मंगलवार, 27 जून 2017

परिवार कल्याण के लिए ‘मोबिलाइजेशन पखवाड़ा’ शुरु
-‘‘नई लहर, नया विश्वास, संपूर्ण जिम्मेदारी से परिवार का विकास’’ नारे से गूंजेंगे गांव-ढाणियां
श्रीगंगानगर। योग्य दम्पत्तियों से संपर्क कर सीमित परिवार और स्थाई व अस्थाई परिवार कल्याण साधनों की जानकारी देने के लिए जिलेभर में मंगलवार से मोबिलाइजेशन पखवाड़ा शुरु हुआ। आगामी 10 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के दौरान जिलें के गांव-ढाणियों में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं अपने क्षेत्र में जन-जागृति पैदा करेंगी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि इसके बाद जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा 11 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगा। जिस दौरान जिलास्तर सहित ब्लॉकस्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि दो चरणों में चलने वाले परिवार कल्याण अभियान के पहले चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दस्तक देंगे और योग्य दंपतियों को सीमित परिवार रखने के लाभ सहित विवाह की सही आयु, विवाह पश्चात कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चें में कम से कम तीन साल का अंतर, प्रसवोत्तर परिवार कल्याण सेवाएं, पुरूषों की परिवार नियोजन में सहभागिता, गर्भपात पश्चात परिवार कल्याण सेवाओं के बारें में संपूर्ण जानकारी देकर उन्हें इन सेवाओं से लाभान्वित होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रथम पखवाड़े में कार्यकर्ता संभावित जोड़ों की ग्रामवार सूची तैयार कर संबंधित आशा, आयुष स्टाफ व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करवाएंगे। पखवाडे के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता लक्षित दम्पत्ति से संपर्क कर उन्हें नसबंदी के लिए प्रेरित करेंगे और आयूडी निवेशन की जानकारी भी देंगे। वहीं महिलाओं को ऑरल पिल्स और दम्पत्तियों को निरोध का वितरण करेंगे। दूसरे चरण में जिलास्तरीय कार्यक्रम के साथ ही खण्ड व स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। 

रविवार, 25 जून 2017

स्वास्थ्य शिविरों से लाभान्वित हो रहे ग्रामीण
-हर माह लग रहे स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर, अब शहर में भी लगेंगे शिविर
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर माह पांच व 20 तारीख को आउटरीच शिविर लगाकार आमजन को स्वास्थ्य लाभ के साथ ही जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से इन तारीखों में ये शिविर नियमित रूप से अलग-अलग ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे हैं। वहीं अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों के दौरान जहां आमजन की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जाती है, वहीं शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज भी चिन्हित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कैंसर के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा की जा रही है और उन्हें नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एनसीडी अनुभाग की ओर से लगने वाले इन शिविरों में एनसीडी में कार्यरत पीएचसी व सीएचसी स्तर के स्टाफ व जिलास्तरीय स्टाफ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि अभी तक छह स्वास्थ्य व जागरूकता शिविरों के जरिए 429 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिनमें 69 शुगर व 37 उच्चरक्तचाप के नए मरीज मिले हैं। उन्होंने बताया कि 20 मई को साहिबसिंह व मटीलीराठान, पांच जून को मिर्जेवाला व 11 क्यू, 13 जून को डूंगरसिंहपुरा, 16 जून को गुलाबेवाला, 20 जून को संगतपुरा व दौलतपुरा, 23 जून को पन्नीवाला में शिविर लगाए गए। एनसीडी अनुभाग के अर्श बराड़ ने बताया कि 30 जून को अरायण, सात जुलाई को लाधुवाला, 14 को लालगढ़ जाटान, 11 जुलाई को धनूर, 25 को खरलां, एक अगस्त को मोरजण्डाखारी, 11 अगस्त को 61 एफ, 18 को हाकमाबाद, 28 को चक महाराजका, आठ सितंबर को बनवाली, 13 को ममडख़ेड़ा व 26 सितंबर को जोगिवाला में शिविर लगाए जाएंगे। इसी के साथ ही आशा सहयोगिनियों व एएनएम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं एनयूएचएम के आउटरीच शिविरों में भी शहरी क्षेत्रों में भी एनसीडी अनुभाग की टीमें जाएंगी। अब शहरों में स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर लगाकर शुगर व उच्चरक्तचाप के नए मरीज चिन्हित किए जाएंगे और उन्हें जागरूक किया जाएगा।
इसलिए लगाए जा रहे शिविर
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सामान्य लोगों को शुगर व उच्चरक्तचाप की समस्या सामने आ रही है लेकिन अक्सर आमजन इसके प्रति अनदेखी कर देते हैं। यही वजह है कि विभाग ने गांव-गांव जाकर ऐसे लोगों को न केवल चिन्हित करना शुरु किया है बल्कि उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है ताकि शरीर किसी गंभीर बीमारी की चपेट में न आए। अब शहरी क्षेत्र में भी शिविर लगाकर जांच कर ऐसे मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। वहीं छह ब्लॉकों में चल रहे मेडिकल मोबाइल वैन एवं यूनिट के जरिए भी शुगर व उच्चरक्तचाप की जांच की जाएगी। वाहन प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे नियमित हर शिविर में ऐसे मरीजों को चिन्हित कर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को रैफर करें एवं इसकी रिपोॢटंग भी करें। शुगर व उच्चरक्तचाप को लेकर आमजन को भी सतर्क होने की जरूरत हैं और हर किसी को चाहिए कि वे अपनी जांच नियमित रूप से करवाएं।

