एसएनसीयू की व्यवस्था देखीं, जहां 12 में से छह बैड में संपूर्ण व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और पीएमओ को निर्देशित किया कि तुरंत प्रभाव से इन्हें दुरुस्त करवाएं। डीपीएम विपुल गोयल ने अधिकारियों को जानकारी दी कि राज्य सरकार के ई-उपकरण सिस्टम के तहत टोल फ्री नंबर शिकायत दर्ज करवाने पर चार दिन में उपकरण ठीक हो रहे हैं इस कारण इसकी सूचना भी सॉफ्टवेयर में इंद्राज की जाए। 
निजी चिकित्सक जुड़ेें अभियान से
भारत सरकार के अधिकारी विशाल कटारिया ने निजी चिकित्सालयों से आह्वान करते हुए कहा कि वे भी इस पावन कार्य और भारत सरकार के अभियान से जुडें। चिकित्सकों को चाहिए कि वे माह में केवल एक दिन जनहित में, खासकर महिलाओं व गर्भस्थ शिशु के लिए अपना योगदान दें। यदि कोई चिकित्सक इस अभियान से जुड़ता है तो उसकी जानकारी भारत सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्रस्तर पर आईएमए इस अभियान से जुडक़र कई राज्यों में यह पहल कर चुका है और अब श्रीगंगानगर जिले के चिकित्सकों को भी इसमें अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने एनएचएम अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द ही निजी चिकित्सकों की जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक करवा उन्हें प्रशिक्षित करें। निजी चिकित्सक विभाग के डीपीएम से मोबाइल नंबर 9414501746 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 18001801104 पर भी अपना नाम इंद्राज करवा सकते हैं।

सोमवार, 5 दिसंबर 2016

स्वास्थ्य सुविधाओं में जल्द होगी बढ़ोतरी
-सीएमएचओ ने नवनिर्मित बिल्डिंगों की देखी व्यवस्थाएं, जल्द करवाई जाएंगी शुरू
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य सेवाओं व सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ ही श्रीगंगानगर जिले को जल्द ही कुछ और सौगात मिलने जा रही हैं। विभाग की ओर से करवाए गए निर्माण कार्य के बाद अब कई बिल्डिंग हैं जो बनकर तैयार हैं, जिनका जल्द ही उदï्घाटन करवा विधिवत शुरू कर दी जाएंगी। इनमें मुख्यत: एएनएम हॉस्टल, जीएनएम हॉस्टल और धर्मशाला शामिल हैं। वहीं जिला स्वास्थ्य भवन की बिल्डिंग भी निर्माणाधीन हैं जिसका निर्माण कार्य भी जल्द पूरा होगा। इन भवनों का सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने डीपीएम विपुल गोयल व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई सहित निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं और जल्द ही उदï्घाटन करवाने की रूपरेखा तैयार की।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कोतवाली थाना के पीछे नवनिर्मित एएनएम हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित कार्मिकों को जल्द से जल्द साफ-सफाई करने एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। चूंकि बिल्डिंग बनकर तैयार हैं, इसलिए इसका उदï्घाटन करवा जल्द शुरू करने का निर्णय लिया। इससे स्टूडेंटï्स को नए भवन में रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके बाद वे जिला अस्पताल परिसर में बने जीएनएम हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी कंट्रेालर डॉ. प्रेम बजाज, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, नर्सिंग यूनियन के अध्यक्ष रविंद्र शर्मा एवं अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने जिला अस्पताल परिसर में बन रही धर्मशाला के आस-पास के क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं ठेकेदार को पाबंद किया कि वह जल्द से जल्द आस-पास साफ-सफाई करवाए।
टीबी हॉस्पीटल का आकस्मिक निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने सोमवार को टीबी हॉस्पीटल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीबी अधिकारी को हॉस्पीटल में साफ-सफाई रखने के लिए पाबंद किया। वहीं उन्होंने स्टोर, दवा केंद्र, लैब व अन्य कमरों की व्यवस्थाएं देखीं। साथ ही उन्होंने टीबी अधिकारी को निर्देशित किया कि वे मरीजों को सीबीनॉट मशीन के जरिए जल्द से जल्द जांच करवा बेहतर सुविधा प्रदान करें। क्योंकि इस मशीन से केवल तीन घण्टे में ही रिपोर्ट प्राप्त हो जाती है जिस कारण मरीज का अनावश्यक समय नहीं लगता और उसका जल्द इलाज संभव हो जाता है।