शनिवार, 24 जून 2017

बेटियां बचाने के अभियान में राजस्थान बना रॉल मॉडल
यूपी में राजस्थान की तर्ज पर लागू हुई मुखबिर योजना, अन्य राज्य भी सीख रहे डिकॉय कार्रवाई
श्रीगंगानगर। राजस्थान में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सफलतापूर्वक लागू किए गए पीसीपीएनडीटी कानून का असर देशभर में दिखने लगा है। राज्य सहित बाहरी राज्यों में हो रहे डिकॉय ऑपरेशन की सख्ती से अब अन्य राज्य भी इसी तर्ज पर मुखबिर योजना शुरु कर रहे हैं और इसी कड़ी में आज से उत्तरप्रदेश में योजना लागू कर दी गई। राजस्थान के बाद अब यूपी पीसीपीएनडीटी कानून लागू करने वाला तीसरा राज्य हो गया है। कुछ समय पहले उत्तरप्रदेश की एक टीम राजस्थान पहुंची थी, जहां उन्होंने पीसीपीएनडीटी सैल की कार्यवाही को समझा और इसी आधार पर विगत दिनों राजस्थान के अधिकारियों सहित यूपी टीम ने बुलंदशहर में डिकॉय ऑपरेशन को अंजाम दिया। यही वजह है कि यूपी सरकार ने मुखबिर योजना लागू करने में देर नहीं की। इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखण्ड, बिहार और पंजाब में भी पीसीपीएनडीटी सैल स्थापित की जा रही है।
एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम ने अभी तक प्रदेश में 75 डिकॉय ऑपरेशन किए, जिनमें सात यूपी में हुए। उन्होंने बताया कि अब तक हुए डिकॉय ऑप्रेशन में 59 राजस्थान और 16 डिकॉय राजस्थान के बाहर हुए। उन्होंने बताया कि राजस्थान ने साबित कर दिया है पीसीपीएनडीटी लागू करने में हमारा राज्य देश में अव्वल है और आगामी दिनों में भी लगातार कार्रवाई जारी कर कन्या भू्रण हत्या का कलंक जड़ से मिटाने का प्रयास करेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने बताया कि  विगत दिनों यूपी के अधिकारी राजस्थान आए थे, जिन्होंने मुखबिर योजना को समझते हुए अपने प्रदेश में भी लागू करने की मंशा जताई। इसी तरह अन्य हिमाचल प्रदेश के अधिकारी भी जल्द ही राज्य में मुखबिर योजना को सीखने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मिशन निदेशक नवीन जैन के नेतृत्व में टीम का मनोबल बढ़ा है और टीम सर्वेश्रेष्ठ परिणाम दे रही है। 
राजस्थान की टीम ने की यूपी में कार्रवाई
डिकॉय कार्रवाई में स्पेशलिस्ट बनी राजस्थान की टीम विगत दिनों ने विगत दिनों बुलंदशहर (उत्तरप्रदेश) जाकर डिकॉय ऑप्रेशन किया। एएसपी श्री सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि बुलन्दशहर में भू्रण लिंग जांच करने का खेल चल रहा है। इसके बाद रणनीति तैयार कर उत्तरप्रदेश की टीम के साथ कार्यवाही करते हुए बुलंदशहर में दो डिकॉय ऑप्रेशन किए। दोनों डिकॉय ऑप्रेशन सफल रहे और कई लोगों को सलाखों के पीछे भेजा। इसी तरह पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में डिकॉय कार्रवाई की गई है। 
एमडी जैन की बदौलत मुखर हुए मुखबिर
श्री सिंह ने बताया कि मुखबिर योजना 2012 में शुरु की गई, जिसमें केवल मुखबिर को ही सूचना मिलने पर राशि दी जाती थी। वर्ष 2015 में नवीन जैन के आने के बाद इसमें फेरबदल किया और इसमें गर्भवती महिला और महिला के सहयोगी को भी शामिल किया गया। योजना में मिलने वाले दो लाख रुपए को 40:40:20 के अनुपात में मुखबिर, गर्भवती महिला और महिला के सहयोगी में बांटा जाता था। श्री जैन के प्रयासों से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने वर्ष 2016 में राशि बढ़ाकर अढ़ाई लाख रुपए कर दी। अब एक लाख रुपए मुखबिर को, एक लाख रुपए गर्भवती महिला व पचास हजार रुपए महिला के सहयोगी को दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 37 लाख रुपए मुखबिर योजना के तहत वितरित किए जा चुके हैं। 
बढ़ रहा है लिंगानुपात
राज्य में हो रहे डिकॉय ऑपरेशन के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। जबसे डिकॉय शुरु हुए हैं उसके बाद लगातार लिंगानुपात में बढ़ोतरी हुई है। श्री सिंह ने बताया कि जनगणना 2011 के अनुसार राज्य में लिंगानुपात 888 था। वर्तमान में पीसीटीएस आंकड़ों के मुताबिक राज्य का लिंगानुपात 939 हो गया है और भविष्य में भी लिंगानुपात बढ़ोतरी की संभावना है। यही नहीं विभाग की ओर से लगातार बेटी बचाओ अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 

शुक्रवार, 23 जून 2017

आपातकालीन सेवाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी - जिला कलेक्टर
-जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, बीसीएमओ डॉ. शर्मा को दी श्रद्धांजलि
श्रीगंगानगर। जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक में विभिन्न मुदï्दों पर चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने निर्देशित किया कि आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं सहजता से सुलभ हो और यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित कार्रवाई के लिए तैयार रहे। वहीं उन्होंने आपात एम्बुलेंस सेवा 108 व 104 के जिला प्रभारी को स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि बिना ठोस वजह कोई भी एम्बुलेंस लंबे समय तक ऑफ रोड नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो एम्बुलेंस 24 घण्टे में दुरुस्त हो सकती है, उसे 24 दिनों तक ऑफ रोड रखना गंभीर लापरवाही है और ऐसे मामले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। बैठक में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला, डीपीएम विपुल गोयल, डीएनओ कमल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। 
जिला कलेक्टर ज्ञानाराम ने कहा कि आपात सेवाओं की नियमित समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजश्री योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि राजश्री योजना के लाभार्थियों के खातों में हर संभव प्रयास शत-प्रतिशत भुगतान होना चाहिए। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी इस योजना को लेकर उन्होंने सभी बीसीएमओ सहित जिलाधिकारियों को मोनिटरिंग के लिए पाबंद किया। एमएमयू को लेकर उन्होंने कहा कि जहां स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ नहीं है वहां आमजन के लिए ये वाहन पहुंचने चाहिए। इस दौरान परिवार कल्याण में वांछित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने गंभीरता से लिया और कहा कि संबंधित अधिकारी इसकी समीक्षा करते हुए नियमित शिविर लगाएं और आमजन को अधिकाधिक जागरूक करें। बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मातृत्व सुरक्षित अभियान, मौसमी बीमारियों सहित अन्य स्वास्थ्य मुदï्दों पर चर्चा की गई। 
डॉ. नरेंद्र शर्मा को दी श्रद्धांजलि
श्रीकरणपुर के खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र शर्मा का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पडऩे से आकस्मिक निधन हो गया। उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि डॉ. शर्मा का हमें छोडक़र जाना अपूर्णीय क्षति हैं। वे कार्य के प्रति लग्रशील एवं कर्तव्यनिष्ठ थे। इंसानियत के नाते भी उनका कोई मुकाबला नहीं। वे बेहद मिलनसार व मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे।

मंगलवार, 20 जून 2017

आदर्श पीएचसी पर आज होगा योगा
-पीएचसी प्रभारियों की संयुक्त निदेशक व सीएमएचओ ने ली बैठक
श्रीगंगानगर। जिले में संचालित किए जा रहे आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्व योग दिवस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यत: आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर न केवल योग दिवस मनाया जाएगा, बल्कि ग्रामीणों को योगा भी करवाया जाएगा। योगा दिवस के सफल संचालन को लेकर मंगलवार को संयुक्त निदेशक डॉ. एचएस बराड़ एवं सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बैठक कर उन्हें विस्तृत जानकारी दी एवं सख्त निर्देश दिए कि योगा दिवस को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि खण्ड मुख्यालयों पर भी योग दिवस पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में प्रथम चरण के दौरान नौ आदर्श पीएचसी स्थापित की गई थी और इसके बाद फिर से नौ पीएचसी इसमें शामिल की गई। उन्होंने बताया कि इस सेंटरों पर प्राकृतिक इलाज की सुविधा आमजन को मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया इन सेंटरों को वेलनेस सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है, जहां योग, आयुर्वेद पद्धति को जानने का मौका आमजन को मिल रहा है। यहां आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं एवं समय-समय पर प्राकृतिक इलाज के साथ योगा कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। आमजन चाहें तो यहां आकर योग कर सकते हैं, योग सीख सकते हैं इस पर किसी तरह की कोई रोक नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न बीमारियों का इलाज आयुर्वेद के जरिए बेहद असरकारी तरीके से होता है इसलिए आयुष पद्धति कारगर है। डॉ. बंसल ने बताया कि इन पीएचसी पर हर्बल गार्डन, सीनियर सिटीजन चार्टर, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ वातावरण, पूर्ण गणवेश में स्टाफ एवं आयुर्वेद दवाओं से व्यस्थित किया गया है। 
योगा दिवस पर लगेगा स्वास्थ्य व जागरूकता शिविर
श्रीगंगानगर। विश्व योग दिवस के उपलक्ष पर नेहरु पार्क में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। इस दौरान एनसीडी अनुभाग की ओर से आमजन की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जिसमें शुगर, उच्चरक्तचाप आदि जांच होगी। वहीं आईईसी अनुभाग की ओर से आमजन को जागरूक किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि नेहरू पार्क में विभाग की ओर से अनुभाग के अर्श बराड़, नवदीप सिंह, पूजा तंवर व सुनीता सेवाएं देंगे। यहां जांच कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी। 

दौलतपुरा व संगतपुरा में लगा आउटरीच शिविर
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से आमजन को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के उदï्देश्य के लिए पंचायत स्तर पर शुरु किए गए आउटरीच शिविर जारी हैं। विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से लगाए जा रहे इन शिविरों की  फेहरिस्त में मंगलवार को दौलतपुरा व संगतपुरा में आउटरीच शिविर लगाया गया। इस शिविरों में शुगर, उच्चरक्तचाप आदि की जांच की जा रही है। वहीं कैंसर के संभावित मरीजों को भी तलाशा जा रहा है। शिविर में डीपीओ सोनिया चुग, अर्श बराड़, संदीप, नवदीप सिंह, पूजा तंवर व सुनीता आदि ने सेवाएं दी। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि ये शिविर प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर लगाए जाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके। शिविर प्रत्येक माह की पांच व 20 तारीख अलग-अलग ग्राम पंचायतों को लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को दोनों शिविरों में 117 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें नौ शुगर व नौ उच्चरक्तचाप के  नए मरीज मिले। 

सोमवार, 19 जून 2017

आदर्श पीएचसी पर होगा योगा
-नियमित रूप से दी जा रही है प्राकृतिक स्वास्थ्य सेवाएं, योग भी शामिल
श्रीगंगानगर। विश्व योग दिवस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यत: आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर न केवल योग दिवस मनाया जाएगा, बल्कि ग्रामीणों को योगा भी करवाया जाएगा। वहीं आयुष चिकित्सक उन्हें योग के लाभ एवं योग की विस्तृत जानकारी देंगे ताकि योग का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार हो सके। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि योग दिवस को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है एवं संबंधित बीसीएमओ को इसे लेकर पाबंद किया गया है। 
सीएमएचओ डॉ. बंसल ने बताया कि खण्ड मुख्यालयों पर भी योग दिवस पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में प्रथम चरण के दौरान नौ आदर्श पीएचसी स्थापित की गई थी और इसके बाद फिर से नौ पीएचसी इसमें शामिल की गई। उन्होंने बताया कि इस सेंटरों पर प्राकृतिक इलाज की सुविधा आमजन को मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया इन सेंटरों को वेलनेस सेंटर के रूप में स्थापित किया गया है, जहां योग, आयुर्वेद पद्धति को जानने का मौका आमजन को मिल रहा है। यहां आयुष चिकित्सक कार्यरत हैं एवं समय-समय पर प्राकृतिक इलाज के साथ योगा कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। आमजन चाहें तो यहां आकर योग कर सकते हैं, योग सीख सकते हैं इस पर किसी तरह की कोई रोक नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न बीमारियों का इलाज आयुर्वेद के जरिए बेहद असरकारी तरीके से होता है इसलिए आयुष पद्धति कारगर है। डॉ. बंसल ने बताया कि इन पीएचसी पर हर्बल गार्डन, सीनियर सिटीजन चार्टर, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ वातावरण, पूर्ण गणवेश में स्टाफ एवं आयुर्वेद दवाओं से व्यस्थित किया गया है। 

रविवार, 18 जून 2017

कथित भ्रूण लिंग जांच करने वाला गिरोह पकड़ा, दो को भेजा जेल
-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में लंबे अर्से से कर रहे थे धंधा, छोलाछाप सहित दो दलाल पकड़ में
-मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशों पर हुई कार्रवाई, राज्य में अब तक 75 डिकॉय 
श्रीगंगानगर। भ्रूण लिंग जांच मामले में पीसीपीएनडीटी टीम ने लगातार डिकॉय कार्रवाई करते हुए श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से दलाल सतनाम सिंह व छोलाछाप डॉक्टर सुरजीत सिंह को पकड़ा है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। इस मामले में प्रथम-दृष्टया  भ्रूण लिंग जांच करवाने वालों से ठगी का मामला सामने आया है, क्योंकि दलाल सही सोनोग्राफी करवाने के बाद अपने स्तर पर ही गर्भ में लडक़ा-लडक़ी होना बताते थे। पूछताछ में पता चला है कि जहां ऑबोर्शन की कमाई दिखती वहां लडक़ी होना बता देते, जबकि कुछेक मामलों में लडक़ा होना बताते। एनएचएम के मिशन निदेशक एवं पीसीपीएनडीटी के राज्य प्राधिकारी नवीन जैन के निर्देशों पर हुई इस कार्रवाई में जयपुर, श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ के सदस्य शामिल रहे। शनिवार देर रात तक चली इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को रविवार को न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। बहरहाल, आरोपियों के खिलाफ पीबीआई थाना में मामला दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।
पीबीआई थाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि मुखबिर के जरिए इत्तला मिल रही थी कि  भ्रूण लिंग जांच करने वाला एक गिरोह श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में सक्रिय है और वे ऑबोर्शन भी करवाते हैं। इसकी पुष्टि होने पर श्रीगंगानगर की बोगस ग्राहक के जरिए दलाल अमृतपाल से संपर्क साधा, जिसने  भ्रूण लिंग जांच करवाने के चालीस हजार रुपए मांगे और दोनों जिलों सहित कहीं भी आस-पास जांच करवाने की बात कही। दलाल ने शनिवार दोपहर महिला को एक गांव में बुलाया और बाद में हनुमानगढ़ जंक्शन आने का कहा। यहां दलाल स्वास्तिक हॉस्पीटल में नियमित जांच करवाई और उसके बाद महावीर हॉस्पीटल बुलाया। जहां महिला के सहयोगी को छोड़ महिला को बोम्बे हॉस्पीटल बुलाया। दलाल ने महिला को कई बार इधर-उधर हॉस्पीटलों में घुमाता रहा और किसी के साथ नहीं होने की संतुष्टि पर उसने तय की गई राशि बोम्बे हॉस्पीटल की लैब में दूसरे दलाल सतनाम सिंह को देने के लिए कही, जिस पर उसे रुपए दे दिए गए। इसके बाद शाम सात बजे तीसरे दलाल सुरजीत सिंह के जरिए भांभू हॉस्पीटल में नियमित सोनोग्राफी करवाई और कुछ देर बाद नतीजा बताने की बात कही। इस दौरान इशारा पाते ही टीम ने 38 वर्षीय सुरजीत पुत्र रेशम सिंह निवासी अमरपुरा थेड़ी को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि बोम्बे हॉस्पीटल की लैब से 26 वर्षीय सतनात सिंह पुत्र गुरदीप सिंह रायसिख निवासी सुरेशिया को गिरफ्तार किया। तीसरा दलाल अमृतपाल पहले ही पैसों का बंटवारा कर जा चुका था, जिसकी तलाश में उसके घर एवं अन्य ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला। वहीं इस मामले में बोम्बे हॉस्पीटल संचालक एवं भांभू हॉस्पीटल संचालक से पूछताछ और भांभू हॉस्पीटल से दस्तावेज जब्त किए गए। पूछताछ में दलालों ने बताया कि वे लंबे अर्से से यह धंधा कर रहे हैं और अपने स्तर पर ही भू्रण लिंग के बारे में बताकर वे 30 से 40 हजार  रुपए में सौदा तय करते हैं।
ये रहे टीम में शामिल
टीम में जयपुर पीबीआई थाने के सीआई अरुण चौधरी, एसआई विक्रम शेवावत, शंकर, देवेंद्र, श्रीगंगानगर पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, हनुमानगढ़ पीसीपीएनडीटी प्रभारी महमूद खान, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, आशा प्रभारी रायसिंह सहारण, सहित बतौर सहयोगी कैलाश दिनोदिया व विकास बिश्रोई आदि शामिल रहे। 
राज्य की 75वीं कार्रवाई
एनएचएम मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशन में पीसीपीएनडीटी टीम लगातार राज्य के भीतर एवं दूसरे राज्यों में कार्रवाई कर रही है। यह राज्य की 75वीं कार्रवाई है, जबकि श्रीगंगानगर की सातवीं। एएसपी रघुवीर सिंह ने बताया कि टीम दूसरे राज्यों पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश में भी कार्रवाई कर चुकी है और ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उन्होंने अपील की कि आमजन को ऐसे आरोपियों की जानकारी टीम या विभाग को देनी चाहिए ताकि कन्या भू्रण हत्या का कलंक राज्य से मिटाया जा सके। 