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

मिलेगी जानकारी आपके गांव में कौन हुआ लाभान्वित
-सीएमएचओ ने किया कार्मिकों को पाबंद, शिविरों में होनी चाहिए लाभान्वितों की सूची
श्रीगंगानगर। पंचायत स्तर पर लग रहे जन कल्याण शिविरों में अब ग्रामीण यह भी जान सकेंगे कि उनके गांव में किसे स्वास्थ्य विभाग की किस योजना में लाभ मिला। इस संबंध में प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों की सूची कार्मिकों को अपने पास रखने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने पाबंद किया है। आदेशित किया गया है कि शिविरों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजश्री योजना व आरबीएसके आदि में लाभान्वित हुए लोगों की सूची होनी चाहिए। इसी सूची एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए विभागीय टीम ने विभिन्न शिविरों का दौरा कर व्यवस्थाएं देखी। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने नाथावांली एवं 11 एलएनपी में लगे शिविरों का जायजा लिया। इस दौरान नाथावांली में लाभान्वितों की अधूरी सूची के चलते स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि भविष्य में यदि गलती दोहराई गई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित कार्मिक को इस संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं शिविर में विभागीय टीम की मौजूदगी, प्रचार-प्रसार सामग्री व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सराहना की। इसी तरह उन्होंने 11 एलएनपी शिविर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं। एक विकलांग बच्चे के प्रमाण पत्र में आ रही परेशानी के चलते उन्होंने तुरंत निस्तारण करते हुए प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए, जिस पर प्रमाण पत्र जारी किया गया। उन्होंने कार्मिकों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उदï्देश्य स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी व सुविधाएं पहुंचाना है इसलिए शिविर में आने वाले हर गरीब, हर वर्ग व हर आयु के लोगों का ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी एएनएम, चिकित्सा प्रभारी एवं अन्य स्टाफ ऐसी सूचना अपने पास रखें कि उनके क्षेत्र में कौनसा परिवार, किस स्वास्थ्य योजना से लाभान्वित हुआ। शिविरों के दौरान विभाग की ओर से स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जा रही है और यहां चिकित्सक व अन्य स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निरीक्षण में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल सहित आईईसी समन्वयक विनोद बिश्रोई व अर्श बराड़ शामिल थे। इसी तरह आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा एवं श्रीगंगानगर बीसीएमओ डॉ. राजन गोकलानी ने पंचायत शिविरों का निरीक्षण किया। 