बुधवार, 14 जून 2017

शहरी आशा सहयोगिनियों के रिक्त पद भी भरेंगे
-सीडीपीओ कार्यालय में लिए जा रहे आवेदन, चयन के लिए 21 को होगी विशेष बैठक
श्रीगंगानगर।14.06.2017. ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही अब शहरी क्षेत्र में भी आशा सहयोगिनियों के रिक्त भरे जाएंगे। इसे लेकर बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास और नगर परिषद की ओर से विस्तार से चर्चा हुई, जिस पर निर्णय लिया गया कि इसी 21 जून को विशेष बैठक आयोजित कर रिक्त पदों को भरा जाए ताकि स्वास्थ्य के साथ ही अन्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके। आशा सहयोगिनियों के चयन के लिए बुधवार को नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी ने 21 जून को बैठक आयोजित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक नगर परिषद सभापति की अध्यक्षता में आयोजित होगी। वहीं सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने आशा समन्वयक रायसिंह सहारण को समस्त तैयारियों के लिए निर्देशित किया है।
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि पूर्व में 21 जून को आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीण क्षेत्र की आशा सहयोगिनियों का चयन प्रस्तावित था, लेकिन तीनों विभागों के समन्वय के बाद अब शहरी क्षेत्र में भी रिक्त पर भरे जा सकेंगे। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने नगर परिषद आयुक्त व सीडीपीओ से पत्राचार किया था। वहीं नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी ने तुरंत सकारात्मक निर्णय लेते हुए वांछित रिक्त पद भरने के लिए 21 जून को बैठक आहूत की है, जबकि आईसीडीएस की उप निदेशक ऋषिबाला श्रीमाली ने शहरी क्षेत्र के आवेदन लेने के संबंधित को निर्देशित किया है। बिश्रोई ने बताया कि जिला मुख्यालय पर आशा सहयोगिनियों के 88 पद रिक्त हैं, जिन पर नियुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन 17 जून को शाम पांच बजे तक लिए लाएंगे। इसके बाद 19 व 20 जून को प्राप्त आवेदनों की योग्यता के आधार पर छंटनी की जाएगी। इसके बाद चयन कमेटी आशा सहयोगिनी का चयन करेगी। कमेटी नगर परिषद सभापति की अध्यक्षता में बनेगी, जिसमें सीडीपीओ, संबंधित वार्ड पार्षद, संबंधित वार्ड की महिला पर्यवेक्षक, संबंधित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रभारी अधिकारी चिकित्सक शामिल होंगे। रिक्त पदों की सूची स्वास्थ्य विभाग और सीडीपीओ कार्यालय में देखी जा सकती है। 
गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरू
-जिले में नवाचार, कुपोषित बच्चों को चिन्हित करेंगी आशाएं
श्रीगंगानगर। 12.06.2017- राष्ट्रीय गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़े का सोमवार को जिला मुख्यालय पर पुरानी आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से यूआईटी चैयरमेन संजय महिपाल ने शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने नौनिहालों को ओरआरएस पिलाकर एवं जिंक टेबलेट देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। वहीं खण्ड मुख्यालयों पर भी विभाग की ओर से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करवाया गया। इसी तरह राज्यस्तर से विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने ऑनलाइन वीडियो कॉन्फेें्रसिंग के जरिए कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम को लेकर विस्तार से दिशा-निर्देश जारी किए। जिलास्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई, एनयूएचएम प्रभारी नकुल शेखावत, पीएचएन शिवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा जिले भर में एक साथ चलेगा और इस दौरान पांच वर्ष आयु तक के बच्चों को ओरआरएस व आवश्यकतानुसार बच्चों को जिंक टेबलेट दी जाएगी। आशा सहयोगिनी घर-घर पहुंचेंगी और वे दवा के साथ ही परिजनों को जागरूक करेंगी। वे उन्हें ओआरएस घोल के बारे में जानकारी देंगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस कॉर्नर भी स्थापित किए गए हैं ताकि परिजन अपने बच्चों को वहां लाकर भी ओआरएस घोल पिला सके और जरूरत पडऩे पर उन्हें जिंक टेबलेट दे सके। डॉ. बंसल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए टास्ट फोर्स कमेटी का गठन किया है जो इस दौरान मोनिटरिंग करेगी ताकि अभियान सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने बताया कि आमजन को चाहिए कि वे अपने बच्चों को ओआरएस घोल पिलाएं ताकि गर्मी के दौरान बच्चे डायरिया आदि बीमारी से बच सके। 


आशा सहयोगिनी पद के लिए आवेदन आज से
श्रीगंगानगर। 11.06.2017. जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा सहयोगिनी के रिक्त पदों पर भर्तियों के लिए सोमवार से आवेदन किए जा सकेंगे। इसके बाद 21 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में आशा सहयोगिनियों का चयन किया जाएगा। जिले की महिलाएं संबंधित खण्ड में आईसीडीएस विभाग के खण्ड कार्यालयों में सोमवार से 17 जून को शाम पांच बजे तक आवेदन जमा करवा सकेंगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि आवेदन महिला एवं बाल विकास विभाग के खण्ड कार्यालयों में लिए जाएंगे, जबकि रिक्त पदों की सूचना इन कार्यालयों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के खण्ड कार्यालयों से ली जा सकेंगी। महिला की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम 45 वर्ष हो और महिला कम से कम दसवीं पास हो। 
दस्त नियंत्रण पखवाड़ा आज से 
-जिला मुख्यालय सहित खण्ड मुख्यालयों पर होगा शुभारंभ, वीसी सुबह दस बजे से
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम सोमवार से शुरु होगा। जिला मुख्यालय पर पुरानी आबादी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह नौ बजे यूआईटी चैयरमेन संजय महिपाल नौनिहालों को ओआरएस व जिंक टेबलेट देकर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, केंद्र प्रभारी डॉ. दीपिका मोंगा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहेंगे। वहीं खण्ड मुख्यालयों सहित सीएचसी व पीएचसी पर भी सुबह नौ बजे जनप्रतिनिधियों से शुभारंभ करवाया जाएगा। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि सुबह दस बजे वीडियो कॉन्फें्रसिंग के जरिए स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता राज्यभर के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुखातिब होंगी। जिसमें दस्त नियंत्रण अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा के साथ ही ऑनलाइन शुभारंभ भी किया जाएगा। 
‘जिंदगी की जंग जीत गया नन्हा जयवीर’
-दिल की बीमारी से चल रही थी जद्दोजहद, आरबीएसके टीम आई भगवान का दूत बनकर 
श्रीगंगानगर। ये दर्द भरी दास्तां है नन्हें, मासूम जयवीर की, जो जन्म से ही जिंदगी से जंग लड़ रहा था। ऐसी मार्मिक व्यथा जिसे सुन किसी की भी अश्रुधारा बह निकले। लेकिन अब खुशी इस बात की है कि जयवीर ने यह जंग जीत ली, वह पूरी तरह से ठीक है और घर-आंगन को चहका रहा है। यह संभव हो पाया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की बदौलत, जिसकी टीम ने न केवल जयवीर को चिन्हित किया बल्कि उसका नि:शुल्क ऑपरेशन व उपचार करवाने में अथक प्रयास भी किए। गांव 22 एमएल निवासी सवा दो वर्षीय जयवीर और उसके परिजनों की पीड़ा की कहानी, उनके पिता रतनलाल की जुबानी। 
‘‘जयवीर के जन्म पर हम सभी बेहद खुश थे, जैसे किसी भी बच्चे के जन्म पर उसके परिजन होते हैं। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं रही, क्योंकि जन्म के कुछेक दिन बाद ही जयवीर बीमार रहने लगा और एक माह के अंतराल में ही हमें चिकित्सकों ने बता दिया कि उसके दिल में छेद है। हमारे लिए यह किसी सदमें से, किसी सुनामी से कम न था। क्योंकि आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण हम उसका इलाज करवाने में अक्षम थे। इसके बाद तो हमारी दिनचर्या ही बदल गई, कभी किसी डॉक्टर के पास, किसी वैध तो कभी बाबा-ओझाओं के पास। दर-दर भटके, दवा-दुआ जो भी हमसे बन पड़ा हमने किया लेकिन धीरे-धीरे जयवीर की हालत बिगड़ती गई। अचानक बेहोश हो जाना, शरीर नीला पड़ जाना सामान्य था। नन्ही मासूम सी जान को तड़पते देख, घर के हर सदस्य की आंखों में आंसू भर आते। पिछले दिनों तो एकबारगी हालात ज्यादा खराब हो गई, हम उसे एक बड़े हॉस्पीटल में लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने बताया कि इसका जयपुर या अन्य बड़े शहर में इलाज करवाना होगा और करीब तीन लाख रुपए खर्चा लगेगा, जो हमारे बस के बाहर था। ऐसे ही दर्द भरे माहौल में दो साल बीत गए, जयवीर का मन बहला रहे इसलिए उसे आंगनबाड़ी भी भेज देते। इसी दौरान हमारे लिए भगवान बनकर आई आरबीएसके सादुलशहर टीम नंबर एक, जिसमें शामिल डॉ. योगेंद्र, डॉ. कंचन व फार्मासिस्ट केसर भाटी ने जयवीर की सेहत को जांचा और उसका आरबीएसके कार्ड बनाया। टीम ने ही प्रयास कर उसके नि:शुल्क ऑपरेशन व उपचार के लिए जयपुर के प्रतिष्ठित फोर्टिस हॉस्पीटल में भेजा। मुझे बताया गया कि हॉस्पीटल से विभाग का टाइअप है इसलिए पूर्णत: नि:शुल्क इलाज होगा लेकिन फिर भी इतने बड़े हॉस्पीटल को देख डर लग रहा था। लेकिन यहां के चिकित्सकों ने भगवान बन मेरे बेटे का नि:शुल्क व सफल ऑपरेशन किया, जो मैं चाहकर भी नहीं करवा पा रहा था। वाकई में यह योजना और डॉक्टर मेरे बेटे और मेरे परिवार के लिए भगवान से कम नहीं है।’’
 
‘‘जयवीर को देख हमारा दिल पसीज उठा। परिवार के हिसाब से उसकी स्थिति बहुत दयनीय थी, लेकिन हमने ठान लिया था कि जयवीर और उसके परिवार को राहत दिलाकर ही दम लेंगे। जयपुर में भी चिकित्सकों ने हमारा साथ दिया और जयवीर का बेहतर इलाज संभव हो सका। निश्चित ही आरबीएसके के जरिए मासूमों को राहत मिल रही है।’’
डॉ. योगेंद्र, टीम प्रभारी, आरबीएसके

आशा सहयोगिनी के रिक्त पद भरेंगे
-12 से 17 जून तक किया जा सकेगा आवेदन, चयन 21 जून को
श्रीगंगानगर। 10.06.207.. जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों पर आशा सहयोगिनी के रिक्त पदों पर जल्द ही भर्तियां की जाएंगी। सभी ब्लॉकों पर अभियान के तौर पर आवेदन स्वीकार कर आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में आशा सहयोगिनियों का चयन किया जाएगा। महिलाएं आईसीडीएस विभाग के खण्ड कार्यालयों में 12 से 17 जून तक आवेदन जमा करवा सकेंगी। किस आंगनबाड़ी पर पद रिक्त हैं इसकी सूचना भी खण्ड स्तर पर आईसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों से ली जा सकती है। 
महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक ऋषिबाला श्रीमाली ने बताया कि आशा सहयोगिनी के चयन के लिए महिला की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम 45 वर्ष हो। महिला कम से कम दसवीं पास हो। उन्होंने बताया कि चयन ग्राम सभा के माध्यम से ही होगा और अधिकतम शैक्षणिक योग्यता वाली महिला, विधवा व परित्यकता को प्राथमिकता दी जाएगी। अनियमितताओं के चलते पूर्व में सेवाओं से पृथक की गई आशा को पुन: सेवाओं में नहीं लिया जाएगा और न ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका या साथिन का कार्य कर रही महिला के परिवार की अन्य महिला का चयन किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आशा समन्वयक रायसिंह सहारण ने बताया कि अनूपगढ़ खण्ड में 32, रायसिंहनगर में छह, सादुलशहर में 10, पदमपुर में 24, श्रीगंगानगर में 13, सूरतगढ़ में 25, घड़साना में 30 और श्रीकरणपुर खण्ड में 32 पद रिक्त हैं। इन पदों पर विशेष ग्राम सभा में भर्तियां होंगी, जबकि श्रीगंगानगर शहरी क्षेत्र में 88 पद रिक्त है जो बाद में वार्ड सभा में चयन होगा। ग्राम सभाओं को लेकर पंचायती राज विभाग ने राज्यस्तर से विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

शुक्रवार, 9 जून 2017

‘दस्त नियंत्रण अभियान में बरतें गंभीरता’’
-पीएचईडी को स्वच्छ पेयजल सप्लाई के निर्देश, आईडीसीएफ की बैठक 
श्रीगंगानगर। राष्ट्रीय गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न मुदï्दों पर चर्चा की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर नखतदान बारहठ की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कमेटी सदस्य आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी, आईसीडीएस की ऋषिबाला श्रीमाली, डीपीएम विपुल गोयल, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व डीएसी रायसिंह सहारण सहित पीएचईडी, शिक्षा व समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। 
श्री बारहठ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि अभियान के प्रति पूरी गंभीरता बरती जाए और इसे पल्स पोलियो अभियान की तरह सफल बनाया जाए। वहीं उन्होंने पीएचईडी को निर्देशित किया कि गर्मी व बारिश के मौसम के दौरान शुद्ध पेयजल सप्लाई किया जाए ताकि जलजनित बीमारियां न फैलें। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि पांच से कम आयु के बच्चों में दस्त तथा कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिले में 12 जून से गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा शुरु होगा जो आगामी 24 जून तक चलेगा। अभियान में दस्त एवं कुपोषण से होने वाली बीमारियों के प्रति आमजन में जनजागृति लाने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दौरान दस्त से पीडि़त पांच वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें ओआरएस पैकेट एवं जिंक टेबलेट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने को लेकर आयोजित टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में आईसीडीएस विभाग को निर्देशित किया गया कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान को सफल बनाए। वहीं शिक्षा विभाग 19 से 24 जून तक प्रार्थना सभा एवं नियमित तौर पर बच्चों को हाथ धुलाई सहित अन्य स्वच्छता के बारे में बताएं। 
सुरक्षित हुईं मातृत्व, मिली स्वास्थ्य सेवाएं
-जिले भर में उत्साहपूर्वक मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस

श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. स्वेमा अग्रवाल, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. विजय लक्ष्मी बंसल, डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. चारू अग्रवाल व डॉ. उपासना सेतिया बतौर निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दीं। इसके साथ ही राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकारी चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दी। इस दौरान गर्भवती महिलाओं का बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन आदि सहित प्रसव पूर्व आवश्यक जांचें की गईं एवं अन्य नि:शुल्क जांच व दवाएं उपलब्ध करवाई गई। उल्लेखनीय है कि जिले में हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान मनाया जा रहा है। 