कैंसर जागरूकता कार्यक्रम छह से
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह दिसंबर से दस दिसंबर तक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान विचार कोष्ठी, कार्यशाला व प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को जागरूकत किया जाएगा। एनसीडी अनुभाग के अर्श बराड़ ने बताया कि इस दौरान गर्भाशय कैंसर, स्तन कैंसर आदि की जानकारी दी जाएगी। युवाओं को कैंसर के लक्षण, बचाव, उपचार आदि के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि सादुलशहर के राजकीय गल्र्स कॉलेज में छह दिसंबर को, जिला मुख्यालय पर स्थित जैन गल्र्स कॉलेज में आठ दिसंबर को, राधाकृष्णन कॉलेज में नौ दिसंबर में कार्यक्रम आयोजित होंगे। 
विटामिन-ए का अलगा चरण 15 से
श्रीगंगानगर। नौ वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए खुराक पिलाने का अगला चरण 15 दिसंबर से चलाया जाएगा, जो 31 दिसंबर तक लगातार चलेगा। कार्यक्रम को स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के कार्मिक सफल बनाएंगे। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि कार्यक्रम को माईक्रोप्लान तैयार किया गया है और प्रारंभिक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए की कमी के कारण बच्चों पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव को रोकने के लिए विभाग की ओर से हर वर्ष दो बार खुराक पिलाने का कार्यक्रम चलाया जाता है। 
मिशन निदेशक की प्रेरणा से चलाया मिशन, एक माह में हुआ ७३ फीसदी भुगतान
-बेटियों को शुभलक्ष्मी योजना का लाभ देने के लिए घर-घर पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी, एनएचएम कार्मिक बने टीम लीडर
श्रीगंगानगर। यदि इंसान ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है, फिर भले ही वह सरकारी काम ही क्यों न हो। हम बात कर रहे हैं स्वास्थ्य महकमे की जिसके अधिकारियों व कर्मचारियों ने बेटियों को दिए जाने एक भुगतान पर सकारात्मक रूख अपनाते हुए ऐसा कीर्तिमान कर दिखाया जो असंभव सा लगता है। दरअसल, विभाग की ओर से बालिका जन्म पर मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना के तहत दी जाने वाली द्वितीय किश्त को लेकर खासी दिक्कत आ रही थी और जिले में अक्टूबर 2016 तक भुगतान न के बराबर था। इसी के मदï्देनजर एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने विभागीय अधिकारियों व कार्मिकों को वीसी कर बालिकाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रेरित किया और आज नतीजा ये कि केवल एक माह के भीतर ७३ फीसदी से अधिक का भुगतान करवा दिया गया। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल का कहना है कि आगामी दस दिन में शेष का भुगतान करवा दिया जाएगा। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अप्रेल २०१३ में मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना शुरू की गई, जिसके तहत बालिका जन्म के बाद तीन किश्तों में 7300 रूपए दिए जा रहे हैं। हालांकि पूर्व में चैक के माध्यम से भुगतान किया जाता था लेकिन सिस्टम में सुधार करते हुए महिलाओं की सहूलियत के लिए अगस्त 2015 से ओजस सॉफ्टेवयर शुरू कर ऑनलाइन भुगतान किया जाने लगा। इसके बाद तत्काल भुगतान होने लगा और सिस्टम में सुगमता व पारदर्शिता भी आई। चूंकि ओजस के तहत दूसरी किश्त ऑनलाइन दी जानी थी तो समस्या आने लगी। जिले में 27 अक्टूबर 2016 तक केवल 151 महिलाओं को ही ऑनलाइन भुगतान हुआ, जबकि शेष यानी करीब 90 फीसदी महिलाओं का भुगतान बकाया था। ऐसे में मिशन निदेशक नवीन जैन ने मामले की गंभीरता देखते हुए 27 अक्टूबर को वीसी के जरिए अधिकारियों व कार्मिकों को बालिकाओं का हक दिलाने के लिए प्रेरित किया। निश्चित ही उस संवेदनशील हूक का नतीजा हुआ कि अधिकारियों व कार्मिकों ने इस कार्य को मिशन के रूप में लिया। सबसे पहले जिला मुख्यालय पर सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने एनएचएम के कार्मिकों डीपीएम विपुल गोयल, डीएनओ कमल गुप्ता, डीएसी रायसिंह सहारण, डीएएम सतीश गुप्ता व सीओआईईसी विनोद बिश्रोई के साथ बैठकर रणनीति तैयार की। कार्मिक मैदान में उतरे और ब्लॉक दर ब्लॉक पहुंचे। बैठेंक हुईं, चर्चा की और हर संभव प्रयास किया। विभाग के सभी बीसीएमओ, बीपीएम, बीएचएस के साथ मिलकर इस कार्य को एक माह के भीतर 50-55 फीसदी हासिल करने की ठानी। जबकि विभाग की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व आशाओं ने ऐसा सहयोग किया कि यह आंकड़ा ७३ फीसदी पार कर गया। इस दौरान करीब एक माह के भीतर ही विभाग ने १३४० खातों में 2८ लाख २8 हजार ७00रूपए जमा करवा दिए। यह भुगतान अगस्त 2015 से नवंबर 2015 के बीच जन्मी बालिकाओं का है। हालांकि अब भी कुछेक महिलाओं का भुगतान बाकी है लेकिन विभागीय कार्मिकों ने ठाना है तो निश्चित ही मंजिल भी मिलेगी और बालिकाओं का उनका हक भी। सीएमएचओ डॉ. बंसल के अनुसार फील्डस्तर पर किए गए सर्वे में सामने आया है कि इन दिनों ज्यादातर परिवार खेती में व्यस्त हैं इस कारण वे द्वितीय किश्त लेने नहीं आ रहे। वहीं अनेक ऐसे भी हैं, जो द्वितीय किश्त लेना भूल गए हालंाकि अब विभागीय आशाएं व एएनएम उन्हें घर-घर जाकर याद दिला रही हैं। अनेक परिवार ऐसे भी हैं जो मजदूरी करते हैं और वे या तो जिले से बाहर चले जाते हैं या जो बाहर से आते हैं वे वापिस अपने क्षेत्र में चले जाते हैं। फिलहाल विभाग ऐसे परिवारों को फोन कर प्रेरित कर रहा है कि वे जहां भी हैं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर भुगतान लें अन्यथा उन्हें तीसरी किश्त का लाभ नहीं मिलेगा। 
क्या है शुभलक्ष्मी योजना
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि प्रदेश में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के उद्घेश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना प्रारंभ की। जिसके तहत एक अप्रेल 2013 या इसके बाद राजकीय एवं अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थानों में संस्थागत प्रसव में बालिका के जन्म होने पर प्रसूता को 2100 रुपए की राशि का चैक दिया जाता है। यह राशि जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत देय राशि के अतिरिक्त है। इसके बाद बालिका की उम्र एक वर्ष पूर्ण होने और सभी आवश्यक टीके लगवाने पर 2100 रुपए की अतिरिक्त राशि का चैक दिया जाने का प्रावधान है। वहीं बालिका की आयु पांच वर्ष पूर्ण होने और स्कूल में प्रवेश होने की स्थिति में बालिका को 3100 रुपए की राशि देने का प्रावधान था। यानी कुल सात हजार 300 रुपए की राशि देय थी। हालांकि वर्तमान राज्य सरकार ने इस योजना का नाम राजश्री योजना कर दिया है और एक जून 2016 से जन्मी बालिकाओं को राजश्री का लाभ मिल रहा है। जबकि इससे पूर्व जन्मी बालिकाओं को शुभलक्ष्मी योजना का ही लाभ दिया जा रहा है, यानी उन्हें 7300 रूपए ही मिलेंगे। 
वर्जन - 
मिशन निदेशक नवीन जैन की प्रेरणा का ही परिणाम है कि विभागीय टीम ने घर-घर जाकर शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त लाभार्थियों को दिलवाई। जिले के हर ब्लॉक में बेहतर कार्य हुआ और हर कार्मिक ने अपनी भूमिका बखूबी अदा की। जल्द से जल्द प्रयास कर वंचित लाभार्थियों को भुगतान दिलाया जाएगा। हालांकि परिजनों को खुद द्वितीय किश्त व आगामी किश्त की तारीख याद रखनी चाहिए ताकि समय पर भुगतान हो सके। 
विनोद बिश्रोई, सीओआईईसी

गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

‘‘सावधानी ही समझदारी है’’
विश्व एड्स दिवस पर हुए जागरूकता कार्यक्रम
श्रीगंगानगर। एचआईवी-एड्स को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है और इसके लिए हर संस्था, हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने आस-पास के लोगों को जागरूक करें। क्योंकि एड्स के प्रति सावधानी की समझदारी के समान है अन्यथा यह गंभीर व लाइलाज बीमारी किसी को भी अपने चपेट में ले सकती है। यह विचार गुरूवार को विश्व एड्स दिवस पर आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में वक्ताओं ने रखे। जागरूकता कार्यक्रम चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला एड्स निवारण एवं नियंत्रण इकाई की ओर से श्रीगुरूनानक गल्र्स कॉलेज एवं डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर राजकीय कॉलेज में आयोजित किए गए। इस दौरान इकाई के डीपीओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व डीआईएस नवल किशोर रामावत ने एडï्स के प्रति भ्रांतियों, विभिन्न धाराणाओं आदि का निराकरण करते हुए एचआईवी व एड्स के प्रति जानकारी दी।
कार्यक्रम में डीआईएस नवल किशोन ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्य के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि सरकार का आगामी वर्षों में एचआईवी के प्रति शून्य लक्ष्य को प्राप्ती करना है। जिसमें शून्य नए संक्रमण, शून्य एड्स संबंधित मृत्यु एवं शून्य संक्रमित व्यक्ति के प्रति भेदभाव के लक्ष्य को हासिल करना है। इन लक्ष्यों को हासिल करने में युवाओं की अहम भागीदारी हो सकती है। क्योंकि युवा न केवल इस बीमारी से बचें बल्कि युवा आमजन को जागरूक करने में भी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा अपने आस-पास के अशिक्षित, निर्धन व संचार संसाधनों से दूर लोगों पर ध्यान केंद्रीत करते हुए उन्हें जागरूक करें। खासकर मजदूरी के लिए बाहर से आने वाले या बाहर जाने वाले लोगों को जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान एचआईवी व एड्स के फैलने के कारणों व बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को प्रेरित किया कि वे और समाज के लोग एचआईवी पीडि़त लोगों से भेदभाव न करें, बल्कि उनके जीवन-यापन में सहयोग करें। वहीं एचआईवी पीडि़त को हेय दृष्टि से न देखें क्योंकि यह केवल असुरक्षित यौन संपर्क से ही नहीं बल्कि अन्य कारण भी हो सकते हैं। सुविधाओं की जानकारी देते हुए युवाओं को बताया कि जिला चिकित्सालय में एचआईवी संक्रमित के इलाज व काउंसलिंग के लिए एआरटी सेंटर संचालित किया जा रहा है। साथ ही यौन संक्रमण के इलाज के लिए सुरक्षा क्लीनिक भी बनाया गया है। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी काउंसलिंग व जांच की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध हैं।
हर किसी को करवानी चाहिए जांच
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि एचआईवी की जांच कोई भी व्यक्ति या महिला करवा सकते हैं। वैसे भी यह जांच हर किसी को करवानी चाहिए, क्योंकि बीमारी होने के कई वर्षों तक लक्षण दिखाई नहीं पड़ते बल्कि बीमारी होने के बाद कोई इलाज भी नहीं है। हालांकि जांच समय पर करवा ली जाए और बीमारी पकड़ में आ जाए तो व्यक्ति एआरटी के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। जांच सुविधा जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी पर उपलब्ध है। इसके अलावा जिले के 11 निजी चिकित्सालयों मेें भी जांच की सुविधा उपलब्ध है।