गुरुवार, 8 जून 2017

हिंदुमलकोट पीएचसी राज्य में सिरमौर
-पीएचसी रिकोगनिशन प्रोग्राम में हुआ चयन, होगा राज्यस्तर पर सम्मान
श्रीगंगानगर। स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारे जिले के लिए खुशखबरी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थापित हिंदुमलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रदेश में बतौर श्रेष्ठ पीएचसी चयनित हुई है। यह चयन प्रदेश में संचालित पीएचसी रिकोगनिशन प्रोग्राम के तहत राज्यस्तरीय टीम ने किया है। इस सूची में राज्य के 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल है। कार्यक्रम में हर जिले से एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का प्रतिमाह 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर चयन किया जाता है और इसी के तहत हमारे जिले की पीएचसी का चयन हुआ है। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि निदेशालय से जनस्वास्थ्य निदेशक डॉ. वीके माथुर के निर्देशन में पीएचसी रिकोगनिशन प्रोग्राम के तहत इन पीएचसी की सूची जारी की गई है। जिसमें प्रतिमाह पीएचसी पर उपचार के लिए प्रतिदिन ओपीडी व प्रसव में संख्या व बढ़ोतरी, प्रसवपूर्व जांच, टीकाकरण, रिर्पोटिंग एवं स्टाफ उपस्थिति इत्यादि मापदंडों से प्राप्त अंकों पर चयन किया गया है। अब श्रेष्ठ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अप्र्रेल माह के तथ्यों के आधार पर 18 पीएचसी की सूची में हिंदुमलकोट पीएचसी भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि हिंदुमलकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदर्श पीएचसी के तौर पर संचालित की जा रही है। यहां डॉ. चंदन सिंह, आयुष चिकित्सक मेकला यादव, मेल प्रथम राकेश कुमार शिब्बू, नर्सिंग स्टाफ अंजू कुमारी, सन्नी, ज्योति, एलटी श्रवण कुमार, डाटा ऑपरेटर अनिल नहरा अपनी बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं। अन्य श्रेष्ठ पीएचसी में बीकानेर की छत्तरगढ, भीलवाड़ा की रायला, जोधपुर की सेतरावा, जयपुर प्रथम की मेड, झालावाड की गंगधर, नागौर की देवलीकला, सीकर की रानोली, सिरोही की पोसालिया, बांसवाड़ा की खमेरा, बूंदी की एसमंडी, बारां की बामोरी क्यिान, अलवर की नोगांवा, झुंझुनू की गंगियासर, जयपुर द्वितीय की नरेना, टोंक की बनेठा, कोटा की पीपलदा एवं उदयपुर जिले की पडावाली पीएचसी शामिल हैं।
पीपीआईयूसीडी लगवाओ, 300 रुपए भी पाओ
परिवार कल्याण का सबसे बेहतर माध्यम साबित, दो साल में जिले की 13 हजार महिलाओं ने ली सेवा 
श्रीगंगानगर। सरकार ने बच्चों में अंतराल के प्रचलित साधन आईयूसीडी (कॉपर टी) के लिए प्रोत्साहन स्वरुप देय राशि का दायरा बढ़ाया है। प्रसव पश्चात 48 घंटे में इंट्रा यूटेराइन कॉण्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी) लगवाने पर जहां पहले केवल प्रेरित करने वाली आशा व सेवा प्रदाता एएनएम या चिकित्सक को 150-150 रूपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी, वहीं अब लाभार्थी महिला को भी प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। यह राशि विभागीय कार्मिकों से दोगुनी यानि 300 रूपए सरकार की ओर से अब लाभार्थी को दिए जाएंगे। इसके साथ ही योजना को और विस्तार देते हुए सरकार ने यही लाभ गर्भसमापन पश्चात् कॉपर टी (पीएआईयूसीडी) लगवाने पर भी लागू कर दिया है। यही वजह है कि हमारे जिले में भी पीपीआईयूसीडी लगवाने वाली महिलाओं का आंकड़ा बढ़ता दिख रहा है।
प्रदेश में एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन के निर्देशन में चल रहे इस कार्यक्रम को लेकर विगत दिनों आई केंद्रीय टीम भी सराहना कर चुकी है। दल ने चिकित्सा केन्द्रों पर परिवार नियोजन साधनों के स्टॉक प्रबंधन व मॉनीटरिंग के ऑनलाइन ई-साधन सिस्टम के नवाचार को भी सराहा। एमडी नवीन जैन ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा प्रसुताओं एवं उनके परिजनों को पीपीआईयूसीडी के प्रति परामर्श बढ़ाने से इसके लाभार्थियों की संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। गत वर्ष 2016-17 में राज्य में दो लाख दस हजार पीपीआईयूसीडी लगाई गई। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में वर्ष 2015-16 में छह हजार 161 और वर्ष 2016-17 आठ हजार छह सौ दो पीपीआईयूसीडी लगाई गई। नए वित्तीय वर्ष के दो माह में ही अब तक एक हजार 22 महिलाओं ने इस सेवा का लाभ लिया। 
क्या है पीपीआईयूसीडी
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि पीपीआईयूसीडी बच्चों में अंतर रखने की एक विधि है जिसमें महिला के प्रसव के तुरंत बाद गर्भाशय में यह डिवाइस लगाई जाती है। बच्चों में तीन या तीन वर्ष से अधिक समय का अंतर रखने के लिए इस विधि का उपयोग किया जाता है। इससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता। जब दंपत्ति को अगले बच्चे की इच्छा हो, तो वह यह डिवाइस गर्भाशय से निकलवा सकते हैं। पीपीआईयूसीडी समय से पहले गर्भवती होने से बचाती है जिससे शिशु जन्म दर के साथ-साथ मातृ मृत्यु दर में भी कमी आती है। इसके अतिरिक्त जल्दी गर्भवती होने के कारण अन्य परेशानियों से भी मुक्ति पाई जा सकती है। 
प्रोत्साहन से मिलेगा बढ़ावा 
परिवार कल्याण के अस्थाई साधनों में कंडोम, गर्भ निरोधक गोलियां, पीपीआईयूसीडी अन्य शामिल हैं। इसकी शुरुआत जनवरी 2012-13 में हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं को पीपीआइयूसीडी लगाने वाली आशा वर्कर और स्टाफ नर्स को 150-150 रुपए प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाते हैं। प्रोत्साहन राशि मिलने के बाद आशा वर्कर और नर्सों ने उत्साह के साथ काम करना शुरू किया जिससे अच्छे परिणाम सामने आने लगे। यही वजह है कि अब लाभार्थी को भी प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। लाभार्थी को पीपीआईयूसीडी लगवाते ही 150 रुपए का भुगतान किया जाएगा और इसके बाद नियमित दो जांच करवाने के बाद 150 रुपए का भुगतान यानी कुल 300 रुपए का भुगतान किया जाएगा। 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस शुक्रवार को 
श्रीगंगानगर। गर्भवती महिलाओं को बेहतर व सहज स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए जिले में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस दिन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बतया कि जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. स्वेमा अग्रवाल, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. विजय लक्ष्मी बंसल, डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. चारू अग्रवाल व डॉ. उपासना सेतिया बतौर निजी चिकित्सक नि:शुल्क सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा सभी राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सरकारी चिकित्सक अपनी सेवाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित कर रहे हैं। 

बुधवार, 7 जून 2017

गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा 12 से 
जिले में चलेगा अभियान, ओआरएस व जिंक टेबलेट मिलेगी नि:शुल्क
श्रीगंगानगर। पांच से कम आयु के बच्चों में दस्त तथा कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने के लिए श्रीगंगानगर जिले सहित प्रदेशभर में गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा 12 जून से शुरू होगा। अभियान में दस्त एवं कुपोषण से होने वाली बीमारियों के प्रति आमजन में जनजागृति लाने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दौरान दस्त से पीडि़त पांच वर्ष तक के बच्चों की पहचान कर उन्हें ओआरएस पैकेट एवं जिंक टेबलेट नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता जनसमुदाय को स्वच्छता, पौष्टिक आहार एवं हाथ धोने के सही तरीके आदि की जानकारी भी देंगे। 
आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि गहन दस्त नियंत्रण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आंगनबाड़ी स्तर तक अभियान गतिविधियों के संचालन को लेकर बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ओआरएस एवं जिंक दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है एवं प्राप्त मांग अनुसार इनकी पूर्ति की जा रही है। डॉ. असीजा ने बताया कि यथा समय जिंक कॉर्नर चयनित करने, पैरामेडिकल स्टॉफ व फिल्डकार्मिकों को प्रशिक्षण देने एवं माइक्रोप्लान आदि की कार्रवाई की जा रही है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि पखवाड़े के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों वाले सभी घरों में आशा सहयोगिनियों के जरिए ओआरएस पैकेट व सूचनाप्रद सामग्री पहुंचाई जाएगी। सभी चिकित्सा संस्थानों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर बनाकर घोल तैयार करने व उपयोग के तरीके का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु में से 10 फीसदी बच्चों की मृत्यु की वजह दस्त होते हैं। ये मौतें अधिकतर गर्मी व मानसून के समय होती हैं और यही वजह है कि दस्त नियंत्रण पखवाड़ा हर वर्ष जून में मनाया जाता है। दस्त व निर्जलीकरण से होने वाली मृत्यु को ओआरएस व जिंक की गोली देकर और पर्याप्त पोषण के जरिए रोका जा सकता है। साथ ही दस्त की रोकथाम के लिए साफ पानी, समय-समय पर हाथों को सफाई, स्वच्छता, टीकाकरण, स्तनपान व पोषण का अहम योगदान होता है।
लू-तापघात को लेकर विशेष व्यवस्था के निर्देश
-स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क, आमजन से भी सावधानी बरतने की सलाह
श्रीगंगानगर। गर्मी के कारण लू-तापघात के संभावित रोगियों की बेहतर व उचित देखभाल के लिए सभी चिकित्सा प्रभारियों को चिकित्सा संस्थानों में विशेष व्यवस्था करने के निर्देश राज्यस्तर से जारी किए गए हैं। विभाग की प्रमुख शासन सचिव वीनू गुप्ता ने स्पष्ट निर्देशित किया है कि मौसमी बीमारियों को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों मौसमी बीमारियों के नियंत्रण व उपचार सेवाओं की मोनिटरिंग के लिए भी निर्देशित किया है। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा मौसमी बीमारियों को लेकर पहले भी निर्देश दिए जा चुके हैं, जिसके चलते विभाग पूरी तरह से सतर्क हैं एवं माकूल व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। जहां भी अव्यवस्था की शिकायत मिलेगी संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि लू-तापघात से बचाव संबंधी सावधानियां आमजन को भी रखनी चाहिए। घर-कार्य स्थल आदि पर गर्मी से बचाव के हर संभव प्रयास करने चाहिए। सीधे सूर्य के सम्पर्क में आने से बचें, संतुलित एवं हल्का भोजन करें, घर से बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान के समय और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि लू-तापघात की स्थिति में सिर में भारीपन व सिरदर्द, अधिक प्यास लगना व थकावट, जी मचलाना, सिर चकराना व शरीर का तापमान तेजी से बढऩा, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल होना व त्वचा में सूखापन, बेहोशी जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसी स्थिति में अविलंब नजदीकी चिकित्सा में संपर्क करना चाहिए। बचाव के लिए थोड़े अंतराल में पेयजल, शीतल पेय, छाछ, ताजा फलों का रस आदि का सेवन करें। लू-तापघात से प्रभावित रोगी को तुरन्त छायादार ठंडे स्थान पर लिटाया जाना चाहिए एवं रोगी की त्वचा को गीले कपड़े से साफ करने के साथ ही रोगी के पहने हुए कपड़ों को ढीला कर दिया जाना चाहिए। 

जानलेवा बीमारियों से बचाएगा मिशन इन्द्रधनुष
-शुरू हुआ तीसरा चरण, सादुलशहर सहित अन्य खण्डों में भी होगा विशेष टीकाकरण
श्रीगंगानगर। मिशन इन्द्रधनुष अभियान का तीसरा चरण मंगलवार से शुरू हुआ जो आगामी 13 जून तक चलेगा। पहले दिन सादुलशहर सहित अन्य खण्डों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए और आगामी दिनों में भी ऐसे सत्र आयोजित किए जा
एंगे ताकि वंचित बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण किया जा सके। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय टीकाकरण के वर्तमान कवरेज को बढ़ाने के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में छूटे हुए व अप्रतिरक्षित बच्चों को सात अप्रेल से प्रति माह सात दिन मिशन इन्द्रधनुष अभियान के तहत विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर टीके लगाए जा रहे हैं। अभियान जुलाई माह तक चलेगा। आरसीएचओ डॉ. वीपी असीजा ने बताया कि जिले के सादुलशहर खण्ड में टीकाकरण प्रतिशत कम है या यहां हाईरिस्क क्षेत्र-ढाणियां अधिक हैं इसलिए इस खण्ड पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके निर्देश राज्यस्तर से भी प्राप्त हुए हैं। हालांकि जिलास्तर पर नवाचार करते हुए जिले के अन्य खण्डों में भी अभियान चलाकर 6 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। अभियान में बच्चों को बूस्टर डोज देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए माईक्रोप्लान के साथ ही समन्वित प्रयास द्वारा शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। मिशन इन्द्रधनुष के तहत आशा-सहयोगिनियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से टीकाकरण से शेष रहे बच्चों को चिन्हित कर निर्धारित दिन सभी बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। कच्ची बस्तियों, ईंट-भट्टों इत्यादि के साथ ही घूमन्तु बच्चों के टीकाकरण भी किया जा रहा है। सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया कि राष्ट्रीय टीकाकरण के तहत बच्चों को नौ जानलेवा बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हंै जिनमें बच्चों में होने वाली टीबी, कुकरखांसी, गलघोंटू, टीटेनस, हिपेटाईटिस, खसरा, पोलियो, दिमागी बुखार व रोटा वायरस से होने वाले दस्त से बचाव के टीके लगाए जाते हंै। विभिन्न कारणों से कुछ बच्चों को या तो एक टीका भी नहीं लग पाता या कुछ टीके लगने रह जाते हैं। इस प्रकार के बच्चों में ये बीमारियां होने व इनसे मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए जरूरी है कि इन अपूर्ण टीकाकृत व अटीकाकृत बच्चों की पहचान कर उन्हें मिशन इन्द्रधनुष अभियान में टीके लगाए जाएं। इस ओर अभिभावकों सहित सामाजिक संगठनों व संस्थाओं को भी ध्यान देना चाहिए ताकि देश के शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण हो सके। 

सोमवार, 5 जून 2017

‘‘एक दिन मातृत्व के नाम करें चिकित्सक’’
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत स्वास्थ्य विभाग की अपील, जुड़े 18 निजी चिकित्सक
श्रीगंगानगर। माँ का कर्ज चुकाने के लिए एक दिन माँ के नाम करने की अपील चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सकों से की है। अपील का असर भी नजर आया, अब तक जिले में 18 चिकित्सक विभाग से जुड़ चुके हैं। दरअसल, ये लोग प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में अपनी सेवाएं देने के लिए विभाग से जुड़े हैं। हालांकि विभाग ने अब भी अन्य निजी चिकित्सकों से अपील की है कि वे अभियान से जुडक़र देश की मातृत्व को सुरक्षित करें। उल्लेखनीय है कि हर माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है, जहां गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। 
सीओआईईसी विनोद बिश्रोई ने बताया स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ उनकी सेहत के लिए उन्हें जागरूक भी किया जाता है। इस दिन सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे से तीन बजे तक महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। इस केंद्रों पर निजी के साथ ही सरकारी चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ् करना और मातृ एवं शिशु मुत्यृ में कमी लाना है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि द्वितीय व तृतीय तिमाही की गर्भवती महिला को कम से कम एक बार चिकित्सक द्वारा जांच हो। इस दिन प्रसव पूर्व जांच के लिए एक कक्ष निर्धारित किया जाता है, जहां चिकित्सक जांच करते हैं। उन्होंने बताया कि टीम के पास फीटल हार्ट मोनिटर, जांच टेबल, डिस्पोजल ग्लोब्स, साबुन, ममता कार्ड, वजन नापने की मशीन, थमोमीटर, बीपी मापने की मशीन, यूरीस्टिक, स्टेथोस्कोप या फिटोस्कोप, आईएफए टेबलेट, कैल्शियन टेबलेट, टीटी इंजेक्शन, डिवार्मिंग टेबलेट, मैग्रिशियम सल्फेट, एएनसी रजिस्टर, रैफरल स्लिप सहित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला के पंजीकरण के लिए अलग से रजिस्टर आदि की व्यवस्थाएं रहती हैं। 
ये चिकित्सक दे रहे हैं सेवाएं
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर डॉ. विदुषी बेनीवाल, डॉ. तारू मित्तल, डॉ. शंभुनाथ गुप्ता, डॉ. मंजू मक्कड़, डॉ. सत्य प्रकाश शर्मा, डॉ. मदन गोपाल शर्मा, डॉ. पीसी गेदर, डॉ. आईपीएस पूनिया, डॉ. पूनम मित्तल, डॉ. विजय मक्कड़, डॉ. स्वेमा अग्रवाल, डॉ. नरेश चुघ, डॉ. मधु अग्रवाल, डॉ. विजय लक्ष्मी बंसल, डॉ. ज्योति बंसल, डॉ. चारू अग्रवाल व डॉ. उपासना सेतिया सेवाएं दे रही हैं। इन चिकित्सकों को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाया गया है, जहां वे प्रतिदिन सुबह नौ बजे से तीन बजे तक सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा सरकारी चिकित्सक भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 
आउटरीच शिविरों के जरिए लाभान्वित हो रहे मरीज
-ग्राम पंचायत स्तर पर लग रहे हैं शिविर, पांच व 20 तारीख निर्धारित
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में विभाग के एनसीडी अनुभाग की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर आउटरीच चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं। शिविरों में जांच, उपचार के साथ ही आमजन को जागरूक किया जा रहा है। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने बताया कि इन शिविरों में रक्तचाप व डायबिटीज जांच के अलावा कैंसर को लेकर जागरूकता पैदा की जा रही है। डॉ. सिंगला ने बताया कि विभाग की ओर से ग्राम पंचायत स्तर पर हर पांच व 20 तारीख को शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान जिले की सभी ग्राम पंचायतों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सोमवार को 11 क्यू एवं मिर्जेवाला में चिकित्सा शिविर लगाया गया। जहां 77 मरीजों की जांच की गई, जिसमें तीन को उच्च रक्तचाप व 11 शुगर पाई गई। खास बात ये रही कि इन मरीजों को मालूम ही नहीं था कि वे किसी शारीरिक समस्या से पीडि़त है। यही नहीं ग्रामीण इलाके में इस तरह के मरीजों का मिलना भी खान-पान व रहन-सहन पर सवाल खड़ा करता है। डॉ. सिंगला बताते हैं कि बदली जीवनशैली की बदौलत ही ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं। दरअसल, रक्तचाप व शुगर में उतार-चढ़ाव किसी भी बीमारी की पहली सीढी है। शिविर के दौरान पंचायत समिति प्रधान पुरुषोतम बराड़, डॉ. सोनिया चुग, अर्श बराड़ व अन्य जन शामिल हुए। 

शनिवार, 3 जून 2017

विनोद बिश्रोई होंगे राज्यस्तर पर पुरस्कृत
श्रीगंगानगर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थापित जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्रोई राज्यस्तर पर पुरस्कृत होने जा रहे हैं। उन्हें एनटीसीपी कार्यक्रम में बेहतर प्रचार-प्रसार व योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान के ऑडिटोरियम में पांच जून को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि एनटीसीपी कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक डॉ. एसएन धौलपुरिया ने सम्मानित होने वालों की सूची जारी की है। निदेशालय में गठित उच्चस्तरीय कमेटी के निर्णय अनुसार श्रीगंगानगर के आईईसी समन्व्यक विनोद बिश्रोई के साथ ही पांच अन्य जिलों के आईईसी समन्वयक इस कार्यक्रम में पुरस्कृत होंगे। उन्होंने बताया कि  सीओआईईसी विनोद बिश्रोई उत्कृष्ट कार्य के चलते इससे पहले भी राज्यस्तर पर पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ से पुरस्कृत हो चुके हैं और उन्हें जिलास्तर पर भी प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। डॉ. बंसल के अनुसार बिश्रोई के सराहनीय कार्य को देखते हुए उन्हें पीसीपीएनडीटी डिकॉय टीम में शामिल किया गया है और उनका अब तक पांच सफल डिकॉय में सक्रिय व प्रत्यक्ष योगदान रहा है। 
भ्रूण लिंग जांच का आरोपी जेल में
-जमानत याचिका खारिज, महिला की तलाश जारी
श्रीगंगानगर। शुक्रवार को पकड़ में आए भ्रूण लिंग जांच के एक मामले में वांछित मुख्य आरोपी रमनदीप बतरा को शनिवार दोपहर न्यायायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। आरोपी लंबे अर्से से फरार चल रहा था, जिसे पीसीपीएनडीटी टीम ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। फरवरी 2017 से फरार चल रहे आरोपी रमनदीप बतरा की ओर से न्यायालय में जमानत याचिका भी पेश की गई लेकिन न्यायालय में उसे खारिज कर दिया। वहीं महिला आरोपी की तलाश जारी है। 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर सिंह ने बताया कि टीम ने 23 फरवरी 2017 को पुरानी आबादी स्थित रमनदीप बतरा के घर हुए भू्रण लिंग जांच मामले में मौके से तीन दलालों को गिरफ्तार किया था जबकि रमनदीप व उसकी सहयोगी महिला फरार हो गई। लगातार प्रयास के बाद मुख्य आरोपी रमनदीप बतरा को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया और अब जल्द ही महिला आरोपी राज चौहान को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोप है कि महिला पेशे से नर्स बताई जा रही है, जबकि वह कथित डॉक्टर बन लिंग जांच करती थी। पूछताछ के दौरान रमनदीप ने भी स्पष्ट किया है कि उक्त महिला ने ही भू्रण लिंग जांच की थी। वहीं पूछताछ में सामने आया कि रमनदीप ने ही दलाल चरणसिंह के जरिए भू्रण लिंग जांच का सौदा तय किया था। उल्लेखनीय है कि इस मामले में हनुमानगढ़ के खनानियां निवासी पवन कुमार जाट (24), पंजाब के आबोहर के मलपपुर निवासी जटसिख चरणसिंह (31) एवं आलमगढ़ के धर्मेन्द्र सिंह (28) को बतौर दलाल गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को सीआई हरिनारायण शर्मा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्रोई व कांस्टेबल शंकर लाल ने आरोपी रमनदीप बतरा पुत्र सतनाम बतरा निवासी वार्ड नंबर 13 को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश किया था।